दंतेवाड़ा जिले के किरंदुल नगर में जंतर-मंतर पर छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज के विरोध में शनिवार को छात्रों ने लोकतांत्रिक अधिकारों और न्याय की मांग को लेकर विशाल शांतिपूर्ण पैदल मार्च निकाला। इस मार्च में केवल छात्र ही नहीं, बल्कि नगर के वरिष्ठ नागरिक, समाजसेवी, बुद्धिजीवी, विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में नागरिक भी शामिल हुए। पैदल मार्च की शुरुआत कोड़ेनार पंचायत स्थित पेट्रोल पंप से हुई, जो नगर के मुख्य मार्गों से होते हुए किरंदुल बस स्टैंड चौक पहुंचा। पूरे रास्ते छात्र हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर अनुशासन के साथ आगे बढ़ते रहे और उन्होंने लोकतंत्र, संविधान तथा छात्रों के अधिकारों के समर्थन में नारेबाजी की। बस स्टैंड चौक पहुंचने के बाद छात्रों और नागरिकों ने मोमबत्तियां जलाकर जंतर-मंतर की घटना में जान गंवाने वाले छात्रों को श्रद्धांजलि दी और दो मिनट का मौन रखकर उनकी स्मृति को नमन किया। इस अवसर पर उपस्थित वक्ताओं ने कहा कि लोकतंत्र में छात्रों की आवाज को दबाने के बजाय उसे सम्मानपूर्वक सुना जाना चाहिए। उन्होंने शिक्षा, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा को देश के उज्ज्वल भविष्य के लिए आवश्यक बताते हुए सभी से शांति, भाईचारे और संवैधानिक मूल्यों को बनाए रखने का आह्वान किया। इस शांतिपूर्ण प्रदर्शन और कैंडल मार्च ने नगरवासियों के बीच सामाजिक जागरूकता, एकता और अन्याय के विरुद्ध संवैधानिक तरीके से आवाज उठाने का सशक्त संदेश दिया।
दंतेवाड़ा जिले के किरंदुल नगर में जंतर-मंतर पर छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज के विरोध में शनिवार को छात्रों ने लोकतांत्रिक अधिकारों और न्याय की मांग को लेकर विशाल शांतिपूर्ण पैदल मार्च निकाला। इस मार्च में केवल छात्र ही नहीं, बल्कि नगर के वरिष्ठ नागरिक, समाजसेवी, बुद्धिजीवी, विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में नागरिक भी शामिल हुए। पैदल मार्च की शुरुआत कोड़ेनार पंचायत स्थित पेट्रोल पंप से हुई, जो नगर के मुख्य मार्गों से होते हुए किरंदुल बस स्टैंड चौक पहुंचा। पूरे रास्ते छात्र हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर अनुशासन के साथ आगे बढ़ते रहे और उन्होंने लोकतंत्र, संविधान तथा छात्रों के अधिकारों के समर्थन में नारेबाजी की। बस स्टैंड चौक पहुंचने के बाद छात्रों और नागरिकों ने मोमबत्तियां जलाकर जंतर-मंतर की घटना में जान गंवाने वाले छात्रों को श्रद्धांजलि दी और दो मिनट का मौन रखकर उनकी स्मृति को नमन किया। इस अवसर पर उपस्थित वक्ताओं ने कहा कि लोकतंत्र में छात्रों की आवाज को दबाने के बजाय उसे सम्मानपूर्वक सुना जाना चाहिए। उन्होंने शिक्षा, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा को देश के उज्ज्वल भविष्य के लिए आवश्यक बताते हुए सभी से शांति, भाईचारे और संवैधानिक मूल्यों को बनाए रखने का आह्वान किया। इस शांतिपूर्ण प्रदर्शन और कैंडल मार्च ने नगरवासियों के बीच सामाजिक जागरूकता, एकता और अन्याय के विरुद्ध संवैधानिक तरीके से आवाज उठाने का सशक्त संदेश दिया।
- दंतेवाड़ा जिले के किरंदुल नगर में जंतर-मंतर पर छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज के विरोध में शनिवार को छात्रों ने लोकतांत्रिक अधिकारों और न्याय की मांग को लेकर विशाल शांतिपूर्ण पैदल मार्च निकाला। इस मार्च में केवल छात्र ही नहीं, बल्कि नगर के वरिष्ठ नागरिक, समाजसेवी, बुद्धिजीवी, विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में नागरिक भी शामिल हुए। पैदल मार्च की शुरुआत कोड़ेनार पंचायत स्थित पेट्रोल पंप से हुई, जो नगर के मुख्य मार्गों से होते हुए किरंदुल बस स्टैंड चौक पहुंचा। पूरे रास्ते छात्र हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर अनुशासन के साथ आगे बढ़ते रहे और उन्होंने लोकतंत्र, संविधान तथा छात्रों के अधिकारों के समर्थन में नारेबाजी की। बस स्टैंड चौक पहुंचने के बाद छात्रों और नागरिकों ने मोमबत्तियां जलाकर जंतर-मंतर की घटना में जान गंवाने वाले छात्रों को श्रद्धांजलि दी और दो मिनट का मौन रखकर उनकी स्मृति को नमन किया। इस अवसर पर उपस्थित वक्ताओं ने कहा कि लोकतंत्र में छात्रों की आवाज को दबाने के बजाय उसे सम्मानपूर्वक सुना जाना चाहिए। उन्होंने शिक्षा, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा को देश के उज्ज्वल भविष्य के लिए आवश्यक बताते हुए सभी से शांति, भाईचारे और संवैधानिक मूल्यों को बनाए रखने का आह्वान किया। इस शांतिपूर्ण प्रदर्शन और कैंडल मार्च ने नगरवासियों के बीच सामाजिक जागरूकता, एकता और अन्याय के विरुद्ध संवैधानिक तरीके से आवाज उठाने का सशक्त संदेश दिया।1
- छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले के कोतवाली थाना क्षेत्र स्थित कतियाररास गांव में रिश्तों को शर्मसार करने वाली एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है। अवैध संबंध के शक और घरेलू विवाद के चलते आरोपी पति लक्ष्मण कुंजाम ने अपनी पत्नी झुमकी बाई पर धारदार हथियार से हमला कर उसकी निर्मम हत्या कर दी। हत्या इतनी बेरहमी से की गई कि मृतका का सिर और धड़ अलग-अलग अवस्था में मिले। इस जघन्य वारदात से पूरे गांव में सनसनी फैल गई है और ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। घटना का खुलासा तब हुआ जब घर से तेज बदबू आने पर आसपास के लोगों को शक हुआ। मृतका की पड़ोसी चमेली ने बताया कि बदबू आने के बाद ग्रामीणों ने घर के पास जाकर देखा और फिर पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही कोतवाली थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। मामले में दंतेवाड़ा के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) आर. के. बर्मन ने बताया कि आरोपी पति को हिरासत में ले लिया गया है और उससे पूछताछ की जा रही है। प्रारंभिक जांच में चरित्र पर संदेह और घरेलू विवाद की बात सामने आई है, हालांकि पुलिस सभी पहलुओं से जांच कर रही है।4
- सुकमा में "निवा दुवड़ ते" अभियान के तहत थाना भेजी पुलिस ने ग्राम भ्रमण कर ग्रामीणों के साथ जनसंवाद आयोजित किया। यह आयोजन पुलिस अधीक्षक मयंक गुर्जर के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रोहित शाह और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मनोज तिर्की के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। इस दौरान पुलिस टीम ने स्थानीय बोली में ग्रामीणों से बातचीत कर उनकी समस्याओं की जानकारी ली तथा क्षेत्र में कानून-व्यवस्था, शांति एवं सुरक्षा बनाए रखने के लिए जनसहयोग की अपील की। जनसंवाद के माध्यम से पुलिस ने ग्रामीणों को साइबर अपराध एवं ऑनलाइन ठगी से बचाव, नशा मुक्ति तथा अवैध मादक पदार्थों से दूर रहने के प्रति जागरूक किया। इसके अलावा महिला एवं बाल सुरक्षा, किरायेदारों व बाहरी व्यक्तियों का सत्यापन कराने, संदिग्ध गतिविधियों की तत्काल पुलिस को सूचना देने और सड़क सुरक्षा व यातायात नियमों का पालन करने की समझाइश दी गई। पुलिस टीम ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि सुकमा पुलिस उनकी सुरक्षा व सहायता के लिए सदैव तत्पर है और आपात स्थिति में तुरंत संपर्क करने का आग्रह किया।1
- प्रहलाद जोशी को देश के नए केंद्रीय शिक्षा मंत्री के रूप में बड़ी जिम्मेदारी मिली है। वह देश के नए शिक्षा मंत्री बने हैं।1
- जन्मदिन का यह खास अवसर बेहद उत्साह और धूमधाम के साथ मनाया गया। इस खुशी के मौके पर जन्मदिन की बहुत-बहुत बधाई और ढेर सारी शुभकामनाएं दी गईं। 26 तारीख को इस खास दिन का जश्न पूरी गर्मजोशी और खुशी के साथ मनाया गया।1
- छत्तीसगढ़ के कोंडागांव जिले में 'हरा सोना' कहे जाने वाले तेंदूपत्ते को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-30/43) से लगे चिखलपुटी क्षेत्र स्थित आदेश्वर पब्लिक स्कूल के पीछे खुले आसमान के नीचे भारी मात्रा में तेंदूपत्ते के बोरे पड़े मिले हैं। खुले में लावारिस हाल में पड़े तेंदूपत्ते के बोरों को लेकर भीम आर्मी भारत एकता मिशन ने कड़ा रुख अपनाया है। संगठन ने इस पूरे मामले पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच कराए जाने की मांग की है।1
- छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले में नक्सल विरोधी अभियान के दौरान सुरक्षाबलों को बड़ी सफलता मिली है। जंगल क्षेत्र में चलाए गए सर्च ऑपरेशन के दौरान नक्सलियों द्वारा छिपाकर रखा गया हथियारों और विस्फोटक सामग्री का एक डंप बरामद किया गया है। सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर बम निरोधक दस्ते (BDS) की मदद से बरामद सामग्री की जांच की। इस दौरान हथियार, गोला-बारूद, विस्फोटक सामग्री तथा नक्सली उपयोग का अन्य सामान मिला, जिसके बाद सुरक्षा के लिहाज से विस्फोटक सामग्री को मौके पर ही सुरक्षित तरीके से निष्क्रिय कर नष्ट कर दिया गया। अधिकारियों के अनुसार, इस कार्रवाई से नक्सलियों की गतिविधियों को बड़ा झटका लगा है। इलाके में शांति और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जंगलों में लगातार सर्चिंग अभियान चलाया जा रहा है, ताकि वहां छिपाकर रखे गए अन्य हथियारों और विस्फोटकों को भी बरामद किया जा सके।1
- जंतर-मंतर में छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज के विरोध में शनिवार को किरंदुल में छात्रों ने लोकतांत्रिक अधिकारों और न्याय की मांग को लेकर विशाल शांतिपूर्ण पैदल मार्च निकाला। कोड़ेनार पंचायत स्थित पेट्रोल पंप से शुरू होकर यह ऐतिहासिक मार्च नगर के मुख्य मार्गों से होते हुए किरंदुल बस स्टैंड चौक तक पहुंचा। इस मार्च में केवल छात्र ही नहीं, बल्कि नगर के वरिष्ठ नागरिक, समाजसेवी, बुद्धिजीवी, विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग शामिल हुए। पूरे रास्ते में छात्र हाथों में तख्तियां व बैनर लेकर अनुशासित ढंग से लोकतंत्र, संविधान और छात्रों के अधिकारों के समर्थन में नारेबाजी करते रहे। बस स्टैंड चौक पहुंचने के बाद सभी छात्रों और नागरिकों ने मोमबत्तियां जलाकर और दो मिनट का मौन रखकर जंतर-मंतर की घटना में जान गंवाने वाले छात्रों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर उपस्थित वक्ताओं ने कहा कि लोकतंत्र में छात्रों की आवाज़ को दबाने के बजाय उसे सम्मानपूर्वक सुना जाना चाहिए। उन्होंने शिक्षा, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा को देश के उज्ज्वल भविष्य के लिए आवश्यक बताते हुए सभी से शांति, भाईचारे और संवैधानिक मूल्यों को बनाए रखने का आह्वान किया।1