राष्ट्रीय गृहणी दिवस: परिवार की नींव मजबूत करने वाली हर गृहणी को सलाम पुणे। राष्ट्रीय गृहणी दिवस के अवसर पर देश की सभी गृहणियों को हार्दिक शुभकामनाएं एवं अभिनंदन। गृहणी परिवार की वह महत्वपूर्ण कड़ी हैं, जिनके त्याग, समर्पण और मेहनत से घर में सुख-शांति और व्यवस्था बनी रहती है। सुबह सबसे पहले उठकर परिवार की जरूरतों का ध्यान रखना, भोजन तैयार करना, बच्चों की देखभाल, बुजुर्गों की सेवा और घर की जिम्मेदारियों को पूरे समर्पण के साथ निभाना—गृहणी का योगदान अमूल्य है। उनके काम का कोई निश्चित समय नहीं होता और न ही उनके परिश्रम की कोई कीमत लगाई जा सकती है। गृहणी केवल घर संभालने वाली महिला नहीं, बल्कि परिवार की मार्गदर्शक, संस्कारों की वाहक और भावी पीढ़ी की निर्माता होती हैं। उनके योगदान को सम्मान देना और उनके श्रम की कद्र करना प्रत्येक परिवार की जिम्मेदारी है। राष्ट्रीय गृहणी दिवस हमें यह संदेश देता है कि घर की जिम्मेदारियों को निभाने वाली महिलाओं के त्याग और योगदान को कभी छोटा नहीं समझना चाहिए। उनके सम्मान, अधिकार और आत्मसम्मान की रक्षा करना समाज का दायित्व है। मानवाधिकार सुरक्षा एवं संरक्षण ऑर्गनाइजेशन की ओर से देश की सभी गृहणियों को राष्ट्रीय गृहणी दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं एवं सादर नमन। रिपोर्टर — सूर्य प्रकाश पाण्डेय जी मानवाधिकार सुरक्षा एवं संरक्षण ऑर्गनाइजेशन
राष्ट्रीय गृहणी दिवस: परिवार की नींव मजबूत करने वाली हर गृहणी को सलाम पुणे। राष्ट्रीय गृहणी दिवस के अवसर पर देश की सभी गृहणियों को हार्दिक शुभकामनाएं एवं अभिनंदन। गृहणी परिवार की वह महत्वपूर्ण कड़ी हैं, जिनके त्याग, समर्पण और मेहनत से घर में सुख-शांति और व्यवस्था बनी रहती है। सुबह सबसे पहले उठकर परिवार की जरूरतों का ध्यान रखना, भोजन तैयार करना, बच्चों की देखभाल, बुजुर्गों की सेवा और घर की जिम्मेदारियों को पूरे समर्पण के साथ निभाना—गृहणी का योगदान अमूल्य है। उनके काम का कोई निश्चित समय नहीं होता और न ही उनके परिश्रम की कोई कीमत लगाई जा सकती है। गृहणी केवल घर संभालने वाली महिला नहीं, बल्कि परिवार की मार्गदर्शक, संस्कारों की वाहक और भावी पीढ़ी की निर्माता होती हैं। उनके योगदान को सम्मान देना और उनके श्रम की कद्र करना प्रत्येक परिवार की जिम्मेदारी है। राष्ट्रीय गृहणी दिवस हमें यह संदेश देता है कि घर की जिम्मेदारियों को निभाने वाली महिलाओं के त्याग और योगदान को कभी छोटा नहीं समझना चाहिए। उनके सम्मान, अधिकार और आत्मसम्मान की रक्षा करना समाज का दायित्व है। मानवाधिकार सुरक्षा एवं संरक्षण ऑर्गनाइजेशन की ओर से देश की सभी गृहणियों को राष्ट्रीय गृहणी दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं एवं सादर नमन। रिपोर्टर — सूर्य प्रकाश पाण्डेय जी मानवाधिकार सुरक्षा एवं संरक्षण ऑर्गनाइजेशन
- प्रकृति, पर्यावरण और जैव विविधता के संरक्षण का संकल्प लें – सूर्य प्रकाश पाण्डेय अंतर्राष्ट्रीय बायोस्फियर दिवस के अवसर पर प्रकृति, पर्यावरण और पृथ्वी पर मौजूद समस्त जीव-जंतुओं एवं वनस्पतियों के संरक्षण का संदेश दिया जाता है। बायोस्फियर यानी जीवमंडल हमारी पृथ्वी का वह महत्वपूर्ण हिस्सा है, जहां जीवन का अस्तित्व संभव है। हमारे जंगल, नदियां, पहाड़, समुद्र, पेड़-पौधे, पशु-पक्षी और सूक्ष्म जीव सभी प्रकृति के संतुलन को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। आज बढ़ता प्रदूषण, जंगलों की कटाई, जलवायु परिवर्तन और प्राकृतिक संसाधनों का अत्यधिक दोहन पर्यावरण के लिए गंभीर चुनौती बन चुका है। इस अवसर पर हमें संकल्प लेना चाहिए कि अधिक से अधिक पेड़ लगाएं, जल संरक्षण करें, प्लास्टिक का उपयोग कम करें और वन्यजीवों की रक्षा करें। प्रकृति सुरक्षित रहेगी, तभी मानव जीवन भी सुरक्षित रहेगा। आइए, मिलकर पर्यावरण बचाएं और आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ, सुंदर एवं सुरक्षित पृथ्वी का उपहार दें। 🌱 संदेश: धरती हमारी माता है, इसका संरक्षण करना हम सभी की जिम्मेदारी है। प्रस्तुति: मानवाधिकार सुरक्षा एवं संरक्षण ऑर्गनाइजेशन रिपोर्टर: सूर्य प्रकाश पाण्डेय जी द्वारा1
- जाम से राहत के लिए प्रशासन का सख्त अभियान, सदर बाजार से हटवाया अतिक्रमण जसवंतनगर। नगर के सदर बाजार में आए दिन लगने वाले जाम की समस्या से निजात दिलाने के लिए सोमवार को प्रशासन ने अतिक्रमण के खिलाफ विशेष अभियान चलाया। बस स्टैंड चौराहे से पालिका बाजार और बड़े चौराहे से गोल वाली मस्जिद तक चले अभियान में सड़क किनारे किए गए अवैध कब्जों को हटवाया गया। प्रशासन की सख्ती देखकर दुकानदारों में अफरा-तफरी मच गई और कई दुकानदारों ने स्वयं ही अपना सामान दुकानों के अंदर रख लिया। अभियान का नेतृत्व तहसीलदार जितेंद्र कुमार पटेल, क्षेत्राधिकारी आयुषी सिंह और नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी श्याम बचन सरोज ने किया। अधिकारियों ने दुकानों के सामने सड़क पर रखे स्टूल, मेज और अन्य सामान हटवाया। नालियों को ढककर किए गए अतिक्रमण और अवैध टीनशेड को नगर पालिका की जेसीबी से हटवाया गया। दरअसल, रविवार को क्षेत्राधिकारी आयुषी सिंह ने नगर भ्रमण के दौरान दुकानों के बाहर सड़क पर रखे सामान पर नाराजगी जताते हुए दुकानदारों को सामान अंदर रखने के निर्देश दिए थे। साथ ही सोमवार सुबह अतिक्रमण के खिलाफ अभियान चलाने की चेतावनी दी थी। कार्रवाई के दौरान अधिकारियों ने अतिक्रमण करने वाले दुकानदारों को 24 घंटे के अंदर स्वयं कब्जा हटाने की हिदायत दी। चेतावनी दी कि ऐसा नहीं करने पर सामान जब्त करने के साथ जुर्माना भी वसूला जाएगा। अभियान के दौरान कुछ दुकानदारों से जुर्माना भी वसूला गया। हालांकि कुछ दुकानदारों ने कार्रवाई में भेदभाव के आरोप भी लगाए। इस दौरान थाना प्रभारी कमल भाटी, कस्बा इंचार्ज हेमंत कुमार, ललित कुमार चतुर्वेदी, नगर पालिका के विश्वनाथ प्रताप सिंह यादव सहित अन्य अधिकारी और पुलिस बल मौजूद रहा। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि जाम से स्थायी राहत दिलाने के लिए अतिक्रमण के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।1
- पुलिस व पत्रकारों के रिश्तों को लेकर डीजीपी यूपी राजीव कृष्ण ने बहुत महत्वपूर्ण बयान दिया है।1
- *# खाद्य विभाग की सैंपलिंग के नाम पर छोटे व्यापारियों के उत्पीड़न के खिलाफ समाजवादी व्यापार सभा ने उठाई आवाज* ### *जिलाध्यक्ष राजीव चन्देल के नेतृत्व में राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा, अनावश्यक जांच और आर्थिक उत्पीड़न पर रोक लगाने की मांग* **इटावा।** *दीपावली एवं अन्य त्योहारों के अवसर पर खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग द्वारा जांच एवं सैंपलिंग के नाम पर छोटे और फुटकर दुकानदारों को कथित रूप से परेशान किए जाने के विरोध में समाजवादी व्यापार सभा ने आवाज उठाई। व्यापार सभा के जिलाध्यक्ष राजीव चन्देल के नेतृत्व में पदाधिकारियों ने जिलाधिकारी के माध्यम से राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन सौंपकर व्यापारियों के उत्पीड़न पर तत्काल रोक लगाने की मांग की।* *ज्ञापन में कहा गया कि प्रदेश के विभिन्न जनपदों में त्योहारों के दौरान खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग के अधिकारियों द्वारा हलवाई, परचून, किराना एवं अन्य छोटे दुकानदारों की जांच और सैंपलिंग के नाम पर अनावश्यक रूप से परेशान किए जाने की शिकायतें सामने आ रही हैं। इससे छोटे व्यापारियों को आर्थिक नुकसान के साथ मानसिक परेशानी का भी सामना करना पड़ता है *# खाद्य विभाग की सैंपलिंग के नाम पर छोटे व्यापारियों के उत्पीड़न के खिलाफ समाजवादी व्यापार सभा ने उठाई आवाज* ### *जिलाध्यक्ष राजीव चन्देल के नेतृत्व में राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा, अनावश्यक जांच और आर्थिक उत्पीड़न पर रोक लगाने की मांग* **इटावा।** *दीपावली एवं अन्य त्योहारों के अवसर पर खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग द्वारा जांच एवं सैंपलिंग के नाम पर छोटे और फुटकर दुकानदारों को कथित रूप से परेशान किए जाने के विरोध में समाजवादी व्यापार सभा ने आवाज उठाई। व्यापार सभा के जिलाध्यक्ष राजीव चन्देल के नेतृत्व में पदाधिकारियों ने जिलाधिकारी के माध्यम से राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन सौंपकर व्यापारियों के उत्पीड़न पर तत्काल रोक लगाने की मांग की।* *ज्ञापन में कहा गया कि प्रदेश के विभिन्न जनपदों में त्योहारों के दौरान खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग के अधिकारियों द्वारा हलवाई, परचून, किराना एवं अन्य छोटे दुकानदारों की जांच और सैंपलिंग के नाम पर अनावश्यक रूप से परेशान किए जाने की शिकायतें सामने आ रही हैं। इससे छोटे व्यापारियों को आर्थिक नुकसान के साथ मानसिक परेशानी का भी सामना करना पड़ता है1
- मैनपुरी । पत्नी को जंजीर से बांधने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल मौके पर पहुंची पुलिस ने पत्नी को जंजीर से मुक्त कराया पुलिस मामले की जांच में जुटी थाना घिरोर इलाके के ताहरपुर रोड का मामला1
- मैनपुरी के भोगांव क्षेत्र के iti संस्थान में हुआ एक दिवसीय रोजगार मेले का आयोजन मैनपुरी ब्रेकिंग न्यूज़ पत्रकार मोहित गुप्ता संवाददाता जनपद मैनपुरी भोगांव में लगा एक दिवसीय रोजगार मेला, युवाओं को रोजगार देने के लिए जुटीं 1250 से अधिक कंपनियां भोगांव (मैनपुरी)। उत्तर प्रदेश रोजगार मिशन के अंतर्गत जिला सेवायोजन कार्यालय मैनपुरी तथा राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) एवं कौशल विकास मिशन के संयुक्त तत्वावधान में सोमवार, 2 नवंबर को भोगांव विधानसभा क्षेत्र में एक दिवसीय रोजगार मेले का आयोजन किया गया। रोजगार मेले का आयोजन राजकीय आईटीआई, जीटी रोड भोगांव में किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में युवा नौकरी की तलाश में पहुंचे। आयोजित रोजगार मेले में हाईस्कूल, इंटरमीडिएट, स्नातक, परास्नातक, आईटीआई, पॉलिटेक्निक एवं अन्य शैक्षणिक योग्यता रखने वाले अभ्यर्थियों को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई। मेले में 1250 से अधिक कंपनियों की भागीदारी का उल्लेख किया गया। इसमें युवाओं के लिए 10 हजार रुपये से लेकर 30 हजार रुपये प्रतिमाह तक वेतन वाली नौकरियों के अवसर दर्शाए गए। रोजगार के लिए आयु सीमा 18 से 35 वर्ष निर्धारित की गई थी। रोजगार मेले का मुख्य उद्देश्य जनपद के बेरोजगार युवाओं को उनकी शैक्षणिक योग्यता एवं कौशल के अनुसार रोजगार उपलब्ध कराना तथा उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में अवसर प्रदान करना रहा। इस अवसर पर जिला सेवायोजन कार्यालय, आईटीआई एवं कौशल विकास मिशन के अधिकारियों की देखरेख में रोजगार मेले की व्यवस्थाएं की गईं। रोजगार मेले को लेकर युवाओं में उत्साह देखने को मिला। वाइट,, प्रबंधक की मैनपुरी से पत्रकार मोहित गुप्ता की रिपोर्ट4
- सर्दी की आहट, महेवा क्षेत्र में छाया सीजन का पहला कोहरा नवंबर की शुरुआत के साथ ही मौसम ने करवट लेनी शुरू कर दी है। सोमवार सुबह महेवा क्षेत्र में सीजन का पहला कोहरा छाया दिखाई दिया। सुबह के समय कोहरे की चादर छाने से दृश्यता प्रभावित हुई, जिसके चलते राष्ट्रीय राजमार्ग-19 (NH-19) बहेड़ा पर गुजरने वाले वाहन चालकों को सावधानी बरतनी पड़ी। कोहरे के कारण हाईवे पर वाहन धीमी गति से गुजरते नजर आए। दोपहिया वाहन चालकों से लेकर चारपहिया और भारी वाहनों तक ने अपनी रफ्तार कम रखी। सुबह कामकाज और यात्रा के लिए निकलने वाले लोगों को भी कोहरे का सामना करना पड़ा। मौसम में आए इस बदलाव से ठंड की आहट भी महसूस होने लगी है। सुबह और शाम के समय ठंड बढ़ने की संभावना के बीच वाहन चालकों को कोहरे में सावधानीपूर्वक वाहन चलाने, उचित दूरी बनाए रखने और फॉग लाइट का प्रयोग करने की सलाह दी जा रही है।4
- राष्ट्रीय गृहणी दिवस: परिवार की नींव मजबूत करने वाली हर गृहणी को सलाम पुणे। राष्ट्रीय गृहणी दिवस के अवसर पर देश की सभी गृहणियों को हार्दिक शुभकामनाएं एवं अभिनंदन। गृहणी परिवार की वह महत्वपूर्ण कड़ी हैं, जिनके त्याग, समर्पण और मेहनत से घर में सुख-शांति और व्यवस्था बनी रहती है। सुबह सबसे पहले उठकर परिवार की जरूरतों का ध्यान रखना, भोजन तैयार करना, बच्चों की देखभाल, बुजुर्गों की सेवा और घर की जिम्मेदारियों को पूरे समर्पण के साथ निभाना—गृहणी का योगदान अमूल्य है। उनके काम का कोई निश्चित समय नहीं होता और न ही उनके परिश्रम की कोई कीमत लगाई जा सकती है। गृहणी केवल घर संभालने वाली महिला नहीं, बल्कि परिवार की मार्गदर्शक, संस्कारों की वाहक और भावी पीढ़ी की निर्माता होती हैं। उनके योगदान को सम्मान देना और उनके श्रम की कद्र करना प्रत्येक परिवार की जिम्मेदारी है। राष्ट्रीय गृहणी दिवस हमें यह संदेश देता है कि घर की जिम्मेदारियों को निभाने वाली महिलाओं के त्याग और योगदान को कभी छोटा नहीं समझना चाहिए। उनके सम्मान, अधिकार और आत्मसम्मान की रक्षा करना समाज का दायित्व है। मानवाधिकार सुरक्षा एवं संरक्षण ऑर्गनाइजेशन की ओर से देश की सभी गृहणियों को राष्ट्रीय गृहणी दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं एवं सादर नमन। रिपोर्टर — सूर्य प्रकाश पाण्डेय जी मानवाधिकार सुरक्षा एवं संरक्षण ऑर्गनाइजेशन1