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धान की फसल को कीटों के हमले और झुलसा (ब्लास्ट/ब्लाइट) रोग से बचाने के लिए समेकित नाशीजीव प्रबंधन (IPM) अपनाना सबसे असरदार तरीका है। नीचे धान के प्रमुख कीटों, झुलसा रोग के प्रकारों और उनकी रोकथाम के वैज्ञानिक व सटीक उपाय दिए गए हैं धान की फसल को कीटों के हमले और झुलसा (ब्लास्ट/ब्लाइट) रोग से बचाने के लिए समेकित नाशीजीव प्रबंधन (IPM) अपनाना सबसे असरदार तरीका है। नीचे धान के प्रमुख कीटों, झुलसा रोग के प्रकारों और उनकी रोकथाम के वैज्ञानिक व सटीक उपाय दिए गए हैं: [1] 1. प्रमुख कीट और उनका नियंत्रण 🐛 धान की फसल पर मुख्य रूप से तीन कीटों का हमला अधिक होता है: तना छेदक (Stem Borer): इसके कारण बालियां सफेद होकर सूखने लगती हैं। रोकथाम: शुरुआती अवस्था में फेरोमोन ट्रैप का उपयोग करें। रासायनिक नियंत्रण के लिए क्लोरेंट्रानिलिप्रोल (कोराजन) 60 मिलीलीटर या कार्ताप हाइड्रोक्लोराइड 50% एसपी 250-300 ग्राम प्रति एकड़ की दर से 150-200 लीटर पानी में मिलाकर छिड़काव करें। [1, 2] भूरा तिलचट्टा/माहो (Brown Planthopper): यह पत्तियों का रस चूसता है, जिससे खेत में गोल-गोल सूखे धब्बे (होपर बर्न) दिखाई देते हैं। रोकथाम: खेत में लगातार जलभराव न होने दें। कीट दिखने पर इमिडाक्लोप्रिड (40-50 मिलीलीटर) या थायामेथोक्साम (40 ग्राम) प्रति एकड़ छिड़काव करें। [1, 2, 3] गंधी बग (Gandhi Bug): यह दानों में दूध भरने की अवस्था (Milking stage) में रस चूसकर नुकसान पहुंचाता है। रोकथाम: सुबह के समय इन्हें जाल से पकड़कर नष्ट करें या मैलाथियान का छिड़काव करें。 [1] 2. झुलसा रोग (Blast/Blight) और उनका उपचार 🌾 मौसम में उमस, तेज तापमान और यूरिया के अत्यधिक उपयोग से झुलसा रोग तेजी से फैलता है। यह मुख्य रूप से तीन प्रकार का होता है: [1] रोग का प्रकारप्रमुख लक्षणअसरदार रासायनिक दवा (प्रति एकड़)पत्ती/गर्दन झुलसा (Blast)पत्तियों पर हीरे के आकार के धब्बे बनना।ट्राइसाइक्लाज़ोल 75% डब्ल्यूपी (600 ग्राम प्रति हेक्टेयर) का छिड़काव करें।शीथ ब्लाइट (Sheath Blight)तने के पास और पत्तियों पर जामुनी-भूरे गोल धब्बे, जिससे कल्ले सूखते हैं।थाईफजामाइट 24% एससी (150 एमएल) या हेक्साकोनाजोल 5% ईसी का छिड़काव करें।जीवाणु जनित झुलसा (Bacterial Leaf Blight)पत्तियां किनारों से पीली होकर सूखने लगती हैं।कॉपर ऑक्सीक्लोराइड (400-500 ग्राम) + स्ट्रेप्टोमाइसिन सल्फेट (6-12 ग्राम) का मिश्रण मिलाकर स्प्रे करें। 3. जैविक और घरेलू उपाय 🌱 यदि संक्रमण शुरुआती स्तर पर है, तो आप इन घरेलू उपायों को अपना सकते हैं: नीम का तेल: फसलों पर नियमित रूप से नीम के तेल या नीम के अर्क का छिड़काव करने से कीटों और फंगस की वृद्धि रुकती है। [1] देसी नुस्खा: शुरुआती कीटों को दूर रखने के लिए News18 Hindi के अनुसार नीम और हल्के शैम्पू के घोल का भी छिड़काव किया जा सकता है। [1] 💡 ध्यान रखने योग्य कुछ जरूरी बातें: यूरिया का संतुलित उपयोग: नाइट्रोजन (यूरिया) का जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल करने से बीमारियां और कीट तेजी से बढ़ते हैं। हमेशा संतुलित मात्रा में ही डालें。 [1, 2, 3] खेत की सफाई: मेड़ों के आसपास उगी घास और खरपतवार को नियमित रूप से साफ करें, क्योंकि ये कीड़ों के छिपने का मुख्य स्थान होते हैं। [1, 2] स्प्रे का सही समय: किसी भी दवा का छिड़काव हमेशा शाम के समय साफ पानी में मिलाकर करें। घोल बनाते समय सिलिकॉन स्टीकर (चिपको) जरूर मिलाएं ताकि दवा पत्तियों पर अच्छे से फैल सके। क्या आपकी फसल में बालियां निकल आई हैं या अभी फसल वानस्पतिक (बढ़वार) अवस्था में है? इसके अलावा, यदि पत्तियों पर किसी खास तरह के धब्बे दिख रहे हों, तो बताएं ताकि मैं आपको और सटीक दवा सुझा सकूं।

59 min ago
user_Vijay Shukla
Vijay Shukla
Local News Reporter ऊंचाहार, रायबरेली, उत्तर प्रदेश•
59 min ago

धान की फसल को कीटों के हमले और झुलसा (ब्लास्ट/ब्लाइट) रोग से बचाने के लिए समेकित नाशीजीव प्रबंधन (IPM) अपनाना सबसे असरदार तरीका है। नीचे धान के प्रमुख कीटों, झुलसा रोग के प्रकारों और उनकी रोकथाम के वैज्ञानिक व सटीक उपाय दिए गए हैं धान की फसल को कीटों के हमले और झुलसा (ब्लास्ट/ब्लाइट) रोग से बचाने के लिए समेकित नाशीजीव प्रबंधन (IPM) अपनाना सबसे असरदार तरीका है। नीचे धान के प्रमुख कीटों, झुलसा रोग के प्रकारों और उनकी रोकथाम के वैज्ञानिक व सटीक उपाय दिए गए हैं: [1] 1. प्रमुख कीट और उनका नियंत्रण 🐛 धान की फसल पर मुख्य रूप से तीन कीटों का हमला अधिक होता है: तना छेदक (Stem Borer): इसके कारण बालियां सफेद होकर सूखने लगती हैं। रोकथाम: शुरुआती अवस्था में फेरोमोन ट्रैप का उपयोग करें। रासायनिक नियंत्रण के लिए क्लोरेंट्रानिलिप्रोल (कोराजन) 60 मिलीलीटर या कार्ताप हाइड्रोक्लोराइड 50% एसपी 250-300 ग्राम प्रति एकड़ की दर से 150-200 लीटर पानी में मिलाकर छिड़काव करें। [1, 2] भूरा तिलचट्टा/माहो (Brown Planthopper): यह पत्तियों का रस चूसता है, जिससे खेत में गोल-गोल सूखे धब्बे (होपर बर्न) दिखाई देते हैं। रोकथाम: खेत में लगातार जलभराव न होने दें। कीट दिखने पर इमिडाक्लोप्रिड (40-50 मिलीलीटर) या थायामेथोक्साम (40 ग्राम) प्रति एकड़ छिड़काव करें। [1, 2, 3] गंधी बग (Gandhi Bug): यह दानों में दूध भरने की अवस्था (Milking stage) में रस चूसकर नुकसान पहुंचाता है। रोकथाम: सुबह के समय इन्हें जाल से पकड़कर नष्ट करें या मैलाथियान का छिड़काव करें。 [1] 2. झुलसा रोग (Blast/Blight) और उनका उपचार 🌾 मौसम में उमस, तेज तापमान और यूरिया के अत्यधिक उपयोग से झुलसा रोग तेजी से फैलता है। यह मुख्य रूप से तीन प्रकार का होता है: [1] रोग का प्रकारप्रमुख लक्षणअसरदार रासायनिक दवा (प्रति एकड़)पत्ती/गर्दन झुलसा (Blast)पत्तियों पर हीरे के आकार के धब्बे बनना।ट्राइसाइक्लाज़ोल 75% डब्ल्यूपी (600 ग्राम प्रति हेक्टेयर) का छिड़काव करें।शीथ ब्लाइट (Sheath Blight)तने के पास और पत्तियों पर जामुनी-भूरे गोल धब्बे, जिससे कल्ले सूखते हैं।थाईफजामाइट 24% एससी (150 एमएल) या हेक्साकोनाजोल 5% ईसी का छिड़काव करें।जीवाणु जनित झुलसा (Bacterial Leaf Blight)पत्तियां किनारों से पीली होकर सूखने लगती हैं।कॉपर ऑक्सीक्लोराइड (400-500 ग्राम) + स्ट्रेप्टोमाइसिन सल्फेट (6-12 ग्राम) का मिश्रण मिलाकर स्प्रे करें। 3. जैविक और घरेलू उपाय 🌱 यदि संक्रमण शुरुआती स्तर पर है, तो आप इन घरेलू उपायों को अपना सकते हैं: नीम का तेल: फसलों पर नियमित रूप से नीम के तेल या नीम के अर्क का छिड़काव करने से कीटों और फंगस की वृद्धि रुकती है। [1] देसी नुस्खा: शुरुआती कीटों को दूर रखने के लिए News18 Hindi के अनुसार नीम और हल्के शैम्पू के घोल का भी छिड़काव किया जा सकता है। [1] 💡 ध्यान रखने योग्य कुछ जरूरी बातें: यूरिया का संतुलित उपयोग: नाइट्रोजन (यूरिया) का जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल करने से बीमारियां और कीट तेजी से बढ़ते हैं। हमेशा संतुलित मात्रा में ही डालें。 [1, 2, 3] खेत की सफाई: मेड़ों के आसपास उगी घास और खरपतवार को नियमित रूप से साफ करें, क्योंकि ये कीड़ों के छिपने का मुख्य स्थान होते हैं। [1, 2] स्प्रे का सही समय: किसी भी दवा का छिड़काव हमेशा शाम के समय साफ पानी में मिलाकर करें। घोल बनाते समय सिलिकॉन स्टीकर (चिपको) जरूर मिलाएं ताकि दवा पत्तियों पर अच्छे से फैल सके। क्या आपकी फसल में बालियां निकल आई हैं या अभी फसल वानस्पतिक (बढ़वार) अवस्था में है? इसके अलावा, यदि पत्तियों पर किसी खास तरह के धब्बे दिख रहे हों, तो बताएं ताकि मैं आपको और सटीक दवा सुझा सकूं।

More news from Rae Bareli and nearby areas
  • महादेव के रंग में रंगा रायबरेली: ऊंचाहार में ऐतिहासिक कलश यात्रा और हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा के बीच शिव महापुराण कथा का भव्य आगाज ​उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले के ऊंचाहार में भक्ति और आध्यात्मिकता का एक अभूतपूर्व और ऐतिहासिक दृश्य देखने को मिला, जहां प्रसिद्ध कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा के श्रीमुख से होने वाली श्री शिव महापुराण कथा के शुभारंभ से पहले निकली कलश यात्रा ने पूरे क्षेत्र को शिवमय बना दिया। गुरुवार को आयोजित इस अलौकिक आयोजन में चारों ओर केवल 'हर-हर महादेव' और 'बम-बम भोले' के जयघोष गूंजते रहे। ​गोकना गंगा घाट से शुरू हुई इस भव्य कलश यात्रा का नेतृत्व प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री मनोज कुमार पांडेय ने अपनी पत्नी नीलम पांडेय और पुत्री मणि पांडेय के साथ किया, जहां उन्होंने सपत्नीक पवित्र गंगाजल भरा। इस यात्रा में हजारों की संख्या में मातृशक्ति और श्रद्धालु केसरिया और पीले वस्त्रों में सिर पर कलश रखकर शामिल हुए। हाथी-घोड़ों, सजे-धजे वाहनों, ढोल-नगाड़ों और गूंजते भक्ति संगीत ने पूरे वातावरण को पूरी तरह से उत्सवमय कर दिया। ​इस यात्रा का सबसे मुख्य आकर्षण आसमान से हेलीकॉप्टर द्वारा की गई फूलों की वर्षा रही। जब हेलीकॉप्टर से कलश यात्रा और उमड़े जनसैलाब पर पंखुड़ियां बरसाई गईं, तो वह दृश्य देखते ही बनता था। कई किलोमीटर लंबी इस यात्रा के दौरान ऊंचाहार की हर गली और चौक-चौराहे पर शिवभक्ति का उत्साह चरम पर नजर आया। कथा स्थल पर पहुंचने के बाद हजारों महिलाओं ने पूरी विधि-विधान के साथ अपने कलशों की स्थापना की, जिसके बाद सामूहिक रूप से हुए महादेव के जयघोष से पूरा प्रांगण गूंज उठा। ​कथा को लेकर स्थानीय लोगों और दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं में भारी उत्साह देखा जा रहा है। अपार भीड़ और सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए प्रशासन और आयोजन समिति द्वारा पेयजल, पार्किंग, यातायात और बैठने के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। कैबिनेट मंत्री मनोज कुमार पांडेय ने इसे ऊंचाहार के लिए आध्यात्मिक रूप से अत्यंत गौरवशाली क्षण बताते हुए सभी शिवभक्तों से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर कथा का रसपान करने का आह्वान किया है। इस भव्य शुरुआत के साथ ही अब पूरी पावन धरा पर शिवभक्ति की लहर दौड़ पड़ी है।
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    महादेव के रंग में रंगा रायबरेली: ऊंचाहार में ऐतिहासिक कलश यात्रा और हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा के बीच शिव महापुराण कथा का भव्य आगाज
​उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले के ऊंचाहार में भक्ति और आध्यात्मिकता का एक अभूतपूर्व और ऐतिहासिक दृश्य देखने को मिला, जहां प्रसिद्ध कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा के श्रीमुख से होने वाली श्री शिव महापुराण कथा के शुभारंभ से पहले निकली कलश यात्रा ने पूरे क्षेत्र को शिवमय बना दिया। गुरुवार को आयोजित इस अलौकिक आयोजन में चारों ओर केवल 'हर-हर महादेव' और 'बम-बम भोले' के जयघोष गूंजते रहे।
​गोकना गंगा घाट से शुरू हुई इस भव्य कलश यात्रा का नेतृत्व प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री मनोज कुमार पांडेय ने अपनी पत्नी नीलम पांडेय और पुत्री मणि पांडेय के साथ किया, जहां उन्होंने सपत्नीक पवित्र गंगाजल भरा। इस यात्रा में हजारों की संख्या में मातृशक्ति और श्रद्धालु केसरिया और पीले वस्त्रों में सिर पर कलश रखकर शामिल हुए। हाथी-घोड़ों, सजे-धजे वाहनों, ढोल-नगाड़ों और गूंजते भक्ति संगीत ने पूरे वातावरण को पूरी तरह से उत्सवमय कर दिया।
​इस यात्रा का सबसे मुख्य आकर्षण आसमान से हेलीकॉप्टर द्वारा की गई फूलों की वर्षा रही। जब हेलीकॉप्टर से कलश यात्रा और उमड़े जनसैलाब पर पंखुड़ियां बरसाई गईं, तो वह दृश्य देखते ही बनता था। कई किलोमीटर लंबी इस यात्रा के दौरान ऊंचाहार की हर गली और चौक-चौराहे पर शिवभक्ति का उत्साह चरम पर नजर आया। कथा स्थल पर पहुंचने के बाद हजारों महिलाओं ने पूरी विधि-विधान के साथ अपने कलशों की स्थापना की, जिसके बाद सामूहिक रूप से हुए महादेव के जयघोष से पूरा प्रांगण गूंज उठा।
​कथा को लेकर स्थानीय लोगों और दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं में भारी उत्साह देखा जा रहा है। अपार भीड़ और सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए प्रशासन और आयोजन समिति द्वारा पेयजल, पार्किंग, यातायात और बैठने के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। कैबिनेट मंत्री मनोज कुमार पांडेय ने इसे ऊंचाहार के लिए आध्यात्मिक रूप से अत्यंत गौरवशाली क्षण बताते हुए सभी शिवभक्तों से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर कथा का रसपान करने का आह्वान किया है। इस भव्य शुरुआत के साथ ही अब पूरी पावन धरा पर शिवभक्ति की लहर दौड़ पड़ी है।
    user_Harinarayan Tiwari
    Harinarayan Tiwari
    Court reporter Unchahar, Rae Bareli•
    18 hrs ago
  • ऊँचाहार में शिवमय हुआ वातावरण: भव्य शिव पुराण कथा से पहले निकली ऐतिहासिक कलश यात्रा, हेलीकॉप्टर से हुई पुष्प वर्षा रायबरेली के ऊँचाहार क्षेत्र में चढ़रई चौराहे के निकट टोल प्लाजा के पास आगामी 11 सितंबर से 17 सितंबर 2026 तक भव्य शिव पुराण कथा का आयोजन किया जा रहा है। इस धार्मिक अनुष्ठान के मुख्य आयोजक ऊँचाहार विधानसभा क्षेत्र के विधायक एवं पूर्व मंत्री मनोज पांडेय हैं। ​कथा के शुभारंभ से एक दिन पूर्व, 10 सितंबर 2026 को क्षेत्र में एक विशाल और ऐतिहासिक कलश यात्रा निकाली गई। इस कलश यात्रा ने पूरे क्षेत्र को पूरी तरह शिवमय और सनातन रंग में रंग दिया। यात्रा के दौरान आकाश मार्ग से हेलीकॉप्टर द्वारा पुष्प वर्षा की गई, जिसने इस आयोजन की भव्यता में चार चांद लगा दिए। पुष्प वर्षा के अलौकिक दृश्यों को देखकर श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे। ​इस धार्मिक महाकुंभ में ऊँचाहार क्षेत्र के कोने-कोने से हजारों की संख्या में शिव भक्त, माताएं और बहनें पीले वस्त्र धारण कर कलश यात्रा में सम्मिलित हुईं। पूरा क्षेत्र "हर हर महादेव" और "शिव शंकर की जय" के जयकारों से गूंज उठा। जगह-जगह श्रद्धालुओं के लिए जलपान और स्वागत की व्यवस्था की गई थी। इस आयोजन से पूरे क्षेत्र में अभूतपूर्व उत्साह और श्रद्धा का वातावरण देखा जा रहा है।
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    ऊँचाहार में शिवमय हुआ वातावरण: भव्य शिव पुराण कथा से पहले निकली ऐतिहासिक कलश यात्रा, हेलीकॉप्टर से हुई पुष्प वर्षा
रायबरेली के ऊँचाहार क्षेत्र में चढ़रई चौराहे के निकट टोल प्लाजा के पास आगामी 11 सितंबर से 17 सितंबर 2026 तक भव्य शिव पुराण कथा का आयोजन किया जा रहा है। इस धार्मिक अनुष्ठान के मुख्य आयोजक ऊँचाहार विधानसभा क्षेत्र के विधायक एवं पूर्व मंत्री मनोज पांडेय हैं।
​कथा के शुभारंभ से एक दिन पूर्व, 10 सितंबर 2026 को क्षेत्र में एक विशाल और ऐतिहासिक कलश यात्रा निकाली गई। इस कलश यात्रा ने पूरे क्षेत्र को पूरी तरह शिवमय और सनातन रंग में रंग दिया। यात्रा के दौरान आकाश मार्ग से हेलीकॉप्टर द्वारा पुष्प वर्षा की गई, जिसने इस आयोजन की भव्यता में चार चांद लगा दिए। पुष्प वर्षा के अलौकिक दृश्यों को देखकर श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे।
​इस धार्मिक महाकुंभ में ऊँचाहार क्षेत्र के कोने-कोने से हजारों की संख्या में शिव भक्त, माताएं और बहनें पीले वस्त्र धारण कर कलश यात्रा में सम्मिलित हुईं। पूरा क्षेत्र "हर हर महादेव" और "शिव शंकर की जय" के जयकारों से गूंज उठा। जगह-जगह श्रद्धालुओं के लिए जलपान और स्वागत की व्यवस्था की गई थी। इस आयोजन से पूरे क्षेत्र में अभूतपूर्व उत्साह और श्रद्धा का वातावरण देखा जा रहा है।
    user_Dhirendra Shukla
    Dhirendra Shukla
    ऊंचाहार, रायबरेली, उत्तर प्रदेश•
    19 hrs ago
  • ऊंचाहार में गूंजा हर-हर महादेव, हजारों श्रद्धालुओं ने निकाली भव्य कलश यात्रा ऊंचाहार (रायबरेली)। शिव महापुराण कथा के शुभारंभ से पहले गुरुवार को ऊंचाहार में आस्था और भक्ति का अद्भुत नजारा देखने को मिला। हजारों श्रद्धालुओं ने विशाल कलश यात्रा निकाली। पीले वस्त्रों में सजी महिलाओं ने सिर पर कलश धारण कर यात्रा में हिस्सा लिया। इस दौरान चारों ओर हर-हर महादेव के जयकारे गूंजते रहे और पूरा क्षेत्र शिवमय नजर आया। कलश यात्रा के दौरान हेलीकॉप्टर से श्रद्धालुओं पर पुष्पवर्षा की गई। आसमान से बरसते फूलों ने भक्तों के उत्साह को और बढ़ा दिया। यात्रा में महिलाओं की भारी भीड़ रही। ऊंचाहार विधायक डॉ. मनोज कुमार पांडे भी अपने परिवार के साथ कलश यात्रा में शामिल हुए। ऊंचाहार में 11 से 17 सितंबर तक भव्य शिव कथा का आयोजन किया जाएगा। चढ़रई टोल प्लाजा के पास विशाल पंडाल तैयार किया गया है। यहां प्रसिद्ध कथा वाचक प्रदीप मिश्रा श्रद्धालुओं को शिव महापुराण की कथा सुनाएंगे। कथा को लेकर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है। आयोजन स्थल पर व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है। श्रद्धालुओं में कथा को लेकर खासा उत्साह देखने को मिल रहा है।
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    ऊंचाहार में गूंजा हर-हर महादेव, हजारों श्रद्धालुओं ने निकाली भव्य कलश यात्रा
ऊंचाहार (रायबरेली)। शिव महापुराण कथा के शुभारंभ से पहले गुरुवार को ऊंचाहार में आस्था और भक्ति का अद्भुत नजारा देखने को मिला। हजारों श्रद्धालुओं ने विशाल कलश यात्रा निकाली। पीले वस्त्रों में सजी महिलाओं ने सिर पर कलश धारण कर यात्रा में हिस्सा लिया। इस दौरान चारों ओर हर-हर महादेव के जयकारे गूंजते रहे और पूरा क्षेत्र शिवमय नजर आया।
कलश यात्रा के दौरान हेलीकॉप्टर से श्रद्धालुओं पर पुष्पवर्षा की गई। आसमान से बरसते फूलों ने भक्तों के उत्साह को और बढ़ा दिया। यात्रा में महिलाओं की भारी भीड़ रही। ऊंचाहार विधायक डॉ. मनोज कुमार पांडे भी अपने परिवार के साथ कलश यात्रा में शामिल हुए।
ऊंचाहार में 11 से 17 सितंबर तक भव्य शिव कथा का आयोजन किया जाएगा। चढ़रई टोल प्लाजा के पास विशाल पंडाल तैयार किया गया है। यहां प्रसिद्ध कथा वाचक प्रदीप मिश्रा श्रद्धालुओं को शिव महापुराण की कथा सुनाएंगे।
कथा को लेकर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है। आयोजन स्थल पर व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है। श्रद्धालुओं में कथा को लेकर खासा उत्साह देखने को मिल रहा है।
    user_Deepak Kumar
    Deepak Kumar
    Local News Reporter ऊंचाहार, रायबरेली, उत्तर प्रदेश•
    19 hrs ago
  • नगर पालिका भरवारी वार्ड नंबर 16 गौरा आबादी में रोड और नाली ये बनी नहीं हैं बच्चों को स्कूल जाने में और लोगो को आने जाने में दिक्कत होती है अध्यक्ष कविता पासी के द्वारा इस कम को करने से मना कर दी
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    नगर पालिका भरवारी वार्ड नंबर 16 गौरा आबादी में रोड और नाली ये बनी नहीं हैं बच्चों को स्कूल जाने में और लोगो को आने जाने में दिक्कत होती है 
अध्यक्ष कविता पासी के द्वारा इस कम को करने से मना कर दी
    user_Ram singh passi ⚔️
    Ram singh passi ⚔️
    Academy सिराथू, कौशाम्बी, उत्तर प्रदेश•
    4 hrs ago
  • हापुड़ रोड पर टैक्सी चालक की पिटाई, CCTV में कैद हुई पूरी घटना हापुड़ रोड पर टैक्सी चालक की पिटाई, CCTV में कैद हुई पूरी घटना मेरठ। लोहियानगर थाना क्षेत्र के हापुड़ रोड पर टैक्सी चालक के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। आरोप है कि कुछ लोगों ने टैक्सी चालक की पिटाई कर दी। मारपीट की पूरी घटना पास में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। सीसीटीवी फुटेज में टैक्सी चालक के साथ मारपीट होती दिखाई दे रही है। घटना के बाद मौके पर लोगों की भीड़ भी जुट गई। मामले की सूचना पुलिस को दी गई। फिलहाल पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है। मारपीट की वजह और आरोपियों की पहचान को लेकर पुलिस कार्रवाई कर रही है।
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    हापुड़ रोड पर टैक्सी चालक की पिटाई, CCTV में कैद हुई पूरी घटना
हापुड़ रोड पर टैक्सी चालक की पिटाई, CCTV में कैद हुई पूरी घटना
मेरठ। लोहियानगर थाना क्षेत्र के हापुड़ रोड पर टैक्सी चालक के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। आरोप है कि कुछ लोगों ने टैक्सी चालक की पिटाई कर दी। मारपीट की पूरी घटना पास में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई।
सीसीटीवी फुटेज में टैक्सी चालक के साथ मारपीट होती दिखाई दे रही है। घटना के बाद मौके पर लोगों की भीड़ भी जुट गई। मामले की सूचना पुलिस को दी गई।
फिलहाल पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है। मारपीट की वजह और आरोपियों की पहचान को लेकर पुलिस कार्रवाई कर रही है।
    user_पत्रकार आसिफ हुसैन
    पत्रकार आसिफ हुसैन
    Photographer खागा, फतेहपुर, उत्तर प्रदेश•
    9 hrs ago
  • धान की फसल को कीटों के हमले और झुलसा (ब्लास्ट/ब्लाइट) रोग से बचाने के लिए समेकित नाशीजीव प्रबंधन (IPM) अपनाना सबसे असरदार तरीका है। नीचे धान के प्रमुख कीटों, झुलसा रोग के प्रकारों और उनकी रोकथाम के वैज्ञानिक व सटीक उपाय दिए गए हैं धान की फसल को कीटों के हमले और झुलसा (ब्लास्ट/ब्लाइट) रोग से बचाने के लिए समेकित नाशीजीव प्रबंधन (IPM) अपनाना सबसे असरदार तरीका है। नीचे धान के प्रमुख कीटों, झुलसा रोग के प्रकारों और उनकी रोकथाम के वैज्ञानिक व सटीक उपाय दिए गए हैं: [1] 1. प्रमुख कीट और उनका नियंत्रण 🐛 धान की फसल पर मुख्य रूप से तीन कीटों का हमला अधिक होता है: तना छेदक (Stem Borer): इसके कारण बालियां सफेद होकर सूखने लगती हैं। रोकथाम: शुरुआती अवस्था में फेरोमोन ट्रैप का उपयोग करें। रासायनिक नियंत्रण के लिए क्लोरेंट्रानिलिप्रोल (कोराजन) 60 मिलीलीटर या कार्ताप हाइड्रोक्लोराइड 50% एसपी 250-300 ग्राम प्रति एकड़ की दर से 150-200 लीटर पानी में मिलाकर छिड़काव करें। [1, 2] भूरा तिलचट्टा/माहो (Brown Planthopper): यह पत्तियों का रस चूसता है, जिससे खेत में गोल-गोल सूखे धब्बे (होपर बर्न) दिखाई देते हैं। रोकथाम: खेत में लगातार जलभराव न होने दें। कीट दिखने पर इमिडाक्लोप्रिड (40-50 मिलीलीटर) या थायामेथोक्साम (40 ग्राम) प्रति एकड़ छिड़काव करें। [1, 2, 3] गंधी बग (Gandhi Bug): यह दानों में दूध भरने की अवस्था (Milking stage) में रस चूसकर नुकसान पहुंचाता है। रोकथाम: सुबह के समय इन्हें जाल से पकड़कर नष्ट करें या मैलाथियान का छिड़काव करें。 [1] 2. झुलसा रोग (Blast/Blight) और उनका उपचार 🌾 मौसम में उमस, तेज तापमान और यूरिया के अत्यधिक उपयोग से झुलसा रोग तेजी से फैलता है। यह मुख्य रूप से तीन प्रकार का होता है: [1] रोग का प्रकारप्रमुख लक्षणअसरदार रासायनिक दवा (प्रति एकड़)पत्ती/गर्दन झुलसा (Blast)पत्तियों पर हीरे के आकार के धब्बे बनना।ट्राइसाइक्लाज़ोल 75% डब्ल्यूपी (600 ग्राम प्रति हेक्टेयर) का छिड़काव करें।शीथ ब्लाइट (Sheath Blight)तने के पास और पत्तियों पर जामुनी-भूरे गोल धब्बे, जिससे कल्ले सूखते हैं।थाईफजामाइट 24% एससी (150 एमएल) या हेक्साकोनाजोल 5% ईसी का छिड़काव करें।जीवाणु जनित झुलसा (Bacterial Leaf Blight)पत्तियां किनारों से पीली होकर सूखने लगती हैं।कॉपर ऑक्सीक्लोराइड (400-500 ग्राम) + स्ट्रेप्टोमाइसिन सल्फेट (6-12 ग्राम) का मिश्रण मिलाकर स्प्रे करें। 3. जैविक और घरेलू उपाय 🌱 यदि संक्रमण शुरुआती स्तर पर है, तो आप इन घरेलू उपायों को अपना सकते हैं: नीम का तेल: फसलों पर नियमित रूप से नीम के तेल या नीम के अर्क का छिड़काव करने से कीटों और फंगस की वृद्धि रुकती है। [1] देसी नुस्खा: शुरुआती कीटों को दूर रखने के लिए News18 Hindi के अनुसार नीम और हल्के शैम्पू के घोल का भी छिड़काव किया जा सकता है। [1] 💡 ध्यान रखने योग्य कुछ जरूरी बातें: यूरिया का संतुलित उपयोग: नाइट्रोजन (यूरिया) का जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल करने से बीमारियां और कीट तेजी से बढ़ते हैं। हमेशा संतुलित मात्रा में ही डालें。 [1, 2, 3] खेत की सफाई: मेड़ों के आसपास उगी घास और खरपतवार को नियमित रूप से साफ करें, क्योंकि ये कीड़ों के छिपने का मुख्य स्थान होते हैं। [1, 2] स्प्रे का सही समय: किसी भी दवा का छिड़काव हमेशा शाम के समय साफ पानी में मिलाकर करें। घोल बनाते समय सिलिकॉन स्टीकर (चिपको) जरूर मिलाएं ताकि दवा पत्तियों पर अच्छे से फैल सके। क्या आपकी फसल में बालियां निकल आई हैं या अभी फसल वानस्पतिक (बढ़वार) अवस्था में है? इसके अलावा, यदि पत्तियों पर किसी खास तरह के धब्बे दिख रहे हों, तो बताएं ताकि मैं आपको और सटीक दवा सुझा सकूं।
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    धान की फसल को कीटों के हमले और झुलसा (ब्लास्ट/ब्लाइट) रोग से बचाने के लिए समेकित नाशीजीव प्रबंधन (IPM) अपनाना सबसे असरदार तरीका है। नीचे धान के प्रमुख कीटों, झुलसा रोग के प्रकारों और उनकी रोकथाम के वैज्ञानिक व सटीक उपाय दिए गए हैं
धान की फसल को कीटों के हमले और झुलसा (ब्लास्ट/ब्लाइट) रोग से बचाने के लिए समेकित नाशीजीव प्रबंधन (IPM) अपनाना सबसे असरदार तरीका है। नीचे धान के प्रमुख कीटों, झुलसा रोग के प्रकारों और उनकी रोकथाम के वैज्ञानिक व सटीक उपाय दिए गए हैं: [1]
1. प्रमुख कीट और उनका नियंत्रण 🐛
धान की फसल पर मुख्य रूप से तीन कीटों का हमला अधिक होता है:
तना छेदक (Stem Borer): इसके कारण बालियां सफेद होकर सूखने लगती हैं।
रोकथाम: शुरुआती अवस्था में फेरोमोन ट्रैप का उपयोग करें। रासायनिक नियंत्रण के लिए क्लोरेंट्रानिलिप्रोल (कोराजन) 60 मिलीलीटर या कार्ताप हाइड्रोक्लोराइड 50% एसपी 250-300 ग्राम प्रति एकड़ की दर से 150-200 लीटर पानी में मिलाकर छिड़काव करें। [1, 2]
भूरा तिलचट्टा/माहो (Brown Planthopper): यह पत्तियों का रस चूसता है, जिससे खेत में गोल-गोल सूखे धब्बे (होपर बर्न) दिखाई देते हैं।
रोकथाम: खेत में लगातार जलभराव न होने दें। कीट दिखने पर इमिडाक्लोप्रिड (40-50 मिलीलीटर) या थायामेथोक्साम (40 ग्राम) प्रति एकड़ छिड़काव करें। [1, 2, 3]
गंधी बग (Gandhi Bug): यह दानों में दूध भरने की अवस्था (Milking stage) में रस चूसकर नुकसान पहुंचाता है।
रोकथाम: सुबह के समय इन्हें जाल से पकड़कर नष्ट करें या मैलाथियान का छिड़काव करें。 [1]
2. झुलसा रोग (Blast/Blight) और उनका उपचार 🌾
मौसम में उमस, तेज तापमान और यूरिया के अत्यधिक उपयोग से झुलसा रोग तेजी से फैलता है। यह मुख्य रूप से तीन प्रकार का होता है: [1]
रोग का प्रकारप्रमुख लक्षणअसरदार रासायनिक दवा (प्रति एकड़)पत्ती/गर्दन झुलसा (Blast)पत्तियों पर हीरे के आकार के धब्बे बनना।ट्राइसाइक्लाज़ोल 75% डब्ल्यूपी (600 ग्राम प्रति हेक्टेयर) का छिड़काव करें।शीथ ब्लाइट (Sheath Blight)तने के पास और पत्तियों पर जामुनी-भूरे गोल धब्बे, जिससे कल्ले सूखते हैं।थाईफजामाइट 24% एससी (150 एमएल) या हेक्साकोनाजोल 5% ईसी का छिड़काव करें।जीवाणु जनित झुलसा (Bacterial Leaf Blight)पत्तियां किनारों से पीली होकर सूखने लगती हैं।कॉपर ऑक्सीक्लोराइड (400-500 ग्राम) + स्ट्रेप्टोमाइसिन सल्फेट (6-12 ग्राम) का मिश्रण मिलाकर स्प्रे करें।
3. जैविक और घरेलू उपाय 🌱
यदि संक्रमण शुरुआती स्तर पर है, तो आप इन घरेलू उपायों को अपना सकते हैं:
नीम का तेल: फसलों पर नियमित रूप से नीम के तेल या नीम के अर्क का छिड़काव करने से कीटों और फंगस की वृद्धि रुकती है। [1]
देसी नुस्खा: शुरुआती कीटों को दूर रखने के लिए News18 Hindi के अनुसार नीम और हल्के शैम्पू के घोल का भी छिड़काव किया जा सकता है। [1]
💡 ध्यान रखने योग्य कुछ जरूरी बातें:
यूरिया का संतुलित उपयोग: नाइट्रोजन (यूरिया) का जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल करने से बीमारियां और कीट तेजी से बढ़ते हैं। हमेशा संतुलित मात्रा में ही डालें。 [1, 2, 3]
खेत की सफाई: मेड़ों के आसपास उगी घास और खरपतवार को नियमित रूप से साफ करें, क्योंकि ये कीड़ों के छिपने का मुख्य स्थान होते हैं। [1, 2]
स्प्रे का सही समय: किसी भी दवा का छिड़काव हमेशा शाम के समय साफ पानी में मिलाकर करें। घोल बनाते समय सिलिकॉन स्टीकर (चिपको) जरूर मिलाएं ताकि दवा पत्तियों पर अच्छे से फैल सके।
क्या आपकी फसल में बालियां निकल आई हैं या अभी फसल वानस्पतिक (बढ़वार) अवस्था में है? इसके अलावा, यदि पत्तियों पर किसी खास तरह के धब्बे दिख रहे हों, तो बताएं ताकि मैं आपको और सटीक दवा सुझा सकूं।
    user_Vijay Shukla
    Vijay Shukla
    Local News Reporter ऊंचाहार, रायबरेली, उत्तर प्रदेश•
    59 min ago
  • रेलवे अफसर को एक युवती AI से अश्लील फोटो-वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने पर चढ़ी पुलिस के हाथ पुलिस ने किया गिरफ्तार कर भेजा न्यायालय झांसी में रेलवे अफसर को एक युवती AI से अश्लील फोटो-वीडियो बनाकर ब्लैकमेल कर रही थी। उसने फोटो अफसर के परिजनों को भी भेजी थी। युवती अफसर और उनके घरवालों से 15 लाख रुपए की डिमांड कर रही थी। 40 हजार रुपए वसूल भी चुकी थी। रेलवे अफसर की पत्नी की शिकायत पर पुलिस ने बुधवार को मरीना को प्रयागराज से गिरफ्तार किया था। झांसी पुलिस ने मरीना को गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष पेश किया है।मरीना मूलरूप से कर्नाटक की रहने वाली बताई जा रही है। बाइट- सिमरन सिंह (सीओ सदर, झांसी)
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    रेलवे अफसर को एक युवती AI से अश्लील फोटो-वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने पर चढ़ी पुलिस के हाथ पुलिस ने किया गिरफ्तार कर भेजा न्यायालय 
झांसी में रेलवे अफसर को एक युवती AI से अश्लील फोटो-वीडियो बनाकर ब्लैकमेल कर रही थी। उसने फोटो अफसर के परिजनों को भी भेजी थी। युवती अफसर और उनके घरवालों से 15 लाख रुपए की डिमांड कर रही थी। 40 हजार रुपए वसूल भी चुकी थी।
रेलवे अफसर की पत्नी की शिकायत पर पुलिस ने बुधवार को मरीना को प्रयागराज से गिरफ्तार किया था। झांसी पुलिस ने मरीना को गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष पेश किया है।मरीना मूलरूप से कर्नाटक की रहने वाली बताई जा रही है।
बाइट- सिमरन सिंह (सीओ सदर, झांसी)
    user_पत्रकार आसिफ हुसैन
    पत्रकार आसिफ हुसैन
    Photographer खागा, फतेहपुर, उत्तर प्रदेश•
    9 hrs ago
  • कौशाम्बी। कड़ाधाम थाना क्षेत्र के सौरई बुजुर्ग गांव निवासी कल्लू यादव बीती रात से अचानक लापता थे। सुबह परिजनों ने उनकी चारपाई के पास जमीन पर खून की छींटों जैसे निशान देखे, जिसके बाद अनहोनी की आशंका जताई गई। सूचना मिलते ही कड़ाधाम पुलिस मौके पर पहुंची और जांच पड़ताल शुरू की। बुजुर्ग के लापता होने की खबर से गांव में हड़कंप मच गया। परिजन और ग्रामीण उनकी तलाश में जुटे रहे। गुरुवार शाम गांव के कटरा मोहल्ले स्थित उर्दानिया तालाब में कल्लू यादव का शव मिला। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। मौत के कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
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    कौशाम्बी। कड़ाधाम थाना क्षेत्र के सौरई बुजुर्ग गांव निवासी कल्लू यादव बीती रात से अचानक लापता थे। सुबह परिजनों ने उनकी चारपाई के पास जमीन पर खून की छींटों जैसे निशान देखे, जिसके बाद अनहोनी की आशंका जताई गई। सूचना मिलते ही कड़ाधाम पुलिस मौके पर पहुंची और जांच पड़ताल शुरू की।
बुजुर्ग के लापता होने की खबर से गांव में हड़कंप मच गया। परिजन और ग्रामीण उनकी तलाश में जुटे रहे। गुरुवार शाम गांव के कटरा मोहल्ले स्थित उर्दानिया तालाब में कल्लू यादव का शव मिला। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। मौत के कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
    user_कौशाम्बी एक्सप्रेस न्यूज
    कौशाम्बी एक्सप्रेस न्यूज
    सिराथू, कौशाम्बी, उत्तर प्रदेश•
    12 hrs ago
  • 🚨 दर्दनाक सड़क हादसा 🚨 नीलगाय से टकराई बाइक, दो युवक घायल, एक की हालत नाजुक कौशाम्बी। संदीपन घाट थाना क्षेत्र के जीटी रोड पर भीटी देह माफी गांव के पास गुरुवार शाम करीब 7 बजे मूरतगंज से प्रयागराज जा रही बाइक अचानक सड़क पर आई नीलगाय से टकरा गई। हादसे में बाइक सवार भोले (27) और विजय (22) गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि नीलगाय की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से दोनों घायलों को एंबुलेंस से मूरतगंज सरकारी अस्पताल भेजा, जहां एक युवक की हालत नाजुक बताई जा रही है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है। रिपोर्ट: मोहम्मद आमिर डेली दैनिक न्यूज़ उत्तर प्रदेश 📢 खबरों से जुड़े रहने के लिए हमारे साथ बने रहिए और देखते रहिए डेली दैनिक न्यूज़ उत्तर प्रदेश #Kaushambi #RoadAccident #SandipanGhat #BreakingNews #AccidentNews #DailyDainikNews #DailyDainikNewsUP #कौशाम्बी #सड़कहादसा #ब्रेकिंगन्यूज़
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    🚨 दर्दनाक सड़क हादसा 🚨
नीलगाय से टकराई बाइक, दो युवक घायल, एक की हालत नाजुक
कौशाम्बी। संदीपन घाट थाना क्षेत्र के जीटी रोड पर भीटी देह माफी गांव के पास गुरुवार शाम करीब 7 बजे मूरतगंज से प्रयागराज जा रही बाइक अचानक सड़क पर आई नीलगाय से टकरा गई। हादसे में बाइक सवार भोले (27) और विजय (22) गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि नीलगाय की मौके पर ही मौत हो गई।
हादसे के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से दोनों घायलों को एंबुलेंस से मूरतगंज सरकारी अस्पताल भेजा, जहां एक युवक की हालत नाजुक बताई जा रही है।
पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
रिपोर्ट: मोहम्मद आमिर
डेली दैनिक न्यूज़ उत्तर प्रदेश
📢 खबरों से जुड़े रहने के लिए हमारे साथ बने रहिए और देखते रहिए डेली दैनिक न्यूज़ उत्तर प्रदेश
#Kaushambi #RoadAccident #SandipanGhat #BreakingNews #AccidentNews #DailyDainikNews #DailyDainikNewsUP #कौशाम्बी #सड़कहादसा #ब्रेकिंगन्यूज़
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    D.D.NEWS UTTER PRADESH
    Journalist सिराथू, कौशाम्बी, उत्तर प्रदेश•
    12 hrs ago
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