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ताज़ा समाचार रिपोर्टों के अनुसार, मध्य प्रदेश सरकार सरकारी नौकरियों से संबंधित 'दो बच्चों की शर्त' को हटाने की बजाय एक नया नियम तैयार कर रही है। इस नए प्रस्ताव के तहत, दो से अधिक बच्चे वाले अभ्यर्थियों को सरकारी नौकरियों के लिए अयोग्य ठहराया जाएगा। यह प्रस्ताव अभी ड्राफ्ट चरण में है और इस पर आम जनता से सुझाव मांगे गए हैं। रिपोर्टों में यह भी स्पष्ट किया गया है कि यदि सरकार भविष्य में इस शर्त को हटाने का कोई नया प्रस्ताव लाती है, तो उसके लिए कैबिनेट की आधिकारिक मंजूरी और एक सरकारी अधिसूचना का जारी होना आवश्यक होगा। फिलहाल उपलब्ध जानकारी के अनुसार, ऐसा कोई निर्णय लागू नहीं हुआ है।
Rahul Goswami journalist
ताज़ा समाचार रिपोर्टों के अनुसार, मध्य प्रदेश सरकार सरकारी नौकरियों से संबंधित 'दो बच्चों की शर्त' को हटाने की बजाय एक नया नियम तैयार कर रही है। इस नए प्रस्ताव के तहत, दो से अधिक बच्चे वाले अभ्यर्थियों को सरकारी नौकरियों के लिए अयोग्य ठहराया जाएगा। यह प्रस्ताव अभी ड्राफ्ट चरण में है और इस पर आम जनता से सुझाव मांगे गए हैं। रिपोर्टों में यह भी स्पष्ट किया गया है कि यदि सरकार भविष्य में इस शर्त को हटाने का कोई नया प्रस्ताव लाती है, तो उसके लिए कैबिनेट की आधिकारिक मंजूरी और एक सरकारी अधिसूचना का जारी होना आवश्यक होगा। फिलहाल उपलब्ध जानकारी के अनुसार, ऐसा कोई निर्णय लागू नहीं हुआ है।
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- मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में ऑटो चालकों ने अपनी आर्थिक बदहाली को उजागर करने के लिए एक अनोखा शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया, जिसमें उन्होंने फटी चड्ढी दिखाकर सरकार से ऑटो किराए में बढ़ोतरी की मांग की। नवीन छावनी पठार, रायसेन रोड स्थित शनि मंदिर के पास हुए इस धरने में ऑटो संगठन के अध्यक्ष गोल्डन संजू अहिरवार के नेतृत्व में बड़ी संख्या में चालक शामिल हुए। संगठन से जुड़े पुषेन्द्र अहिरवार, विशाल और राजेश ने भी चालकों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। यह प्रदर्शन बढ़ती महंगाई, खासकर डीजल, पेट्रोल और सीएनजी की लगातार बढ़ती कीमतों के विरोध में आयोजित किया गया था। प्रदर्शनकारी चालकों ने फटी चड्ढी दिखाकर प्रतीकात्मक रूप से अपनी गंभीर आर्थिक स्थिति का प्रदर्शन किया। उनका कहना था कि ऑटो की किस्त, ईंधन खर्च, वाहन रखरखाव और परिवार की जिम्मेदारियों को निभाते-निभाते उनकी आर्थिक हालत खराब हो चुकी है। चालकों ने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा कि "किस्त भरते-भरते चड्ढी फट गई है, इतनी महंगाई में परिवार का गुजारा करना मुश्किल हो गया है"। ऑटो संगठन के अध्यक्ष गोल्डन संजू अहिरवार ने बताया कि ईंधन की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं, लेकिन ऑटो किराए में लंबे समय से कोई बदलाव नहीं किया गया है, जिससे हजारों ऑटो चालकों की आय बुरी तरह प्रभावित हो रही है। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए ऑटो किराए का पुनर्निर्धारण किया जाए, ताकि चालक समय पर अपने वाहन की किस्त चुका सकें और अपने परिवार का बेहतर ढंग से पालन-पोषण कर सकें। पुषेन्द्र अहिरवार, विशाल और राजेश ने भी इस बात पर जोर दिया कि बढ़ती महंगाई का सबसे अधिक असर मेहनतकश वर्ग पर पड़ रहा है, और ईंधन पर रोजाना की कमाई का एक बड़ा हिस्सा खर्च हो जाने से परिवार की बुनियादी जरूरतें पूरी करना भी चुनौती बन गया है। चालकों ने प्रशासन और सरकार तक शांतिपूर्ण ढंग से अपनी मांगें पहुंचाईं और उम्मीद जताई कि उनकी समस्याओं पर गंभीरता से विचार किया जाएगा तथा जल्द ही ऑटो किराए में उचित संशोधन कर हजारों ऑटो चालकों और उनके परिवारों को राहत प्रदान की जाएगी।1
- स्थानीय लोगों को पिछले 20 सालों से नाली नहीं होने के कारण भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थिति यह है कि नालियों के अभाव में सारा पानी सड़कों पर बह रहा है, जिससे चारों ओर गंदगी फैली हुई है।1
- ताज़ा समाचार रिपोर्टों के अनुसार, मध्य प्रदेश सरकार सरकारी नौकरियों से संबंधित 'दो बच्चों की शर्त' को हटाने की बजाय एक नया नियम तैयार कर रही है। इस नए प्रस्ताव के तहत, दो से अधिक बच्चे वाले अभ्यर्थियों को सरकारी नौकरियों के लिए अयोग्य ठहराया जाएगा। यह प्रस्ताव अभी ड्राफ्ट चरण में है और इस पर आम जनता से सुझाव मांगे गए हैं। रिपोर्टों में यह भी स्पष्ट किया गया है कि यदि सरकार भविष्य में इस शर्त को हटाने का कोई नया प्रस्ताव लाती है, तो उसके लिए कैबिनेट की आधिकारिक मंजूरी और एक सरकारी अधिसूचना का जारी होना आवश्यक होगा। फिलहाल उपलब्ध जानकारी के अनुसार, ऐसा कोई निर्णय लागू नहीं हुआ है।1
- मध्य प्रदेश में वनरक्षक और जेल प्रहरी की भर्ती परीक्षा में कथित गड़बड़ी सामने आने के बाद एनएसयूआई ने व्यापम के बाहर सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने जमकर नारेबाजी करते हुए आरोप लगाया कि राज्य की भाजपा सरकार युवाओं का भविष्य बर्बाद कर रही है। एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने बताया कि वनरक्षक और जेल प्रहरी जैसी महत्वपूर्ण परीक्षा में विद्यार्थियों को तीन घंटे तक कैद करके रखा गया और उसके बाद परीक्षा को निरस्त कर दिया गया। उनके अनुसार, यह सरकार की नाकामी है और युवाओं के भविष्य को बर्बाद करने जैसा कृत्य है। एनएसयूआई ने सरकार से मांग की है कि इस गड़बड़ी के लिए जिम्मेदार दोषी अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए और परीक्षार्थियों की फीस वापस की जाए। एनएसयूआई प्रदेश उपाध्यक्ष रवि परमार सहित प्रदर्शनकारी कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि यदि छात्रों को न्याय नहीं मिला, तो पूरे प्रदेश भर में उग्र आंदोलन किया जाएगा।1
- भोपाल में चंचल एंटरप्राइजेज द्वारा प्रस्तुत "ग्लैमरश सीजन-1, 2026" का भव्य आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हो गया है। यह कार्यक्रम भोपाल के प्रसिद्ध होटल जालसा रिट्रीट, नीलबड़ में आयोजित किया गया था, जिसकी आयोजक शहर की जानी-मानी समाजसेविका एवं फैशन डिज़ाइनर चंचल सरवैया थीं। आयोजक के अनुसार, प्रतियोगिता को पांच विभिन्न श्रेणियों में बाँटा गया था, जिसमें मध्यप्रदेश के अलग-अलग शहरों से आए प्रतिभागियों ने बड़े उत्साह के साथ भाग लिया। इस आयोजन को सफल बनाने में भोपाल के साथ-साथ अन्य शहरों से आए कई ब्यूटी पेजेंट विजेताओं और फैशन डिज़ाइनर्स ने भी अपनी सहभागिता और महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान किया।1
- भोपाल में एक आम महोत्सव का आयोजन किया गया। यह महोत्सव 4 जून से शुरू होकर 8 जून तक चला।1
- भोपाल में सोमवार शाम को तेज़ आधी के साथ झमाझम बारिश हुई।1
- भोपाल पुलिस के मानवीय चेहरे का प्रदर्शन करते हुए, पुलिस कमिश्नर कार्यालय में एक अनमोल जान बचाई गई। देवेंद्र सक्सेना को अचानक दिल का दौरा पड़ने के बाद, आरक्षक मुकेश साहू और रंजीत रघुवंशी ने तुरंत सीपीआर देकर उन्हें नई जिंदगी दी। पुलिसकर्मियों की इस तत्परता से पांच मिनट के भीतर ही उनकी जान बचा ली गई, जिससे उन्होंने अपने कर्तव्य का बखूबी निर्वहन किया। तत्पश्चात, आरआई जयसिंह तोमर ने बिना देर किए देवेंद्र सक्सेना को अपने वाहन से उपचार के लिए अनंत हॉस्पिटल पहुंचाया।1