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छिंदवाड़ा के जुन्नारदेव में 'स्वच्छ जुन्नारदेव, विकसित जुन्नारदेव' के एकमात्र संकल्प के साथ 'जय जुन्नारदेव' और 'हर हर महादेव' का उद्घोष किया गया है। क्षेत्र को स्वच्छ और विकसित बनाने के इस दृढ़ संकल्प के साथ ही चारों तरफ हर हर महादेव के नारे लगाए जा रहे हैं।
Aakash Mandrah
छिंदवाड़ा के जुन्नारदेव में 'स्वच्छ जुन्नारदेव, विकसित जुन्नारदेव' के एकमात्र संकल्प के साथ 'जय जुन्नारदेव' और 'हर हर महादेव' का उद्घोष किया गया है। क्षेत्र को स्वच्छ और विकसित बनाने के इस दृढ़ संकल्प के साथ ही चारों तरफ हर हर महादेव के नारे लगाए जा रहे हैं।
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- छिंदवाड़ा के जुन्नारदेव में 'स्वच्छ जुन्नारदेव, विकसित जुन्नारदेव' के एकमात्र संकल्प के साथ 'जय जुन्नारदेव' और 'हर हर महादेव' का उद्घोष किया गया है। क्षेत्र को स्वच्छ और विकसित बनाने के इस दृढ़ संकल्प के साथ ही चारों तरफ हर हर महादेव के नारे लगाए जा रहे हैं।1
- छिंदवाड़ा जिले के अंतर्गत "नशे से दूरी है ज़रूरी" और "नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0" के संदेश के साथ लोगों को जागरूक किया जा रहा है। इस मुहिम के तहत नशा को जीवन, परिवार और भविष्य—तीनों का दुश्मन बताया गया है। लोगों से यह संकल्प लेने का आह्वान किया गया है कि वे स्वयं भी नशे से पूरी तरह दूर रहेंगे और दूसरों को भी इसके दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करेंगे, ताकि "नशा छोड़ें, जीवन जोड़ें" के लक्ष्य को हासिल किया जा सके।1
- छिंदवाड़ा के वार्ड क्रमांक 35 नगर निगम क्षेत्र सर्रा के प्रसिद्ध सिद्ध पूर्ति हनुमान मंदिर में 24 घंटे का हरि नाम सप्ताह आयोजित किया गया है। हरिओम युवा मंडल एवं सार्वजनिक जनमानस के सहयोग से इस हरिराम सत्ता की शुरुआत शनिवार को विधि-विधान से पूजा-प्रार्थना के साथ की गई। मराठी पद्धति के तहत विट्ठल भगवान और रुक्मणी जी की प्रतिमा के पूजन के साथ इस आयोजन का शुभारंभ हुआ। आयोजन समिति के सदस्यों ने बताया कि यह धार्मिक पर्व यहाँ प्रतिवर्ष सार्वजनिक रूप से आयोजित किया जाता है और यह सिलसिला निरंतर कई वर्षों से चला आ रहा है। इस धार्मिक अनुष्ठान में आसपास के सत्ता मंडलों को भी आमंत्रित किया जाता है। रविवार को विशेष महाप्रसाद और समापन आरती के साथ इस 24 घंटे के हरि नाम सप्ताह का समापन किया जाएगा।4
- मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम जिले के पिपरिया में नीट परीक्षा पेपर लीक मामले को लेकर स्कूल और कॉलेज के विद्यार्थियों ने सरकार के खिलाफ अपनी कड़ी नाराजगी जताई है। विद्यार्थियों ने पिपरिया के मंगलवारा चौक पर एक दिवसीय सांकेतिक उपवास और धरना देकर अपना विरोध दर्ज कराया। इस प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता लाने, दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने और जवाबदेही तय करने की पुरजोर मांग उठाई। जनता का समर्थन हासिल करने के लिए इस दौरान एक हस्ताक्षर अभियान भी चलाया गया। इस एक दिवसीय उपवास पर बैठे छात्र खुशमीत राज और छात्रा अनुश्री सोनी ने बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि लाखों विद्यार्थियों के भविष्य से जुड़े इस संवेदनशील मामले में अब तक जिम्मेदार लोगों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। उनका कहना है कि बार-बार होने वाली परीक्षा अनियमितताओं के कारण दिन-रात मेहनत करने वाले छात्रों का वर्तमान शिक्षा व्यवस्था से विश्वास पूरी तरह उठता जा रहा है। लोकतांत्रिक तरीके से किए गए इस प्रदर्शन में कुल 14 विद्यार्थी शामिल हुए, जिन्होंने सरकार के समक्ष मजबूती से अपनी मांगें रखीं। प्रदर्शनकारी छात्रों ने नीट पेपर लीक के दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई करने और पूरी परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी बनाने की मांग की है। इसके साथ ही, उन्होंने नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री से तुरंत इस्तीफे की मांग भी की। विद्यार्थियों ने स्पष्ट किया कि उनका यह उपवास लद्दाख के पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के आंदोलन के समर्थन में और देश की शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही व पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से रखा गया है। छात्रों ने सरकार को चेतावनी दी है कि यदि शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए जल्द ही ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाले समय में इस आंदोलन को और भी व्यापक रूप दिया जा सकता है।1
- पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक को दिल्ली पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने और केन-बेतवा लिंक परियोजना के विरोध में रविवार को बिछुआ बस स्टैंड पर एक दिवसीय शांतिपूर्ण धरना प्रदर्शन किया गया। गोंडवाना समग्र विकास के तत्वावधान में आयोजित इस प्रदर्शन का नेतृत्व संगठन के पदाधिकारियों ने किया। इस दौरान बिछुआ और आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में युवा और ग्रामीण सड़कों पर उतरे और हाथों में तख्तियां लेकर जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि सोनम वांगचुक लद्दाख के संवैधानिक अधिकारों और देश में बढ़ते पेपर लीक मामलों को लेकर धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण अनशन कर रहे थे, जहां से दिल्ली पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। आंदोलनकारियों ने इसे लोकतंत्र पर हमला और लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताया। धरने में शामिल लोगों ने "जल-जंगल-जमीन बचाओ, पर्यावरण सुरक्षित करो", "केन-बेतवा लिंक परियोजना वापस लो", "सोनम वांगचुक को तुरंत रिहा करो" और "धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो" के नारे लगाए। प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने चेतावनी दी कि केन-बेतवा परियोजना से हजारों हेक्टेयर जंगल कट जाएंगे, नदियों का प्राकृतिक प्रवाह बिगड़ेगा और आदिवासी गांव उजड़ जाएंगे। उन्होंने मांग की कि सरकार विकास के नाम पर पर्यावरण से खिलवाड़ बंद करे। नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि सोनम वांगचुक को जल्द रिहा नहीं किया गया, धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा नहीं दिया और केन-बेतवा परियोजना वापस नहीं ली गई, तो इस आंदोलन को प्रदेश स्तर पर उग्र और तेज किया जाएगा।2
- मध्य प्रदेश के तामिया में बीएमओ ने झोलाछाप बंगाली डॉक्टरों के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। इस कार्रवाई के दौरान तामिया बीएमओ ने दो अवैध क्लिनिकों को सील कर दिया है।1
- छिंदवाड़ा कोतवाली पुलिस ने लालबाग रेलवे पटरी के पास जुआ खेल रहे पांच लोगों को गिरफ्तार कर एक बड़ी कार्रवाई की है। गिरफ्तार आरोपियों में अंकित रघुवंशी, सोहेल चटाई, संतोष अहिरवार, मोहम्मद सोहेल और सोहेल खान शामिल हैं। इस कार्रवाई के बाद पुलिस ने सभी आरोपियों को पैदल न्यायालय तक ले जाकर सार्वजनिक रूप से कान पकड़कर उठक-बैठक भी लगवाई। पुलिस की इस सख्त कार्रवाई से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है। पुलिस का कहना है कि सार्वजनिक स्थानों पर जुआ और अन्य अवैध गतिविधियों के खिलाफ आगे भी यह अभियान लगातार जारी रहेगा।1