संध्या कॉलेज कर्मियों ने लंबित मांग को लेकर काला बिल्ला लगाकर जताया विरोध साहिबगंज। वित्त रहित शिक्षा संयुक्त संघर्ष मोर्चा के आह्वान पर राज्यभर के करीब 1250 वित्त रहित शैक्षणिक संस्थानों में एक दिवसीय शैक्षणिक हड़ताल पर रहा।वही साहिबगंज संध्या इंटर महाविद्यालय के प्राचार्य शंभुनाथ पाठक के नेतृत्व में शिक्षक एवं शिक्षकेतर कर्मचारियों ने अपनी मांगो को लेकर काला बिल्ला लगाकर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान कर्मचारियों ने सरकार से उनकी लंबित मांगों पर जल्द सकारात्मक पहल करने की मांग की। प्राचार्य शंभुनाथ पाठक ने बताया कि वित्त रहित शिक्षा संयुक्त संघर्ष मोर्चा लंबे समय से शिक्षक एवं शिक्षकेतर कर्मचारियों की विभिन्न मांगों को लेकर सरकार का ध्यान आकृष्ट कराता रहा है।उन्होंने कहा कि मोर्चा की प्रमुख मांगों में 75 प्रतिशत अनुदान वृद्धि से संबंधित संलेख को अविलंब कैबिनेट की सहमति के लिए भेजना,वित्त रहित शिक्षक-कर्मचारियों को राज्य कर्मी का दर्जा देना तथा कार्मिक विभाग के उस पत्र पर कार्रवाई करना शामिल है,जिसमें शिक्षक-कर्मचारियों के लिए सरकारी कर्मचारियों के समान नियमावली बनाकर वेतनमान देने की बात कही गई है। मोर्चा ने वित्त रहित संस्थानों में अध्ययनरत छात्राओं को भी सावित्रीबाई फुले बालिका समृद्धि योजना का लाभ देने की मांग की है। इसके लिए ऑनलाइन पोर्टल खोलने की मांग सरकार से की गई है,ताकि वित्त रहित संस्थानों में पढ़ने वाली छात्राएं भी योजना का लाभ प्राप्त कर सकें। प्राचार्य ने बताया कि मोर्चा की ओर से झारखंड अधिविद्य परिषद (जैक) में रिक्त पदों को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं।वित्त पदाधिकारी,परीक्षा नियंत्रक एवं शैक्षणिक पदाधिकारी की नियुक्ति को लेकर मोर्चा ने निर्धारित अहर्ता पूरी नहीं करने वाले अधिकारियों को पद से हटाने की मांग की है।इसके साथ ही जैक में करीब 18 माह से रिक्त उपाध्यक्ष के पद तथा मई माह से रिक्त 13 सदस्य पदों को भी अविलंब भरने की मांग सरकार के समक्ष रखी गई है।मोर्चा ने बिहार सरकार से मान्यता प्राप्त एवं स्थापना अनुमति प्राप्त 158 अनुदानित विद्यालयों,जिनका वर्ष 2026-27 से अनुदान रोके जाने की बात कही जा रही है,उनका अनुदान जारी रखने की मांग की है।इसके अलावा इंटरमीडिएट कॉलेज,उच्च विद्यालय,संस्कृत विद्यालय एवं मदरसा विद्यालयों के शिक्षक एवं कर्मचारियों के लिए सेवा शर्त नियमावली लागू करने की मांग भी की गई है। मौके पर राजीव झा,प्राण नाथ तिवारी,सत्येंद्र कुमार वर्मा,अरूप चटर्जी,विनोदानंद झा,वीरेंद्र दुबे,शंभू पांडेय,सत्यनिधि झा,अनुपमा झा,राधे यादव,विनोद हरि,अर्जुन महतो,बासु पहाड़िया सहित अन्य शिक्षक एवं शिक्षकेतर कर्मचारी मौजूद रहे।
संध्या कॉलेज कर्मियों ने लंबित मांग को लेकर काला बिल्ला लगाकर जताया विरोध साहिबगंज। वित्त रहित शिक्षा संयुक्त संघर्ष मोर्चा के आह्वान पर राज्यभर के करीब 1250 वित्त रहित शैक्षणिक संस्थानों में एक दिवसीय शैक्षणिक हड़ताल पर रहा।वही साहिबगंज संध्या इंटर महाविद्यालय के प्राचार्य शंभुनाथ पाठक के नेतृत्व में शिक्षक एवं शिक्षकेतर कर्मचारियों ने अपनी मांगो को लेकर काला बिल्ला लगाकर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान कर्मचारियों ने सरकार से उनकी लंबित मांगों पर जल्द सकारात्मक पहल करने की मांग की। प्राचार्य शंभुनाथ पाठक ने बताया कि वित्त रहित शिक्षा संयुक्त संघर्ष मोर्चा लंबे समय से शिक्षक एवं शिक्षकेतर कर्मचारियों की विभिन्न मांगों को लेकर सरकार का ध्यान आकृष्ट कराता रहा है।उन्होंने कहा कि मोर्चा की प्रमुख मांगों में 75 प्रतिशत अनुदान वृद्धि से संबंधित संलेख को अविलंब कैबिनेट की सहमति के लिए भेजना,वित्त रहित शिक्षक-कर्मचारियों को राज्य कर्मी का दर्जा देना तथा कार्मिक विभाग के उस पत्र पर कार्रवाई करना शामिल है,जिसमें शिक्षक-कर्मचारियों के लिए सरकारी कर्मचारियों के समान नियमावली बनाकर वेतनमान देने की बात कही गई है। मोर्चा ने वित्त रहित संस्थानों में अध्ययनरत छात्राओं को भी सावित्रीबाई फुले बालिका समृद्धि योजना का लाभ देने की मांग की है। इसके लिए ऑनलाइन पोर्टल खोलने की मांग सरकार से की गई है,ताकि वित्त रहित संस्थानों में पढ़ने वाली छात्राएं भी योजना का लाभ प्राप्त कर सकें। प्राचार्य ने बताया कि मोर्चा की ओर से झारखंड अधिविद्य परिषद (जैक) में रिक्त पदों को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं।वित्त पदाधिकारी,परीक्षा नियंत्रक एवं शैक्षणिक पदाधिकारी की नियुक्ति को लेकर मोर्चा ने निर्धारित अहर्ता पूरी नहीं करने वाले अधिकारियों को पद से हटाने की मांग की है।इसके साथ ही जैक में करीब 18 माह से रिक्त उपाध्यक्ष के पद तथा मई माह से रिक्त 13 सदस्य पदों को भी अविलंब भरने की मांग सरकार के समक्ष रखी गई है।मोर्चा ने बिहार सरकार से मान्यता प्राप्त एवं स्थापना अनुमति प्राप्त 158 अनुदानित विद्यालयों,जिनका वर्ष 2026-27 से अनुदान रोके जाने की बात कही जा रही है,उनका अनुदान जारी रखने की मांग की है।इसके अलावा इंटरमीडिएट कॉलेज,उच्च विद्यालय,संस्कृत विद्यालय एवं मदरसा विद्यालयों के शिक्षक एवं कर्मचारियों के लिए सेवा शर्त नियमावली लागू करने की मांग भी की गई है। मौके पर राजीव झा,प्राण नाथ तिवारी,सत्येंद्र कुमार वर्मा,अरूप चटर्जी,विनोदानंद झा,वीरेंद्र दुबे,शंभू पांडेय,सत्यनिधि झा,अनुपमा झा,राधे यादव,विनोद हरि,अर्जुन महतो,बासु पहाड़िया सहित अन्य शिक्षक एवं शिक्षकेतर कर्मचारी मौजूद रहे।
- लंबित मांगों को लेकर वित्त रहित शिक्षण संस्थान के कर्मियों ने काला बिल्ला लगाकर जताया अपना विरोध वित्त रहित शिक्षा संयुक्त संघर्ष मोर्चा के आह्वान पर राज्य भर के करीब1250 संस्थानों में एक दिवसीय शैक्षणिक हड़ताल रही साहिबगंज के संध्या इंटर महाविद्यालय में प्राचार्य शंभुनाथ पाठक के नेतृत्व में शिक्षक एवं शिक्षकेतर कर्मचारियों ने काला बिल्ला लगाकर सरकार के खिलाफ विरोध दर्ज कराया। कर्मचारियों ने 75 प्रतिशत अनुदान वृद्धि, राज्यकर्मी का दर्जा और सरकारी कर्मचारियों के समान वेतनमान समेत अपनी लंबित मांगों पर सरकार से जल्द सकारात्मक पहल की मांग की।1
- ग्राम डिहारी मैं बाढ़ आ चुका है जिसके कारण सभी गाय भैंस सभी डियर से गांव में आ चुकी है1
- मंडरो:- कृष्ण जन्मोत्सव के अवसर पर नींगच्छी गांव में कृष्ण प्रेमी का भक्ति भजन मंडरो :- महादेवरण पंचायत के निमगाछी गांव में शनिवार संध्या को कृष्ण जन्म उत्सव बड़े भी धूमधाम से मनाया गया।इस दौरान गांव के कृष्ण भक्त अपने अपने घरों से भगवान बाल कृष्ण की मूर्ति एक स्थान पर लाकर सभी बच्चे बुजुर्ग महिलाएं अन्य कृष्ण भक्त भक्ति भजन के साथ गाजे बाजे के साथ भक्ति भजन किया एवं विधिवत नंदगोपाल को मिठाई माखन सभी प्रसाद का भोग लगाया।इस उल्लास में क्षेत्र रहा भावविभोर।1
- चिकनी धार पर पुल की मांग,पुल नहीं होने से पानी पार करने को मजबुर चिकनी धार पर पुल की मांग,पुल नहीं होने से पानी पार करने को मजबुर पानी पार कर पढ़ने जा रहे बच्चे कटिहार के प्राणपुर प्रखंड में गंगा नदी का पानी निचले इलाके में पूरी तरह से फैल जाने के कारण लोगों की परेशानी चरम पर है। निचले इलाके में लगी फसल वाले किसानों की परेशानी एक बार फिर से बढ़ गई है। वहीं प्रखंड क्षेत्र के केहुनिया पंचायत में पानी प्रवेश कर जाने से निचले इलाके में परेशानी एक बार बढ़ गई है। इस पंचायत के 12 वार्ड संख्या चिकनी धार में पानी पार कर पढ़ाई को लेकर छोटे-छोटे बच्चे पार करते हुए नजर दिखे। वहीं स्थानीय समिति सदस्य मोहम्मद अजमल से पूछे जाने पर उन्होंने बताया कि कई बार विभागीय अधिकारी एवं जनप्रतिनिधियों से चिकनी धार पर पुल निर्माण की मांग की गई। लेकिन आज तक नसीब नहीं हो सका। जिस कारण धार पार कर छोटे-छोटे बच्चे विद्यालय जाने को मजबूर हो रहे हैं। जबकि इस रास्ते से रोजाना लगभग 5000 की आबादी इसी पानी होकर आना-जाना करते हैं। यदि गंगा का जलस्तर काफी बढ़ा तो उक्त स्थल पर नाव के सिवा कोई उपाय नहीं है।1
- पटना के नौबतपुर में एक युवती शादी की जिद को लेकर मोबाइल टावर पर चढ़ गई। बाद में मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने किसी तरह से समझा कर युवती को टावर पर से उतरने के लिए तैयार किया। #bihar1
- कहलगांव से लेकर पूरे अंगप्रदेश तक—संस्कृत की अलख जगाने का ये सफर यूं ही जारी रहे... “संस्कृत को लेकर बच्चों की सोच बदल दी! कहलगांव के गुरुजी को मिला बड़ा सम्मान1
- लापारवाही से दुर्घटना को दावत देना पड़ा महंगा,18 चक्का मालवाहक के चालक एवं खालासी बाल बाल बचे। बाढ़ के पानी से सड़को में मिट्टी घसान से चालकों का संतुलन बिगर जाने से मारी लोडेस छरड़ी मेंटल के साथ पल्टी खाई लकड़डा कोल्ड निवासी का है रविवार सुबह चार बजे कि घटना है। अजय आजाद संवाददाता भागलपुर बिहार।1
- संध्या कॉलेज कर्मियों ने लंबित मांग को लेकर काला बिल्ला लगाकर जताया विरोध साहिबगंज। वित्त रहित शिक्षा संयुक्त संघर्ष मोर्चा के आह्वान पर राज्यभर के करीब 1250 वित्त रहित शैक्षणिक संस्थानों में एक दिवसीय शैक्षणिक हड़ताल पर रहा।वही साहिबगंज संध्या इंटर महाविद्यालय के प्राचार्य शंभुनाथ पाठक के नेतृत्व में शिक्षक एवं शिक्षकेतर कर्मचारियों ने अपनी मांगो को लेकर काला बिल्ला लगाकर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान कर्मचारियों ने सरकार से उनकी लंबित मांगों पर जल्द सकारात्मक पहल करने की मांग की। प्राचार्य शंभुनाथ पाठक ने बताया कि वित्त रहित शिक्षा संयुक्त संघर्ष मोर्चा लंबे समय से शिक्षक एवं शिक्षकेतर कर्मचारियों की विभिन्न मांगों को लेकर सरकार का ध्यान आकृष्ट कराता रहा है।उन्होंने कहा कि मोर्चा की प्रमुख मांगों में 75 प्रतिशत अनुदान वृद्धि से संबंधित संलेख को अविलंब कैबिनेट की सहमति के लिए भेजना,वित्त रहित शिक्षक-कर्मचारियों को राज्य कर्मी का दर्जा देना तथा कार्मिक विभाग के उस पत्र पर कार्रवाई करना शामिल है,जिसमें शिक्षक-कर्मचारियों के लिए सरकारी कर्मचारियों के समान नियमावली बनाकर वेतनमान देने की बात कही गई है। मोर्चा ने वित्त रहित संस्थानों में अध्ययनरत छात्राओं को भी सावित्रीबाई फुले बालिका समृद्धि योजना का लाभ देने की मांग की है। इसके लिए ऑनलाइन पोर्टल खोलने की मांग सरकार से की गई है,ताकि वित्त रहित संस्थानों में पढ़ने वाली छात्राएं भी योजना का लाभ प्राप्त कर सकें। प्राचार्य ने बताया कि मोर्चा की ओर से झारखंड अधिविद्य परिषद (जैक) में रिक्त पदों को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं।वित्त पदाधिकारी,परीक्षा नियंत्रक एवं शैक्षणिक पदाधिकारी की नियुक्ति को लेकर मोर्चा ने निर्धारित अहर्ता पूरी नहीं करने वाले अधिकारियों को पद से हटाने की मांग की है।इसके साथ ही जैक में करीब 18 माह से रिक्त उपाध्यक्ष के पद तथा मई माह से रिक्त 13 सदस्य पदों को भी अविलंब भरने की मांग सरकार के समक्ष रखी गई है।मोर्चा ने बिहार सरकार से मान्यता प्राप्त एवं स्थापना अनुमति प्राप्त 158 अनुदानित विद्यालयों,जिनका वर्ष 2026-27 से अनुदान रोके जाने की बात कही जा रही है,उनका अनुदान जारी रखने की मांग की है।इसके अलावा इंटरमीडिएट कॉलेज,उच्च विद्यालय,संस्कृत विद्यालय एवं मदरसा विद्यालयों के शिक्षक एवं कर्मचारियों के लिए सेवा शर्त नियमावली लागू करने की मांग भी की गई है। मौके पर राजीव झा,प्राण नाथ तिवारी,सत्येंद्र कुमार वर्मा,अरूप चटर्जी,विनोदानंद झा,वीरेंद्र दुबे,शंभू पांडेय,सत्यनिधि झा,अनुपमा झा,राधे यादव,विनोद हरि,अर्जुन महतो,बासु पहाड़िया सहित अन्य शिक्षक एवं शिक्षकेतर कर्मचारी मौजूद रहे।1