जिला ब्यूरो रिपोर्टर राजेश बबेले व्यावहारिक प्रशिक्षण से पुलिस अधिकारियों की विधिक दक्षता हुई और अधिक सशक्त लोकेशन बीना रिपोर्टर राजेश बबेले *नवीन आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु आयोजित दो दिवसीय रिफ्रेशर कोर्स सम्पन्न* *व्यावहारिक प्रशिक्षण से पुलिस अधिकारियों की विधिक दक्षता हुई और अधिक सशक्त* बीना।सागर।पुलिस मुख्यालय के आदेशानुसार एवं पुलिस अधीक्षक सागर श्री अनुराग सुजानिया के निर्देशन में पुलिस कंट्रोल रूम, सागर में नवीन आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन के उद्देश्य से आयोजित दो दिवसीय रिफ्रेशर कोर्स का सफलतापूर्वक समापन हुआ। प्रशिक्षण कार्यक्रम अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री जयवीर सिंह भदौरिया एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सागर श्री नरेंद्र सोलंकी के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। इसमें जिले के विभिन्न थाना एवं इकाइयों से लगभग 70 पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी शामिल हुए। दो दिनों तक चले इस प्रशिक्षण में प्रतिभागियों को भारतीय न्याय संहिता (BNS), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) एवं भारतीय साक्ष्य अधिनियम (BSA) के महत्वपूर्ण प्रावधानों, अनुसंधान की नवीन प्रक्रिया, डिजिटल एवं वैज्ञानिक साक्ष्यों के संकलन, अपराध विवेचना, गिरफ्तारी, तलाशी, जब्ती, न्यायालयीन प्रक्रिया तथा कानूनों के व्यावहारिक क्रियान्वयन से जुड़े विषयों पर विस्तृत एवं व्यवहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया। प्रशिक्षण के दौरान विषय विशेषज्ञों ने नवीन कानूनों से संबंधित महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तार से जानकारी देते हुए प्रतिभागियों की जिज्ञासाओं का समाधान किया तथा केस स्टडी एवं व्यवहारिक उदाहरणों के माध्यम से कानूनों के प्रभावी अनुपालन की प्रक्रिया को समझाया। समापन अवसर पर अधिकारियों ने कहा कि नवीन आपराधिक कानूनों का उद्देश्य न्याय व्यवस्था को अधिक सरल, पारदर्शी, तकनीक आधारित, समयबद्ध एवं नागरिक-केंद्रित बनाना है। इन कानूनों का प्रभावी क्रियान्वयन तभी संभव है जब पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी उनके प्रावधानों का गहन अध्ययन कर उन्हें व्यवहार में पूरी दक्षता के साथ लागू करें। इस अवसर पर सभी प्रतिभागियों से अपने-अपने कार्यक्षेत्र में प्रशिक्षण से प्राप्त ज्ञान का प्रभावी उपयोग करते हुए गुणवत्तापूर्ण विवेचना, त्वरित कार्रवाई एवं नागरिकों को बेहतर पुलिस सेवा प्रदान करने का आह्वान किया गया। सागर पुलिस द्वारा समय-समय पर इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, ताकि पुलिस बल को नवीन विधिक प्रावधानों, आधुनिक अनुसंधान तकनीकों एवं व्यावसायिक दक्षताओं से निरंतर अद्यतन रखा जा सके तथा आमजन को प्रभावी, संवेदनशील एवं गुणवत्तापूर्ण पुलिस सेवा उपलब्ध कराई जा सके।
जिला ब्यूरो रिपोर्टर राजेश बबेले व्यावहारिक प्रशिक्षण से पुलिस अधिकारियों की विधिक दक्षता हुई और अधिक सशक्त लोकेशन बीना रिपोर्टर राजेश बबेले *नवीन आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु आयोजित दो दिवसीय रिफ्रेशर कोर्स सम्पन्न* *व्यावहारिक प्रशिक्षण से पुलिस अधिकारियों की विधिक दक्षता हुई और अधिक सशक्त* बीना।सागर।पुलिस मुख्यालय के आदेशानुसार एवं पुलिस अधीक्षक सागर श्री अनुराग सुजानिया के निर्देशन में पुलिस कंट्रोल रूम, सागर में नवीन आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन के उद्देश्य से आयोजित दो दिवसीय रिफ्रेशर कोर्स का सफलतापूर्वक समापन हुआ। प्रशिक्षण कार्यक्रम अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री जयवीर सिंह भदौरिया एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सागर श्री नरेंद्र सोलंकी के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। इसमें जिले के विभिन्न थाना एवं इकाइयों से लगभग 70 पुलिस अधिकारी एवं
कर्मचारी शामिल हुए। दो दिनों तक चले इस प्रशिक्षण में प्रतिभागियों को भारतीय न्याय संहिता (BNS), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) एवं भारतीय साक्ष्य अधिनियम (BSA) के महत्वपूर्ण प्रावधानों, अनुसंधान की नवीन प्रक्रिया, डिजिटल एवं वैज्ञानिक साक्ष्यों के संकलन, अपराध विवेचना, गिरफ्तारी, तलाशी, जब्ती, न्यायालयीन प्रक्रिया तथा कानूनों के व्यावहारिक क्रियान्वयन से जुड़े विषयों पर विस्तृत एवं व्यवहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया। प्रशिक्षण के दौरान विषय विशेषज्ञों ने नवीन कानूनों से संबंधित महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तार से जानकारी देते हुए प्रतिभागियों की जिज्ञासाओं का समाधान किया तथा केस स्टडी एवं व्यवहारिक उदाहरणों के माध्यम से कानूनों के प्रभावी अनुपालन की प्रक्रिया को समझाया। समापन अवसर पर अधिकारियों ने कहा कि नवीन आपराधिक कानूनों का उद्देश्य न्याय व्यवस्था को अधिक
सरल, पारदर्शी, तकनीक आधारित, समयबद्ध एवं नागरिक-केंद्रित बनाना है। इन कानूनों का प्रभावी क्रियान्वयन तभी संभव है जब पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी उनके प्रावधानों का गहन अध्ययन कर उन्हें व्यवहार में पूरी दक्षता के साथ लागू करें। इस अवसर पर सभी प्रतिभागियों से अपने-अपने कार्यक्षेत्र में प्रशिक्षण से प्राप्त ज्ञान का प्रभावी उपयोग करते हुए गुणवत्तापूर्ण विवेचना, त्वरित कार्रवाई एवं नागरिकों को बेहतर पुलिस सेवा प्रदान करने का आह्वान किया गया। सागर पुलिस द्वारा समय-समय पर इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, ताकि पुलिस बल को नवीन विधिक प्रावधानों, आधुनिक अनुसंधान तकनीकों एवं व्यावसायिक दक्षताओं से निरंतर अद्यतन रखा जा सके तथा आमजन को प्रभावी, संवेदनशील एवं गुणवत्तापूर्ण पुलिस सेवा उपलब्ध कराई जा सके।
- जिला ब्यूरो रिपोर्टर राजेश बबेले खुरई शहर पुलिस की बड़ी सफलता: अंतरजिला ट्रैक्टर चोरी गिरोह का पर्दाफाश लोकेशन बीना रिपोर्टर राजेश बबेले *खुरई शहर पुलिस की बड़ी सफलता: अंतरजिला ट्रैक्टर चोरी गिरोह का पर्दाफाश, तीन आरोपी गिरफ्तार, 21.20 लाख रुपये के चार चोरी के ट्रैक्टर एवं दो मोबाइल बरामद* बीना।खुरई।संपत्ति संबंधी अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण एवं चोरी गए वाहनों की बरामदगी के लिए पुलिस अधीक्षक सागर श्री अनुराग सुजानिया के निर्देशन में चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत थाना खुरई शहर पुलिस को एक बड़ी सफलता प्राप्त हुई है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (बीना) श्री जयवीर सिंह भदौरिया, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (सागर) श्री नरेन्द्र सोलंकी तथा एसडीओपी खुरई श्री प्रवीण अष्ठाना के मार्गदर्शन में थाना खुरई शहर पुलिस ने अंतरजिला ट्रैक्टर चोरी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर चार चोरी के ट्रैक्टर एवं दो मोबाइल सहित कुल 21 लाख 20 हजार रुपये का मशरूका बरामद किया है। *घटना का विवरण* दिनांक 25 जुलाई 2026 को फरियादी अरविन्द यादव निवासी खुरई ने थाना खुरई शहर में रिपोर्ट दर्ज कराई कि उसका स्वराज 735 ट्रैक्टर (एमपी-40-सीए-2836) तथा पड़ोसी वीरेन्द्र यादव का स्वराज 735 ट्रैक्टर (एमपी-40-एबी-6040), जिन्हें दोनों ने प्रतिदिन की तरह पॉलीटेक्निक कॉलेज के समीप अपने मकान के सामने खड़ा किया था, रात्रि में अज्ञात चोर चोरी कर ले गए। रिपोर्ट पर थाना खुरई शहर में अपराध क्रमांक 219/2026 धारा 303(2) भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की गई। *तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों तक पहुंची पुलिस* थाना प्रभारी निरीक्षक योगेन्द्र सिंह दांगी के नेतृत्व में विशेष टीम गठित कर घटनास्थल एवं आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज, तकनीकी साक्ष्यों एवं मुखबिर सूचना के आधार पर आरोपियों की तलाश की गई। जांच के दौरान संदेही अंकुष उइके एवं संतोष उइके को अभिरक्षा में लेकर पूछताछ की गई, जिन्होंने अपने साथी अनुराग उर्फ अन्नू मालवीय के साथ मिलकर दोनों ट्रैक्टर चोरी करना स्वीकार किया। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि चोरी के ट्रैक्टर शिवपुरी निवासी मोहर सिंह गुर्जर को बेचने के लिए दिए थे। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मोहर सिंह गुर्जर के कब्जे से चोरी गए दोनों ट्रैक्टर बरामद कर लिए। पूछताछ के दौरान यह भी खुलासा हुआ कि आरोपियों ने पूर्व में मई 2026 में गैरतगंज (जिला रायसेन) से एक स्वराज 735 ट्रैक्टर तथा जुलाई 2026 में खामखेड़ा (जिला विदिशा) से एक स्वराज 733 ट्रैक्टर भी चोरी किया था। पुलिस ने इन दोनों ट्रैक्टरों को भी बरामद कर लिया है। गिरोह के अन्य अपराधों के संबंध में पूछताछ जारी है। *गिरफ्तार आरोपी* 1. अंकुष पिता रमेश उइके (21 वर्ष), निवासी क्रेशर बस्ती, अयोध्या नगर, थाना सूखी सेवनिया, भोपाल। 2. संतोष पिता अशोक उइके (19 वर्ष), निवासी क्रेशर बस्ती, अयोध्या नगर, थाना सूखी सेवनिया, भोपाल। 3. मोहर सिंह गुर्जर पिता कल्याण उर्फ कल्लू गुर्जर (40 वर्ष), निवासी ग्राम गांगुली, थाना सुरवाया, हाल फक्कड़ कॉलोनी, थाना फिजिकल, जिला शिवपुरी। *बरामदगी* - स्वराज 735 ट्रैक्टर (एमपी-40-सीए-2836) - स्वराज 735 ट्रैक्टर (एमपी-40-एबी-6040) - स्वराज 735 ट्रैक्टर (एमपी-40-एसी-7914) - स्वराज 733 ट्रैक्टर (एमपी-40-जेडजे-6595, लाल रंग) - दो मोबाइल फोन कुल मशरूका मूल्य: लगभग ₹21,20,000। *सराहनीय भूमिका* इस उल्लेखनीय कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक योगेन्द्र सिंह दांगी, उप निरीक्षक अशोक उपाध्याय, उप निरीक्षक अरविन्द्र छारी (थाना कोतवाली, जिला शिवपुरी), सहायक उप निरीक्षक पदम सिंह दांगी, आरक्षक धरमदास कुशवाहा, धीरेन्द्र सिंह राजावत, साइबर सेल के सौरभ रैकवार, हेमेन्द्र सिंह, आरक्षक संजय जाट (थाना खुरई ग्रामीण), सीसीटीवी कंट्रोल रूम के आरक्षक प्रीतम शाक्य सहित समस्त पुलिस टीम की महत्वपूर्ण एवं सराहनीय भूमिका रही। पुलिस का संदेश सागर पुलिस संपत्ति संबंधी अपराधों, वाहन चोरी एवं अन्य अवैध गतिविधियों में संलिप्त अपराधियों के विरुद्ध लगातार कठोर एवं प्रभावी कार्रवाई कर रही है। आमजन से अपील है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल निकटतम पुलिस थाना अथवा डायल-112 पर दें, ताकि अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित किया जा सके।3
- सागर जिले के राहतगढ़ का सिविल अस्पताल बना गंदगी का केंद्र,बद से बद्तर शौचालय1
- बंडा के शासकीय एकीकृत हाई स्कूल, जगथर में एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन बंडा के शासकीय एकीकृत हाई स्कूल, जगथर में एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें शिक्षा, विकास और सम्मान का सुंदर संगम देखने को मिला।निःशुल्क साइकिल वितरण स्कूल के पात्र छात्र-छात्राओं को सुगम आवागमन हेतु निःशुल्क साइकिलों का वितरण किया गया, जिससे विद्यार्थियों में खासा उत्साह देखने को मिला। ₹15 लाख के अतिरिक्त कक्ष का शिलान्यास बंडा विधायक निधि से स्वीकृत 15 लाख रुपये की लागत से बनने वाले अतिरिक्त कक्ष का भूमि पूजन एवं शिलान्यास किया गया। इस नए निर्माण से स्कूल में छात्रों को बैठने और पढ़ाई के लिए बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। शिक्षिका श्रीमती पांडे का सेवानिवृत्ति सम्मान विद्यालय में अपनी लंबी और सराहनीय सेवाएं देने के बाद सेवानिवृत्त हुईं शिक्षिका श्रीमती पांडे को भावभीनी विदाई दी गई एवं उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए उनका नागरिक अभिनंदन किया गया।कार्यक्रम के अतिथि एवं शुभारंभ कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ मां सरस्वती जी के पूजन एवं दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। मुख्य अतिथि: वीरेंद्र सिंह लोधी विधायक बंडा वरिष्ठ अतिथिगण:मंडल अध्यक्ष रूपेश 'रोशन' खरे,महेंद्र महुना,अशोक राय,जयसिंह राजा,इस अवसर पर स्कूल का समस्त स्टाफ, विद्यार्थी एवं क्षेत्र के गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।4
- आज की पोस्ट राष्ट्रीय पक्षीराज गरुड़ जी के नाम। पशु पक्षी जीव जंतु भी हमारी मातृभूमि और प्रकृति माता की शोभा बढ़ाने में चार चांद लगाते हैं।1
- लोकल न्यूज बीना रिपोर्ट लक्ष्मण राजपूत बीना शासकीय अस्पताल में मरीज की मौत पर विवाद, परिजनों ने लगाया इलाज में लापरवाही का आरोप मृतक के भाई ने निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की, बीएमओ बोले—डॉक्टरों ने किया था प्राथमिक उपचार, पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही होगी स्थिति स्पष्ट बीना के शासकीय अस्पताल में इलाज के बाद एक मरीज की मौत को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। मृतक बबलू कुशवाहा के परिजनों ने अस्पताल के डॉक्टरों पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है। मृतक के भाई देवी कुशवाहा का आरोप है कि समय पर उचित उपचार नहीं मिलने के कारण बबलू कुशवाहा की मौत हुई। घटना के बाद परिजनों में आक्रोश है और स्थानीय लोगों ने भी सरकारी अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर सवाल उठाए हैं। लोगों का कहना है कि समय पर डॉक्टरों का उपलब्ध न होना और उचित इलाज न मिलना जैसी शिकायतें लगातार सामने आती रही हैं। वहीं, इस मामले में बीना सिविल अस्पताल के बीएमओ डॉ. संजीव अग्रवाल ने परिजनों के आरोपों को निराधार बताया है। उन्होंने कहा कि ड्यूटी पर मौजूद डॉ. दीपक तिवारी एवं डॉ. सौरभ जैन ने मरीज का प्राथमिक उपचार किया था। इसके बाद परिजन मरीज को अपने साथ घर ले गए, जहां उसकी मृत्यु हो गई। बीएमओ का कहना है कि मामले की वास्तविक स्थिति का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा। फिलहाल मामले की जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है। एम पी न्यूज़ 24 लाइव इस मामले में सामने आने वाले सभी तथ्यों और संबंधित पक्षों का पक्ष निष्पक्ष रूप से अपने दर्शकों तक पहुंचाता रहेगा।1
- आरोन कस्बे में चातुर्मास कर रहे जैनाचार्य विद्यासागरजी महाराज के शिष्य मुनिश्री निर्मोह सागरजी महाराज के साथ कथित अभद्र व्यवहार और गाली-गलौज की घटना से जैन समाज में जबरदस्त आक्रोश आरोन में मुनिश्री के साथ अभद्रता पर फूटा जैन समाज का आक्रोश, मामला दर्ज थाने का घेराव कर बोला— धर्म का अपमान बर्दाश्त नहीं गुना(30 July 26)। जिले के आरोन कस्बे में चातुर्मास कर रहे जैनाचार्य विद्यासागरजी महाराज के शिष्य मुनिश्री निर्मोह सागरजी महाराज के साथ कथित अभद्र व्यवहार और गाली-गलौज की घटना से जैन समाज में जबरदस्त आक्रोश फैल गया। गुरुवार को बड़ी संख्या में समाज के लोग थाने पहुंच गए और आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग करते हुए विरोध जताया। घटना को धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला बताते हुए समाज ने चेतावनी दी कि यदि दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन तेज किया जाएगा। आरोन नगर में इन दिनों मुनिश्री निरोग सागरजी महाराज का चार मुनियों के संघ के साथ चातुर्मास चल रहा है। पुलिस में दर्ज रिपोर्ट के अनुसार गुरुवार सुबह लगभग 11:21 बजे मुनिश्री निर्मोह सागरजी आहारचर्या के बाद मंदिर लौट रहे थे। इसी दौरान प्रताप जैन के घर के सामने कथित रूप से कीर्ति सोलंकी और पूजा सोलंकी ने मुनिश्री के साथ अभद्र व्यवहार किया तथा जैन समाज के प्रति अपशब्दों का प्रयोग करते हुए गाली-गलौज की। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि दोनों महिलाओं ने यह तक कह दिया कि यदि भविष्य में जैन समाज का कोई साधु-महात्मा इस रास्ते से निकला तो उसे जान से खत्म कर देंगे। इस घटना से मौके पर मौजूद समाजजन स्तब्ध रह गए और देखते ही देखते पूरे नगर में इसकी जानकारी फैल गई। हालांकि मौके पर पहुंची पुलिस एक महिला को गिरफ्तार कर थाने ले गई। घटना के विरोध में सकल दिगम्बर जैन समाज के अध्यक्ष विजय कुमार जैन के नेतृत्व में संजय जैन, संतोष जैन, संजीव जैन, मिन्टूलाल जैन, अमन जैन, जैकी जैन, राजीव जैन, मुनेश जैन सहित बड़ी संख्या में समाज के लोग आरोन थाने पहुंचे। समाज ने लिखित आवेदन देकर कहा कि मुनिश्री के साथ किया गया दुर्व्यवहार केवल एक व्यक्ति का नहीं बल्कि पूरे जैन धर्म का अपमान है। उन्होंने आरोपियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने शिकायत के आधार पर कीर्ति सोलंकी और पूजा सोलंकी के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 296(बी), 351(3) तथा 3(5) के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जैन समाज का कहना है कि साधु-संतों का सम्मान भारतीय संस्कृति की पहचान है और उनके साथ इस प्रकार का व्यवहार किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता। समाज ने प्रशासन से दोषियों के खिलाफ शीघ्र और कठोर कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि धार्मिक भावनाओं से खिलवाड़ करने वालों को कानून के अनुसार सख्त सजा मिलनी चाहिए।1
- चित्रकूट में युवक को खंभे से बांधकर की गई पिटाई, वीडियो वायरल चित्रकूट में युवक को खंभे से बांधकर की गई पिटाई, वीडियो वायरल एंकर- चित्रकूट थाना क्षेत्र में एक युवक को बिजली के खंभे से बांधकर पीटने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। घटना अशोक होटल के सामने बीती रात की बताई जा रही है। वायरल वीडियो में एक महिला और उसके साथ मौजूद कुछ लोग युवक को खंभे से बांधकर मारपीट करते दिखाई दे रहे हैं। सार्वजनिक स्थान पर हुई इस घटना ने क्षेत्र में कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार घटना के दौरान सड़क पर लोगों की भीड़ जुट गई, लेकिन किसी ने बीच-बचाव करने का साहस नहीं किया। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने मामले का संज्ञान लिया और जांच शुरू कर दी है। चित्रकूट एसडीओपी के. एन. बंजारे ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि संबंधित महिला क्षेत्र में चाय-पान की दुकान संचालित करती है। महिला की दुकान से एक मोबाइल फोन चोरी होने की बात कही जा रही है। इसी संदेह के आधार पर युवक को पकड़कर बिजली के खंभे से बांध दिया गया और उसके साथ मारपीट की गई।एसडीओपी ने स्पष्ट किया कि किसी भी व्यक्ति को कानून अपने हाथ में लेने का अधिकार नहीं है। यदि किसी पर चोरी या अन्य अपराध का संदेह हो तो इसकी सूचना पुलिस को दी जानी चाहिए। प्रारंभिक तथ्यों के आधार पर दोनों पक्षों की शिकायतों को दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है और वायरल वीडियो की भी तकनीकी जांच कराई जाएगी। पुलिस का कहना है कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। वहीं, घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद स्थानीय लोगों में भी इस मामले को लेकर चर्चा का विषय बना हुआ है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी विवाद या संदेह की स्थिति में कानून को अपने हाथ में लेने के बजाय तत्काल पुलिस को सूचना दें, ताकि कानूनी प्रक्रिया के तहत उचित कार्रवाई की जा सके।1