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“वो चल दिए हैं रूठ के, उनको मनाए कौन” बज़्म फ़रोगे अदब का 20वां तरही मुशायरा शानदार अंदाज़ में सम्पन्न लखीमपुर खीरी। बज़्म फ़रोगे अदब की जानिब से हर माह आयोजित होने वाले तरही मुशायरों की श्रृंखला में 20वां मुशायरा बेहद भव्यता और अदबी माहौल के साथ सम्पन्न हुआ। इस मुशायरे की सदारत पूर्व सांसद एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व गृह राज्य मंत्री जफर अली नकवी ने की, जबकि मेहमान-ए-खुसूसी के तौर पर वरिष्ठ शायर मस्त हफीज़ रहमानी ने शिरकत की। अपने सदारती खिताब में जफर अली नकवी ने एक खूबसूरत शेर के साथ अपनी बात की शुरुआत करते हुए कहा, "महफिल तेरी, साकी तेरा — आंखें मेरी, बाकी तेरा" उन्होंने कहा कि साहित्यकार हर दौर में समाज और सत्ता को आईना दिखाने का काम करते रहे हैं। यह वही तबका है जो बेखौफ होकर हुकूमत से सवाल करता है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे समाज की बेहतरी के लिए अपनी कलम को मजबूत करें और सही दिशा देने का कार्य करें। मेहमान-ए-खुसूसी मस्त हफीज़ रहमानी ने कहा कि बज़्म फ़रोगे अदब के साथ कंधे से कंधा मिलाकर बज़्म उर्दू सीतापुर भी खड़ी है। उन्होंने अपने कलाम के जरिए नसीहत देते हुए कहा, "यूँ ही जलोगे तो जल जाएगा बदन सारा, चिराग़ बन के जलोगे तो रौशनी होगी" बज़्म फ़रोगे अदब के सदर आमिर रज़ा पम्मी ने कहा कि कस्बा खीरी हमेशा से अदब का गहवारा रहा है। उन्होंने बताया कि यह संस्था पिछले करीब 50 वर्षों से अदब की शमा रोशन किए हुए है और बुजुर्गों की परंपरा को आगे बढ़ाने का काम कर रही है। मुशायरे का आगाज़ मौलाना जावेद अख्तर ने किया, जबकि निज़ामत इलियास चिश्ती ने बेहतरीन अंदाज़ में की। मुशायरे में डॉ तनवीर इकबाल बिस्वानी, डॉ अफजल, उमर हनीफ, खुश्तर रहमानी, मंसूर माहवार, डॉ एहराज अरमान, नदीम सीतापुरी, रिजवान मारूफ, यासीन इब्ने उमर, नफीस वारसी, बशर हरगावी, शहबाज़ हैरत चिश्ती, डॉ एखलाक, मंजर यासीन, सैयद सलमान अहमद रिजवी, अय्यूब अंसारी, इमरान रज़ा बरकाती, दिलशाद लकवी, हसन अंसारी, आसिफ अंसारी, जावेद अंसारी और रिजवान अंसारी सहित कई शायरों ने अपने शानदार कलाम पेश कर महफिल को देर रात तक सजाए रखा। इस मौके पर समाजवादी पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष अनुराग पटेल सहित सैकड़ों श्रोता मौजूद रहे। मुशायरा देर रात तक कामयाबी के साथ जारी रहा और अदबी माहौल में शानदार तरीके से सम्पन्न हुआ।

2 hrs ago
user_Nawaz ahmad Rizvi
Nawaz ahmad Rizvi
लखीमपुर, लखीमपुर खीरी, उत्तर प्रदेश•
2 hrs ago

“वो चल दिए हैं रूठ के, उनको मनाए कौन” बज़्म फ़रोगे अदब का 20वां तरही मुशायरा शानदार अंदाज़ में सम्पन्न लखीमपुर खीरी। बज़्म फ़रोगे अदब की जानिब से हर माह आयोजित होने वाले तरही मुशायरों की श्रृंखला में 20वां मुशायरा बेहद भव्यता और अदबी माहौल के साथ सम्पन्न हुआ। इस मुशायरे की सदारत पूर्व सांसद एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व गृह राज्य मंत्री जफर अली नकवी ने की, जबकि मेहमान-ए-खुसूसी के तौर पर वरिष्ठ शायर मस्त हफीज़ रहमानी ने शिरकत की। अपने सदारती खिताब में जफर अली नकवी ने एक खूबसूरत शेर के साथ अपनी बात की शुरुआत करते हुए कहा, "महफिल तेरी, साकी तेरा — आंखें मेरी, बाकी तेरा" उन्होंने कहा कि साहित्यकार हर दौर में समाज और सत्ता को आईना दिखाने का काम करते रहे हैं। यह वही तबका है जो बेखौफ होकर हुकूमत से सवाल करता है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे समाज की बेहतरी के लिए अपनी कलम को मजबूत करें और सही दिशा देने का कार्य करें। मेहमान-ए-खुसूसी मस्त हफीज़ रहमानी ने कहा कि बज़्म फ़रोगे अदब के साथ कंधे से कंधा मिलाकर बज़्म उर्दू सीतापुर भी खड़ी है। उन्होंने अपने कलाम के जरिए नसीहत देते हुए कहा, "यूँ ही जलोगे तो जल जाएगा बदन सारा, चिराग़ बन के जलोगे तो रौशनी होगी" बज़्म फ़रोगे अदब के सदर आमिर रज़ा पम्मी ने कहा कि कस्बा खीरी हमेशा से अदब का गहवारा रहा है। उन्होंने बताया कि यह संस्था पिछले करीब 50 वर्षों से अदब की शमा रोशन किए हुए है और बुजुर्गों की परंपरा को आगे बढ़ाने का काम कर रही है। मुशायरे का आगाज़ मौलाना जावेद अख्तर ने किया, जबकि निज़ामत इलियास चिश्ती ने बेहतरीन अंदाज़ में की। मुशायरे में डॉ तनवीर इकबाल बिस्वानी, डॉ अफजल, उमर हनीफ, खुश्तर रहमानी, मंसूर माहवार, डॉ एहराज अरमान, नदीम सीतापुरी, रिजवान मारूफ, यासीन इब्ने उमर, नफीस वारसी, बशर हरगावी, शहबाज़ हैरत चिश्ती, डॉ एखलाक, मंजर यासीन, सैयद सलमान अहमद रिजवी, अय्यूब अंसारी, इमरान रज़ा बरकाती, दिलशाद लकवी, हसन अंसारी, आसिफ अंसारी, जावेद अंसारी और रिजवान अंसारी सहित कई शायरों ने अपने शानदार कलाम पेश कर महफिल को देर रात तक सजाए रखा। इस मौके पर समाजवादी पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष अनुराग पटेल सहित सैकड़ों श्रोता मौजूद रहे। मुशायरा देर रात तक कामयाबी के साथ जारी रहा और अदबी माहौल में शानदार तरीके से सम्पन्न हुआ।

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  • लखीमपुर खीरी। बज़्म फ़रोगे अदब की जानिब से हर माह आयोजित होने वाले तरही मुशायरों की श्रृंखला में 20वां मुशायरा बेहद भव्यता और अदबी माहौल के साथ सम्पन्न हुआ। इस मुशायरे की सदारत पूर्व सांसद एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व गृह राज्य मंत्री जफर अली नकवी ने की, जबकि मेहमान-ए-खुसूसी के तौर पर वरिष्ठ शायर मस्त हफीज़ रहमानी ने शिरकत की। अपने सदारती खिताब में जफर अली नकवी ने एक खूबसूरत शेर के साथ अपनी बात की शुरुआत करते हुए कहा, "महफिल तेरी, साकी तेरा — आंखें मेरी, बाकी तेरा" उन्होंने कहा कि साहित्यकार हर दौर में समाज और सत्ता को आईना दिखाने का काम करते रहे हैं। यह वही तबका है जो बेखौफ होकर हुकूमत से सवाल करता है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे समाज की बेहतरी के लिए अपनी कलम को मजबूत करें और सही दिशा देने का कार्य करें। मेहमान-ए-खुसूसी मस्त हफीज़ रहमानी ने कहा कि बज़्म फ़रोगे अदब के साथ कंधे से कंधा मिलाकर बज़्म उर्दू सीतापुर भी खड़ी है। उन्होंने अपने कलाम के जरिए नसीहत देते हुए कहा, "यूँ ही जलोगे तो जल जाएगा बदन सारा, चिराग़ बन के जलोगे तो रौशनी होगी" बज़्म फ़रोगे अदब के सदर आमिर रज़ा पम्मी ने कहा कि कस्बा खीरी हमेशा से अदब का गहवारा रहा है। उन्होंने बताया कि यह संस्था पिछले करीब 50 वर्षों से अदब की शमा रोशन किए हुए है और बुजुर्गों की परंपरा को आगे बढ़ाने का काम कर रही है। मुशायरे का आगाज़ मौलाना जावेद अख्तर ने किया, जबकि निज़ामत इलियास चिश्ती ने बेहतरीन अंदाज़ में की। मुशायरे में डॉ तनवीर इकबाल बिस्वानी, डॉ अफजल, उमर हनीफ, खुश्तर रहमानी, मंसूर माहवार, डॉ एहराज अरमान, नदीम सीतापुरी, रिजवान मारूफ, यासीन इब्ने उमर, नफीस वारसी, बशर हरगावी, शहबाज़ हैरत चिश्ती, डॉ एखलाक, मंजर यासीन, सैयद सलमान अहमद रिजवी, अय्यूब अंसारी, इमरान रज़ा बरकाती, दिलशाद लकवी, हसन अंसारी, आसिफ अंसारी, जावेद अंसारी और रिजवान अंसारी सहित कई शायरों ने अपने शानदार कलाम पेश कर महफिल को देर रात तक सजाए रखा। इस मौके पर समाजवादी पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष अनुराग पटेल सहित सैकड़ों श्रोता मौजूद रहे। मुशायरा देर रात तक कामयाबी के साथ जारी रहा और अदबी माहौल में शानदार तरीके से सम्पन्न हुआ।
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    लखीमपुर खीरी।
बज़्म फ़रोगे अदब की जानिब से हर माह आयोजित होने वाले तरही मुशायरों की श्रृंखला में 20वां मुशायरा बेहद भव्यता और अदबी माहौल के साथ सम्पन्न हुआ। इस मुशायरे की सदारत पूर्व सांसद एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व गृह राज्य मंत्री जफर अली नकवी ने की, जबकि मेहमान-ए-खुसूसी के तौर पर वरिष्ठ शायर मस्त हफीज़ रहमानी ने शिरकत की।
अपने सदारती खिताब में जफर अली नकवी ने एक खूबसूरत शेर के साथ अपनी बात की शुरुआत करते हुए कहा,
"महफिल तेरी, साकी तेरा — आंखें मेरी, बाकी तेरा"
उन्होंने कहा कि साहित्यकार हर दौर में समाज और सत्ता को आईना दिखाने का काम करते रहे हैं। यह वही तबका है जो बेखौफ होकर हुकूमत से सवाल करता है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे समाज की बेहतरी के लिए अपनी कलम को मजबूत करें और सही दिशा देने का कार्य करें।
मेहमान-ए-खुसूसी मस्त हफीज़ रहमानी ने कहा कि बज़्म फ़रोगे अदब के साथ कंधे से कंधा मिलाकर बज़्म उर्दू सीतापुर भी खड़ी है। उन्होंने अपने कलाम के जरिए नसीहत देते हुए कहा,
"यूँ ही जलोगे तो जल जाएगा बदन सारा,
चिराग़ बन के जलोगे तो रौशनी होगी"
बज़्म फ़रोगे अदब के सदर आमिर रज़ा पम्मी ने कहा कि कस्बा खीरी हमेशा से अदब का गहवारा रहा है। उन्होंने बताया कि यह संस्था पिछले करीब 50 वर्षों से अदब की शमा रोशन किए हुए है और बुजुर्गों की परंपरा को आगे बढ़ाने का काम कर रही है।
मुशायरे का आगाज़ मौलाना जावेद अख्तर ने किया, जबकि निज़ामत इलियास चिश्ती ने बेहतरीन अंदाज़ में की। मुशायरे में डॉ तनवीर इकबाल बिस्वानी, डॉ अफजल, उमर हनीफ, खुश्तर रहमानी, मंसूर माहवार, डॉ एहराज अरमान, नदीम सीतापुरी, रिजवान मारूफ, यासीन इब्ने उमर, नफीस वारसी, बशर हरगावी, शहबाज़ हैरत चिश्ती, डॉ एखलाक, मंजर यासीन, सैयद सलमान अहमद रिजवी, अय्यूब अंसारी, इमरान रज़ा बरकाती, दिलशाद लकवी, हसन अंसारी, आसिफ अंसारी, जावेद अंसारी और रिजवान अंसारी सहित कई शायरों ने अपने शानदार कलाम पेश कर महफिल को देर रात तक सजाए रखा।
इस मौके पर समाजवादी पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष अनुराग पटेल सहित सैकड़ों श्रोता मौजूद रहे। मुशायरा देर रात तक कामयाबी के साथ जारी रहा और अदबी माहौल में शानदार तरीके से सम्पन्न हुआ।
    user_Nawaz ahmad Rizvi
    Nawaz ahmad Rizvi
    लखीमपुर, लखीमपुर खीरी, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • Post by खीरी न्यूज़ अपडेट
    1
    Post by खीरी न्यूज़ अपडेट
    user_खीरी न्यूज़ अपडेट
    खीरी न्यूज़ अपडेट
    रिपोर्टर लखीमपुर, लखीमपुर खीरी, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • कोतवाली सदर क्षेत्रांतर्गत स्वयं के द्वारा गोली लगने से युवक की मृत्यु के संबंध में सहायक पुलिस अधीक्षक/क्षेत्राधिकारी सदर, श्री विवेक कुमार तिवारी की बाइट*
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    कोतवाली सदर क्षेत्रांतर्गत स्वयं के द्वारा गोली लगने से युवक की मृत्यु के संबंध में सहायक पुलिस अधीक्षक/क्षेत्राधिकारी सदर, श्री विवेक कुमार तिवारी की बाइट*
    user_AVP भारत न्यूज़
    AVP भारत न्यूज़
    Taxi Driver लखीमपुर, लखीमपुर खीरी, उत्तर प्रदेश•
    6 hrs ago
  • कुदरत का कहर: मोहम्मदी खीरी में आसमानी आफत ने मचाई तबाही, ओलों की मार से कराह उठा अन्नदाता! मोहम्मदी-खीरी। इंसान अपनी प्लानिंग करता रह गया और ऊपर वाले ने अपनी इबारत लिख दी। रविवार को मोहम्मदी और आसपास के इलाकों में मौसम ने ऐसा खौफनाक यू-टर्न लिया कि खुशहाली की उम्मीद लगाए बैठे किसानों के चेहरों पर हवाइयां उड़ने लगीं। चिलचिलाती धूप की जगह अचानक काली घटाओं ने डेरा डाला और देखते ही देखते 'सफेद मौत' यानी ओलों की ऐसी बारिश हुई कि खेतों में खड़ी सोना उगलती फसलें मिट्टी में मिल गईं। तेज आंधी और बारिश का 'डेडली कॉम्बो' दोपहर के वक्त अचानक मौसम का मिजाज बिगड़ा। धूल भरी तेज आंधी ने पूरे इलाके को अपनी आगोश में ले लिया। विजिबिलिटी इतनी कम हो गई कि सड़कों पर गाड़ियों की रफ्तार थम गई। लेकिन असली खेल तो उसके बाद शुरू हुआ। आंधी के साथ आई मूसलाधार बारिश और फिर शुरू हुआ बड़े-बड़े ओलों का तांडव। लगभग आधे घंटे तक गिरे इन ओलों ने मोहम्मदी क्षेत्र के कई गांवों में कुदरत का ऐसा कहर बरपाया कि हर तरफ तबाही के निशान नजर आने लगे। गेहूं की 'सुनहरी उम्मीद' पर फिरा पानी सबसे ज्यादा मार गेहूं की फसल पर पड़ी है। जो फसल पककर तैयार होने की कगार पर थी और जिसे देखकर किसान अपनी बिटिया की शादी या कर्ज चुकाने के सपने बुन रहा था, वो अब जमीन पर बिछी नजर आ रही है। जानकारों की मानें तो: * गेहूं: तेज हवा और ओलों की वजह से दाने झड़ गए हैं और फसल गिर गई है, जिससे उत्पादन में भारी गिरावट तय है। * सरसों: कटी रखी या तैयार सरसों की फलियां टूटकर बिखर गई हैं। * आम और बागवानी: आम के बागों में आए बौर (फूल) और छोटी अमिया को इस आंधी-ओले ने बुरी तरह झकझोर दिया है, जिससे बागवानों को भी लाखों का चूना लगना तय है। सन्नाटे में डूबा अन्नदाता खेतों की मेढ़ पर खड़ा किसान आज बेबस है। मोहम्मदी के प्रभावित गांवों के किसानों का कहना है कि उन्होंने साल भर खून-पसीना एक करके फसल तैयार की थी, लेकिन कुदरत के इस 'मसालेदार' सितम ने उनकी कमर तोड़ दी है। बारिश के कारण खेतों में जलभराव की स्थिति है, जिससे बची-कुची फसल के भी सड़ने का डर सता रहा है। > "ऐसा मंजर पहले कभी नहीं देखा। ओले नहीं गिर रहे थे, लग रहा था जैसे पत्थर बरस रहे हों। अब सरकार से ही मुआवजे की आस है, वरना हम तो बर्बाद हो गए।" — एक स्थानीय किसान > अब सबकी निगाहें शासन और प्रशासन की ओर टिकी हैं। किसानों ने मांग की है कि जल्द से जल्द फसलों के नुकसान का सर्वे कराया जाए और उन्हें उचित मुआवजा दिया जाए। अगर समय रहते मदद न मिली, तो मोहम्मदी का किसान इस आर्थिक चोट से शायद ही उबर पाए। फिलहाल, आसमान में अभी भी बादल छाए हुए हैं और किसानों की धड़कनें तेज हैं कि कहीं कुदरत का ये गुस्सा दोबारा न फूट पड़े।
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    कुदरत का कहर: मोहम्मदी खीरी में आसमानी आफत ने मचाई तबाही, ओलों की मार से कराह उठा अन्नदाता!
मोहम्मदी-खीरी।
इंसान अपनी प्लानिंग करता रह गया और ऊपर वाले ने अपनी इबारत लिख दी। रविवार को मोहम्मदी और आसपास के इलाकों में मौसम ने ऐसा खौफनाक यू-टर्न लिया कि खुशहाली की उम्मीद लगाए बैठे किसानों के चेहरों पर हवाइयां उड़ने लगीं। चिलचिलाती धूप की जगह अचानक काली घटाओं ने डेरा डाला और देखते ही देखते 'सफेद मौत' यानी ओलों की ऐसी बारिश हुई कि खेतों में खड़ी सोना उगलती फसलें मिट्टी में मिल गईं।
तेज आंधी और बारिश का 'डेडली कॉम्बो'
दोपहर के वक्त अचानक मौसम का मिजाज बिगड़ा। धूल भरी तेज आंधी ने पूरे इलाके को अपनी आगोश में ले लिया। विजिबिलिटी इतनी कम हो गई कि सड़कों पर गाड़ियों की रफ्तार थम गई। लेकिन असली खेल तो उसके बाद शुरू हुआ। आंधी के साथ आई मूसलाधार बारिश और फिर शुरू हुआ बड़े-बड़े ओलों का तांडव। लगभग आधे घंटे तक गिरे इन ओलों ने मोहम्मदी क्षेत्र के कई गांवों में कुदरत का ऐसा कहर बरपाया कि हर तरफ तबाही के निशान नजर आने लगे।
गेहूं की 'सुनहरी उम्मीद' पर फिरा पानी
सबसे ज्यादा मार गेहूं की फसल पर पड़ी है। जो फसल पककर तैयार होने की कगार पर थी और जिसे देखकर किसान अपनी बिटिया की शादी या कर्ज चुकाने के सपने बुन रहा था, वो अब जमीन पर बिछी नजर आ रही है। जानकारों की मानें तो:
* गेहूं: तेज हवा और ओलों की वजह से दाने झड़ गए हैं और फसल गिर गई है, जिससे उत्पादन में भारी गिरावट तय है।
* सरसों: कटी रखी या तैयार सरसों की फलियां टूटकर बिखर गई हैं।
* आम और बागवानी: आम के बागों में आए बौर (फूल) और छोटी अमिया को इस आंधी-ओले ने बुरी तरह झकझोर दिया है, जिससे बागवानों को भी लाखों का चूना लगना तय है।
सन्नाटे में डूबा अन्नदाता
खेतों की मेढ़ पर खड़ा किसान आज बेबस है। मोहम्मदी के प्रभावित गांवों के किसानों का कहना है कि उन्होंने साल भर खून-पसीना एक करके फसल तैयार की थी, लेकिन कुदरत के इस 'मसालेदार' सितम ने उनकी कमर तोड़ दी है। बारिश के कारण खेतों में जलभराव की स्थिति है, जिससे बची-कुची फसल के भी सड़ने का डर सता रहा है।
> "ऐसा मंजर पहले कभी नहीं देखा। ओले नहीं गिर रहे थे, लग रहा था जैसे पत्थर बरस रहे हों। अब सरकार से ही मुआवजे की आस है, वरना हम तो बर्बाद हो गए।" — एक स्थानीय किसान
> 
अब सबकी निगाहें शासन और प्रशासन की ओर टिकी हैं। किसानों ने मांग की है कि जल्द से जल्द फसलों के नुकसान का सर्वे कराया जाए और उन्हें उचित मुआवजा दिया जाए। अगर समय रहते मदद न मिली, तो मोहम्मदी का किसान इस आर्थिक चोट से शायद ही उबर पाए।
फिलहाल, आसमान में अभी भी बादल छाए हुए हैं और किसानों की धड़कनें तेज हैं कि कहीं कुदरत का ये गुस्सा दोबारा न फूट पड़े।
    user_Sanjay rathour
    Sanjay rathour
    Tour operator लखीमपुर, लखीमपुर खीरी, उत्तर प्रदेश•
    7 hrs ago
  • मैडम मुंबई से है और देहरादून उत्तराखंड में किसी सरकारी हॉस्पिटल में डॉक्टर है सुनिए तो जरा
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    मैडम मुंबई से है और देहरादून उत्तराखंड में किसी सरकारी हॉस्पिटल में डॉक्टर है सुनिए तो जरा
    user_Saty Mev jayate
    Saty Mev jayate
    Voice of people लखीमपुर, लखीमपुर खीरी, उत्तर प्रदेश•
    10 hrs ago
  • यूपी – गाजियाबाद के RKGIT कॉलेज में पंजाबी सिंगर सुनंदा शर्मा का Live कंसर्ट था। एक युवक सुरक्षा घेरा तोड़कर मंच पर जा चढ़ा। सुनंदा इतनी ज्यादा डर गईं कि उन्हें तुरंत परफॉर्मेंस रोककर स्टेज से पीछे हटना पड़ा। हालांकि सुरक्षाकर्मियों ने उस युवक को नीचे उतार दिया।
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    यूपी – गाजियाबाद के RKGIT कॉलेज में पंजाबी सिंगर सुनंदा शर्मा का Live कंसर्ट था। एक युवक सुरक्षा घेरा तोड़कर मंच पर जा चढ़ा। सुनंदा इतनी ज्यादा डर गईं कि उन्हें तुरंत परफॉर्मेंस रोककर स्टेज से पीछे हटना पड़ा। हालांकि सुरक्षाकर्मियों ने उस युवक को नीचे उतार दिया।
    user_Shoaib Khan
    Shoaib Khan
    Local News Reporter लखीमपुर, लखीमपुर खीरी, उत्तर प्रदेश•
    10 hrs ago
  • लोकेंद्र कुमार मौर्य पत्रकार तहसील निघासन जिला लखीमपुर खीरी* लखीमपुर खीरी: योगी सरकार का दावा है कि प्रदेश में कानून का राज है, लेकिन जनपद लखीमपुर खीरी की तहसील निघासन से जो तस्वीरें सामने आ रही हैं, वे कुछ और ही कहानी बयां कर रही हैं। यहाँ हरिपुरवा और कोलपुरवा के बीच नहर की पटरी पर मौत का सामान लदे ओवरलोड ट्रक धड़ल्ले से फर्राटा भर रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी गहरी नींद में सोए हुए हैं। *गुलाबी नोटों के आगे 'नतमस्तक' सिस्टम?* स्थानीय लोगों का आरोप है कि नहर की पटरी पर ओवरलोड वाहनों का यह मेला बिना किसी डर के जारी है। चर्चा यह है कि यह खेल "गुलाबी नोटों" की चमक के आगे चल रहा है। सूत्रों की मानें तो इन ट्रकों के पहिए प्रशासनिक अधिकारियों की मेजों तक पहुँचने वाले 'चढ़ावे' के दम पर घूम रहे हैं। *खतरे में नहर और आम राहगीर* नहर की पटरी भारी वाहनों के लिए नहीं बनी होती, लेकिन क्षमता से कई गुना ज्यादा भार लादकर निकलने वाले ये वाहन न सिर्फ नहर की पटरी को क्षतिग्रस्त कर रहे हैं, बल्कि आए दिन होने वाले हादसों को भी दावत दे रहे हैं। *बड़ा सवाल* क्या मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के 'जीरो टॉलरेंस' के निर्देश केवल कागजों तक सीमित हैं? निघासन के प्रशासनिक अधिकारी इन ओवरलोड संचालकों पर लगाम क्यों नहीं लगा पा रहे? क्या जनता की सुरक्षा से बड़ा इन अधिकारियों के लिए 'चढ़ावा' हो गया है? *सख्त कार्रवाई की मांग* इस मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर जल्द ही इन ओवरलोड वाहनों पर लगाम नहीं लगाई गई, तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे। *जिला प्रशासन की चुप्पी पर सवाल* दिलचस्प बात यह है कि जिला प्रशासन इस मामले में पूरी तरह से चुप्पी साधे हुए है। न तो कोई अधिकारी इस मामले में बोलने को तैयार है और न ही कोई कार्रवाई की जा रही है।
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    लोकेंद्र कुमार मौर्य पत्रकार तहसील निघासन जिला लखीमपुर खीरी*
लखीमपुर खीरी: योगी सरकार का दावा है कि प्रदेश में कानून का राज है, लेकिन जनपद लखीमपुर खीरी की तहसील निघासन से जो तस्वीरें सामने आ रही हैं, वे कुछ और ही कहानी बयां कर रही हैं। यहाँ हरिपुरवा और कोलपुरवा के बीच नहर की पटरी पर मौत का सामान लदे ओवरलोड ट्रक धड़ल्ले से फर्राटा भर रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी गहरी नींद में सोए हुए हैं।
*गुलाबी नोटों के आगे 'नतमस्तक' सिस्टम?*
स्थानीय लोगों का आरोप है कि नहर की पटरी पर ओवरलोड वाहनों का यह मेला बिना किसी डर के जारी है। चर्चा यह है कि यह खेल "गुलाबी नोटों" की चमक के आगे चल रहा है। सूत्रों की मानें तो इन ट्रकों के पहिए प्रशासनिक अधिकारियों की मेजों तक पहुँचने वाले 'चढ़ावे' के दम पर घूम रहे हैं।
*खतरे में नहर और आम राहगीर*
नहर की पटरी भारी वाहनों के लिए नहीं बनी होती, लेकिन क्षमता से कई गुना ज्यादा भार लादकर निकलने वाले ये वाहन न सिर्फ नहर की पटरी को क्षतिग्रस्त कर रहे हैं, बल्कि आए दिन होने वाले हादसों को भी दावत दे रहे हैं।
*बड़ा सवाल*
क्या मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के 'जीरो टॉलरेंस' के निर्देश केवल कागजों तक सीमित हैं? निघासन के प्रशासनिक अधिकारी इन ओवरलोड संचालकों पर लगाम क्यों नहीं लगा पा रहे? क्या जनता की सुरक्षा से बड़ा इन अधिकारियों के लिए 'चढ़ावा' हो गया है?
*सख्त कार्रवाई की मांग*
इस मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर जल्द ही इन ओवरलोड वाहनों पर लगाम नहीं लगाई गई, तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
*जिला प्रशासन की चुप्पी पर सवाल*
दिलचस्प बात यह है कि जिला प्रशासन इस मामले में पूरी तरह से चुप्पी साधे हुए है। न तो कोई अधिकारी इस मामले में बोलने को तैयार है और न ही कोई कार्रवाई की जा रही है।
    user_संदीप कुमार शर्मा
    संदीप कुमार शर्मा
    Photographer लखीमपुर, लखीमपुर खीरी, उत्तर प्रदेश•
    12 hrs ago
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    1
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    user_खीरी न्यूज़ अपडेट
    खीरी न्यूज़ अपडेट
    रिपोर्टर लखीमपुर, लखीमपुर खीरी, उत्तर प्रदेश•
    5 hrs ago
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