जेवर में यमुना एक्सप्रेस वे पर स्लीपर बस में जलकर कीरतपुर के युवक की मौत छतारी। क्षेत्र के गांव कीरतपुर निवासी युवक की जेवर क्षेत्र में स्लीपर बस में आग लगने से जलकर मौत हो गई। हादसे के बाद मृतक की पहचान ऑनलाइन टिकट बुकिंग और गले में पहने लॉकेट के आधार पर हुई। पोस्टमार्टम के बाद शव गांव पहुंचा तो परिजनों में कोहराम मच गया। गांव कीरतपुर निवासी ओमप्रकाश (40) नोएडा के सूरजपुर में परिवार के साथ रहते थे। मृतक के भाई जीतू सिंह ने बताया कि महोबा में उनके छोटे भाई अनमोल की सास की मौत होने पर ओमप्रकाश स्लीपर बस से महोबा जा रहे थे। यमुना एक्सप्रेसवे पर जेवर क्षेत्र में गांव सिवारा के समीप रात के समय अचानक स्लीपर बस में आग लग गई। आग इतनी भीषण थी कि ओमप्रकाश उसकी चपेट में आ गए और जलकर उनकी मौत हो गई। हादसे के बाद मृतक की पहचान करना मुश्किल हो रहा था। पुलिस ने बस की ऑनलाइन टिकट बुकिंग से और गले में पहने लॉकेट से भी पहचान की पुष्टि की। पुलिस ने हादसे की सूचना उनकी पत्नी सीमा को दी। पहचान होने की सूचना पर परिजनों में चीख-पुकार मच गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। शुक्रवार की रात पोस्टमार्टम की कार्रवाई के बाद मृतक का शव गांव कीरतपुर पहुंचा। शव के पहुंचते ही परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। ग्रामीण भी बड़ी संख्या में पीड़ित परिवार को सांत्वना देने के लिए पहुंच गए। : नोएडा में कंस्ट्रक्शन का काम करता था मृतक ओमप्रकाश परिवार की जिम्मेदारियां संभालने वाला मुख्य सहारा था। छह भाई-बहनों में सबसे बड़ा होने के कारण बचपन से ही उस पर परिवार की जिम्मेदारियां थीं। वह नोएडा में बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन का काम करता था और सूरजपुर में पत्नी सीमा पुत्री मानवी व पुत्र विवेक और यश के साथ रहता था। बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन के काम से परिवार का भरण-पोषण कर रहा था। ओमप्रकाश के बुजुर्ग मां किरण देवी पिता थान सिंह गांव कीरतपुर में ही रहते हैं। बेटे की मौत की खबर के बाद से बुजुर्ग माता-पिता, पत्नी और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है। शव गांव पहुंचते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई। : पत्नी सीमा ने लॉकेट देखकर की ओमप्रकाश की पहचान स्लीपर बस में आग लगने के बाद ओमप्रकाश का शव बुरी तरह झुलस गया था, जिससे उसकी पहचान करना मुश्किल हो रहा था। हादसे के बाद परिजनों को शव की पहचान के लिए बुलाया गया। पत्नी सीमा ने ओमप्रकाश के गले में पहने चैन लॉकेट को देखकर उसकी पहचान की। लॉकेट देखते ही सीमा फफक पड़ीं। पति की मौत की पुष्टि होते ही परिवार में कोहराम मच गया। ऑनलाइन टिकट बुकिंग से मिले यात्री विवरण से भी मृतक की पहचान की पुष्टि हुई। -दो महीने पहले ही गांव आया था ओमप्रकाश ओमप्रकाश करीब दो महीने पहले ही बुजुर्ग माता पिता से मिलने गांव कीरतपुर आया था। परिजनों के साथ कुछ दिन बिताने के बाद वह वापस नोएडा चला गया था। किसी को अंदाजा नहीं था कि यही उसकी गांव में आखिरी वापसी होगी। स्लीपर बस हादसे में ओमप्रकाश की मौत की खबर मिलते ही परिवार में मातम छा गया। शव गांव पहुंचते ही पत्नी सीमा, बुजुर्ग माता-पिता और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।
जेवर में यमुना एक्सप्रेस वे पर स्लीपर बस में जलकर कीरतपुर के युवक की मौत छतारी। क्षेत्र के गांव कीरतपुर निवासी युवक की जेवर क्षेत्र में स्लीपर बस में आग लगने से जलकर मौत हो गई। हादसे के बाद मृतक की पहचान ऑनलाइन टिकट बुकिंग और गले में पहने लॉकेट के आधार पर हुई। पोस्टमार्टम के बाद शव गांव पहुंचा तो परिजनों में कोहराम मच गया। गांव कीरतपुर निवासी ओमप्रकाश (40) नोएडा के सूरजपुर में परिवार के साथ रहते थे। मृतक के भाई जीतू सिंह ने बताया कि महोबा में उनके छोटे भाई अनमोल की सास की मौत होने पर ओमप्रकाश स्लीपर बस से महोबा जा रहे थे। यमुना एक्सप्रेसवे पर जेवर क्षेत्र में गांव सिवारा के समीप रात के समय अचानक स्लीपर बस में आग लग गई। आग इतनी भीषण थी कि ओमप्रकाश उसकी
चपेट में आ गए और जलकर उनकी मौत हो गई। हादसे के बाद मृतक की पहचान करना मुश्किल हो रहा था। पुलिस ने बस की ऑनलाइन टिकट बुकिंग से और गले में पहने लॉकेट से भी पहचान की पुष्टि की। पुलिस ने हादसे की सूचना उनकी पत्नी सीमा को दी। पहचान होने की सूचना पर परिजनों में चीख-पुकार मच गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। शुक्रवार की रात पोस्टमार्टम की कार्रवाई के बाद मृतक का शव गांव कीरतपुर पहुंचा। शव के पहुंचते ही परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। ग्रामीण भी बड़ी संख्या में पीड़ित परिवार को सांत्वना देने के लिए पहुंच गए। : नोएडा में कंस्ट्रक्शन का काम करता था मृतक ओमप्रकाश परिवार की जिम्मेदारियां संभालने वाला मुख्य सहारा था। छह भाई-बहनों
में सबसे बड़ा होने के कारण बचपन से ही उस पर परिवार की जिम्मेदारियां थीं। वह नोएडा में बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन का काम करता था और सूरजपुर में पत्नी सीमा पुत्री मानवी व पुत्र विवेक और यश के साथ रहता था। बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन के काम से परिवार का भरण-पोषण कर रहा था। ओमप्रकाश के बुजुर्ग मां किरण देवी पिता थान सिंह गांव कीरतपुर में ही रहते हैं। बेटे की मौत की खबर के बाद से बुजुर्ग माता-पिता, पत्नी और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है। शव गांव पहुंचते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई। : पत्नी सीमा ने लॉकेट देखकर की ओमप्रकाश की पहचान स्लीपर बस में आग लगने के बाद ओमप्रकाश का शव बुरी तरह झुलस गया था, जिससे उसकी पहचान करना मुश्किल हो रहा था। हादसे के बाद परिजनों को शव की पहचान के
लिए बुलाया गया। पत्नी सीमा ने ओमप्रकाश के गले में पहने चैन लॉकेट को देखकर उसकी पहचान की। लॉकेट देखते ही सीमा फफक पड़ीं। पति की मौत की पुष्टि होते ही परिवार में कोहराम मच गया। ऑनलाइन टिकट बुकिंग से मिले यात्री विवरण से भी मृतक की पहचान की पुष्टि हुई। -दो महीने पहले ही गांव आया था ओमप्रकाश ओमप्रकाश करीब दो महीने पहले ही बुजुर्ग माता पिता से मिलने गांव कीरतपुर आया था। परिजनों के साथ कुछ दिन बिताने के बाद वह वापस नोएडा चला गया था। किसी को अंदाजा नहीं था कि यही उसकी गांव में आखिरी वापसी होगी। स्लीपर बस हादसे में ओमप्रकाश की मौत की खबर मिलते ही परिवार में मातम छा गया। शव गांव पहुंचते ही पत्नी सीमा, बुजुर्ग माता-पिता और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।
- कानून-व्यवस्था तार-तार सरेबाजार युवक पर जानलेवा हमला करने वाले आरोपी एक महीने बाद भी पुलिस गिरफ्त से दूर बुलन्दशहर : अनूपशहर अनूपशहर में कानून-व्यवस्था को चुनौती देते हुए सरेबाजार एक युवक पर जानलेवा हमला करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है घटना बीते 19 अगस्त 2026 की दोपहर करीब 3 बजे की है पीड़ित सतेन्द्र सिंह ने बताया कि उनका पुत्र ईशू निवासी मौहल्ला देहली गेट बाजार से घर लौट रहा था इसी दौरान डॉ. महेश के क्लीनिक के पास घात लगाए बैठे अयान उर्फ अबूजर, मोहब्बत, उवैद और उनके अज्ञात साथियों ने लाठी, डंडों और धारदार चाकू से ईशू पर जान से मारने की नीयत से हमला बोल दिया इस बर्बर हमले में ईशू के सिर और छाती पर गम्भीर चोटें आई ईशू के शोर मचाने पर स्थानीय निवासी समर्थ गौरक्षक और अन्य लोग मौके पर पहुंचे जिन्हें देखकर आरोपी जान से मारने की धमकी देते हुए फरार हो गए यह पूरी वारदात वहां लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है घटना के सम्बन्ध में अनूपशहर कोतवाली में नामजद मुकदमा दर्ज कराया गया है हालांकि घटना को एक महीने से अधिक का समय बीत जाने के बाद भी अनूपशहर पुलिस के हाथ खाली है पीड़ित परिवार न्याय के लिए लगातार कोतवाली के चक्कर काट रहा है लेकिन पुलिस आरोपियों को गिरफ्तार करने में नाकाम साबित हो रही है जिससे स्थानीय जनता में भारी आक्रोश है ।1
- खुर्जा जेवर रोड सूर्य गेस्ट हाउस जिस्मो का झंडा1
- sudhir1
- जेपी विद्या मंदिर में मनाया शैक्षिक एडवेंचर फन व स्पोर्ट्स का मनोरंजक संगम अनूपशहर: जेपी विद्या मंदिर द्वारा विद्यार्थियों के लिए एक शैक्षिक मनोरंजक कार्यक्रम का आयोजन किया गया । इस कार्यक्रम का आयोजन विद्यालय परिसर में ही हुआ। प्रधानाचार्या नीना चतुर्वेदी ने बताया कि रिमझिम फुहारों ने कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए। छात्रों ने इस कार्यक्रम द्वारा शारीरिक एवं मानसिक विकास को बढ़ावा देने वाली क्रियाएं कीं । स्वच्छ स्वादिष्ट एवं पारंपरिक खानपान की समुचित व्यवस्था बच्चों की सुरक्षा अनुशासन एवं शैक्षिक उद्देश्य पूर्ण रूप से सुनिश्चित किया गया विद्यालय परिसर में आयोजित एडवेंचर कैंप में विद्यार्थियों के लिए साहसिक खेल , टीमवर्क एक्टिविटीज , शारीरिक फिटनेस से जुड़ी गतिविधियां , आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता को बढ़ाने वाले खेल आयोजित कराए गए। रोचक एवं ज्ञानवर्धक गतिविधियां भी इस कार्यक्रम में शामिल थीं । इस कार्यक्रम के अंतर्गत एडवेंचर कैम्प,डोम प्लैनिटोरियम और एस्ट्रोनोमी क्लब भी मनाया गया।यह कैंप बच्चों के सर्वांगीण विकास , साहस , अनुशासन एवं मनोरंजन का एक अनूठा अवसर साबित हुआ। इस कार्यक्रम में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। सभी आगंतुकों ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए विद्यालय के इस प्रयास की प्रशंसा की । विद्यालय प्रधानाचार्या नीना चतुर्वेदी ने सभी आगंतुकों का स्वागत करते हुए कहा कि आप सभी के आगमन से कार्यक्रम में चार चांद लग गए। इस कार्यक्रम को सफल बनाने में सभी अध्यापकों व कर्मचारियों का विशेष योगदान रहा।1
- घर में घुसा विशालकाय अजगर, परिवार में मचा हड़कंप वन्य प्रेमी ने घंटों की मशक्कत के बाद किया रेस्क्यू, परिवार ने ली राहत की सांस पिलखुवा। कोतवाली क्षेत्र के परतापुर फाटक के पास नितिन गोयल पुत्र विजेंद्र गोयल के घर में विशालकाय अजगर घुसने से परिवार में हड़कंप मच गया। अजगर ने घर में पल रहे खरगोश के दो बच्चों को निशाना बना लिया। उन्हें बचाने पहुंची मां खरगोशनी पर भी अजगर ने हमला कर दिया। अचानक घर में अजगर दिखाई देने से परिवार के लोग भयभीत हो गए। उन्होंने मामले की सूचना गांव फगोता निवासी वन्य प्रेमी संदीप पुत्र जगपाल को दी। सूचना मिलते ही संदीप मौके पर पहुंचे और घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद विशालकाय अजगर का सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया। अजगर के घर से बाहर निकलने के बाद परिवार के लोगों ने राहत की सांस ली। वन्य प्रेमी संदीप ने बताया कि जंगली जीवों को मारने या नुकसान पहुंचाने के बजाय उनकी सूचना दें। उन्होंने कहा कि किसी के घर में सांप, अजगर या अन्य जंगली जीव घुसने पर उन्हें सूचना दी जा सकती है। वह निशुल्क रेस्क्यू कर उसे सुरक्षित स्थान पर छोड़ने का प्रयास करेंगे।2
- Is Your District in List? 10 UP Districts Schools Closed! Red Alert Today #upnews #shorts1
- भारी बारिश में भी ड्यूटी पर डटे रहे एसडीएम पुलिस के साथ सड़क पर उतरकर खुलवाया जाम बुलन्दशहर : डिबाई श्राद्ध पूर्णिमा के अवसर पर गंगा स्नान के लिए उमड़े श्रद्धालुओं की भीड़ के बीच भारी बारिश और कड़ाके की ठण्ड भी डिबाई प्रशासन के हौसले को नहीं डिगा सकी श्रद्धालुओं की भारी संख्या के चलते भीमपुर दोराहे पर यातायात का दबाव बढ़ने से जाम की स्थिति उत्पन्न हो गई सूचना मिलते ही डिबाई एसडीएम रविकान्त चौबे स्वयं मौके पर पहुंचे और पुलिस टीम के साथ सड़क पर उतर कर यातायात व्यवस्था सम्भाली अलीगढ़ और बुलन्दशहर की ओर से आने वाले श्रद्धालु भीमपुर दोराहे से होकर डिबाई, अनूपशहर, नरौरा, रामघाट, और कर्णवास, की ओर गंगा स्नान के लिए जा रहे थे वाहनों की संख्या बढ़ने से यातायात प्रभावित हुआ ऐसे में एसडीएम रविकान्त चौबे, ने मौके पर पहुंच कर पुलिस कर्मियों के साथ जाम खुलवाया और वाहनों को व्यवस्थित तरीके से निकलवा कर श्रद्धालुओं की आवाजाही सुचारू कराई भारी बारिश के बीच एसडीएम को स्वयं मौके पर मौजूद रह कर व्यवस्था सम्भालते देख पुलिस कर्मियों का भी उत्साह बढ़ा दौलतपुर खुर्द चौकी प्रभारी राहुल राजपूत, ट्रैफिक पुलिस के ललित कुमार, अंकित वशिष्ठ, सहित पुलिसकर्मी लगातार यातायात व्यवस्था बनाने में जुटे रहे पुलिस कर्मियों ने बारिश की परवाह किए बिना सड़क पर मोर्चा सम्भाले रखा और श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो इसके लिए लगातार प्रयास किए स्थानीय लोगों ने एसडीएम रविकान्त चौबे, की सक्रियता और पुलिस-प्रशासन की तत्परता की सराहना की लोगों का कहना था कि भारी बारिश और ठण्ड के बावजूद अधिकारी एवं पुलिसकर्मी स्वयं सड़क पर डटे रहे जिसके चलते यातायात व्यवस्था को जल्द नियंत्रित करने में मदद मिली प्रशासन की इस सक्रियता से श्रद्धालुओं को राहत मिली और गंगा स्नान के लिए आने-जाने वाले वाहनों की आवाजाही सुचारू बनी रही ।1
- जेवर में यमुना एक्सप्रेस वे पर स्लीपर बस में जलकर कीरतपुर के युवक की मौत छतारी। क्षेत्र के गांव कीरतपुर निवासी युवक की जेवर क्षेत्र में स्लीपर बस में आग लगने से जलकर मौत हो गई। हादसे के बाद मृतक की पहचान ऑनलाइन टिकट बुकिंग और गले में पहने लॉकेट के आधार पर हुई। पोस्टमार्टम के बाद शव गांव पहुंचा तो परिजनों में कोहराम मच गया। गांव कीरतपुर निवासी ओमप्रकाश (40) नोएडा के सूरजपुर में परिवार के साथ रहते थे। मृतक के भाई जीतू सिंह ने बताया कि महोबा में उनके छोटे भाई अनमोल की सास की मौत होने पर ओमप्रकाश स्लीपर बस से महोबा जा रहे थे। यमुना एक्सप्रेसवे पर जेवर क्षेत्र में गांव सिवारा के समीप रात के समय अचानक स्लीपर बस में आग लग गई। आग इतनी भीषण थी कि ओमप्रकाश उसकी चपेट में आ गए और जलकर उनकी मौत हो गई। हादसे के बाद मृतक की पहचान करना मुश्किल हो रहा था। पुलिस ने बस की ऑनलाइन टिकट बुकिंग से और गले में पहने लॉकेट से भी पहचान की पुष्टि की। पुलिस ने हादसे की सूचना उनकी पत्नी सीमा को दी। पहचान होने की सूचना पर परिजनों में चीख-पुकार मच गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। शुक्रवार की रात पोस्टमार्टम की कार्रवाई के बाद मृतक का शव गांव कीरतपुर पहुंचा। शव के पहुंचते ही परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। ग्रामीण भी बड़ी संख्या में पीड़ित परिवार को सांत्वना देने के लिए पहुंच गए। : नोएडा में कंस्ट्रक्शन का काम करता था मृतक ओमप्रकाश परिवार की जिम्मेदारियां संभालने वाला मुख्य सहारा था। छह भाई-बहनों में सबसे बड़ा होने के कारण बचपन से ही उस पर परिवार की जिम्मेदारियां थीं। वह नोएडा में बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन का काम करता था और सूरजपुर में पत्नी सीमा पुत्री मानवी व पुत्र विवेक और यश के साथ रहता था। बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन के काम से परिवार का भरण-पोषण कर रहा था। ओमप्रकाश के बुजुर्ग मां किरण देवी पिता थान सिंह गांव कीरतपुर में ही रहते हैं। बेटे की मौत की खबर के बाद से बुजुर्ग माता-पिता, पत्नी और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है। शव गांव पहुंचते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई। : पत्नी सीमा ने लॉकेट देखकर की ओमप्रकाश की पहचान स्लीपर बस में आग लगने के बाद ओमप्रकाश का शव बुरी तरह झुलस गया था, जिससे उसकी पहचान करना मुश्किल हो रहा था। हादसे के बाद परिजनों को शव की पहचान के लिए बुलाया गया। पत्नी सीमा ने ओमप्रकाश के गले में पहने चैन लॉकेट को देखकर उसकी पहचान की। लॉकेट देखते ही सीमा फफक पड़ीं। पति की मौत की पुष्टि होते ही परिवार में कोहराम मच गया। ऑनलाइन टिकट बुकिंग से मिले यात्री विवरण से भी मृतक की पहचान की पुष्टि हुई। -दो महीने पहले ही गांव आया था ओमप्रकाश ओमप्रकाश करीब दो महीने पहले ही बुजुर्ग माता पिता से मिलने गांव कीरतपुर आया था। परिजनों के साथ कुछ दिन बिताने के बाद वह वापस नोएडा चला गया था। किसी को अंदाजा नहीं था कि यही उसकी गांव में आखिरी वापसी होगी। स्लीपर बस हादसे में ओमप्रकाश की मौत की खबर मिलते ही परिवार में मातम छा गया। शव गांव पहुंचते ही पत्नी सीमा, बुजुर्ग माता-पिता और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।4