गंगापुर सिटी में जल-प्रलय! सालोदा रोड बनी दरिया, प्रशासन की नाकामी से उफने नाले, दुकानें जलमग्न गंगापुर सिटी गंगापुर सिटी में जल-प्रलय! सालोदा रोड बनी दरिया, प्रशासन की नाकामी से उफने नाले, दुकानें जलमग्न गंगापुर सिटी। मानसून की ज़बरदस्त बारिश ने गंगापुर सिटी की सूरत बिगाड़ कर रख दी है। सालोदा रोड और सालोदा मोड़ इलाका पूरी तरह से जलमग्न हो चुका है और मुख्य मार्ग किसी उफनती नदी जैसा नज़ाा पेश कर रहा है। सड़कों पर कई-कई फीट पानी भर जाने से पूरा इलाका मानो टापू में तब्दील हो गया है, जिससे आम जनजीवन पूरी तरह ठप पड़ा हुआ है। गाड़ियों के बने 'नाव', राहगीर जान जोखिम में डालने को मजबूर सड़क पर लबालब भरे पानी के कारण दर्जनों दोपहिया और चौपहिया वाहन बीच रास्ते में ही बंद होकर फंस गए। पानी के नीचे छिपे खूनी गड्ढे दिखाई न देने से वाहन चालक और राहगीर लगातार दुर्घटनाओं का शिकार हो रहे हैं। राहगीर घुटनों तक भरे पानी में अपनी जान जोखिम में डालकर निकलने को मजबूर हैं। व्यापारियों पर टूटा आफत का पहाड़ नगर परिषद के बड़े-बड़े दावों की हवा निकालते हुए नालों का गंदा पानी दुकानों और निचले मकानों में घुस गया है। सालोदा रोड के दुकानदारों का लाखों रुपये का सामान पानी में डूबकर बर्बाद हो चुका है। उफनते पानी और जलभराव ने स्थानीय व्यापारियों की कमर तोड़कर रख दी है। नगर परिषद की घोर लापरवाही पर फुटा जनता का गुस्सा स्थानीय निवासियों का कहना है कि हर बार हल्की सी बारिश में भी सालोदा रोड तालाब बन जाता है। मानसून से पहले नालों की सफाई के नाम पर केवल खानापूर्ति की गई, जिसका खामियाज़ा आज पूरे शहर को भुगतना पड़ रहा है। आक्रोशित जनता अब सड़कों पर उतरकर प्रशासन और नगर परिषद के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर रही है। निवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द से जल्द पंप लगाकर पानी की निकासी नहीं की गई और स्थाई समाधान नहीं निकाला गया, तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।
गंगापुर सिटी में जल-प्रलय! सालोदा रोड बनी दरिया, प्रशासन की नाकामी से उफने नाले, दुकानें जलमग्न गंगापुर सिटी गंगापुर सिटी में जल-प्रलय! सालोदा रोड बनी दरिया, प्रशासन की नाकामी से उफने नाले, दुकानें जलमग्न गंगापुर सिटी। मानसून की ज़बरदस्त बारिश ने गंगापुर सिटी की सूरत बिगाड़ कर रख दी है। सालोदा रोड और सालोदा मोड़ इलाका पूरी तरह से जलमग्न हो चुका है और मुख्य मार्ग किसी उफनती नदी जैसा नज़ाा पेश कर रहा है। सड़कों पर कई-कई फीट पानी भर जाने से पूरा इलाका मानो टापू में तब्दील हो गया है, जिससे आम जनजीवन पूरी तरह ठप पड़ा हुआ है। गाड़ियों के बने 'नाव', राहगीर जान जोखिम में डालने को मजबूर सड़क पर लबालब भरे पानी के कारण दर्जनों दोपहिया और चौपहिया वाहन बीच रास्ते में ही बंद होकर फंस गए। पानी के नीचे छिपे खूनी गड्ढे दिखाई न देने से वाहन चालक और राहगीर लगातार दुर्घटनाओं का शिकार हो रहे हैं। राहगीर घुटनों तक भरे पानी में अपनी जान जोखिम में डालकर निकलने को मजबूर हैं। व्यापारियों पर टूटा आफत का पहाड़ नगर परिषद के बड़े-बड़े दावों की हवा निकालते हुए नालों का गंदा पानी दुकानों और निचले मकानों में घुस गया है। सालोदा रोड के दुकानदारों का लाखों रुपये का सामान पानी में डूबकर बर्बाद हो चुका है। उफनते पानी और जलभराव ने स्थानीय व्यापारियों की कमर तोड़कर रख दी है। नगर परिषद की घोर लापरवाही पर फुटा जनता का गुस्सा स्थानीय निवासियों का कहना है कि हर बार हल्की सी बारिश में भी सालोदा रोड तालाब बन जाता है। मानसून से पहले नालों की सफाई के नाम पर केवल खानापूर्ति की गई, जिसका खामियाज़ा आज पूरे शहर को भुगतना पड़ रहा है। आक्रोशित जनता अब सड़कों पर उतरकर प्रशासन और नगर परिषद के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर रही है। निवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द से जल्द पंप लगाकर पानी की निकासी नहीं की गई और स्थाई समाधान नहीं निकाला गया, तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।
- गंगापुर सिटी में जल-प्रलय! सालोदा रोड बनी दरिया, प्रशासन की नाकामी से उफने नाले, दुकानें जलमग्न गंगापुर सिटी गंगापुर सिटी में जल-प्रलय! सालोदा रोड बनी दरिया, प्रशासन की नाकामी से उफने नाले, दुकानें जलमग्न गंगापुर सिटी। मानसून की ज़बरदस्त बारिश ने गंगापुर सिटी की सूरत बिगाड़ कर रख दी है। सालोदा रोड और सालोदा मोड़ इलाका पूरी तरह से जलमग्न हो चुका है और मुख्य मार्ग किसी उफनती नदी जैसा नज़ाा पेश कर रहा है। सड़कों पर कई-कई फीट पानी भर जाने से पूरा इलाका मानो टापू में तब्दील हो गया है, जिससे आम जनजीवन पूरी तरह ठप पड़ा हुआ है। गाड़ियों के बने 'नाव', राहगीर जान जोखिम में डालने को मजबूर सड़क पर लबालब भरे पानी के कारण दर्जनों दोपहिया और चौपहिया वाहन बीच रास्ते में ही बंद होकर फंस गए। पानी के नीचे छिपे खूनी गड्ढे दिखाई न देने से वाहन चालक और राहगीर लगातार दुर्घटनाओं का शिकार हो रहे हैं। राहगीर घुटनों तक भरे पानी में अपनी जान जोखिम में डालकर निकलने को मजबूर हैं। व्यापारियों पर टूटा आफत का पहाड़ नगर परिषद के बड़े-बड़े दावों की हवा निकालते हुए नालों का गंदा पानी दुकानों और निचले मकानों में घुस गया है। सालोदा रोड के दुकानदारों का लाखों रुपये का सामान पानी में डूबकर बर्बाद हो चुका है। उफनते पानी और जलभराव ने स्थानीय व्यापारियों की कमर तोड़कर रख दी है। नगर परिषद की घोर लापरवाही पर फुटा जनता का गुस्सा स्थानीय निवासियों का कहना है कि हर बार हल्की सी बारिश में भी सालोदा रोड तालाब बन जाता है। मानसून से पहले नालों की सफाई के नाम पर केवल खानापूर्ति की गई, जिसका खामियाज़ा आज पूरे शहर को भुगतना पड़ रहा है। आक्रोशित जनता अब सड़कों पर उतरकर प्रशासन और नगर परिषद के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर रही है। निवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द से जल्द पंप लगाकर पानी की निकासी नहीं की गई और स्थाई समाधान नहीं निकाला गया, तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।1
- मौसम अपडेट हिंडौन सिटी में लगातार 2 दिन से हो रही झमाझम बारिश से मौसम हुआ सुहावना फसलों को मिला नया जीवनदान करौली जिले के हिंडौन तहसील एवं पूरेजिले में 2 दिन से मानसून मेहरबान मानसून की लगातार हो रही बारिश से किसानों ने राहत की सांस ली और फसलों को इससे फायदा मिलने वाला है लगातार तेज धूप और गर्मी के चलते से 2 दिन उमस भरी गर्मी और तेज धूप से लोगों को परेशानियों को सामना करना पड़ रहा था वहीं अब दो दिन से लगातार मूसलाधार बारिश से लोगों ने राहत जरूर महसूस की है खूब मूसलाधार बारिश हो रही है जिससे निचले इलाकों में घरों में पानी भर जाने से लोगों को परेशानियों को सामना जरूर करना पड़ता है मगर इस बार इसे मौसम सुहावना हो गया है और फसलों को फायदा पहुंचने वाला है किसने की फसलों को नया जीवनदान मिलने वाला है1
- जिला चिकित्सालय लालसोट में कार्य ग्रहण करने के लिए पहुंचा युवक, रक्तदान कर मानवता की मिसाल पेश राजकीय जिला चिकित्सालय लालसोट में आयोजित रक्तदान शिविर में 52 यूनिट रक्त संग्रहित लालसोट में आज राजकीय जिला चिकित्सालय लालसोट के ब्लड स्टोरेज सेंटर परिसर में बुधवार को जिला चिकित्सालय दौसा की ब्लड बैंक टीम के सहयोग से स्वैच्छिक रक्तदान शिविर आयोजित किया गया। शिविर में रक्तदाताओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए कुल 52 यूनिट रक्तदान किया। शिविर का शुभारंभ प्रमुख चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजकुमार सेहरा ने स्वयं रक्तदान कर किया। इस अवसर पर ब्लड स्टोरेज सेंटर प्रभारी डॉ. अनुराग दैमान ने बताया कि स्वैच्छिक रक्तदान से जरूरतमंद मरीजों के लिए रक्त की उपलब्धता सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण सहायता मिलती है। शिविर के दौरान डॉ. अभिजीत आशिका, डॉ. आशीष शर्मा, नर्सिंग ऑफिसर हरिसिंह एवं राजेश सहित चिकित्सा एवं नर्सिंग स्टाफ ने रक्तदाताओं को रक्तदान के लिए प्रोत्साहित एवं प्रेरित किया। स्टाफ के निरंतर प्रयासों एवं रक्तदाताओं के उत्साह के परिणामस्वरूप शिविर में 52 यूनिट रक्त एकत्रित किया जा सका। रक्त संग्रहण के लिए जिला चिकित्सालय दौसा की ब्लड बैंक टीम के साथ राजकीय जिला चिकित्सालय लालसोट के पैथोलॉजिस्ट डॉ. तपेंद्र उपाध्याय एवं लैब टेक्नीशियन मनोज कुमावत उपस्थित रहे। शिविर की विशेष बात यह रही कि एक युवक ने लालसोट जिला चिकित्सालय में आज ही कार्यग्रहण करने के लिए पहुंचने के दौरान रक्तदान कर मानवता की मिसाल पेश की। शिविर के समापन अवसर पर ब्लड स्टोरेज सेंटर प्रभारी डॉ. अनुराग दैमन ने स्वयं रक्तदान कर रक्तदाताओं का उत्साहवर्धन किया तथा सभी सहयोगियों एवं रक्तदाताओं का आभार व्यक्त किया। राजकीय जिला चिकित्सालय लालसोट की ओर से सभी 52 रक्तदाताओं का हार्दिक धन्यवाद ज्ञापित करते हुए आमजन से भी अपील की गई कि वे आगे बढ़कर स्वैच्छिक रक्तदान करें और जरूरतमंद मरीजों का जीवन बचाने में अपना योगदान दें।4
- सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कैमला में आयोजित हुआ मानसिक स्वास्थ्य एवं नशा मुक्ति शिविर कैमला सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में जिला मानसिक स्वास्थ्य इकाई, करौली के तत्वावधान में एक दिवसीय मानसिक स्वास्थ्य एवं नशा मुक्ति शिविर का बुधवार दोपहर 3 बजे सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। शिविर के दौरान क्षेत्र के नागरिकों को मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने के साथ-साथ जरूरतमंद मरीजों को उचित चिकित्सा परामर्श और उपचार प्रदान किया गया। शिविर में मनोराेग विशेषज्ञ डॉ. रामस्वरूप सिंह एवं सीआरए गौरव शर्मा द्वारा कुल 25 मनोरोग से ग्रसित मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण कर उन्हें उचित परामर्श एवं दवाइयाँ दी गईं।इस शिविर में स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी डॉ. राजेश मीणा,नर्सिंग ऑफिसर रामराज गुर्जर,बृजलाल मीना, अफजल खान उमेश मीणा, रामकेश लोकेश प्रजापत, लैब तकनीशियन हितेन्द्र, फार्मासिस्ट उपस्थित रहे । 1
- जिला अस्पताल मे रोशनी की व्यवस्था पर उठे सवाल, सडक पर अंधेरा और पोल की रोशनी आसमान मे सवाई माधोपुर जिला अस्पताल परिसर में रोशनी की व्यवस्था को लेकर प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। अस्पताल की पार्किंग के पास लगे बिजली के पोल से रोशनी सड़क की ओर पड़ने के बजाय आकाश की ओर फैल रही है, जबकि उसी पोल के आसपास सड़क पर अंधेरा पसरा हुआ है। अस्पताल में प्रतिदिन बड़ी संख्या में मरीजों और उनके परिजनों का आना-जाना रहता है। ऐसे में पार्किंग परिसर के पास सड़क पर पर्याप्त रोशनी नहीं होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। रात के समय अंधेरे के कारण वाहन चालकों के साथ पैदल आने-जाने वाले मरीजों और परिजनों को भी असुविधा होती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बिजली के पोल पर लगी लाइट की दिशा सही कर दी जाए तो बिना किसी अतिरिक्त खर्च के सड़क और पार्किंग क्षेत्र को पर्याप्त रोशनी मिल सकती है। इसके बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों का इस ओर ध्यान नहीं देना प्रशासन की घोर लापरवाही को दर्शाता है। अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थान पर प्रकाश व्यवस्था दुरुस्त रखना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए। लोगों ने जिला प्रशासन एवं अस्पताल प्रबंधन से मांग की है कि मौके का निरीक्षण करवाकर बिजली के पोल पर लगी लाइट की दिशा सड़क की ओर करवाई जाए और पार्किंग के आसपास पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि रात के समय मरीजों एवं उनके परिजनों को परेशानी का सामना न करना पड़े।1
- खेड़ा जमालपुर मंडल से जिला मुख्यालय पर आयोजित तिरंगा रैली में भाजपाई हुए शामिल खेड़ा जमालपुर मंडल भारतीय जनता पार्टी खेड़ा जमालपुर मंडल की मंडल अध्यक्ष गीता देवी जाट के नेतृत्व में पूरी टीम तिरंगा यात्रा में शामिल होने के लिए पहुंच चुकी है। [1]पूरी टीम में उत्साह का माहौलमुख्य उपस्थिति: मंडल अध्यक्ष गीता देवी जाट के साथ कार्यकारिणी के सभी प्रमुख पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद हैं। [1]यात्रा का उद्देश्य: स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में राष्ट्रभक्ति की भावना को बढ़ावा देना।तैयारियां: कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह है और सभी हाथों में तिरंगा थामे भारत माता के जयकारे लगा रहे हैं। [1] नाहर सिंह डागुर मीडिया संयोजक खेड़ा जमालपुर मंडल विधानसभा करौली कमल क्रिएटर जिला करौली1
- सिमिर नदी में आया उफान, जान जोखिम में डालकर घर पहुंच रहे ग्रामीण सपोटरा। बुधवार शाम बारिश के चलते सिमिर नदी में उफान आने से ग्रामीणों की परेशानी बढ़ गई। नदी में पानी का बहाव तेज होने के बावजूद ग्रामीण जान जोखिम में डालकर आवागमन करने को मजबूर हुए। नदी में पानी आने के बाद ग्रामीणों को अपने घरों तक पहुंचने में परेशानी का सामना करना पड़ा। ग्रामीणों ने बताया कि बारिश के दिनों में सिमिर नदी में आए दिन उफान की स्थिति बनती है। नदी में पानी का बहाव तेज होने के कारण आवागमन बाधित हो जाता है। इसके बावजूद ग्रामीण जरूरी काम के लिए जोखिम उठाकर नदी पार करने को मजबूर हैं। ग्राम पंचायत प्रशासक प्रतिनिधि भंवर भूपेंद्र सिंह ने बताया कि बारिश के दिनों में होने वाली समस्याओं को लेकर कई बार सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधिकारियों सहित जनप्रतिनिधियों को भी अवगत कराया जा चुका है, लेकिन अब तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पाया है। हर वर्ष बारिश के मौसम में ग्रामीणों को इसी परेशानी का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से सिमिर नदी पर सुरक्षित आवागमन की व्यवस्था कराने तथा बारिश के दिनों में होने वाली समस्या का स्थायी समाधान कराने की मांग की है।1