श्री महर्षि गौतम के जन्मोत्सव पर गुर्जर गौड़ ब्राह्मण समाज ने निकाला चल समरोह मनासा। गुरुवार को गुर्जर गौड ब्राह्मण समाज द्वारा अपने आराध्य देव श्री महर्षि गौतम के जन्मोत्सव के पावन पर्व पर नगर में भव्य चल समारोह निकाला गया इस चल समारोह के आयोजन से पहले छण्यात ब्राह्मण समाज धर्मशाला में समाजजन महिलाये और बच्चे एकत्रित हुए ओर श्री महर्षि गौतम की पूजा आराधना की गई उसके बाद भव्य चल समारोह निकाला गया जो विजय स्तम्भ गाँधी चौक होते हुए सोमनाथ महादेव पहुंचा जँहा गौतम ऋषि की पालकी की पूजा अर्चना की गई वहा से चल समारोह सदर बाजार होता हुआ अल्हेड दरवाजा पहुंचा जंहा परशुराम सेना द्वारा महर्षि गौतम की पूजा और समाज जनो का स्वागत सत्कार किया गया फिर भव्य चल समारोह ब्राह्मण समाज धर्मशाला पर पंहुचा जहाँ सभी गुर्जर गोड़ समाज के सदस्यों का स्नेहभोज हुआ। इस दौरान बड़ी संख्या में ब्राह्मण समाज के महिला पुरुष व बच्चे मौजूद रहे।
श्री महर्षि गौतम के जन्मोत्सव पर गुर्जर गौड़ ब्राह्मण समाज ने निकाला चल समरोह मनासा। गुरुवार को गुर्जर गौड ब्राह्मण समाज द्वारा अपने आराध्य देव श्री महर्षि गौतम के जन्मोत्सव के पावन पर्व पर नगर में भव्य चल समारोह निकाला गया इस चल समारोह के आयोजन से पहले छण्यात ब्राह्मण समाज धर्मशाला में समाजजन महिलाये और बच्चे एकत्रित हुए ओर श्री महर्षि गौतम की पूजा आराधना की गई उसके बाद भव्य चल समारोह निकाला गया जो विजय स्तम्भ गाँधी चौक होते हुए सोमनाथ महादेव पहुंचा जँहा गौतम ऋषि की पालकी की पूजा अर्चना की गई वहा से चल समारोह सदर बाजार होता हुआ अल्हेड दरवाजा पहुंचा जंहा परशुराम सेना द्वारा महर्षि गौतम की पूजा और समाज जनो का स्वागत सत्कार किया गया फिर भव्य चल समारोह ब्राह्मण समाज धर्मशाला पर पंहुचा जहाँ सभी गुर्जर गोड़ समाज के सदस्यों का स्नेहभोज हुआ। इस दौरान बड़ी संख्या में ब्राह्मण समाज के महिला पुरुष व बच्चे मौजूद रहे।
- मनासा। गुरुवार को गुर्जर गौड ब्राह्मण समाज द्वारा अपने आराध्य देव श्री महर्षि गौतम के जन्मोत्सव के पावन पर्व पर नगर में भव्य चल समारोह निकाला गया इस चल समारोह के आयोजन से पहले छण्यात ब्राह्मण समाज धर्मशाला में समाजजन महिलाये और बच्चे एकत्रित हुए ओर श्री महर्षि गौतम की पूजा आराधना की गई उसके बाद भव्य चल समारोह निकाला गया जो विजय स्तम्भ गाँधी चौक होते हुए सोमनाथ महादेव पहुंचा जँहा गौतम ऋषि की पालकी की पूजा अर्चना की गई वहा से चल समारोह सदर बाजार होता हुआ अल्हेड दरवाजा पहुंचा जंहा परशुराम सेना द्वारा महर्षि गौतम की पूजा और समाज जनो का स्वागत सत्कार किया गया फिर भव्य चल समारोह ब्राह्मण समाज धर्मशाला पर पंहुचा जहाँ सभी गुर्जर गोड़ समाज के सदस्यों का स्नेहभोज हुआ। इस दौरान बड़ी संख्या में ब्राह्मण समाज के महिला पुरुष व बच्चे मौजूद रहे।1
- आगामी त्योहारों ईद और नवरात्रि को लेकर पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आ रहा है। कानून व्यवस्था बनाए रखने और त्योहारों को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक (एसपी) अंकित जयसवाल ने रामपुरा पहुंचकर सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान पुलिस कप्तान अंकित जयसवाल एडिशनल एसपी नवल सिंह सिसोदिया ने शहर के संवेदनशील क्षेत्रों, प्रमुख बाजारों और धार्मिक स्थलों का दौरा कर तैनात पुलिस बल को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने थाना प्रभारी विपिन मसीह को सतर्क रहने और किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तैयारी बनाए रखने के निर्देश दिए। इसी क्रम में नगर में पुलिस द्वारा फ्लैग मार्च भी निकाला गया। फ्लैग मार्च शहर के मुख्य मार्गों से होते हुए विभिन्न क्षेत्रों में पहुंचा, जहां पुलिस ने आमजन को सुरक्षा का भरोसा दिलाया और शांति एवं सौहार्द बनाए रखने की अपील की। पुलिस प्रशासन ने बताया कि त्योहारों के दौरान अतिरिक्त बल की तैनाती की गई है और लगातार गश्त बढ़ा दी गई है। साथ ही, सोशल मीडिया पर फैलने वाली अफवाहों पर नजर रखने के लिए विशेष टीम सक्रिय है। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की अफवाहों से दूर रहें और आपसी भाईचारे के साथ त्योहार मनाएं। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को देने की बात कही गई है। पुलिस द्वारा निकाला गया फ्लैग मार्च लोगों में सुरक्षा की भावना को मजबूत करने और शहर में शांति व्यवस्था बनाए रखने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।3
- गांव अचारी पोस्ट सुबी तहसील छोटी सादड़ी 312604 जिला प्रतापगढ़ राजस्थान 9660737539 90790081071
- Post by Mangal Dev rathore1
- गरोठ थाना क्षेत्र के ग्राम मलकाना में एक 42 वर्षी युवक ने खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली देखिए विस्तृत खबर1
- Post by Sanjay Kumar yati1
- Post by Alert Nation News1
- रामपुरा) सोशल मीडिया की चकाचौंध में , हमारी सांस्कृतिक विरासत और पारंपरिक उल्लास की यादें धुंधली होती जा रही हैं। कभी नगर में अमावस्या का दिन केवल एक तिथि नहीं, बल्कि एक उत्सव हुआ करता था। आज के दिन केदारेश्वर से उठती थी गैर की गूंज पुराने जानकारों की मानें तो अमावस्या के अवसर पर नगर का माहौल भक्ति और उत्साह से सराबोर रहता था। केदारेश्वर से शुरू होने वाली गैर पारंपरिक जुलूस नगर की पहचान थी। डबली वादक जब लोकगीतों के माध्यम से अपनी खास धुन छेड़ते थे, तो पूरा नगर उनके साथ थिरक उठता था। यह केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता का प्रतीक था। आज स्थिति यह है कि 'गैर' का नामोनिशान तक मिटता जा रहा है। नई पीढ़ी को तो शायद इस परंपरा का आभास तक नहीं है। सामुदायिक भावना कम हुई है; लोग अब सामूहिक उत्सवों की बजाय व्यक्तिगत जीवन में सीमित हो गए हैं। विरासत को बचाने की जरूरत अमावस्या की गैर एवं लोकगीतों का गायन केवल मनोरंजन नहीं थे, बल्कि हमारी सांस्कृतिक धरोहर का हिस्सा थे। यदि इन्हें समय रहते पुनर्जीवित नहीं किया गया, तो आने वाली पीढ़ियां इन्हें केवल कहानियों और पुस्तकों में ही जान पाएंगी। कल का शोर आज की खामोशी में बदल चुका है। डबली की वह थाप अब केवल यादों में गूंजती है।4