logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

शिक्षा व्यवस्था की दयनीय स्थिति एक बार फिर उजागर हुई है, जहाँ छात्र-छात्राएं पेड़ के नीचे पढ़ाई करने को विवश हैं। यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है कि छात्रों को ऐसे हालात में शिक्षा ग्रहण करनी पड़ रही है, जो मौजूदा शिक्षा प्रणाली की कमियों को स्पष्ट रूप से दर्शाती है।

1 hr ago
user_Durgesh maravi
Durgesh maravi
Korba, Chhattisgarh•
1 hr ago

शिक्षा व्यवस्था की दयनीय स्थिति एक बार फिर उजागर हुई है, जहाँ छात्र-छात्राएं पेड़ के नीचे पढ़ाई करने को विवश हैं। यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है कि छात्रों को ऐसे हालात में शिक्षा ग्रहण करनी पड़ रही है, जो मौजूदा शिक्षा प्रणाली की कमियों को स्पष्ट रूप से दर्शाती है।

More news from Chhattisgarh and nearby areas
  • शिक्षा व्यवस्था की दयनीय स्थिति एक बार फिर उजागर हुई है, जहाँ छात्र-छात्राएं पेड़ के नीचे पढ़ाई करने को विवश हैं। यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है कि छात्रों को ऐसे हालात में शिक्षा ग्रहण करनी पड़ रही है, जो मौजूदा शिक्षा प्रणाली की कमियों को स्पष्ट रूप से दर्शाती है।
    1
    शिक्षा व्यवस्था की दयनीय स्थिति एक बार फिर उजागर हुई है, जहाँ छात्र-छात्राएं पेड़ के नीचे पढ़ाई करने को विवश हैं। यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है कि छात्रों को ऐसे हालात में शिक्षा ग्रहण करनी पड़ रही है, जो मौजूदा शिक्षा प्रणाली की कमियों को स्पष्ट रूप से दर्शाती है।
    user_Durgesh maravi
    Durgesh maravi
    Korba, Chhattisgarh•
    1 hr ago
  • रोजगार सहायकों द्वारा तीन दिवसीय चरणबद्ध हड़ताल की गई। इस हड़ताल के दौरान, उन्होंने संबंधित अधिकारियों को एक ज्ञापन भी सौंपा।
    1
    रोजगार सहायकों द्वारा तीन दिवसीय चरणबद्ध हड़ताल की गई। इस हड़ताल के दौरान, उन्होंने संबंधित अधिकारियों को एक ज्ञापन भी सौंपा।
    user_Dwarika prasad Yadaw
    Dwarika prasad Yadaw
    हरदीबाजार, कोरबा, छत्तीसगढ़•
    13 hrs ago
  • छत्तीसगढ़ के कोरबा स्थित RTO कार्यालय में एक महा-फर्जीवाड़े का सनसनीखेज खुलासा हुआ है। यह भ्रष्टाचार RTI (सूचना का अधिकार) के माध्यम से उजागर हुआ, जिसने 'धीरज परिवहन केंद्र' नामक इकाई द्वारा जनता को लूटने की चौंकाने वाली गतिविधियों का पर्दाफाश किया है। इस खुलासे ने कोरबा RTO में व्याप्त व्यापक भ्रष्टाचार की ओर इशारा किया है।
    1
    छत्तीसगढ़ के कोरबा स्थित RTO कार्यालय में एक महा-फर्जीवाड़े का सनसनीखेज खुलासा हुआ है। यह भ्रष्टाचार RTI (सूचना का अधिकार) के माध्यम से उजागर हुआ, जिसने 'धीरज परिवहन केंद्र' नामक इकाई द्वारा जनता को लूटने की चौंकाने वाली गतिविधियों का पर्दाफाश किया है। इस खुलासे ने कोरबा RTO में व्याप्त व्यापक भ्रष्टाचार की ओर इशारा किया है।
    user_Bhupendra Dewangan
    Bhupendra Dewangan
    Local News Reporter चंपा, जांजगीर-चांपा, छत्तीसगढ़•
    9 hrs ago
  • बिलासपुर में तोरवा पुलिस ने शादी का झूठा वादा कर एक युवती का दैहिक शोषण करने के मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी युवक को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। आरोपी ने पहले युवती को विवाह का भरोसा दिलाया और उसी आधार पर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए, लेकिन बाद में शादी से साफ इंकार कर दिया था। पुलिस के अनुसार, पीड़िता पहले बिलासपुर के एक पेट्रोल पंप में कार्य करती थी, इसी दौरान उसकी पहचान गौरेला निवासी सागर राठौर (19 वर्ष), पिता राधेश्याम राठौर से हुई। आरोप है कि सागर ने युवती को अपने प्रेमजाल में फंसाकर शादी करने का आश्वासन दिया और इसी भरोसे का फायदा उठाते हुए उसके साथ लगातार शारीरिक संबंध बनाए। कुछ समय बाद आरोपी ने विवाह करने से स्पष्ट इनकार कर दिया, जिसके बाद पीड़िता ने पुलिस की शरण ली। पीड़िता द्वारा सबसे पहले गौरेला थाने में शिकायत दर्ज कराई गई थी। जांच में घटना का क्षेत्राधिकार थाना तोरवा का पाए जाने पर प्रकरण को शून्य पर दर्ज कर तोरवा भेजा गया। तोरवा थाना में 1 जुलाई 2026 को अपराध क्रमांक 362/2026 के तहत धारा 69 बीएनएस में मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की गई। महिला संबंधी अपराध की गंभीरता को देखते हुए, थाना प्रभारी निरीक्षक रजनीश सिंह के निर्देशन में पुलिस टीम तत्काल गौरेला-पेंड्रा-मरवाही रवाना हुई। पुलिस ने आरोपी को पूछताछ के लिए बुलाया, जहाँ उसने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। इसके बाद पुलिस ने 2 जुलाई 2026 को आरोपी सागर राठौर को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहाँ से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
    2
    बिलासपुर में तोरवा पुलिस ने शादी का झूठा वादा कर एक युवती का दैहिक शोषण करने के मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी युवक को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। आरोपी ने पहले युवती को विवाह का भरोसा दिलाया और उसी आधार पर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए, लेकिन बाद में शादी से साफ इंकार कर दिया था।

पुलिस के अनुसार, पीड़िता पहले बिलासपुर के एक पेट्रोल पंप में कार्य करती थी, इसी दौरान उसकी पहचान गौरेला निवासी सागर राठौर (19 वर्ष), पिता राधेश्याम राठौर से हुई। आरोप है कि सागर ने युवती को अपने प्रेमजाल में फंसाकर शादी करने का आश्वासन दिया और इसी भरोसे का फायदा उठाते हुए उसके साथ लगातार शारीरिक संबंध बनाए। कुछ समय बाद आरोपी ने विवाह करने से स्पष्ट इनकार कर दिया, जिसके बाद पीड़िता ने पुलिस की शरण ली।

पीड़िता द्वारा सबसे पहले गौरेला थाने में शिकायत दर्ज कराई गई थी। जांच में घटना का क्षेत्राधिकार थाना तोरवा का पाए जाने पर प्रकरण को शून्य पर दर्ज कर तोरवा भेजा गया। तोरवा थाना में 1 जुलाई 2026 को अपराध क्रमांक 362/2026 के तहत धारा 69 बीएनएस में मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की गई। महिला संबंधी अपराध की गंभीरता को देखते हुए, थाना प्रभारी निरीक्षक रजनीश सिंह के निर्देशन में पुलिस टीम तत्काल गौरेला-पेंड्रा-मरवाही रवाना हुई। पुलिस ने आरोपी को पूछताछ के लिए बुलाया, जहाँ उसने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। इसके बाद पुलिस ने 2 जुलाई 2026 को आरोपी सागर राठौर को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहाँ से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
    user_Sheikh Sarfaraz Ahamad
    Sheikh Sarfaraz Ahamad
    Newspaper publisher बिलासपुर, बिलासपुर, छत्तीसगढ़•
    1 hr ago
  • बिलासपुर से एक महत्वपूर्ण खबर सामने आई है, जहाँ स्कूलों में मंत्रोच्चार से जुड़े एक मामले को लेकर वक्फ बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष को एक बड़ा झटका लगा है। इस मामले में आगे की विस्तृत जानकारी का इंतजार है।
    1
    बिलासपुर से एक महत्वपूर्ण खबर सामने आई है, जहाँ स्कूलों में मंत्रोच्चार से जुड़े एक मामले को लेकर वक्फ बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष को एक बड़ा झटका लगा है। इस मामले में आगे की विस्तृत जानकारी का इंतजार है।
    user_Durgesh maravi
    Durgesh maravi
    Korba, Chhattisgarh•
    5 hrs ago
  • देश की सबसे बड़ी कोयला खदानों में से एक गेवरा खदान में मानसून की शुरुआती बारिश ने गंभीर हालात पैदा कर दिए हैं, जहाँ पूरा खदान परिसर खतरनाक दलदल और पानी के अथाह समंदर में तब्दील हो गया है। इस स्थिति ने वहाँ काम कर रही पीएनसी (PNC) कंपनी के सभी दावों और तैयारियों की पोल खोल दी है। सामने आए वीडियो में स्पष्ट दिख रहा है कि खदान के भीतर चारों ओर सिर्फ पानी और कीचड़ का सैलाब है, जिसमें करोड़ों रुपये की भारी-भरकम गाड़ियाँ और डंपर रेंगने को मजबूर हैं, जिससे किसी भी वक्त एक बड़े हादसे का खतरा मंडरा रहा है। आश्चर्यजनक रूप से, इतनी बड़ी कंपनी होने के बावजूद खदान के भीतर से पानी निकासी का कोई पुख्ता इंतजाम नहीं किया गया है। नियमों के अनुसार, मानसून से पहले खदानों में पानी निकासी के लिए विशेष पंप और नालियों की व्यवस्था होनी चाहिए ताकि काम सुचारु रूप से चलता रहे और मजदूरों की जान जोखिम में न पड़े, लेकिन पीएनसी कंपनी ने इन नियमों की पूरी तरह अनदेखी की है। इस बदहाली से कई गंभीर सवाल खड़े होते हैं: मजदूरों की जान से खिलवाड़ हो रहा है क्योंकि खदान के रास्ते पानी में डूबे हैं और दृश्यता कम होने के कारण डंपर चालकों के लिए गाड़ी चलाना मौत को दावत देने जैसा है। इसके चलते करोड़ों का नुकसान भी हो रहा है, क्योंकि पानी भरे होने से कोयला परिवहन पूरी तरह बाधित है, जिससे न केवल कंपनी बल्कि राजस्व को भी भारी क्षति पहुँच रही है। कंपनी प्रबंधन इस बदहाली के बावजूद गहरी नींद में है, और सवाल उठता है कि क्या किसी बड़े हादसे के बाद ही उनकी नींद टूटेगी। खदान के भीतर काम करने वाले कर्मचारियों में इस स्थिति को लेकर भारी आक्रोश है, उनका कहना है कि हर साल करोड़ों का टर्नओवर करने वाली कंपनी पानी निकालने का एक छोटा सा जुगाड़ तक नहीं कर पाई। अब यह देखना बाकी है कि इस वीडियो के सामने आने के बाद माइनिंग विभाग और प्रशासन पीएनसी कंपनी पर क्या कार्रवाई करते हैं, या फिर अधिकारियों की साठगांठ से इस गंभीर लापरवाही को हमेशा की तरह दबा दिया जाएगा।
    2
    देश की सबसे बड़ी कोयला खदानों में से एक गेवरा खदान में मानसून की शुरुआती बारिश ने गंभीर हालात पैदा कर दिए हैं, जहाँ पूरा खदान परिसर खतरनाक दलदल और पानी के अथाह समंदर में तब्दील हो गया है। इस स्थिति ने वहाँ काम कर रही पीएनसी (PNC) कंपनी के सभी दावों और तैयारियों की पोल खोल दी है। सामने आए वीडियो में स्पष्ट दिख रहा है कि खदान के भीतर चारों ओर सिर्फ पानी और कीचड़ का सैलाब है, जिसमें करोड़ों रुपये की भारी-भरकम गाड़ियाँ और डंपर रेंगने को मजबूर हैं, जिससे किसी भी वक्त एक बड़े हादसे का खतरा मंडरा रहा है।

आश्चर्यजनक रूप से, इतनी बड़ी कंपनी होने के बावजूद खदान के भीतर से पानी निकासी का कोई पुख्ता इंतजाम नहीं किया गया है। नियमों के अनुसार, मानसून से पहले खदानों में पानी निकासी के लिए विशेष पंप और नालियों की व्यवस्था होनी चाहिए ताकि काम सुचारु रूप से चलता रहे और मजदूरों की जान जोखिम में न पड़े, लेकिन पीएनसी कंपनी ने इन नियमों की पूरी तरह अनदेखी की है।

इस बदहाली से कई गंभीर सवाल खड़े होते हैं: मजदूरों की जान से खिलवाड़ हो रहा है क्योंकि खदान के रास्ते पानी में डूबे हैं और दृश्यता कम होने के कारण डंपर चालकों के लिए गाड़ी चलाना मौत को दावत देने जैसा है। इसके चलते करोड़ों का नुकसान भी हो रहा है, क्योंकि पानी भरे होने से कोयला परिवहन पूरी तरह बाधित है, जिससे न केवल कंपनी बल्कि राजस्व को भी भारी क्षति पहुँच रही है। कंपनी प्रबंधन इस बदहाली के बावजूद गहरी नींद में है, और सवाल उठता है कि क्या किसी बड़े हादसे के बाद ही उनकी नींद टूटेगी। खदान के भीतर काम करने वाले कर्मचारियों में इस स्थिति को लेकर भारी आक्रोश है, उनका कहना है कि हर साल करोड़ों का टर्नओवर करने वाली कंपनी पानी निकालने का एक छोटा सा जुगाड़ तक नहीं कर पाई।

अब यह देखना बाकी है कि इस वीडियो के सामने आने के बाद माइनिंग विभाग और प्रशासन पीएनसी कंपनी पर क्या कार्रवाई करते हैं, या फिर अधिकारियों की साठगांठ से इस गंभीर लापरवाही को हमेशा की तरह दबा दिया जाएगा।
    user_Manoj
    Manoj
    कोरबा, कोरबा, छत्तीसगढ़•
    4 hrs ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.