बांदा में भीषण बारिश से गावो से लगाकर शहर तक जलभराव, सड़कें बनी स्विमिंग पुल, लोग परेशान, यूपी के बांदा में सुबह से हो रही बारिश के चलते जगह जगह जलभराव हो गया है, प्रशासन के आल इज वेल के दावों की पोल खुलकर सामने आई है, सड़के गलियां तालाब बन गए हैं, एक दम स्विमिंग पुल जैसे दो से तीन फिट तक पानी भरा है, घरों के अंदर पानी पहुँच गया है, लोगो को बड़ी दिक्कतों का सामना करना पड़ा है, स्थानीय लोगो का कहना है कि हर जगह सफाई व्यवस्था के बड़े बड़े दावे किए गए थे, लेकिन जमीनी हकीकत खुलकर सामने आई है, फिलहाल तस्वीरे सोशल मीडिया में वायरल होने के बाद सो रहा प्रशासन नींद से जगा है, सफाई कराने के आदेश दिए हैं, डीएम का कहना है कि हम सुबह से सभी के सम्पर्क में हैं, लगातार जरूरी निर्देश सम्बंधित अफसरों को दिए जा रहे हैं! VO- ये जो वीडियो आप देख रहे हैं ये कोई स्विमिंग पुल या तालाब नही है, ये बांदा जिले की गलियां, मुहल्लों की है, जहाँ सड़को में इतना पानी भरा हुआ है, नाले चोक होने पर लोगो के घरों में पानी भर गया है, लोग जरूरत पर जान जोखिम में डालकर निकलते हुए भी नजर आ रहे हैं, गाड़ियों में पानी भरने से गाड़ियां भी खराब हो रही, लोग धक्के मारते भी दिखाई दे रहे हैं, स्थानीय लोगो ने सोशल मीडिया में वीडियो वायरल कर जिम्मेदारों से सवाल किए हैं, एकदम सफाई व्यवस्था की पोल खुलकर सामने आई है, सड़को में दो से तीन फीट तक पानी भरा है, लोगो का आरोप है पूरे जिले में नगरपालिका और पंचायतों में सफाई के नाम पर बड़े बड़े दावे किए हैं, लाखो का बजट निकाला गया, लेकिन जलभराव की स्थिति जस की तस है. अब इस पानी से लोगो को कब निजात मिलेगी ये समय बताएगा. फिलहाल वीडियो वायरल होने के बाद जिला प्रशासन ने संज्ञान लिया है, सफाई के आदेश दिए हैं..
बांदा में भीषण बारिश से गावो से लगाकर शहर तक जलभराव, सड़कें बनी स्विमिंग पुल, लोग परेशान, यूपी के बांदा में सुबह से हो रही बारिश के चलते जगह जगह जलभराव हो गया है, प्रशासन के आल इज वेल के दावों की पोल खुलकर सामने आई है, सड़के गलियां तालाब बन गए हैं, एक दम स्विमिंग पुल जैसे दो से तीन फिट तक पानी भरा है, घरों के अंदर पानी पहुँच गया है, लोगो को बड़ी दिक्कतों का सामना करना पड़ा
है, स्थानीय लोगो का कहना है कि हर जगह सफाई व्यवस्था के बड़े बड़े दावे किए गए थे, लेकिन जमीनी हकीकत खुलकर सामने आई है, फिलहाल तस्वीरे सोशल मीडिया में वायरल होने के बाद सो रहा प्रशासन नींद से जगा है, सफाई कराने के आदेश दिए हैं, डीएम का कहना है कि हम सुबह से सभी के सम्पर्क में हैं, लगातार जरूरी निर्देश सम्बंधित अफसरों को दिए जा रहे हैं! VO- ये जो वीडियो आप देख रहे हैं ये कोई स्विमिंग
पुल या तालाब नही है, ये बांदा जिले की गलियां, मुहल्लों की है, जहाँ सड़को में इतना पानी भरा हुआ है, नाले चोक होने पर लोगो के घरों में पानी भर गया है, लोग जरूरत पर जान जोखिम में डालकर निकलते हुए भी नजर आ रहे हैं, गाड़ियों में पानी भरने से गाड़ियां भी खराब हो रही, लोग धक्के मारते भी दिखाई दे रहे हैं, स्थानीय लोगो ने सोशल मीडिया में वीडियो वायरल कर जिम्मेदारों से सवाल किए हैं, एकदम
सफाई व्यवस्था की पोल खुलकर सामने आई है, सड़को में दो से तीन फीट तक पानी भरा है, लोगो का आरोप है पूरे जिले में नगरपालिका और पंचायतों में सफाई के नाम पर बड़े बड़े दावे किए हैं, लाखो का बजट निकाला गया, लेकिन जलभराव की स्थिति जस की तस है. अब इस पानी से लोगो को कब निजात मिलेगी ये समय बताएगा. फिलहाल वीडियो वायरल होने के बाद जिला प्रशासन ने संज्ञान लिया है, सफाई के आदेश दिए हैं..
- *10 दिन बाद मिली भटकी बच्ची* बांदा। पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल के निर्देशन और अपर पुलिस अधीक्षक शिवराज के नेतृत्व में चलाए जा रहे अभियान "ऑपरेशन मुस्कान" के तहत भटकी हुई एक 10 वर्षीय बच्ची को 10 दिन बाद सकुशल उसके परिजनों से मिलाया गया। 18 जुलाई को 112 पर सूचना मिली कि एक नाबालिग बच्ची बांदा रेलवे स्टेशन के पास भटक रही है। सूचना पर 112 पुलिस टीम मौके पर पहुंची और बालिका को अपने संरक्षण में लिया। बच्ची की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए उसे तुरंत चाइल्ड हेल्पलाइन सेंटर भेजा गया।इसके बाद विशेष किशोर पुलिस इकाई , मानव तस्करी रोधी इकाई और चाइल्ड हेल्पलाइन की संयुक्त टीम ने बच्ची के परिजनों की तलाश शुरू की। बच्ची की फोटो और जानकारी चाइल्ड हेल्पलाइन के विभिन्न समूहों में साझा की गई।टीम के लगातार प्रयासों से बच्ची की पहचान लक्ष्मी पुत्री लम्बू निवासी छीपी टोला, थाना रकाबगंज, जनपद आगरा के रूप में हुई। परिजनों से संपर्क कर सत्यापन के बाद बच्ची को सकुशल उसकी मां लक्ष्मी को सुपुर्द किया गया। बच्ची आगरा कैंट से महाकौशल एक्सप्रेस में बैठ गई थी। ट्रेन चलने के बाद वह समय पर उतर नहीं पाई और भटकते हुए बांदा रेलवे स्टेशन पहुंच गई थी।अपनी बच्ची को सकुशल पाकर मां और परिजनों की आंखें खुशी से भर आईं। उन्होंने पुलिस टीम, चाइल्ड हेल्पलाइन और संबंधित सभी विभागों का हृदय से आभार व्यक्त किया।एसपी पलाश बंसल ने कहा कि "ऑपरेशन मुस्कान" के तहत गुमशुदा बच्चों को ढूंढकर परिजनों से मिलाना पुलिस की प्राथमिकता है।2
- बांदा में भीषण बारिश से गावो से लगाकर शहर तक जलभराव, सड़कें बनी स्विमिंग पुल, लोग परेशान, यूपी के बांदा में सुबह से हो रही बारिश के चलते जगह जगह जलभराव हो गया है, प्रशासन के आल इज वेल के दावों की पोल खुलकर सामने आई है, सड़के गलियां तालाब बन गए हैं, एक दम स्विमिंग पुल जैसे दो से तीन फिट तक पानी भरा है, घरों के अंदर पानी पहुँच गया है, लोगो को बड़ी दिक्कतों का सामना करना पड़ा है, स्थानीय लोगो का कहना है कि हर जगह सफाई व्यवस्था के बड़े बड़े दावे किए गए थे, लेकिन जमीनी हकीकत खुलकर सामने आई है, फिलहाल तस्वीरे सोशल मीडिया में वायरल होने के बाद सो रहा प्रशासन नींद से जगा है, सफाई कराने के आदेश दिए हैं, डीएम का कहना है कि हम सुबह से सभी के सम्पर्क में हैं, लगातार जरूरी निर्देश सम्बंधित अफसरों को दिए जा रहे हैं! VO- ये जो वीडियो आप देख रहे हैं ये कोई स्विमिंग पुल या तालाब नही है, ये बांदा जिले की गलियां, मुहल्लों की है, जहाँ सड़को में इतना पानी भरा हुआ है, नाले चोक होने पर लोगो के घरों में पानी भर गया है, लोग जरूरत पर जान जोखिम में डालकर निकलते हुए भी नजर आ रहे हैं, गाड़ियों में पानी भरने से गाड़ियां भी खराब हो रही, लोग धक्के मारते भी दिखाई दे रहे हैं, स्थानीय लोगो ने सोशल मीडिया में वीडियो वायरल कर जिम्मेदारों से सवाल किए हैं, एकदम सफाई व्यवस्था की पोल खुलकर सामने आई है, सड़को में दो से तीन फीट तक पानी भरा है, लोगो का आरोप है पूरे जिले में नगरपालिका और पंचायतों में सफाई के नाम पर बड़े बड़े दावे किए हैं, लाखो का बजट निकाला गया, लेकिन जलभराव की स्थिति जस की तस है. अब इस पानी से लोगो को कब निजात मिलेगी ये समय बताएगा. फिलहाल वीडियो वायरल होने के बाद जिला प्रशासन ने संज्ञान लिया है, सफाई के आदेश दिए हैं..4
- *शराब के नशे में मारपीट कर हत्या करने वाले 2 आरोपी गिरफ्तार, आलाकत्ल डंडा बरामद* *[बांदा ब्रेकिंग]* *शराब के नशे में मारपीट कर हत्या करने वाले 2 आरोपी गिरफ्तार, आलाकत्ल डंडा बरामद* थाना मटौंध और एसओजी की संयुक्त टीम ने शराब के नशे में अवैध संबंधों को लेकर मारपीट कर हत्या करने वाले 2 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। *क्या था मामला* गौरतलब है कि 03.08.2026 को थाना मटौंध क्षेत्र के ग्राम दुरेंडी में एक प्लाट में धर्मेन्द्र अपने 2 साथियों के साथ शराब पी रहा था। नशे की हालत में गाली-गलौज और विवाद के बाद दोनों साथियों ने धर्मेन्द्र के साथ मारपीट की और डंडे से प्रहार कर उसकी हत्या कर दी। मृतक के भाई मुलायम की तहरीर पर थाना मटौंध में मु0अ0सं0 154/26 धारा 103(1)/238 बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। *गिरफ्तारी* पुलिस अधीक्षक बांदा श्री पलाश बंसल के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक श्री शिवराज के पर्यवेक्षण और सहायक पुलिस अधीक्षक/क्षेत्राधिकारी नगर सुश्री मेविस टॉक के नेतृत्व में आज 04.08.2026 को मुखबिर की सूचना पर दोनों आरोपियों को खदान तिराहे, केन नदी रोड के पास से गिरफ्तार किया गया। घटना में प्रयुक्त 01 डंडा पहले ही बरामद किया जा चुका था। *गिरफ्तार अभियुक्त* 1. संजू पुत्र बसंता निवासी ग्राम दुरेंडी, थाना मटौंध 2. सागर पुत्र रणवीर निवासी ग्राम दुरेंडी, थाना मटौंध *बरामदगी* 1. 01 अदद डंडा - आलाकत्ल 2. 01 आधार कार्ड पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय भेज दिया है।1
- बांदा के किसानों के लिए बड़ी खबर | कृषि मशीनें किराये पर मिल रहीं | Banda Breaking News Today | Agriculture Update बांदा जिले में कस्टम हायरिंग सेंटर के माध्यम से किसानों को ट्रैक्टर, रोटावेटर, सीड ड्रिल और अन्य कृषि मशीनें किराये पर उपलब्ध कराई जा रही हैं। इससे छोटे और मध्यम किसानों को आधुनिक कृषि उपकरणों का उपयोग करने में सुविधा मिलती है और खेती की लागत कम करने में मदद मिल सकती है।1
- हमीरपुर :एनएच-34 पर भीषण हादसा: रोडवेज बस और ऑयल टैंकर की टक्कर, तीन की मौत, 19 घायल सुमेरपुर (हमीरपुर)। कानपुर-सागर राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-34) पर बुधवार को सुमेरपुर थाना क्षेत्र के ग्राम कुण्डौरा स्थित शिव मंदिर के पास महोबा डिपो की रोडवेज बस और ऑयल टैंकर की आमने-सामने हुई भीषण टक्कर में बस चालक समेत तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि 19 यात्री घायल हो गए। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार और अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे तथा राहत एवं बचाव कार्य शुरू कराया। प्रशासन के अनुसार दुर्घटना के समय बस में 24 यात्री सवार थे। हादसे में बस चालक निसार, टैंकर चालक तथा महोबा निवासी 65 वर्षीय नंदकिशोर नायक की मौके पर ही मौत हो गई। सभी घायलों को तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर रूप से घायल छह यात्रियों को कानपुर रेफर कर दिया गया। एंबुलेंस की कमी होने पर प्रशासन ने निजी एंबुलेंस की व्यवस्था कर सभी गंभीर घायलों को उच्च चिकित्सा केंद्र भिजवाया। हादसे में कानपुर नगर निवासी रजनी यादव अपनी छह वर्षीय बेटी लाडो के साथ बांदा जा रही थीं। दोनों घायल हुईं और उनका उपचार कराया गया। वहीं सुमेरपुर के चांदथोक मोहल्ला निवासी अनूप सिंह, उनकी पत्नी लवली सिंह और दो वर्षीय पुत्र अर्नव भी दुर्घटना में घायल हो गए। अनूप सिंह की हालत गंभीर होने पर उन्हें कानपुर रेफर किया गया, जबकि परिवार के अन्य सदस्यों का जिला अस्पताल में उपचार चल रहा है। मौदहा क्षेत्र के बिहरका गांव निवासी लेखपाल छत्रपाल भी बस में सवार थे। उन्होंने बताया कि बस अपनी लेन में चल रही थी, तभी सामने से आए टैंकर ने जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि बस का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और चालक को संभलने का कोई मौका नहीं मिला। सड़क हादसे में घायल व्यक्ति की सिपाही आदर्श मिश्रा ने CPR देकर जान बचाई। घायल की हालत बिगड़ने पर सिपाही ने बिना देर किए तत्काल CPR देना शुरू किया। CPR के बाद घायल की सांसें सामान्य हुईं सिपाही की सूझबूझ और तत्परता की लोगों ने सराहना की। दुर्घटना की सूचना मिलते ही जिलाधिकारी सहित वरिष्ठ प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी घटनास्थल पर पहुंच गए। पुलिस ने मृतकों के शवों को कब्जे में लेकर पंचायतनामा भरने की कार्रवाई शुरू कर दी। दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को हाईवे से हटवाकर यातायात सामान्य कराया गया। प्रशासन ने घायलों के परिजनों को सूचना देने के साथ अन्य यात्रियों को उनके गंतव्य तक भेजने की व्यवस्था भी कराई। पुलिस का कहना है कि दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है और आवश्यक वैधानिक कार्रवाई जारी है।2
- बांदा में श्रीमद् भागवत कथा का भव्य आयोजन 🙏 | श्याम मोहन धुरिया ने उतारी राधा-कृष्ण की आरती | 7 अगस्त को धनुष यज्ञ बांदा से बड़ी धार्मिक खबर सामने आई है। शहर के खूटी चौराहा स्थित गणेश चौक के रामलीला मैदान में श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का भव्य आयोजन किया जा रहा है। कथा का वाचन व्यास आचार्य श्री तुलसीदास भागवताचार्य द्वारा किया जा रहा है। कथा सुनने बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं और पूरा वातावरण भक्तिमय नजर आ रहा है। कार्यक्रम में भाजपा के वरिष्ठ नेता श्याम मोहन धुरिया ने राधा-कृष्ण स्वरूप में सजी आकर्षक झांकी की विधिवत आरती उतारी। इस अवसर पर कथा व्यास ने उन्हें अंगवस्त्र ओढ़ाकर सम्मानित किया। आयोजकों के मुताबिक 7 अगस्त को उत्तर भारत के प्रसिद्ध कलाकारों द्वारा धनुष यज्ञ लीला का भव्य मंचन किया जाएगा।1
- *बढ़े हुए बिजली लोड को निरस्त करने की मांग* बांदा।सद्भावना विकास मंच के पदाधिकारियों ने गुरुवार को जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर विद्युत विभाग की मनमानी पर रोक लगाने की मांग की। अध्यक्ष प्रमोद गुप्ता "राजा" के नेतृत्व में सौंपे ज्ञापन में कहा गया कि प्रदेश के लगभग 47 लाख बिजली उपभोक्ताओं का स्वीकृत लोड पावर कार्पोरेशन ने बिना अनुमति के स्वतः बढ़ा दिया है।मंच के पदाधिकारियों ने बताया कि विभाग का तर्क है कि उपभोक्ता तय लोड से अधिक बिजली इस्तेमाल कर रहे थे। लेकिन मनमाने तरीके से लोड बढ़ाने से उपभोक्ताओं का फिक्स चार्ज और बिल बढ़ गया है। लोड बढ़ने से करीब 25 प्रतिशत गरीब उपभोक्ताओं की सब्सिडी समाप्त हो गई है।विद्युत आपूर्ति संहिता 2005 के तहत लोड बढ़ाने से पहले नोटिस देना अनिवार्य है, लेकिन विभाग ने सीधे बिलिंग सॉफ्टवेयर से लोड अपडेट कर दिया।आम जनता को चौबीसों घंटे बिजली उपलब्ध कराने के बजाय विभाग ने फॉल्ट दुरुस्त करने पर ध्यान नहीं दिया।ज्ञापन में मांग की गई कि जनहित को देखते हुए बढ़ाया गया लोड तत्काल निरस्त किया जाए और सभी उपभोक्ताओं को समुचित बिजली उपलब्ध कराई जाए। इस दौरान प्रमुख महासचिव कुदरत उल्ला खान, महिला मोर्चा अध्यक्ष सीमा खान, कोषाध्यक्ष वृंदावन वैश्य, राम लाल प्रजापति, उपाध्यक्ष साजिद डालर, यशवंत यादव, आर के समुद्र, नेतराम वर्मा, गुलशन सोनी, शोएब आलम, अमित नामदेव, रहीस खान, शुभम धुरिया, रोहित प्रजापति, इरफान खान, मोहित, सत्येंद्र वर्मा, अरविंद खटीक, नीरज सहित दर्जनों पदाधिकारी मौजूद रहे।1
- बांदा में पहली बारिश और बह गए विकास के दावे, नालों में डूबी प्रशासनिक तैयारी "बारिश आसमान से बरसी, लेकिन कटघरे में खड़ी हो गई पूरी व्यवस्था। बांदा में पहली तेज बारिश ने यह सवाल फिर जिंदा कर दिया कि विकास के दावों की उम्र आखिर पहली बरसात से भी कम क्यों होती है? जिन नालों की सफाई के कागजी प्रमाण तैयार किए गए, वे धरातल पर गाद से भरे मिले। नतीजा—सड़कें तालाब बन गईं, गलियां नालों में बदल गईं और घरों में गंदा पानी घुस आया।""ये दृश्य किसी प्राकृतिक आपदा के नहीं, बल्कि प्रशासनिक लापरवाही पर उठते सवालों के हैं। स्वराज कॉलोनी, लोहिया पुल, सेंधु तलैया और मवई जैसे इलाकों में पानी ने यह बता दिया कि यदि व्यवस्था समय पर जागती, तो शहर को यूं डूबना नहीं पड़ता। पहली तेज बारिश ने उन दावों का रंग धो दिया, जिन पर करोड़ों की योजनाओं और तैयारियों का मुलम्मा चढ़ाया गया था।""कहते हैं कि शहर की पहचान उसकी सड़कें और नालियां होती हैं। लेकिन बांदा में नालियां सिर्फ पानी नहीं, बल्कि जिम्मेदारियों को भी ढोती नजर आईं। जहां सफाई होनी थी, वहां गाद मिली; जहां जल निकासी होनी थी, वहां जलभराव मिला। ऐसा लगा मानो व्यवस्था ने मानसून का इंतजार नहीं, बल्कि संकट का निमंत्रण दिया हो।""सबसे बड़ा प्रश्न यह नहीं कि बारिश कितनी हुई। सवाल यह है कि तैयारियां कितनी थीं। यदि पहली ही तेज बारिश में वीआईपी कॉलोनियां पानी में घिर जाएं, तो आम बस्तियों की हालत का अंदाजा लगाना कठिन नहीं। जब योजनाएं फाइलों में चमकती रहें और नाले जमीन पर जाम पड़े रहें, तब पानी केवल सड़कों पर नहीं भरता, जनता का भरोसा भी डूबने लगता है।""जिलाधिकारी अमित आसेरी का कहना है कि संबंधित विभागों को तत्काल जल निकासी और राहत कार्य के निर्देश दिए गए हैं तथा स्थिति पर नजर रखी जा रही है।""बारिश प्रकृति का दोष नहीं, लेकिन हर साल दोहराया जाने वाला जलभराव व्यवस्था की परीक्षा जरूर है। यदि हर मानसून के बाद वही सड़कें डूबें, वही घर जलभराव झेलें और वही आश्वासन दोहराए जाएं, तो सवाल केवल नालों का नहीं रह जाता—सवाल जवाबदेही का हो जाता है। क्योंकि जब शासन के दावे पहली बारिश में बह जाएं, तब पानी सिर्फ शहर में नहीं भरता, जनता के धैर्य का बांध भी टूटने लगता है।"1