लखनऊ में छापेमारी की सूचना मिलते ही भागा, हर कर्मचारी का रोज 1.5 लाख का टारगेट 16 कर्मचारी गिरफ्तार: पुलिस ने मौके से 12 युवकों और 4 युवतियों को गिरफ्तार किया है। ये सभी आरोपी मूल रूप से गुजरात, बिहार और पश्चिम बंगाल के रहने वाले हैं। पकड़े जाने का डर और सख्त नियम: स्थानीय लोगों को शक न हो, इसलिए कॉल सेंटर में लखनऊ या आसपास के किसी भी लोकल व्यक्ति को नौकरी पर रखने पर पाबंदी थी। कर्मचारियों को ऑफिस के अंदर मोबाइल ले जाने की इजाजत नहीं थी और वे बिना अनुमति बिल्डिंग से बाहर नहीं आ सकते थे। उनके रहने और मुफ्त खाने के लिए दो अलग-अलग पीजी (लड़कों और लड़कियों के लिए) किराए पर लिए गए थे। ये लोग विदेशी नागरिकों का ऑनलाइन डेटा ट्रैक करते थे और उनके कंप्यूटर या मोबाइल पर फर्जी हैकिंग या पोर्नोग्राफी देखने का अलर्ट (पॉप-अप) भेजते थे।डर के मारे जब पीड़ित पॉप-अप पर दिए गए नंबर पर कॉल करता था, तो कर्मचारी खुद को माइक्रोसॉफ्ट एजेंट या ग्लोबल टेक्निकल सपोर्ट टीम का सदस्य बताते थे।समस्या ठीक करने के नाम पर वे UltraViewer या Supremo जैसे सॉफ्टवेयर के जरिए कंप्यूटर का रिमोट एक्सेस ले लेते थे।इसके बाद फर्जी FBI या FTC अधिकारी बनकर जेल भेजने की धमकी दी जाती थी और मामले को रफा-दफा करने के लिए सोने या डॉलर (क्रिप्टो/गिफ्ट कार्ड) में मोटी रकम वसूलते थे ब्रेकिंग न्यूज़ संवाददाता आशीष मिश्रा दैनिक समाचार पत्र
लखनऊ में छापेमारी की सूचना मिलते ही भागा, हर कर्मचारी का रोज 1.5 लाख का टारगेट 16 कर्मचारी गिरफ्तार: पुलिस ने मौके से 12 युवकों और 4 युवतियों को गिरफ्तार किया है। ये सभी आरोपी मूल रूप से गुजरात, बिहार और पश्चिम बंगाल के रहने वाले हैं। पकड़े जाने का डर और सख्त नियम: स्थानीय लोगों को शक न हो, इसलिए कॉल सेंटर में लखनऊ या आसपास के किसी भी लोकल व्यक्ति को नौकरी पर रखने पर पाबंदी थी। कर्मचारियों को ऑफिस के अंदर मोबाइल ले जाने की इजाजत नहीं थी और वे बिना अनुमति बिल्डिंग से बाहर नहीं आ सकते थे। उनके रहने और मुफ्त खाने के लिए दो अलग-अलग पीजी (लड़कों और लड़कियों के लिए) किराए पर लिए गए थे। ये लोग विदेशी नागरिकों का ऑनलाइन डेटा ट्रैक करते थे और उनके कंप्यूटर या मोबाइल पर फर्जी हैकिंग या पोर्नोग्राफी देखने का अलर्ट (पॉप-अप) भेजते थे।डर के मारे जब पीड़ित पॉप-अप पर दिए गए नंबर पर कॉल करता था, तो कर्मचारी खुद को माइक्रोसॉफ्ट एजेंट या ग्लोबल टेक्निकल सपोर्ट टीम का सदस्य बताते थे।समस्या ठीक करने के नाम पर वे UltraViewer या Supremo जैसे सॉफ्टवेयर के जरिए कंप्यूटर का रिमोट एक्सेस ले लेते थे।इसके बाद फर्जी FBI या FTC अधिकारी बनकर जेल भेजने की धमकी दी जाती थी और मामले को रफा-दफा करने के लिए सोने या डॉलर (क्रिप्टो/गिफ्ट कार्ड) में मोटी रकम वसूलते थे ब्रेकिंग न्यूज़ संवाददाता आशीष मिश्रा दैनिक समाचार पत्र
- जंगल में अवैध साल लकड़ी की तस्करी का भंडाफोड़, महिंद्रा वाहन जब्त पलगी के जंगल में अवैध साल लकड़ी की तस्करी का भंडाफोड़, महिंद्रा वीरो वाहन जब्त बलरामपुर। वन विभाग ने अवैध लकड़ी तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए पलगी (त्रिकुण्डा) के जंगल से अवैध रूप से साल की लकड़ी का परिवहन करते एक महिंद्रा वाहन को जब्त किया है। वाहन से साल प्रजाति के 5 लट्ठे बरामद किए गए, जिनकी कुल मात्रा 2.299 घन मीटर और अनुमानित कीमत 1,71,448 रुपये बताई गई है। यह कार्रवाई 20 सितंबर 2026 को वनमंडलाधिकारी बलरामपुर आलोक कुमार बाजपेयी के निर्देशन, उपवनमंडलाधिकारी बलरामपुर अनिल कुमार सिंह पैकरा के मार्गदर्शन तथा वनपरिक्षेत्राधिकारी रामानुजगंज डॉ. दिलरुबा ए. बानो के नेतृत्व में की गई। खीरा लोड करने के बहाने जंगल में बुलाया वाहन वन विभाग के अनुसार, आरोपी ने वाहन चालक को यह कहकर जंगल में बुलाया था कि वाहन में खीरा लोड करना है। इसके बाद वाहन को सर्किल बगरा के बीट पलगी स्थित कक्ष क्रमांक 794 के घने जंगल में ले जाया गया। वहां खीरे की जगह अवैध रूप से काटी गई साल की इमारती लकड़ी वाहन में लोड की जा रही थी। इसी दौरान एक मुखबिर ने वाहन में अवैध लकड़ी लोड किए जाने की सूचना वन विभाग को दी। सूचना मिलते ही वनपरिक्षेत्राधिकारी के नेतृत्व में वन विभाग की टीम ने तत्काल मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की। आरोपी मौके से फरार, वाहन जब्त वन विभाग की टीम को देखकर आरोपी मौके से फरार हो गया। हालांकि टीम ने जंगल के भीतर ही अवैध परिवहन में इस्तेमाल किए जा रहे महिंद्रा वीरो वाहन क्रमांक UP64 CT/3581 को जब्त कर लिया। वाहन में लोड साल प्रजाति के 5 नग लट्ठे भी विधिवत जब्त किए गए। मामले में वन अपराध प्रकरण क्रमांक 20954/16, दिनांक 20 सितंबर 2026 दर्ज किया गया है। वन विभाग के मुताबिक जब्त लकड़ी की कीमत 1 लाख 71 हजार 448 रुपये है। विभिन्न वन कानूनों के तहत कार्रवाई वन विभाग ने मामले में भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा 33(1)(क), छत्तीसगढ़ वन उपज एवं व्यापार (विनियमन) अधिनियम 1969 की धारा 5(1) तथा छत्तीसगढ़ वनोपज अभिवहन नियम 2001 के नियम 22(1) के तहत कार्रवाई की है। वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि क्षेत्र में जंगलों की सुरक्षा और अवैध कटाई एवं लकड़ी तस्करी पर रोक लगाने के लिए निगरानी और सख्त की गई है। अवैध गतिविधियों की सूचना मिलने पर आगे भी इसी तरह त्वरित कार्रवाई की जाएगी। कार्रवाई में ये अधिकारी-कर्मचारी रहे शामिल जप्ती और कार्रवाई के दौरान उपवनक्षेत्रपाल मतिन अहमद अंसारी, वनपाल दयाशंकर सिंह, वनपाल विजय वर्मन, वनरक्षक कृष्ण कुमार पैकरा, वनरक्षक नरेश कुमार, वनरक्षक राजनाथ सिंह, वनरक्षक अनेश्वर राजवाडे एवं अनुराग तिवारी मौके पर मौजूद रहे और नियमानुसार कार्रवाई की।4
- रंका सर्वेश्वरी समूह के स्थापना दिवस पर निकली भव्य प्रभात फेरी, गूंजा ‘अघोरा नाम परोमंत्रम’ का उद्घोष रंका। सर्वेश्वरी समूह के स्थापना दिवस के अवसर पर सोमवार की सुबह रंका सर्वेश्वरी समूह शाखा की ओर से भव्य प्रभात फेरी निकाली गई। सुबह करीब 5:30 बजे गाजे-बाजे और पूरे हर्षोल्लास के साथ प्रभात फेरी का शुभारंभ किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में सर्वेश्वरी समूह से जुड़े श्रद्धालु एवं सदस्य उत्साहपूर्वक शामिल हुए। प्रभात फेरी रंका स्थित सर्वेश्वरी समूह शाखा से प्रारंभ होकर रंका रघुनाथ अखाड़ा, रंका खरडीहा तथा रंका अनुमंडल परिसर क्षेत्र से होते हुए पुनः सर्वेश्वरी समूह शाखा पहुंची, जहां प्रभात फेरी का समापन किया गया। प्रभात फेरी के दौरान श्रद्धालुओं द्वारा ‘अघोरा नाम परोमंत्रम’ का सामूहिक उद्घोष किया गया, जिससे पूरा क्षेत्र भक्तिमय वातावरण में डूब गया। इस अवसर पर श्रद्धालुओं ने स्थापना दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए सर्वेश्वरी समूह के सेवा, साधना एवं सामाजिक सरोकारों से जुड़े कार्यों को भी याद किया। सुबह के समय निकली प्रभात फेरी को देखने के लिए रास्ते में स्थानीय लोग भी मौजूद रहे। कार्यक्रम में सर्वेश्वरी शाखा के महामंत्री मोरध्वज प्रसाद सिंह, प्रचारक मंत्री गौरव कुमार सिंह, रेवती रमन सिंह, रोहिणी रमन सिंह, अजय सिंह, मुन्ना सिंह, मनोज कुमार सहित सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु एवं सदस्य उपस्थित रहे।1
- आर्यन संघ ने निकाली गणेश विसर्जन की भव्य शोभायात्रा अनुपम संदेश / जोनसन लकड़ा / महुआडांड़ [लातेहार] : आर्यन संघ महुआडांड़ की ओर से रविवार को भगवान श्री गणेश की प्रतिमा विसर्जन को लेकर भव्य शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा शिव मंदिर से शुरू होकर शास्त्री चौक, बस पड़ाव, यात्री पड़ाव, कार्मेल चौक, बिरसा मुंडा चौक, डाल्टेनगंज रोड होते हुए पार्वती रेस्ट हाउस, कटहल मोड़ और रामपुर पहुंची। यहां रामपुर नदी में विधि-विधान से पूजा-अर्चना के बाद प्रतिमा का विसर्जन किया गया। इस दौरान श्रद्धालु भक्ति गीतों और गणपति बप्पा मोरया के जयकारों से उत्साह बढ़ाते नजर आए। विसर्जन जुलूस को लेकर थाना प्रभारी अमित कुमार के नेतृत्व में पुलिस बल तैनात रहा। शांतिपूर्ण माहौल में कार्यक्रम संपन्न हुआ।2
- पूर्व सो दीपक वर्मा पहुंचे पलामू। कायस्थ सम्मेलन में हुआ भव्य स्वागत।पूर्व SP दीपक वर्मा पहुंचे पलामू। कायस्थ सम्मेलन में हुआ भव्य स्वागत। #latestnewspalamu #latestnewsjharkhand #PalamuPolice #डाल्टनगंज #कायस्थसमाज #sppalamu #ipsdeepakwarma #palamu #झारखण्ड #पलामू पलामू जिला के पूर्व SP दीपक वर्मा पहुंचे डाल्टनगंज।1
- धुरकी हाथियों के आतंक से प्रभावित गांवों में विधायक ने बांटी ,टॉर्च व पटाखे हाथियों के आतंक से प्रभावित गांवों में विधायक ने बांटी ,टॉर्च व पटाखे धुरकी प्रखंड क्षेत्र के कन्हार तटीय इलाके में इन दिनों जंगली हाथियों के आतंक से ग्रामीणों में भय का माहौल बना हुआ है। विधायक प्रतिनिधि लक्ष्मण प्रसाद यादव झामुमो प्रखंड अध्यक्ष इसराइल खान की अध्यक्षता में पारसपानी कला,आम्बाखोरेया, बरसोती एवं कदवा लिखनीधौरा में आयोजन किया गया जिसमें हाथियों के झुंड द्वारा लगातार खेतों में पहुंचकर किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचाने के साथ-साथ ग्रामीणों की जान को भी खतरा बना हुआ है। हाथियों के बढ़ते उत्पात को देखते हुए भवनाथपुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक अनंत प्रताप देव ने प्रभावित ग्रामीणों के बीच टॉर्च एवं पटाखों का वितरण किया। विधायक अनंत प्रताप देव, केंद्रीय सदस्य ताहीर अंसारी एवं युवा नेता मन्नू बाबा ने धुरकी प्रखंड क्षेत्र के कन्हार तटीय इलाके के आंबाखोरेया पंचायत अंतर्गत परासपानी कला, आंबाखोरेया, बरसोती एवं लिखनीधौरा गांव का दौरा कर ग्रामीणों से जानकारी ली। इस दौरान ग्रामीणों ने हाथियों के कारण हो रहे फसल नुकसान एवं जान-माल के खतरे से नेताओं को अवगत कराया। विधायक अनंत प्रताप देव ने कहा कि हाथियों के लगातार गांवों में आने से ग्रामीणों में डर का माहौल है। किसानों की मेहनत से तैयार फसलों को हाथियों द्वारा नुकसान पहुंचाया जा रहा है। ग्रामीणों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए तत्काल टॉर्च एवं पटाखे उपलब्ध कराए गए हैं, ताकि हाथियों के गांव की ओर आने पर उन्हें दूर रखने का प्रयास किया जा सके। उन्होंने कहा कि किसानों की फसल क्षति एवं ग्रामीणों की समस्याओं को संबंधित विभाग के समक्ष रखा जाएगा। केंद्रीय सदस्य ताहीर अंसारी ने कहा कि हाथियों के आतंक से प्रभावित ग्रामीणों के साथ पार्टी एवं जनप्रतिनिधि खड़े हैं। उन्होंने ग्रामीणों से सतर्क रहने तथा रात के समय अकेले जंगल या खेत की ओर नहीं जाने की अपील की। मौके पर पार्टी उपाध्यक्ष शैलेश यादव, कृष्णा सिंह, रामाधार राम,मुखिया रघुनाथ सिंह वसंत सिंह गोड़ ,पचिया देवी,प्रमुख प्रतिनिधि राम किशुन कोरवा, अनुरुद्ध गुप्ता वसी अहमद अंसारी एवं काफी संख्या में झामुमो के कार्यकर्ता एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।4
- झारखंड में नया मुखिया बनकर सरकार की पैसा लूटें l कागज़पर योजना को दिखाकर पैशाकिए गमन l झारखंड में सरकारी योजनाओं (जैसे 15वें वित्त आयोग, प्रधानमंत्री आवास योजना या विकास कार्यों) के फंड से अवैध रूप से पैसा निकालने या वित्तीय हेराफेरी करने वाले मुखिया के खिलाफ झारखंड सरकार और जिला प्रशासन झारखंड पंचायत राज अधिनियम, 2001 के तहत सख्त प्रशासनिक और कानूनी कार्रवाई करती है। [1, 2] ऐसी शिकायतों या जांच में दोषी पाए जाने पर निम्नलिखित कदम उठाए जाते हैं: 1. वित्तीय अधिकार छीनना ( suspension of Financial Powers) भ्रष्टाचार या धन के दुरुपयोग की प्राथमिक पुष्टि होने पर जिला प्रशासन सबसे पहले मुखिया के सभी वित्तीय और प्रशासनिक अधिकार सस्पेंड (जब्त) कर देता है। इसके बाद पंचायत के विकास कार्यों को जारी रखने के लिए ये अधिकार उप-मुखिया (Deputy Mukhiya) या किसी अन्य अधिकृत समिति को सौंप दिए जाते हैं। [1, 2] 2. पद से हटाना (Removal from Post) झारखंड पंचायत राज अधिनियम, 2001 की धारा 64 और अन्य संबंधित प्रावधानों के तहत, पद के दुरुपयोग और सरकारी धन की हेराफेरी के गंभीर मामलों में सरकार दोषी मुखिया को पद से बर्खास्त (Dismiss) कर सकती है। [1, 2] 3. एफआईआर (FIR) और जेल की कार्रवाई अवैध निकासी सीधे तौर पर एक आपराधिक धोखाधड़ी (Fraud) है। इसलिए जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषी मुखिया और उनके सहयोगियों (जैसे पंचायत सेवक या बिचौलिए) के खिलाफ थाने में एफआईआर दर्ज कराई जाती है। इसके तहत धोखाधड़ी, सरकारी पैसे के गबन और जालसाजी की धाराओं में न्यायिक हिरासत या जेल भेजने की कानूनी कार्रवाई होती है। [1, 2] 4. अवैध पैसे की वसूली (Recovery of Embezzled Amount) मुखिया द्वारा जो भी सरकारी राशि अवैध रूप से निकाली गई है, उसकी रिकवरी (वसूली) की प्रक्रिया शुरू की जाती है। यदि दोषी व्यक्ति पैसे नहीं लौटाता है, तो उसकी निजी संपत्ति की नीलामी या जब्ती (Certificate Case) के जरिए सरकारी धन की भरपाई की जाती है। 5. भविष्य में चुनाव लड़ने पर रोक यदि भ्रष्टाचार के आरोपों में मुखिया को कोर्ट से सजा होती है या प्रशासनिक स्तर पर गंभीर कदाचार (Misconduct) का दोषी पाया जाता है, तो उन्हें भविष्य में पंचायत चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य घोषित किया जा सकता है।1
- हरदोई में सास बोली- दामाद ने मेरी बेटी की नाक काटी, देवर के साथ रहने पर हुआ था विवाद उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले के सांडी कस्बा (मुंशीगंज) का है। यहाँ एक दंपती के बीच हुए खूनी विवाद में दोनों पक्षों की तरफ से सांडी थाने में एफआईआर (FIR) दर्ज कराई गई है। जहाँ एक तरफ पीड़िता की मां ने दामाद पर चाकू से बेटी की नाक काटने का आरोप लगाया है, वहीं दूसरी तरफ दामाद की मां (सास) ने बहू पर बेटे के नाजुक अंग (गुप्तांग) को दांत से काटकर घायल करने का गंभीर आरोप लगाया है।इस पारिवारिक विवाद और पुलिस कार्रवाई की पूरी जानकारी इस प्रकार है:विवाद की मुख्य वजह: सांडी थाना क्षेत्र के मुंशीगंज निवासी दीपक (कार चालक) की शादी करीब 10 साल पहले साधना से हुई थी और उनकी तीन बेटियां हैं। पुलिस और ससुराल पक्ष के अनुसार, पारिवारिक कलह के कारण साधना पिछले करीब 6 महीने से पति को छोड़कर अपने चचेरे देवर और प्रेमी (सूरज) के साथ रह रही थी। ब्रेकिंग न्यूज़ संवाददाता आशीष मिश्रा दैनिक समाचार पत्र1
- लखनऊ में छापेमारी की सूचना मिलते ही भागा, हर कर्मचारी का रोज 1.5 लाख का टारगेट 16 कर्मचारी गिरफ्तार: पुलिस ने मौके से 12 युवकों और 4 युवतियों को गिरफ्तार किया है। ये सभी आरोपी मूल रूप से गुजरात, बिहार और पश्चिम बंगाल के रहने वाले हैं। पकड़े जाने का डर और सख्त नियम: स्थानीय लोगों को शक न हो, इसलिए कॉल सेंटर में लखनऊ या आसपास के किसी भी लोकल व्यक्ति को नौकरी पर रखने पर पाबंदी थी। कर्मचारियों को ऑफिस के अंदर मोबाइल ले जाने की इजाजत नहीं थी और वे बिना अनुमति बिल्डिंग से बाहर नहीं आ सकते थे। उनके रहने और मुफ्त खाने के लिए दो अलग-अलग पीजी (लड़कों और लड़कियों के लिए) किराए पर लिए गए थे। ये लोग विदेशी नागरिकों का ऑनलाइन डेटा ट्रैक करते थे और उनके कंप्यूटर या मोबाइल पर फर्जी हैकिंग या पोर्नोग्राफी देखने का अलर्ट (पॉप-अप) भेजते थे।डर के मारे जब पीड़ित पॉप-अप पर दिए गए नंबर पर कॉल करता था, तो कर्मचारी खुद को माइक्रोसॉफ्ट एजेंट या ग्लोबल टेक्निकल सपोर्ट टीम का सदस्य बताते थे।समस्या ठीक करने के नाम पर वे UltraViewer या Supremo जैसे सॉफ्टवेयर के जरिए कंप्यूटर का रिमोट एक्सेस ले लेते थे।इसके बाद फर्जी FBI या FTC अधिकारी बनकर जेल भेजने की धमकी दी जाती थी और मामले को रफा-दफा करने के लिए सोने या डॉलर (क्रिप्टो/गिफ्ट कार्ड) में मोटी रकम वसूलते थे ब्रेकिंग न्यूज़ संवाददाता आशीष मिश्रा दैनिक समाचार पत्र1