Shuru
Apke Nagar Ki App…
जांजगीर के जिला अस्पताल में जीवनदीप समिति की भर्ती में हुई गड़बड़ी के मामले ने अब तूल पकड़ लिया है। इस मामले में 8 लाख 80 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि का गलत तरीके से आहरण किया गया है, जिसको लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। इस गंभीर मुद्दे को विधायक ब्यास कश्यप ने विधानसभा में उठाया था। विधायक द्वारा विधानसभा में मामला उठाए जाने के बाद अब 5 सदस्यीय राज्य स्तरीय टीम इस पूरे मामले की जांच करेगी।
Bhupendra lahare
जांजगीर के जिला अस्पताल में जीवनदीप समिति की भर्ती में हुई गड़बड़ी के मामले ने अब तूल पकड़ लिया है। इस मामले में 8 लाख 80 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि का गलत तरीके से आहरण किया गया है, जिसको लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। इस गंभीर मुद्दे को विधायक ब्यास कश्यप ने विधानसभा में उठाया था। विधायक द्वारा विधानसभा में मामला उठाए जाने के बाद अब 5 सदस्यीय राज्य स्तरीय टीम इस पूरे मामले की जांच करेगी।
More news from Chhattisgarh and nearby areas
- छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में हरेठी स्थित पापा ढाबा का खाद्य लाइसेंस सस्पेंड कर दिया गया है। यह कार्रवाई एक वीडियो वायरल होने के बाद की गई, जिसमें एक कर्मचारी जेंट्स टॉयलेट में प्लेट, कटोरी और अन्य बर्तन धोता हुआ दिखाई दे रहा है। यह वीडियो एक ग्राहक ने बनाया था जो खाना खाने ढाबे पर आया था। खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने जांच की और वीडियो को सही पाया। विभाग ने ढाबा संचालक को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। अगर संतोषजनक जवाब नहीं मिलता है, तो लाइसेंस रद्द करने की चेतावनी दी गई है। खाद्य सुरक्षा अधिकारी, जिला सक्ती ने इस बारे में जानकारी दी।1
- जांजगीर के जिला अस्पताल में जीवनदीप समिति की भर्ती में हुई गड़बड़ी के मामले ने अब तूल पकड़ लिया है। इस मामले में 8 लाख 80 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि का गलत तरीके से आहरण किया गया है, जिसको लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। इस गंभीर मुद्दे को विधायक ब्यास कश्यप ने विधानसभा में उठाया था। विधायक द्वारा विधानसभा में मामला उठाए जाने के बाद अब 5 सदस्यीय राज्य स्तरीय टीम इस पूरे मामले की जांच करेगी।1
- पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक अनूठी पहल करते हुए कोरबा जिले के एक गांव में 50,000 पौधे लगाए गए हैं।1
- चांपा के वार्ड क्रमांक 10 में सड़कों की बदहाली के कारण हालात बेहद खराब हो चुके हैं और जलजमाव की वजह से सड़कों पर 'समंदर' जैसा नजारा बन गया है। गड्ढों के कारण इस मार्ग पर रोजाना हादसे हो रहे हैं और राहगीर पूरी तरह बेहाल हैं। हैरानी की बात यह है कि यह बदहाल इलाका खुद नगर पालिका अध्यक्ष का अपना वार्ड है, इसके बावजूद पालिका प्रशासन गहरी नींद में सोया हुआ है और स्थिति पर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। समस्या से परेशान लोग ज्ञापन दे-देकर थक चुके हैं, लेकिन जब कोई सुनवाई नहीं हुई तो अब उन्होंने उग्र होकर चक्काजाम करने की पूरी तैयारी कर ली है। स्थानीय लोगों ने पालिका प्रशासन पर साफ भेदभाव का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि जब शहर के अन्य वार्डों में निर्माण कार्य चालू हैं, तो बैरियर रोड के काम को रोकने के लिए आखिर बरसात का बहाना क्यों बनाया जा रहा है? 'अंधेर नगरी चौपट राजा' बने इस ढर्रे और पालिका की अनदेखी से जनता में भारी आक्रोश व्याप्त है।1
- बिलासपुर में थाने में सुनवाई न होने पर एक पीड़ित व्यक्ति अपने 7 बच्चों को साथ लेकर आधी रात को ही सीधे एसएसपी कार्यालय फरियाद लेकर पहुंच गया। पीड़ित का आरोप है कि उसके साथ मारपीट की गई थी, लेकिन थाने में उसकी शिकायत दर्ज नहीं की गई। एसएसपी दफ्तर पहुंचकर पीड़ित ने अधिकारियों के सामने अपनी पीड़ा रखते हुए न्याय की गुहार लगाई। उसने कहा, "मैं गरीब हूँ, मेरे साथ मारपीट की गई है और मेरे 7 बच्चे हैं, साहब आप मुझे न्याय दिलाएं।"1
- डोमिनोज फ्रेंचाइजी देने के नाम पर अकलतरा के एक राइस मिल संचालक से 2 लाख 65 हजार रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। इस धोखाधड़ी के मामले में कार्रवाई करते हुए आरोपी को दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया गया है। ठगी को अंजाम देने वाला आरोपी मूल रूप से उत्तर प्रदेश का रहने वाला है, जिसने राइस मिल संचालक को अपना शिकार बनाया था।1
- छत्तीसगढ़ के सारंगढ़ जिले में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश की वजह से आम जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। बारिश के कारण लात नाला में अचानक आए भारी उफान की वजह से 70 वर्षीय बुजुर्ग नाले के बीचों-बीच फंस गए। तेज बहाव के बीच जान बचाने के लिए बुजुर्ग पूरे रात भर एक पेड़ के सहारे नाले के मझधार में ही अटके रहे। सुबह घटना की जानकारी मिलने पर गोताखोरों की टीम मौके पर पहुंची और बचाव अभियान शुरू किया। गोताखोरों की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बुजुर्ग बालमुकुंद बरिहा को सफलतापूर्वक और सुरक्षित बाहर निकाल लिया है।1
- सक्ती के रजगा में रथयात्रा के आयोजन के साथ जगन्नाथ प्रभु मंदिर में विराजित हो गए हैं। इस अवसर पर अधिवक्ता चितरंजय ने कहा कि यह रथयात्रा अघरिया समाज की संस्कृति एवं परंपरा का प्रतीक है।1