अंतागढ़। विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर अंतागढ़ में आयोजित जिला स्तरीय कार्यक्रम में एक लाख से अधिक लोगों की ऐतिहासिक भीड़ उमड़ी। कांकेर/अंतागढ़। विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर अंतागढ़ में आयोजित जिला स्तरीय कार्यक्रम में एक लाख से अधिक लोगों की ऐतिहासिक भीड़ उमड़ी। लगातार बारिश के बावजूद जिले के सातों विकासखंडों सहित दूर-दराज के ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में आदिवासी समाज के लोग कार्यक्रम में पहुंचे। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता देश के प्रख्यात शिक्षाविद एवं सामाजिक चिंतक प्रोफेसर लक्ष्मण यादव रहे। उन्होंने आदिवासी समाज के अधिकार, शिक्षा, संस्कृति, संविधान और वर्तमान सामाजिक परिस्थितियों को लेकर महत्वपूर्ण विचार रखे। उनके संबोधन को मौजूद जनसमूह ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ सराहा। कार्यक्रम स्थल पर आदिवासी संस्कृति और परंपराओं की शानदार झलक देखने को मिली। पारंपरिक वेशभूषा, लोक वाद्ययंत्रों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने आयोजन को और भव्य बना दिया। बारिश के बीच भी लोगों की भारी मौजूदगी ने आदिवासी समाज की एकजुटता और अपनी संस्कृति व अधिकारों के प्रति जागरूकता का संदेश दिया।
अंतागढ़। विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर अंतागढ़ में आयोजित जिला स्तरीय कार्यक्रम में एक लाख से अधिक लोगों की ऐतिहासिक भीड़ उमड़ी। कांकेर/अंतागढ़। विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर अंतागढ़ में आयोजित जिला स्तरीय कार्यक्रम में एक लाख से अधिक लोगों की ऐतिहासिक भीड़ उमड़ी। लगातार बारिश के बावजूद जिले के सातों विकासखंडों सहित दूर-दराज के ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में आदिवासी समाज के लोग कार्यक्रम में पहुंचे। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता देश के प्रख्यात शिक्षाविद एवं सामाजिक चिंतक प्रोफेसर लक्ष्मण यादव रहे। उन्होंने आदिवासी समाज के अधिकार, शिक्षा, संस्कृति, संविधान और वर्तमान सामाजिक परिस्थितियों को लेकर महत्वपूर्ण विचार रखे। उनके संबोधन को मौजूद जनसमूह ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ सराहा। कार्यक्रम स्थल पर आदिवासी संस्कृति और परंपराओं की शानदार झलक देखने को मिली। पारंपरिक वेशभूषा, लोक वाद्ययंत्रों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने आयोजन को और भव्य बना दिया। बारिश के बीच भी लोगों की भारी मौजूदगी ने आदिवासी समाज की एकजुटता और अपनी संस्कृति व अधिकारों के प्रति जागरूकता का संदेश दिया।
- कुरूद के पूर्व विधायक लेखराम साहू ने खेत में मजदूरों के साथ की धान रोपाई, जाना हाल-चाल कुरूद के पूर्व विधायक एवं राष्ट्रीय समन्वयक पिछड़ा वर्ग कांग्रेस, नई दिल्ली श्री लेखराम साहू ने सोमवार को अपने गृह ग्राम सिलौटी पहुंचकर अपने खेत का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने खेत में धान की रोपाई कर रहे मजदूर भाइयों एवं बहनों से मुलाकात कर उनका हाल-चाल जाना और स्वयं भी धान रोपाई में सहयोग किया। इस अवसर पर श्री साहू ने खेत में काम कर रहे मजदूरों के साथ कुछ समय बिताया और खेती-किसानी से जुड़ी उनकी परेशानियों एवं इस वर्ष की रोपाई की स्थिति के बारे में जानकारी ली। मजदूरों ने बताया कि इस बार रोपाई के समय लगातार अधिक बारिश होने के कारण धान की रोपाई में कुछ विलंब हुआ है। हालांकि अब मौसम अनुकूल होने से तेजी से रोपाई का कार्य जारी है और करीब एक सप्ताह के भीतर क्षेत्र में धान की रोपाई लगभग पूरी हो जाने की संभावना है। पूर्व विधायक श्री साहू ने कहा कि किसान और खेतिहर मजदूर ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। खेत में उनके साथ काम करने से न केवल खेती की वास्तविक परिस्थितियों को समझने का अवसर मिलता है, बल्कि मेहनतकश मजदूरों के प्रति सम्मान और आत्मीयता भी मजबूत होती है। उन्होंने सभी किसानों एवं मजदूरों को बेहतर फसल और समृद्धि की शुभकामनाएं दीं।1
- योग-संगीत शिक्षकों की नियुक्ति पर सवाल, डेढ़ महिने के बाद भी प्रक्रिया अधर में लटके है।1
- कोंडागांव: विश्व आदिवासी दिवस पर विश्रामपुरी में उमड़ा जनसैलाब, हजारों की संख्या में हल्बा समाज ने दिखाई एकजुटता विश्रामपुरी में विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर अखिल भारतीय हल्बा समाज द्वारा विशाल रैली का आयोजन किया गया। बड़ेराजपुर विकासखंड के विभिन्न गांवों से हजारों की संख्या में महिला, पुरुष, युवा और युवतियां शामिल हुए। शहीद गेंद सिंह नायक चौक पर समाजजनों ने एकता, अखंडता और सामाजिक विकास का संदेश दिया।1
- मुरा गांव में किसान की धान फसल क्षतिग्रस्त करने का आरोप, सरपंच की अगुवाई में कार्रवाई धमतरी। ग्राम पंचायत मुरा (दरबा) में किसान द्वारा बोई गई धान की फसल को क्षतिग्रस्त किए जाने का मामला सामने आया है। स्थानीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, किसान की फसल को कथित तौर पर ग्राम पंचायत मुरा के सरपंच की अगुवाई में नुकसान पहुंचाया जा रहा है। घटना की जानकारी मिलते ही क्षेत्र में इसे लेकर चर्चा तेज हो गई है। बताया जा रहा है कि करीब एक वर्ष पूर्व जुलाई-अगस्त के दौरान भी ग्राम मुरा में सरपंच की अगुवाई में कथित अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई थी। अब एक बार फिर किसान की बोई हुई धान फसल को क्षति पहुंचाए जाने का आरोप सामने आने से मामला गंभीर हो गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बोई हुई फसल को नुकसान पहुंचाने से पहले संबंधित प्रशासनिक प्रक्रिया और नियमों का पालन किया जाना चाहिए। वहीं, ग्रामीणों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और मौके पर राजस्व एवं प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल किसान की फसल को किस आधार पर और किसके आदेश पर क्षतिग्रस्त किया जा रहा है, यह स्पष्ट नहीं हो सका है। मामले में संबंधित किसान, ग्राम पंचायत और प्रशासन का पक्ष सामने आने के बाद स्थिति और स्पष्ट होगी।1
- बालाजी मार्बल एवं टाइल्स प्राईवेट लिमिटेड के द्वारा मजदूरों को कार्य से पृथक करने एवं दुर्व्यवहार सामरी -- बलरामपुर जिले में कुसमी ब्लॉक के सामरी पाठ (सेरेंगदाग) में बालाजी मार्बल एवं टाइल्स प्राईवेट लिमिटेड कम्पनी की ओर से एक सनसनी खेज मामला निकल कर आया है। जहाँ एक ओर भारत सरकार किसानों एवं मजदूरों की उत्थान के लिए अनेकों कानून बना रही है ताकि निम्न वर्ग आदिवासी समुदाय लोग सशक्त हो सकें दूसरी ओर कंपनी की मनमानी से गरीब मजदूर आहत हो रहे है ,बालाजी मार्बल एवम् टाइल्स प्राइवेट लिमिटेड के द्वारा स्थानीय मजदूरों के साथ अन्याय एवं अत्याचार हो रहा हैं जमीन लेने के बावजूद भी 45 मजदूरों को नौकरी से निकाल दिया गया है वहीं वन भूमि में डंपिंग भी कंपनी के द्वारा किया जा रहा हैं स्थानीय मजदूरों को सेप्टी के बगैर काम कराया जा रहा है। स्थानीय मजदूरों ने बताया है कि बालाजी मार्बल एवम् टाइल्स प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के द्वारा 45 स्थानीय मजदूरों को काम से पृथक कर दिया गया दिया है और जमीन दोगे तो काम मिलेगा। जनरल मैनेजर अलोक चतुर्वेदी के द्वारा बोला जाता है इतना ही नहीं मजदूरों को वर्षों से सेप्टी जूता स्टील टोपी ड्रेस नहीं दिया जाता है मजदूरों को टाइम से ज्यादा काम कराया जाता है और मजदूरी कम दिया जाता है और शासकीय वन भूमि पर डंपिंग भी किया जा रहा हैं जिससे पर्यावरण भी प्रभावित हो रही है वही स्थानीय मजदूरों ने 45 स्थानीय मजदूरों को पुनः काम पर रखने की अपील की हैं, अन्यथा कंपनी को बंद कराने का अल्टीमेटम भी दिया गया है । वही सारेंगदाग सरपंच अजीत नगेसिया ने बताया कि मामला मेरे जानकारी में नहीं था अब जानकारी मिला है कि बालाजी मार्बल एवम् टाइल्स प्राइवेट लिमिटेड कंपनी मेरे गांव के मजदूरों के साथ अत्याचार एवं दुर्व्यवहार कर रही है मैं मजदूरों के साथ हूं जहां जाना पड़े जो करना पड़े मैं मजदूरों को न्याय दिलाने का प्रयास करूंगा। बालाजी मार्बल एवम् टाइल्स प्राइवेट लिमिटेड कंपनी का जनरल मैनेजर अलोक चतुर्वेदी ने सभी आरोपों को गलत एवं निराधार बताया है ,मजदूरों के द्वारा गलत आरोप लगाया गया है मेरे द्वारा माइनिंग नियमों का पालन करते हुए कार्य किया जा रहा है जिससे साफ जाहिर किया जा सकता है कि जनरल मैनेजर अलोक चतुर्वेदी के द्वारा स्थानीय मजदूरों के साथ कैसे व्यव्हार जा रहा हैं। ये जाँच का विषय हैं। अब देखना यह होगा कि खबर प्रकाशन के बाद शासन एवं स्थानीय प्रशासन के द्वारा क्या प्रतिक्रिया एवं एक्शन ली जाती हैं।3