विष्णु देव साय केबिनेट की बैठक मे सरगुजा, जशपुर ,कोरबा समेत 10 जिलों में एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स का गठन, 100 नए पदों की मंजूरी सहित रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कैबिनेट की बैठक में अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए,… 1. मादक पदार्थाें की रोकथाम की दिशा में बड़ा निर्णय लेते हुए मंत्रिपरिषद की बैठक में प्रदेश के 10 जिलों में जिला स्तरीय एन्टी नारकोटिक्स टॉस्क फोर्स के गठन हेतु वित्तीय वर्ष 2025-26 के मुख्य बजट में प्रावधानित 100 नवीन पदों की स्वीकृति प्रदान की गई। इसमें रायपुर, महासमुंद, बिलासपुर, दुर्ग, बस्तर, सरगुजा, कबीरधाम, जशपुर, राजनांदगांव एवं कोरबा जिला शामिल हैं। 2. मंत्रिपरिषद की बैठक में वित्तीय वर्ष 2025-26 के मुख्य बजट में पुलिस मुख्यालय के विशेष शाखा अंतर्गत एस.ओ.जी. (स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप) के गठन के लिए प्रावधानित 44 नवीन पदों की स्वीकृति प्रदान की गई है। एसओजी का काम किसी भी बड़ी या अचानक हुई घटना में तुरंत मौके पर पहुँचकर हालात को संभालना और आतंकी हमला या गंभीर खतरे को जल्दी खत्म करना होता है। एसओजी एक खास तरह की प्रशिक्षित टीम होती है, जिसे ऐसे खतरनाक कामों के लिए तैयार किया जाता है। 3. मंत्रिपरिषद द्वारा राज्य के विभिन्न एयरपोर्ट एवं हवाई पट्टियों में उड़ान प्रशिक्षण संगठन (एफटीओ) की स्थापना का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया तथा इसके संचालन के दिशा-निर्देशों का अनुमोदन किया गया। जिसके तहत छत्तीसगढ़ में पायलट प्रशिक्षण की सुविधा के लिए राज्य में उड़ान प्रशिक्षण संगठन की स्थापना की जाएगी। विमानन क्षेत्र में बढ़ती मांग को देखते हुए और युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए यह संस्थान उपयोगी होगा। इससे एयरक्राफ्ट रिसाइकिलिंग, हेलीकॉप्टर बंकिंग तथा एयरो स्पोर्ट्स जैसी सुविधाएं विकसित होगी। फ्लाइट ट्रेनिग ऑर्गनाइजेशन की स्थापना निजी सहभागिता से किया जाएगा। 4. मंत्रिपरिषद द्वारा छत्तीसगढ़ नवाचार एवं स्टार्टअप प्रोत्साहन नीति 2025-26 का अनुमोदन किया गया। इस नीति से स्टार्टअप ईको सिस्टम के साथ-साथ इन्क्यूबेटर्स एवं अन्य हितधारकों का विकास होगा। छत्तीसगढ़ को देश में एक प्रमुख नवाचार केन्द्र के रूप में विकसित किया जा सकेगा। भारत सरकार के उद्योग संवर्धन एवं आंतरिक व्यापार विभाग द्वारा जारी स्टेट्स स्टार्टअप रैंकिंग में सुधार होने से राज्य में निवेश का आकर्षण बढ़ेगा। 5. मंत्रिपरिषद द्वारा छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल और रायपुर विकास प्राधिकरण द्वारा बनाई गई और पूरी हो चुकी 35 आवासीय कॉलोनियों को नगर निगम और नगर पालिकाओं को सौंपने का निर्णय लिया गया है। इन कॉलोनियों में खुले भू-खंड, उद्यान और अन्य सार्वजनिक सुविधाएं शामिल होंगी। हालांकि, आवासीय, व्यावसायिक और अर्द्धसार्वजनिक बिक्री योग्य संपत्तियां इसमें शामिल नहीं होंगी। अभी इन कॉलोनियों का हस्तांतरण नहीं होने के कारण वहां रहने वाले लोगों को कई मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। कॉलोनियों के रखरखाव के लिए निवासियों को दोहरा खर्च उठाना पड़ रहा है। एक ओर वे नगर निगम को संपत्ति कर दे रहे हैं, वहीं दूसरी ओर गृह निर्माण मंडल को भी रखरखाव शुल्क देना पड़ता है। इन कॉलोनियों के हस्तांतरण से नगरीय निकायों द्वारा यहां पानी, बिजली, सड़क, सफाई जैसी सुविधाएं दी जा सकेंगी और कॉलोनीवासियों को अतिरिक्त रखरखाव शुल्क से राहत मिलेगी। 6. मंत्रिपरिषद द्वारा नवा रायपुर अटल नगर में शासकीय विभागों तथा निगम मंडल के कार्यालयों के लिए नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण द्वारा एक वृहद बहुमंजिला भवन बनाने का निर्णय लिया गया है और यहां विभागों को स्पेस आबंटित किया जाएगा, ताकि भूमि का पूर्ण उपयोग किया जा सके। 7. मंत्रिपरिषद द्वारा सिरपुर एवं अरपा क्षेत्र में सुनियोजित विकास और विकास कार्यों को गति देने के लिए संबंधित क्षेत्र में शासकीय भूमि के आबंटन का अधिकार संबंधित जिले के कलेक्टर को प्रदान किया गया है। गौरतलब है कि सिरपुर विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण एवं अरपा विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण का उद्देश्य संबंधित नदी तटीय क्षेत्रों का योजनाबद्ध और समग्र विकास करना है। इसके लिए मास्टर प्लान के क्रियान्वयन, भूमि नियोजन एवं नगर विकास योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू किया जाना आवश्यक है। विकास कार्यों को गति देने के लिए शासकीय भूमि का आबंटन जरूरी था। वर्तमान में दोनों प्राधिकरणों की वित्तीय स्थिति को देखते हुए शासकीय भूमि का आबंटन रु. 1/- प्रीमियम एवं भू-भाटक पर किए जाने का निर्णय लिया गया है। साथ ही, भूमि आबंटन के अधिकार संबंधित जिला कलेक्टरों को दिया गया है। 8. मंत्रिपरिषद ने ‘‘छत्तीसगढ़ क्लाउड फर्स्ट नीति‘‘ को प्रदेश में लागू किए जाने की स्वीकृति प्रदान की है। छत्तीसगढ़ क्लाउड फर्स्ट नीति का प्रस्ताव छत्तीसगढ़ शासन के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा प्रस्तुत किया गया। छत्तीसगढ़ क्लाउड फर्स्ट नीति के अनुसार राज्य शासन के सभी विभाग, उपक्रम एवं स्वायत्त संस्थाएं केवल भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा अनुमोदित क्लाउड सेवा प्रदाताओं या भारत में स्थित सुरक्षित डेटा सेंटर एवं डिजास्टर रिकवरी सेंटर से ही क्लाउड सेवाएं लेंगी। किसी विशेष या असाधारण आवश्यकता के लिए राज्य क्लाउड परिषद से अनुमति लेना अनिवार्य होगा। नीति के तहत कम प्राथमिकता वाले एप्लिकेशन एवं आर्काइव डेटा का क्लाउड माइग्रेशन वर्ष 2027-28 तक तथा उच्च प्राथमिकता सेवाओं का माइग्रेशन 2029-30 तक किया जाएगा। सभी नए एप्लिकेशन क्लाउड-नेटिव तकनीक पर विकसित किए जाएंगे। कैबिनेट ने इस नीति में भविष्य में आवश्यक संशोधन करने के लिए इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग को अधिकृत किया है। इस नीति से आईटी ढांचे में लागत में कमी, संचालन में दक्षता, बेहतर साइबर सुरक्षा, आपदा के समय सेवाओं की निरंतरता तथा नागरिक सेवाओं की 24×7 उपलब्धता सुनिश्चित होगी। साथ ही नागरिकों के डेटा की सुरक्षा, पारदर्शिता और ट्रैकिंग व्यवस्था और अधिक मजबूत होगी। 9. मंत्रिपरिषद द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य में डिजिटल अवसंरचना को विस्तार देने के लिए मोबाइल टावर योजना का अनुमोदन किया गया है। भौगोलिक विषमता और वामपंथी उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों में मोबाइल कनेक्टिविटी सीमित होने से शासन की योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन बाधित हो रहा है। इस योजना से मोबाइल टावर स्थापना हेतु चयनित सेवा प्रदाताओं को अनुमति और प्रशासनिक स्वीकृतियों की प्रक्रिया को सरल और समयबद्ध किया जाएगा। मोबाइल टावर योजना के अंतर्गत चयनित मोबाइल नेटवर्क विहीन बसाहटों में टावर की स्थापना की जाएगी। डिजिटल कनेक्टिविटी से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी, ई गवर्नेंस सेवाओं का विस्तार होगा सामाजिक-आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा। योजना से सुरक्षा व्यवस्था में भी सुधार होगा विशेष कर वामपंथी उग्रवाद से प्रभावित क्षेत्रों में संचार सुविधा उपलब्ध होने से प्रशासनिक कार्य में पारदर्शिता और दक्षता आएगी। मोबाइल टावर योजना के लागू होने से सार्वजनिक वितरण प्रणाली, प्रत्यक्ष लाभ अंतरण, स्वास्थ्य सेवाएं, शिक्षा, आपातकालीन सेवाएं डायल 112 जैसी योजनाओं की पहुंच दूरस्थ इलाकों के नागरिकों तक सुगमता से होगी।प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालय
विष्णु देव साय केबिनेट की बैठक मे सरगुजा, जशपुर ,कोरबा समेत 10 जिलों में एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स का गठन, 100 नए पदों की मंजूरी सहित रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कैबिनेट की बैठक में अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए,… 1. मादक पदार्थाें की रोकथाम की दिशा में बड़ा निर्णय लेते हुए मंत्रिपरिषद की बैठक में प्रदेश के 10 जिलों में जिला स्तरीय एन्टी नारकोटिक्स टॉस्क फोर्स के गठन हेतु वित्तीय वर्ष 2025-26 के मुख्य बजट में प्रावधानित 100 नवीन पदों की स्वीकृति प्रदान की गई। इसमें रायपुर, महासमुंद, बिलासपुर, दुर्ग, बस्तर, सरगुजा, कबीरधाम, जशपुर, राजनांदगांव एवं कोरबा जिला शामिल हैं। 2. मंत्रिपरिषद की बैठक में वित्तीय वर्ष 2025-26 के मुख्य बजट में पुलिस मुख्यालय के विशेष शाखा अंतर्गत एस.ओ.जी. (स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप) के गठन के लिए प्रावधानित 44 नवीन पदों की स्वीकृति प्रदान की गई है। एसओजी का काम किसी भी बड़ी या अचानक हुई घटना में तुरंत मौके पर पहुँचकर हालात को संभालना और आतंकी हमला या गंभीर खतरे को जल्दी खत्म करना होता है। एसओजी एक खास तरह की प्रशिक्षित टीम होती है, जिसे ऐसे खतरनाक कामों के लिए तैयार किया जाता है। 3. मंत्रिपरिषद द्वारा राज्य के विभिन्न एयरपोर्ट एवं हवाई पट्टियों में उड़ान प्रशिक्षण संगठन (एफटीओ) की स्थापना का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया तथा इसके संचालन के दिशा-निर्देशों का अनुमोदन किया गया। जिसके तहत छत्तीसगढ़ में पायलट प्रशिक्षण की सुविधा के लिए राज्य में उड़ान प्रशिक्षण संगठन की स्थापना की जाएगी। विमानन क्षेत्र में बढ़ती मांग को देखते हुए और युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए यह संस्थान उपयोगी होगा। इससे एयरक्राफ्ट रिसाइकिलिंग, हेलीकॉप्टर बंकिंग तथा एयरो स्पोर्ट्स जैसी सुविधाएं विकसित होगी। फ्लाइट ट्रेनिग ऑर्गनाइजेशन की स्थापना निजी सहभागिता से किया जाएगा। 4. मंत्रिपरिषद द्वारा छत्तीसगढ़ नवाचार एवं स्टार्टअप प्रोत्साहन नीति 2025-26 का अनुमोदन किया गया। इस नीति से स्टार्टअप ईको सिस्टम के साथ-साथ इन्क्यूबेटर्स एवं अन्य हितधारकों का विकास होगा। छत्तीसगढ़ को देश में एक प्रमुख नवाचार केन्द्र के रूप में विकसित किया जा सकेगा। भारत सरकार के उद्योग संवर्धन एवं आंतरिक व्यापार विभाग द्वारा जारी स्टेट्स स्टार्टअप रैंकिंग में सुधार होने से राज्य में निवेश का आकर्षण बढ़ेगा। 5. मंत्रिपरिषद द्वारा छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल और रायपुर विकास प्राधिकरण द्वारा बनाई गई और पूरी हो चुकी 35 आवासीय कॉलोनियों को नगर निगम और नगर पालिकाओं को सौंपने का निर्णय लिया गया है। इन कॉलोनियों में खुले भू-खंड, उद्यान और अन्य सार्वजनिक सुविधाएं शामिल होंगी। हालांकि, आवासीय, व्यावसायिक और अर्द्धसार्वजनिक बिक्री योग्य संपत्तियां इसमें शामिल नहीं होंगी। अभी इन कॉलोनियों का हस्तांतरण नहीं होने के कारण वहां रहने वाले लोगों को कई मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। कॉलोनियों के रखरखाव के लिए निवासियों को दोहरा खर्च उठाना पड़ रहा है। एक ओर वे नगर निगम को संपत्ति कर दे रहे हैं, वहीं दूसरी ओर गृह निर्माण मंडल को भी रखरखाव शुल्क देना पड़ता है। इन कॉलोनियों के हस्तांतरण से नगरीय निकायों द्वारा यहां पानी, बिजली, सड़क, सफाई जैसी सुविधाएं दी जा सकेंगी और कॉलोनीवासियों को अतिरिक्त रखरखाव शुल्क से राहत मिलेगी। 6. मंत्रिपरिषद द्वारा नवा रायपुर अटल नगर में शासकीय विभागों तथा निगम मंडल के कार्यालयों के लिए नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण द्वारा एक वृहद बहुमंजिला भवन बनाने का निर्णय लिया गया है और यहां विभागों को स्पेस आबंटित किया जाएगा, ताकि भूमि का पूर्ण उपयोग किया जा सके। 7. मंत्रिपरिषद द्वारा सिरपुर एवं अरपा क्षेत्र में सुनियोजित विकास और विकास कार्यों को गति देने के लिए संबंधित क्षेत्र में शासकीय भूमि के आबंटन का अधिकार संबंधित जिले के कलेक्टर को प्रदान किया गया है। गौरतलब है कि सिरपुर विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण एवं अरपा विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण का उद्देश्य संबंधित नदी तटीय क्षेत्रों का योजनाबद्ध और समग्र विकास करना है। इसके लिए मास्टर प्लान के क्रियान्वयन, भूमि नियोजन एवं नगर विकास योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू किया जाना आवश्यक है। विकास कार्यों को गति देने के लिए शासकीय भूमि का आबंटन जरूरी था। वर्तमान में दोनों प्राधिकरणों की वित्तीय स्थिति को देखते हुए शासकीय भूमि का आबंटन रु. 1/- प्रीमियम एवं भू-भाटक पर किए जाने का निर्णय लिया गया है। साथ ही, भूमि आबंटन के अधिकार संबंधित जिला कलेक्टरों को दिया गया है। 8. मंत्रिपरिषद ने ‘‘छत्तीसगढ़ क्लाउड फर्स्ट नीति‘‘ को प्रदेश में लागू किए जाने की स्वीकृति प्रदान की है। छत्तीसगढ़ क्लाउड फर्स्ट नीति का प्रस्ताव छत्तीसगढ़ शासन के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा प्रस्तुत किया गया। छत्तीसगढ़ क्लाउड फर्स्ट नीति के अनुसार राज्य शासन के सभी विभाग, उपक्रम एवं स्वायत्त संस्थाएं केवल भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा अनुमोदित क्लाउड सेवा प्रदाताओं या भारत में स्थित सुरक्षित डेटा सेंटर एवं डिजास्टर रिकवरी सेंटर से ही क्लाउड सेवाएं लेंगी। किसी विशेष या असाधारण आवश्यकता के लिए राज्य क्लाउड परिषद से अनुमति लेना अनिवार्य होगा। नीति के तहत कम प्राथमिकता वाले एप्लिकेशन एवं आर्काइव डेटा का क्लाउड माइग्रेशन वर्ष 2027-28 तक तथा उच्च प्राथमिकता सेवाओं का माइग्रेशन 2029-30 तक किया जाएगा। सभी नए एप्लिकेशन क्लाउड-नेटिव तकनीक पर विकसित किए जाएंगे। कैबिनेट ने इस नीति में भविष्य में आवश्यक संशोधन करने के लिए इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग को अधिकृत किया है। इस नीति से आईटी ढांचे में लागत में कमी, संचालन में दक्षता, बेहतर साइबर सुरक्षा, आपदा के समय सेवाओं की निरंतरता तथा नागरिक सेवाओं की 24×7 उपलब्धता सुनिश्चित होगी। साथ ही नागरिकों के डेटा की सुरक्षा, पारदर्शिता और ट्रैकिंग व्यवस्था और अधिक मजबूत होगी। 9. मंत्रिपरिषद द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य में डिजिटल अवसंरचना को विस्तार देने के लिए मोबाइल टावर योजना का अनुमोदन किया गया है। भौगोलिक विषमता और वामपंथी उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों में मोबाइल कनेक्टिविटी सीमित होने से शासन की योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन बाधित हो रहा है। इस योजना से मोबाइल टावर स्थापना हेतु चयनित सेवा प्रदाताओं को अनुमति और प्रशासनिक स्वीकृतियों की प्रक्रिया को सरल और समयबद्ध किया जाएगा। मोबाइल टावर योजना के अंतर्गत चयनित मोबाइल नेटवर्क विहीन बसाहटों में टावर की स्थापना की जाएगी। डिजिटल कनेक्टिविटी से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी, ई गवर्नेंस सेवाओं का विस्तार होगा सामाजिक-आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा। योजना से सुरक्षा व्यवस्था में भी सुधार होगा विशेष कर वामपंथी उग्रवाद से प्रभावित क्षेत्रों में संचार सुविधा उपलब्ध होने से प्रशासनिक कार्य में पारदर्शिता और दक्षता आएगी। मोबाइल टावर योजना के लागू होने से सार्वजनिक वितरण प्रणाली, प्रत्यक्ष लाभ अंतरण, स्वास्थ्य सेवाएं, शिक्षा, आपातकालीन सेवाएं डायल 112 जैसी योजनाओं की पहुंच दूरस्थ इलाकों के नागरिकों तक सुगमता से होगी।प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालय
- User1526Ambikapur, Surguja👏on 20 February
- Manoj YadavDarima, Surguja👏on 5 February
- RxaAmbikapur, Surguja👏on 4 February
- बलरामपुर जिले के शंकरगढ़ प्रखण्ड में सर्व हिंदू संगठनों ने शोभा यात्रा निकली जय श्री राम, बजरंग बली की जय की जयकारों से गूंज उठा पुरा शंकरगढ़ प्रखण्ड सरधालुओं ने पे जल और मिष्ठान और भंडारा वितरण किया आपको बताते चले हनुमान मन्दिर में हनुमान चालीस और महाआरती भी किया जिसमें शंकरगढ़ प्रखण्ड के सर्व हिंदू संगठन के सभी पदाधिकारी और सैकड़ो की संख्या में हिंदू युवक सामिल रहे।1
- हनुमान जयंती के अवसर पर अंबिकापुर के हनुमान मंदिरों में भक्तों का जनसैलाब उमड़ पड़ा। सुबह ब्रह्ममुहूर्त से ही श्रद्धालु बड़ी संख्या में मंदिर पहुंचने लगे और देर रात तक दर्शन का सिलसिला जारी रहा। मंदिरों को आकर्षक फूलों और रोशनी से सजाया गया था, जिससे पूरा परिसर जगमगा उठा। भक्तों ने भगवान हनुमान को सिंदूर, नारियल और लड्डू अर्पित कर सुख-समृद्धि की कामना की। इस दौरान कई जगहों पर सुंदरकांड पाठ और हनुमान चालीसा का सामूहिक पाठ भी किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। प्रशासन की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। जगह-जगह पुलिस बल तैनात रहा और यातायात व्यवस्था भी सुचारू रूप से संचालित की गई। इसके साथ ही विभिन्न सामाजिक संगठनों द्वारा भंडारे का आयोजन किया गया, जहां श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरण किया गया। पूरे शहर में भक्ति और उत्साह का माहौल देखने को मिला, और "जय श्री राम" व "बजरंगबली की जय" के जयकारों से अंबिकापुर गूंज उठा।3
- चैनपुर थाना क्षेत्र के मड़ईकोना स्थित सफी नदी पुल पर शुक्रवार दोपहर करीब 2 बजे एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। एक अनियंत्रित बोलेरो (JH07C 7227) तेज रफ्तार में पुल की रेलिंग से जा टकराई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बोलेरो का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया, वहीं पुल की रेलिंग भी चकनाचूर हो गई।1
- बाप-बेटे के विवाद ने लिया खौफनाक रूप, ईंट से वार कर बेटे का फोड़ा सिर चैनपुर मुख्यालय अंतर्गत बेन्दोरा गांव में पारिवारिक विवाद ने अचानक हिंसक रूप ले लिया, जिससे गांव में सनसनी फैल गई। जानकारी देते हुए गुरुवार रात आठ बजे परिजनों ने बताया कि अनुग्रह सौरभ तिग्गा (पच्चीस वर्ष) और उसके पिता ज्ञान प्रकाश तिग्गा (पैंतालीस वर्ष) के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी शुरू हुई, जो देखते ही देखते खूनी संघर्ष में बदल गई। ग्रामीणों के अनुसार घटना के समय दोनों नशे की हालत में थे। विवाद बढ़ने पर पिता ने गुस्से में आकर बेटे के सिर पर ईंट से हमला कर दिया। हमले में युवक गंभीर रूप से घायल हो गया और उसके सिर से काफी खून बहने लगा। घटना के बाद परिजनों में अफरा-तफरी मच गई। परिजनों ने तत्काल एक सौ आठ एंबुलेंस सेवा की मदद से घायल युवक को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चैनपुर पहुंचाया, जहां डॉक्टर प्रभात की देखरेख में उसका प्राथमिक उपचार किया गया। चिकित्सकों ने घायल की स्थिति फिलहाल स्थिर बताई है। घायल के बड़े पिता ने बताया कि दोनों के बीच पूर्व में भी विवाद होता रहा है और नशे की स्थिति में अक्सर झगड़ा बढ़ जाता था।1
- Post by Ratan Choudhry1
- रामप्रवेश गुप्ता पूर्णाहुति के साथ उमड़ी श्रद्धा की धारा महुआडांड़ प्रखंड अंतर्गत ग्राम चटकपुर में माता चंद्रघंटा मंदिर स्थापना की 11वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित तीन दिवसीय धार्मिक अनुष्ठान शुक्रवार 3 अप्रैल को पूर्णाहुति के साथ संपन्न हो गया। 1, 2 और 3 अप्रैल तक चले इस यज्ञ में पूरे गांव सहित आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। यज्ञ का शुभारंभ छठ नदी के पवित्र जल से कलश भरकर किया गया। स्थानीय ग्रामीण महिलाएं, पुरुष और बच्चियां गाजे-बाजे व भक्ति गीतों के साथ कलश यात्रा निकालते हुए पूरे चटकपुर गांव का नगर भ्रमण कर यज्ञशाला पहुंचीं, जहां विधिवत कलश स्थापना की गई। पूरे आयोजन के दौरान श्रद्धा, भक्ति और उत्साह का अद्भुत संगम देखने को मिला। यज्ञ में श्रीकोट स्थित गहीरा गुरु आश्रम से आए मुख्य अतिथि ब्राह्मण रिशेश्वर महाराज के मार्गदर्शन में अनुष्ठान संपन्न कराया गया। मुख्य पुजारी के रूप में विद्याकांत जी, सहायक पुजारी मंगल शुक्ला तथा स्थानीय पुजारी ओंकार नाथ पाठक, मुरारी पाठक एवं धीरज पाठक ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ यज्ञ, हवन और पूजा-पाठ कराया। इस धार्मिक आयोजन में मुख्य यजमान की भूमिका उदय प्रसाद ने अपनी धर्मपत्नी के साथ निभाई। यज्ञ के प्रथम दिन जल यात्रा, पूजा-पाठ, यज्ञ, हवन और आरती हुई। दूसरे दिन सुबह पुनः पूजा-पाठ, हवन, यज्ञ और आरती के साथ भजन-कीर्तन का आयोजन किया गया तथा रात्रि में विशाल भंडारा आयोजित हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। तीसरे और अंतिम दिन शुक्रवार को सुबह पूजा-पाठ, हवन, यज्ञ, आरती और भजन-कीर्तन के बाद कुंवारी नव कन्याओं का पूजन किया गया। इसके बाद पूर्णाहुति के साथ तीन दिवसीय आयोजन का समापन हुआ। पूरे आयोजन को सफल बनाने में पश्चिमी हिंदू महासभा के अध्यक्ष रामदत प्रसाद सहित मदन प्रसाद, महेंद्र प्रसाद, कपिल देव प्रसाद, नंदकिशोर प्रसाद, बद्रीनाथ प्रसाद, ज्ञानचंद प्रसाद, विजय प्रसाद, चंद्रशेखर प्रसाद गुरुजी, संजय प्रसाद डॉक्टर, विष्णु प्रसाद महूराम, हरिलाल गुप्ता, उमाकांत गुप्ता, राहुल प्रसाद, विष्णु प्रसाद, रमेश प्रसाद, सूरज कुमार, अयोध्या राम, उमेश कुमार गुप्ता गुरुजी समेत अनेक लोगों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। विशेष बात यह रही कि पूरे यज्ञ और आयोजन में गांव की मातृ शक्ति ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और धार्मिक कार्यक्रम को सफल बनाने में अहम भूमिका निभाई।4
- चैनपुर:- प्रकृति पर्व सरहुल को लेकर चैनपुर क्षेत्र में इस वर्ष खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। आगामी 6 अप्रैल को सरहुल पूजा भव्य और पारंपरिक तरीके से मनाई जाएगी। इस आयोजन को लेकर सरहुल पूजा समिति द्वारा व्यापक तैयारी की जा रही है।1
- बलरामपुर में संगठन सृजन अभियान के तहत गांव चलो अभियान आज से शुरू आज बलरामपुर जिले के ग्राम तातापानी में कांग्रेस का महत्वपूर्ण बैठकआज. आज की आयोजित में मुख्य अतिथि के रूप में कांग्रेस प्रभारी शफी अहमद जी और जिला अध्यक्ष लिखना उपस्थित रहेंगे आज बलरामपुर जिले के तातापानी में विशाल बैठक आयोजित कांग्रेस का किया जाएगा.. पूरा मामला बलरामपुर जिले के तातापानी गांव का है1
- ट्रक में आग लगने का मामला1