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उत्तराखंड के रुद्रपुर से बड़ी खबर: मेट्रोपोलिस में गेट तोड़ा तो मचा हड़कंप, 37 वर्षीय युवक ने पत्नी से वीडियो कॉल पर बात करते हुए फांसी लगाकर दी जान
रिपोर्टर अर्जुन कुमार
उत्तराखंड के रुद्रपुर से बड़ी खबर: मेट्रोपोलिस में गेट तोड़ा तो मचा हड़कंप, 37 वर्षीय युवक ने पत्नी से वीडियो कॉल पर बात करते हुए फांसी लगाकर दी जान
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- उत्तराखंड के रुद्रपुर से बड़ी खबर: मेट्रोपोलिस में गेट तोड़ा तो मचा हड़कंप, 37 वर्षीय युवक ने पत्नी से वीडियो कॉल पर बात करते हुए फांसी लगाकर दी जान1
- बाजपुर में पॉलिप्लेक्स फैक्ट्री के ‘काले साम्राज्य’ के खिलाफ महाजंग बाजपुर में स्थित पॉलिप्लेक्स फैक्ट्री एक बार फिर विवादों के घेरे में है, जहां सैकड़ों मजदूरों का गुस्सा अब सड़कों पर फूट पड़ा है। वर्षों से अंदर ही अंदर सुलग रही नाराजगी ने आखिरकार बड़ा रूप ले लिया। मजदूरों का आरोप है कि कंपनी उनके खून-पसीने से करोड़ों की कमाई कर रही है, लेकिन बदले में उन्हें न तो उचित वेतन मिल रहा है और न ही सुरक्षित कार्यस्थल। बताया जा रहा है कि फैक्ट्री के अंदर सुरक्षा मानकों की खुलेआम अनदेखी हो रही है। मजदूरों का कहना है कि कई बार हादसे हो चुके हैं, जिनमें कुछ लोग गंभीर रूप से घायल भी हुए, लेकिन कंपनी प्रबंधन ने न तो उनकी उचित चिकित्सा करवाई और न ही कोई मुआवजा दिया। आरोप है कि घायल मजदूरों को चुपचाप बाहर का रास्ता दिखा दिया जाता है, ताकि मामला दबा रहे। घटना के दिन हालात तब बिगड़ गए जब एक और मजदूर के घायल होने की खबर फैली। इसके बाद मजदूरों ने काम बंद कर दिया और फैक्ट्री गेट पर इकट्ठा होकर जोरदार प्रदर्शन शुरू कर दिया। “खून-पसीना हमारा, तिजोरी कंपनी की — अब नहीं चलेगा” जैसे नारों से पूरा इलाका गूंज उठा। प्रदर्शन के दौरान मजदूरों ने कंपनी प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और अपनी मांगों को लेकर अड़े रहे। मजदूरों की मुख्य मांगों में सुरक्षित कार्यस्थल, उचित वेतन, हादसों में घायल होने पर इलाज और मुआवजा, तथा नौकरी की सुरक्षा शामिल है। उनका कहना है कि जब तक इन मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय प्रशासन भी हरकत में आया। मौके पर पहुंची पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने स्थिति को संभालने की कोशिश की और मजदूरों से बातचीत कर मामला शांत कराने का प्रयास किया। अधिकारियों ने जांच और उचित कार्रवाई का भरोसा दिया है। फिलहाल बाजपुर में माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है। मजदूरों का कहना है कि यह सिर्फ शुरुआत है, अगर उनकी आवाज नहीं सुनी गई तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। अब सबकी नजर प्रशासन और कंपनी प्रबंधन के अगले कदम पर टिकी है—क्या मजदूरों को न्याय मिलेगा या फिर यह ‘काला साम्राज्य’ यूं ही चलता रहेगा?1
- गांव मलकपुर माजरा बहादुर गंज बहेड़ी बरेली तहसील बहेड़ी जिला बरेली नाली में कीचड़ बड़ा है निकालने की जगह नहीं है और 1 साल तक इसकी सफाई नहीं हो पाती है और जो सफाई करने आता है वह भी नहीं आता है 1 साल हो गई है प्रधान जी के गांव में तो सफाई होती है लेकिन दूसरे गांव में नहीं हो पाती है प्रधान जी गांव में रोड है हमारे यहां रोड भी नहीं पड़ते हैं जब कभी प्रधानी का नंबर आता है तो कहते हैं बोर्ड दे दो रोड पड़वा देंगे लेकिन 5 साल के बाद लौट कर आते हैं फिर बोर्ड लेने के लिए जनता का काम है वोट देना जनता करी क्या सकती है3
- बाजपुर में पॉलिप्लेक्स फैक्ट्री के 'काले साम्राज्य' के खिलाफ महाजंग सैकड़ों मजदूरों का फूटा गुस्सा,खून-पसीना हमारा, तिजोरी कंपनी की',अब नहीं चलेगा पॉलिप्लेक्स में सुरक्षा के नाम पर 'मौत का खेल', घायल हुए तो सीधे बाहर का रास्ता1
- आज रात आसमानी आतिशबाजी से जगमगाएगा आसमान धूमकेतु सी 2025 आर 3 पान स्टार्स भी इन दिनों आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। मंगलवार की रात इस बार खास होने जा रही है। इस रात कुदरती आसमानी आतिशबाजी से आसमान जगमगाने जा रहा है। यह खगोलीय घटना लाइरिड नामक उल्कावृष्टि के कारण होगी। इस घटना में दो दर्जन उल्काएं जलकर गिरती हुई नजर आने वाली हैं। धूमकेतु सी 2025 आर 3 पान स्टार्स भी इन दिनों आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। आर्यभट्ट प्रेक्षण विज्ञान शोध संस्थान एरीज के वरिष्ठ खगोल विज्ञानी डा शशिभूषण पांडेय ने बताया कि आसमान में इन दिनों एक धूमकेतु भोर से पूर्व आकर्षण का केंद्र बना हुआ है तो लाइरिड उल्का वृष्टि भी शुरू हो चुकी है। यह अद्भुत खगोलीय घटना बुधवार से शुरू हो गई थी और 29 अप्रैल तक जारी रहने जा रही है। मगर इसका 21 अप्रैल को आधी रात के बाद चरम पर रहेगा। संभावना है कि चरमता के दौरान दो दर्जन से अधिक जलती उल्काएं आसमान से जमीन की ओर गिरती नजर आएंगी। इस घटना को बिजली की रोशनी से परे दूर अंधेरे स्थानों की शरण में जाना होगा। तभी इसका लुत्फ उठाया जा सकेगा । इस घटना को देखने के लिए दूरबीन की आवश्यकता नहीं पड़ती है। लाइरिड उल्का वृष्टि धूमकेतु सी/1861 जी1 थैचर द्वारा छोड़े गए धूल और मलबे के कारण होती है। यह धूमकेतु चार सौ वर्ष में एक बार हमारे करीब आता है और सूर्य की परिक्रमा कर वापस लौट जाता है। इस खगोलीय घटना को सबसे पुराना माना जाता है। 2600 साल से यह उल्का वृष्टि हो रही है, जो खगोलीय घटनाओं के दस्तावेजों में दर्ज है। डा शशिभूषण पांडेय ने बताया कि इधर धूमकेतु सी 2025 आर 3 पान स्टार्स भी इन दिनों आसमान में अनूठी चमक बिखेर रहा है। इसे सूर्योदय से करीब 90 मिनट पहले दिखना शुरू होगा और सूर्योदय तक देखा जा सकता है। इसे नग्न आंखों से देखना मुश्किल होगा और छोटी दूरबीन से आसानी से देखा जा सकता है। इंसेट डा शशिभूषण पांडेय ने बताया कि अगली ईटा एक्वारिड उल्का वृष्टि की खगोलीय घटना होने जा रही है। जिसका पीक पांच अप्रैल की रात रहेगा। यह खगोलीय घटना कुछ दिन बाद शुरू हो जाएगी और मई मध्य तक जारी रहती है। यह आसमानी आतिशबाजी प्रसिद्ध हैली के धूमकेतु द्वारा छोड़े गए धूल कंकड़ और मलवे के कारण होती है। जब यह के पृथ्वी वायु मंडल से टकराते हैं तो जलकर नष्ट तब हो जाते है।2
- गर्मी बनी ‘हेल्थ इमरजेंसी’, 43°C पार तापमान से हालात बेहाल देशभर में गर्मी अब सिर्फ मौसम नहीं, बल्कि गंभीर Health Emergency का रूप ले चुकी है। कई शहरों में तापमान 43°C के पार पहुंच चुका है, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा छा रहा है, वहीं अस्पतालों में हीट स्ट्रोक और डिहाइड्रेशन के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। विशेषज्ञों के मुताबिक, लगातार बढ़ती गर्मी और लू के कारण बुजुर्ग, बच्चे और मजदूर वर्ग सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। प्रशासन की ओर से एडवाइजरी जारी की जा रही है, लेकिन सवाल ये है कि क्या सिस्टम इस चुनौती से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है? आपके शहर में हालात कैसे हैं? क्या वहां भी गर्मी ने ‘आपदा’ का रूप ले लिया है — ये सवाल अब हर किसी के मन में है।1
- रामपुर में लगातार हो रही बिजली कटौती से जनता परेशान है। समाजसेवी मामून शाह खान ने बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि लोगों को बिना वजह परेशान किया जा रहा है। पतंग के तार के नाम पर हो रही कटौती से आम लोग काफी दिक्कत में हैं।मामून शाह खान ने इस मामले को लेकर बिजली विभाग के अधिकारियों से मुलाकात भी की और जल्द समाधान की मांग की। साथ ही स्मार्ट मीटर को लेकर आ रही समस्याओं पर भी उन्होंने नाराजगी जताई। वीडियो में जानिए पूरा मामला और क्या कहा मामून शाह खान ने।1
- रुद्रपुर के रेशमबाड़ी में बारात बनी रणभूमि—गाड़ी हटाने को लेकर शुरू हुआ विवाद, ईंट-पत्थर चले, गाड़ियों में तोड़फोड़, लूट के आरोप1