सोशल मीडिया पर सतना के VITS कॉलेज की कैंटीन का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें छात्र-छात्राएं मर्यादाओं को ताक पर रखकर आपत्तिजनक अवस्था में दिखाई दे रहे हैं। शिक्षा के इस पावन मंदिर में सार्वजनिक स्थान पर हुई यह हरकत न केवल अनुशासनहीनता को दर्शाती है, बल्कि शिक्षण संस्थानों की गरिमा पर भी बड़ा सवाल खड़ा करती है। शैक्षणिक परिसर को प्रेम प्रदर्शन का अड्डा बनाना कहीं न कहीं कॉलेज प्रशासन की लाचार व्यवस्था और छात्रों में जिम्मेदारी के अभाव को उजागर करता है। ऐसे दृश्य न केवल कॉलेज के माहौल को दूषित कर रहे हैं, बल्कि भविष्य की नींव रखने वाले छात्रों की मानसिकता पर भी चिंताजनक प्रभाव डालते हैं। इस मामले में कॉलेज प्रबंधन को तुरंत संज्ञान लेकर सख्त रुख अपनाना चाहिए ताकि परिसर की मर्यादा पुनः बहाल हो सके। युवाओं को यह समझना होगा कि अभिव्यक्ति की आजादी का अर्थ सार्वजनिक स्थानों पर अश्लीलता फैलाना नहीं है। यह घटना गंभीर कार्रवाई की मांग करती है, और एक अहम सवाल उठाती है कि क्या शिक्षा के केंद्रों में अब नैतिकता का स्थान खत्म हो रहा है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
सोशल मीडिया पर सतना के VITS कॉलेज की कैंटीन का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें छात्र-छात्राएं मर्यादाओं को ताक पर रखकर आपत्तिजनक अवस्था में दिखाई दे रहे हैं। शिक्षा के इस पावन मंदिर में सार्वजनिक स्थान पर हुई यह हरकत न केवल अनुशासनहीनता को दर्शाती है, बल्कि शिक्षण संस्थानों की गरिमा पर भी बड़ा सवाल खड़ा करती है। शैक्षणिक परिसर को प्रेम प्रदर्शन का अड्डा बनाना कहीं न कहीं कॉलेज प्रशासन की लाचार व्यवस्था और छात्रों में जिम्मेदारी के अभाव को उजागर करता है। ऐसे दृश्य न केवल कॉलेज के माहौल को
दूषित कर रहे हैं, बल्कि भविष्य की नींव रखने वाले छात्रों की मानसिकता पर भी चिंताजनक प्रभाव डालते हैं। इस मामले में कॉलेज प्रबंधन को तुरंत संज्ञान लेकर सख्त रुख अपनाना चाहिए ताकि परिसर की मर्यादा पुनः बहाल हो सके। युवाओं को यह समझना होगा कि अभिव्यक्ति की आजादी का अर्थ सार्वजनिक स्थानों पर अश्लीलता फैलाना नहीं है। यह घटना गंभीर कार्रवाई की मांग करती है, और एक अहम सवाल उठाती है कि क्या शिक्षा के केंद्रों में अब नैतिकता का स्थान खत्म हो रहा है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
- मध्य प्रदेश के मैहर जिले के अमरपाटन जनपद पंचायत की ग्राम पंचायत मढ़ा में फूड इंस्पेक्टर प्रियंका अग्रवाल पर गंभीर आरोप लगे हैं। वायरल वीडियो के अनुसार, उन पर हितग्राहियों पर मुख्यमंत्री हेल्पलाइन (CM हेल्पलाइन) की शिकायतें कटवाने का दबाव बनाने और मौके पर वीडियो बना रहे एक पत्रकार को धमकाने का आरोप है। वायरल वीडियो में, हितग्राही विनय कुमार मिश्रा ने बताया कि उनकी पर्ची पिछले 3-4 साल से नहीं बन पा रही है, और जितेंद्र साकेत भी इस दौरान मौजूद थे। हितग्राहियों का आरोप है कि फूड इंस्पेक्टर सीधे पर्ची बनाने से मना कर रही हैं और कह रही हैं कि "पहले सीएम हेल्पलाइन की शिकायत कटवा लो, फिर पर्ची बनवा देंगे।" हितग्राहियों ने सवाल उठाया कि शिकायत कट जाने के बाद पर्ची कैसे बनेगी। पत्रकार को सूचना मिली थी कि एक अधिकारी हितग्राहियों पर सीएम हेल्पलाइन कटवाने का दबाव बना रही हैं, जिसके बाद वे मौके पर पहुंचे और पहले शिकायतकर्ता का वीडियो बनाया। जब पत्रकार ने फूड इंस्पेक्टर प्रियंका अग्रवाल का वीडियो बनाना शुरू किया, तो मैडम ने पत्रकार से सवाल किया कि "तुम कौन होते हो वीडियो बनाने वाले? मेरे से परमिशन ली?" वीडियो में मैडम यह भी कहती दिख रही हैं कि वह GRS को "फालतू में तड़का रही थीं" और उसी दौरान पत्रकार शूटिंग कर रहा था। वीडियो देखते ही मैडम हाइपर हो गईं और पत्रकार का खुद वीडियो बनाकर धमकाने लगीं कि "मैं बताती हूं।" हितग्राहियों का आरोप है कि सीएम हेल्पलाइन कटवाने का दबाव इसलिए बनाया जा रहा है ताकि शिकायत सिस्टम से हट जाए और विभागीय कार्रवाई से बचा जा सके। पत्रकार ने सवाल किया है कि क्या अब किसी अधिकारी का वीडियो बनाने से पहले अनुमति लेनी पड़ेगी और उन्होंने अधिकारी द्वारा वीडियो बनाकर धमकाने को प्रेस की स्वतंत्रता पर हमला बताया। ये सभी आरोप वायरल वीडियो और हितग्राहियों/पत्रकार के बयानों पर आधारित हैं। फूड इंस्पेक्टर प्रियंका अग्रवाल या संबंधित विभाग का पक्ष अभी सामने नहीं आया है और निष्पक्षता के लिए विभागीय प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है। हितग्राहियों ने मांग की है कि उनकी पर्ची/राशन की समस्या बिना शर्त हल की जाए और सीएम हेल्पलाइन को दबाव का माध्यम न बनाया जाए। पत्रकार संगठनों ने भी इस घटना को प्रेस की स्वतंत्रता से जोड़कर देखा है, और यह मामला सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।1
- मध्य प्रदेश के रीवा जिले के जवा में महाराणा प्रताप जी की एक भव्य शोभा यात्रा निकाली गई है।1
- कोटा में राहुल गांधी के काफिले को देखने के लिए कोचिंग छात्र बड़ी संख्या में जमा हुए। इस दौरान छात्रों ने राहुल गांधी की जमकर तारीफ की। एक छात्र ने स्पष्ट रूप से कहा कि उन्हें ऐसे ही नेता की जरूरत है।1
- सतना के डिग्री कॉलेज परिसर में NSUI कार्यकर्ताओं ने शुद्धिकरण कार्यक्रम आयोजित किया। कार्यकर्ताओं ने कॉलेज में व्याप्त अनियमितताओं और विवादों के प्रति अपना विरोध जताते हुए परिसर में गंगाजल का छिड़काव किया। यह शुद्धिकरण कार्यक्रम NSUI के प्रदेश पदाधिकारी आनंद पांडे के नेतृत्व में हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में छात्र और NSUI कार्यकर्ता मौजूद रहे।1
- मध्य प्रदेश के सतना जिले में बजरंग दल ने एक कॉलेज परिसर में विरोध प्रदर्शन किया। संगठन ने कॉलेज प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की है और इस संबंध में एक ज्ञापन सौंपा है। प्रदर्शनकारी कार्यकर्ताओं ने कॉलेज में कार्यरत दो व्यक्तियों, आरिफ खान और शिवा खान, पर गंभीर आरोप लगाए हैं। सौंपे गए ज्ञापन में दावा किया गया है कि कॉलेज परिसर के भीतर छात्राओं पर मोबाइल नंबर देने और कथित तौर पर उन्हें परिसर में नमाज़ पढ़ने के लिए विवश किया जा रहा है। बजरंग दल ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और आरोपी व्यक्तियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है। साथ ही, उन्होंने मामले की सच्चाई सामने लाने के लिए सीसीटीवी फुटेज की भी जांच की मांग की है। इस संबंध में कॉलेज प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। वहीं, पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच करने की बात कही है।1
- राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू मध्य प्रदेश के दौरे पर इंदौर पहुंचीं, जहाँ मुख्यमंत्री मोहन यादव ने उनका स्वागत किया। राष्ट्रपति ओंकारेश्वर में पूजा-अर्चना करेंगी। इसके बाद वे कूनो नेशनल पार्क का भी दौरा करेंगी।1
- सतना जिले के कोलगवा थाना क्षेत्र अंतर्गत मैहर बाईपास पर स्थित परिणय मैरिज गार्डन से एक अपाची मोटरसाइकिल चोरी हो गई है। यह घटना मैरिज गार्डन से हुई है और इसका सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है।1
- Post by Prime 24 News1
- मध्य प्रदेश के सतना जिला अस्पताल में सुरक्षा व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। अस्पताल के वार्ड नंबर 2 में स्ट्रेचर को लेकर शुरू हुआ एक मामूली विवाद अचानक हिंसा में बदल गया, जिसमें तीन युवकों ने मरीज से मिलने आई एक महिला और उसके पति के साथ जमकर मारपीट की। इस घटना से वार्ड में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और मरीजों व उनके परिजनों में दहशत फैल गई। पीड़ित परिवार का आरोप है कि अस्पताल परिसर में सुरक्षाकर्मी मौजूद होने के बावजूद उन्होंने समय पर हस्तक्षेप नहीं किया, जिससे हमलावर बेखौफ होकर मारपीट करते रहे। इस घटना ने एक बार फिर जिला अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, क्योंकि अब मरीजों और उनके परिजनों को अपनी सुरक्षा की चिंता सताने लगी है। बड़ा सवाल यह है कि क्या जिला अस्पताल में मरीज और उनके परिजन सुरक्षित नहीं हैं और प्रशासन कब इस ओर ध्यान देगा।1