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सऊदी अरब की एक फूड डिलीवरी कंपनी ने 3000 रिक्तियों की घोषणा की है। इन पदों के लिए दरभंगा में सीधे इंटरव्यू आयोजित किए जाएंगे।
24 Dainik Bihar Gramin
सऊदी अरब की एक फूड डिलीवरी कंपनी ने 3000 रिक्तियों की घोषणा की है। इन पदों के लिए दरभंगा में सीधे इंटरव्यू आयोजित किए जाएंगे।
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- सऊदी अरब की एक फूड डिलीवरी कंपनी ने 3000 रिक्तियों की घोषणा की है। इन पदों के लिए दरभंगा में सीधे इंटरव्यू आयोजित किए जाएंगे।1
- दरभंगा जिले के बहादुरपुर प्रखंड में पेयजल की स्वच्छता को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। एक ओर जहां प्रखंड प्रशासन ने 23 पंचायतों को लोहिया स्वच्छता अभियान का पाठ पढ़ाने का जिम्मा उठाया है, वहीं दूसरी ओर बहादुरपुर प्रखंड में पीने का पानी भी स्वच्छ नहीं है। इस विरोधाभासी स्थिति से प्रशासन की घोर लापरवाही उजागर हुई है।1
- दरभंगा के डीएमसीएच (DMCH) में उस समय हाई-वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला जब अपनी मांगों को लेकर एक नर्सिंग छात्र मोबाइल टावर पर चढ़ गया। इस घटना से प्रशासन के हाथ-पाँव फूल गए और इलाके में भारी तनाव का माहौल बन गया। लगभग चार घंटे तक टावर पर रहने के बाद, छात्र आखिरकार नीचे उतरा।1
- बिहार के भोजपुर में भरत तिवारी मामले में न्याय की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है, जहाँ न्यायिक जांच कमेटी के माननीय जज साहब ने स्वयं पीड़ित भरत तिवारी के घर का दौरा किया। इस संवेदनशील मामले के मद्देनजर गठित कमेटी के जज साहब भोजपुर के डीएम, डीआईजी और पुलिस महकमे के तमाम आला अधिकारियों के साथ कड़ी सुरक्षा के बीच पैदल चलकर पीड़ित के घर पहुँचे। इस दौरे के बाद पूरे प्रशासनिक अमले में खलबली मच गई। जांच कमेटी के अध्यक्ष ने पीड़ित परिवार के पास बैठकर उनका पक्ष सुना और हर पहलू की बारीकी से जांच करने का आश्वासन दिया। हालांकि, इस जांच प्रक्रिया के दौरान, भरत तिवारी की माँ का दर्द और गुस्सा कैमरे के सामने छलक पड़ा। उन्होंने रोते हुए साफ शब्दों में कहा कि उन्हें पैसों या किसी अन्य मदद की आवश्यकता नहीं है, बल्कि उन्हें केवल और केवल न्याय चाहिए। पीड़ित माँ ने स्पष्ट रूप से मांग की कि जो भी इस घटना में शामिल है और जिसने भी उनके बेटे को मारा है, चाहे वह प्रशासन का कोई बड़ा अधिकारी हो या एसडीएम, उन सभी को फाँसी की सज़ा मिलनी चाहिए। उन्होंने प्रशासन को 'गुंडा' भी बताया। पीड़ित माँ ने यह भी जानकारी दी कि माननीय जज साहब ने उन्हें अपनी लिखित शिकायत और मांगें सौंपने को कहा है, जिस पर निष्पक्ष कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है। परिवार ने माननीय हाईकोर्ट पर अपना पूरा भरोसा जताया है, लेकिन साथ ही इस पूरे मामले की केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से जांच कराने की पुरजोर मांग की है। अब यह देखना होगा कि इस उच्च स्तरीय न्यायिक जांच के बाद क्या वाकई दोषियों को उनके किए की सज़ा मिलेगी और क्या पीड़ित परिवार को वह न्याय मिल पाएगा जिसकी वे गुहार लगा रहे हैं।1
- एक पत्रकार को खबर चलाने के कारण धमकी मिली है। इस घटनाक्रम के सामने आने के बाद यह सवाल उठ रहा है कि आखिर धमकी देने वाला यह शख्स कौन है। इसके साथ ही यह भी जानने की कोशिश की जा रही है कि धमकी देने वाले इस शख्स का एक पूर्व मुखिया से क्या रिश्ता है।1
- मोहर्रम से पहले मधुबनी जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट पर है। इस कड़ी में प्रशासन ने कड़ी सख्ती दिखाते हुए अब तक कुल 158 डीजे सेट जब्त किए हैं। इसके अतिरिक्त, जिला प्रशासन ने फ्लैग मार्च भी निकाला है, जिसके माध्यम से लोगों को स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि बिना लाइसेंस के निकाले जाने वाले किसी भी जुलूस पर कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसी के साथ, मधुबनी के एसपी ने जिले के निवासियों से शांति और व्यवस्था बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने लोगों से आह्वान किया है कि वे किसी भी तरह की अफवाहों से बचें और आपसी भाईचारा बनाए रखें ताकि मोहर्रम का त्योहार शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हो सके।1
- वोट वापसी पासबुक जूरी कोर्ट , जनमत संग्रह , वोट वापसी cm पीएम एसपी1
- मुहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के लिए दरभंगा जिला प्रशासन और पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। पूरे शहर में लगातार फ्लैग मार्च निकाले जा रहे हैं, वहीं संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए हैं। प्रशासन द्वारा जिले में लगभग 400 संवेदनशील स्थानों की पहचान की गई है, जहाँ पुलिस पदाधिकारी, जवान, चौकीदार और होमगार्ड की तैनाती की गई है। इन सभी स्थानों पर सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से लगातार निगरानी रखी जा रही है, जबकि एसएसपी कार्यालय स्थित कंट्रोल रूम से सभी गतिविधियों पर 24 घंटे नजर रखी जा रही है। किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई के लिए जिले में 10 क्विक रिस्पांस टीम (QRT) भी तैनात की गई हैं। सुरक्षा व्यवस्था में एसएसबी, बीएमपी, होमगार्ड सहित अन्य सुरक्षा बलों को भी लगाया गया है। आवश्यकतानुसार, बैरिकेडिंग और ड्रॉप गेट भी लगाए गए हैं। प्रशासन सोशल मीडिया पर भी विशेष निगरानी रख रहा है और चेतावनी दी है कि अफवाह फैलाने या भड़काऊ पोस्ट करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके अतिरिक्त, प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बिना अनुमति के डीजे का उपयोग नहीं किया जा सकेगा। साउंड सिस्टम या लाउडस्पीकर के उपयोग के लिए संबंधित अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) से पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य होगा। जिला प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि वे मुहर्रम का पर्व शांति और आपसी भाईचारे के साथ मनाएं, तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि या अफवाह की जानकारी तुरंत पुलिस या जिला प्रशासन को दें। प्रशासन ने मुहर्रम के जुलूस मार्गों का निरीक्षण कर सभी आवश्यक सुरक्षा प्रबंध पूरे कर लिए हैं और दावा किया है कि सभी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं।1