सिंघानिया यूनिवर्सिटी को आवंटित अतिरिक्त भूमि एवं तालाब में मिल रहे सीवरेज के पानी के विरोध में ग्रामीणों उदयपुर जिले के वल्लभनगर तहसील के राजस्व ग्राम भटेवर एवं खालतोड़ के समस्त ग्रामवासियों ने सिंघानिया यूनिवर्सिटी भटेवर को वर्ष 2006 एवं 2008 में आवंटित भूमि तथा उससे जुड़ी अनियमितताओं के संबंध में माननीय मुख्यमंत्री राजस्थान सरकार के नाम उपखंड अधिकारी वल्लभनगर के माध्यम से ज्ञापन प्रस्तुत किया। जानकारी के अनुसार ग्रामीणों ने बताया कि वर्ष 2006 में 56 बीघा तथा वर्ष 2008 में 108 बीघा भूमि, कुल 164 बीघा भूमि विश्वविद्यालय को आवंटित की गई, जबकि नियमानुसार 30 एकड़ (56 बीघा) भूमि का ही आवंटन किया जा सकता था। आरोप है कि 108 बीघा अतिरिक्त भूमि का आवंटन कर दिया गया, जिससे सरकारी भूमि एवं चारागाह भूमि प्रभावित हुई। उक्त भूमि पर पूर्व में सामुदायिक भवन एवं अन्य सार्वजनिक उपयोग के निर्माण भी थे। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय द्वारा भटेवरिया तालाब में सीवरेज का पानी छोड़ा जा रहा है, जिससे आसपास की कृषि भूमि बंजर होती जा रही है। दूषित पानी के कारण पशुधन बीमार हो रहा है तथा कई पशुओं की मृत्यु भी हो चुकी है। तालाब में मछलियों की भी मृत्यु होने की बात कही गई है। इससे किसानों एवं पशुपालकों की आजीविका पर गंभीर संकट उत्पन्न हो गया है। ञापन में उल्लेख किया गया कि वर्ष 2006 के बाद से विश्वविद्यालय द्वारा स्थानीय ग्रामीणों को रोजगार देने या क्षेत्रीय विकास के लिए कोई ठोस कार्य नहीं किया गया।
सिंघानिया यूनिवर्सिटी को आवंटित अतिरिक्त भूमि एवं तालाब में मिल रहे सीवरेज के पानी के विरोध में ग्रामीणों उदयपुर जिले के वल्लभनगर तहसील के राजस्व ग्राम भटेवर एवं खालतोड़ के समस्त ग्रामवासियों ने सिंघानिया यूनिवर्सिटी भटेवर को वर्ष 2006 एवं 2008 में आवंटित भूमि तथा उससे जुड़ी अनियमितताओं के संबंध में माननीय मुख्यमंत्री राजस्थान सरकार के नाम उपखंड अधिकारी वल्लभनगर के माध्यम से ज्ञापन प्रस्तुत किया। जानकारी के अनुसार ग्रामीणों ने बताया कि वर्ष 2006 में 56 बीघा तथा वर्ष 2008 में 108 बीघा भूमि, कुल 164 बीघा भूमि विश्वविद्यालय को आवंटित की गई, जबकि नियमानुसार 30 एकड़ (56 बीघा) भूमि का ही आवंटन किया जा सकता था। आरोप है कि 108 बीघा अतिरिक्त भूमि का आवंटन कर दिया गया, जिससे सरकारी भूमि एवं चारागाह भूमि प्रभावित हुई। उक्त भूमि पर पूर्व में सामुदायिक भवन एवं अन्य सार्वजनिक उपयोग के निर्माण भी थे। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय द्वारा भटेवरिया तालाब में सीवरेज का पानी छोड़ा जा रहा है, जिससे आसपास की कृषि भूमि बंजर होती जा रही है। दूषित पानी के कारण पशुधन बीमार हो रहा है तथा कई पशुओं की मृत्यु भी हो चुकी है। तालाब में मछलियों की भी मृत्यु होने की बात कही गई है। इससे किसानों एवं पशुपालकों की आजीविका पर गंभीर संकट उत्पन्न हो गया है। ञापन में उल्लेख किया गया कि वर्ष 2006 के बाद से विश्वविद्यालय द्वारा स्थानीय ग्रामीणों को रोजगार देने या क्षेत्रीय विकास के लिए कोई ठोस कार्य नहीं किया गया।
- विधानसभा सत्र के युवा मामले, खेल एवं उद्योग विभाग की अनुदान मांग पर चर्चा के दौरान वल्लभनगर विधायक उदय लाल डांगी ने विधानसभा क्षेत्र के विकास से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों को मजबूती से उठाया। जानकारी के अनुसार विधायक डांगी ने कहा कि कानोड़ तहसील क्षेत्र के राजस्व गांव गोपालपुरा में रिको औद्योगिक क्षेत्र प्रस्ताव विचाराधीन है, कानोड़ क्षेत्र में औद्योगिक क्षेत्र नहीं खुलने से युवाओं को रोजगार नहीं मिल पा रहा है, जिससे युवाओं को रोजगार के लिए बाहर जाना पड़ता है, वहीं यहां के क्षेत्रवासी खेती पर निर्भर है, यहां पर रीको औद्योगिक क्षेत्र अति आवश्यक है , गोपालपुरा में 454 बीघा जमीन उपलब्ध है, यहां पर रीको खुलने से स्थानीय युवाओं को रोजगार के साथ-साथ क्षेत्र वासियों को काफी लाभ होगा, और कानोड़ क्षेत्र से पलायन रुकेगा और क्षेत्र का काफी विकास रीको खुलने से होगा, वहीं विधायक डांगी ने खेलों को लेकर भी आवाज उठाई और कहा कि वल्लभनगर उपखंड क्षेत्र के छापरा का खैल मैदान में आधुनिक , इनडोर स्टेडियम का निर्माण काफी आवश्यक है, वहीं भींडर उपखंड के भैरव राजकीय विद्यालय में वॉलीबॉल, बैडमिंटन, कराटे आदि के उपकरण उपलब्ध नहीं होने, जिससे यहां के युवा खिलाड़ियों को खैलने के लिए बाहर जाना पड़ता है, भींडर में एक सुसज्जित स्टेडियम की आवश्यकता है, इसकी स्थापना से खेलों को बढ़ावा मिलेगा। वहीं वल्लभनगर विधानसभा क्षेत्र कि सभी राजकीय विद्यालयों में खेल मैदानों के चार दिवारीओ के निर्माण की आवश्यकता है, वहीं प्रत्येक ग्राम पंचायत मुख्यालय पर मिनी खेल स्टेडियम का निर्माण किया जाएं, तो ग्रामीण क्षेत्रों कि प्रतिभाओं को भी आगे आने का अवसर मिलेगा। विधायक उदय लाल डांगी ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यशस्वी मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में युवाओं के कौशल विकास, खेल सुविधाओं के विस्तार, स्थानीय खिलाड़ियों को प्रोत्साहन तथा लघु एवं मध्यम उद्योगों को बढ़ावा देने हेतु संचालित योजनाओं पर आभार व्यक्त किया। साथ ही, क्षेत्र में खेल मैदानों के उन्नत, इंडोर स्टेडियम की स्थापना, युवा प्रशिक्षण केंद्रों की शुरुआत तथा नए औद्योगिक क्षेत्रों को विकसित करने की आवश्यकता पर सरकार का ध्यान आकर्षित किया।1
- Post by Shivam Electicals Fatehngar2
- उदयपुर / नई दिल्ली। बॉलीवुड के प्रसिद्ध निर्देशक-निर्माता विक्रम भट्ट को ₹30 करोड़ के कथित धोखाधड़ी मामले में बड़ी राहत मिली है। Supreme Court of India ने उन्हें नियमित जमानत प्रदान करते हुए रिहा करने के आदेश दिए, जिसके बाद वे उदयपुर की केंद्रीय जेल से बाहर आ गए। यह मामला उदयपुर के एक व्यवसायी द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत से जुड़ा है। आरोप था कि फिल्म प्रोजेक्ट के नाम पर बड़ी राशि ली गई, लेकिन तय शर्तों के अनुसार कार्य पूरा नहीं किया गया। इसी आधार पर धोखाधड़ी और आपराधिक विश्वासघात की धाराओं में केस दर्ज हुआ था। सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान टिप्पणी की कि मामला प्रथम दृष्टया व्यावसायिक लेन-देन से जुड़ा प्रतीत होता है। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि जमानत दिए जाने का अर्थ आरोपों से बरी होना नहीं है। मामले की सुनवाई आगे जारी रहेगी। सूत्रों के अनुसार, जेल से रिहाई के बाद विक्रम भट्ट ने सबसे पहले मंदिर जाकर दर्शन किए। उनकी रिहाई की खबर सामने आते ही फिल्म इंडस्ट्री और सोशल मीडिया पर चर्चाएं तेज हो गई हैं। 🔖 Hashtags #VikramBhatt #SupremeCourt #UdaipurNews #BollywoodNews #RajasthanNews #BreakingNews #LegalUpdate1
- Prasad gaon jila Udaipur 🫠🫠1
- Post by फोटोग्राफर नंदलाल पुरबिया नांदोली राजसमंद राजस्थान4
- उदयपुर जिले के झाड़ोल थाना क्षेत्र में तेज रफ्तार वाहन ने बाइक को टक्कर मार दी, जिससे बाइक सवार युवक की मौके पर ही मौत हो गई। हादसा मामा-भांजा घाटी क्षेत्र में हुआ बताया जा रहा है। सूचना मिलते ही झाड़ोल थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को स्थानीय चिकित्सालय की मोर्चरी में रखवाया। पुलिस के अनुसार युवक ने करीब एक माह पहले ही नई बाइक खरीदी थी। पुलिस ने अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है। हादसे के बाद मौके पर पहुंचे परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है।1
- कोतवाली थाना बांसवाड़ा में सख्त कार्रवाई, तीन घंटे में 110 चालान, 9 पावर बाइक जब्त बांसवाड़ा। सड़क सुरक्षा अभियान के तहत थाना कोतवाली बांसवाड़ा पुलिस ने बिना हेलमेट दुपहिया वाहन चलाने, पावर बाइक से स्टंट करने तथा शराब पीकर वाहन चलाने वालों के विरुद्ध बड़ी कार्रवाई करते हुए मात्र तीन घंटे में 110 चालान बनाए। साथ ही 9 पावर बाइक जब्त की गईं तथा 2 वाहन चालकों के विरुद्ध नशे की हालत में वाहन चलाने पर मोटर वाहन अधिनियम की धारा 185 के तहत कार्रवाई की गई। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक बांसवाड़ा सुधीर जोशी एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नरपत सिंह के निर्देशन तथा पुलिस उपाधीक्षक वृत्त बांसवाड़ा गोपीचंद मीणा के नेतृत्व में की गई। थाना कोतवाली के थानाधिकारी बुद्धाराम विश्नोई ने टीम के साथ नाकाबंदी कर विशेष अभियान चलाया। दौरान नाकाबंदी बिना हेलमेट दुपहिया वाहन चालकों के विरुद्ध 110 चालान बनाए गए। इसके अतिरिक्त 9 पावर बाइक जब्त की गईं, जो तेज रफ्तार एवं खतरनाक ढंग से चलाई जा रही थीं। शराब के नशे में वाहन चला रहे 2 मोटरसाइकिल चालकों को मौके पर पकड़ा गया और उनके वाहन जब्त किए गए। पुलिस ने आमजन को समझाइश दी कि हेलमेट का उपयोग केवल चालान से बचने के लिए नहीं, बल्कि स्वयं की जान की सुरक्षा के लिए अनिवार्य रूप से करें। पुलिस ने स्पष्ट किया कि सड़क सुरक्षा नियमों की अवहेलना करने वालों के विरुद्ध आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। —०—2
- उदयपुर जिले के भींडर पुलिस एवं एएनटीएफ टीम ने कार्रवाई करते हुए 36 किलो से अधिक अफीम डोडाचूरा जब्त किया। शुक्रवार शाम 7 बजे मिली जानकारी के अनुसार जिला पुलिस अधीक्षक योगेश गोयल के निर्देशन में अवैध मादक पदार्थों के विरुद्ध चलाये जारहे विशेष अभियान "ऑपरेशन त्रिनेत्र" के तहत भिण्डर पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। ए.एन.टी.एफ. (ANTF) के सहयोग से की गई इस कार्रवाई में 36 किलो 980 ग्राम अवैध अफीम डोडा चूरा बरामद किया गया है। आईजी उदयपुर रेंज गौरव श्रीवास्तव के आदेशानुसार और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक खेरवाड़ा अंजना सुखवाल व वृत्ताधिकारी (वल्लभनगर) राजेन्द्र सिंह जैन के सुपरविजन में भिण्डर थानाधिकारी (प्रशिक्षु RPS) रामकुमार भादू के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया था। टीम ने मुखबिर की सूचना पर नेशनल हाईवे 27 पर कीर की चौकी से नारायणपुरा टोल प्लाजा के बीच स्थित एक होटल के पीछे खाली जमीन पर दबिश दी। वहां प्लास्टिक के दो कट्टों में छिपाकर रखा गया कुल 36 किलो 980 ग्राम अवैध डोडा चूरा बरामद किया गया। पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट में प्रकरण दर्ज कर अग्रिम अनुसंधान शुरू कर दिया है। इस कार्रवाई में थानाधिकारी रामकुमार भादू के साथ हेड कांस्टेबल राधेश्याम, कांस्टेबल हिंगलाजदान, जालिम सिंह, रिंकूराम और आर.टी. कांस्टेबल खुशीराम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।1