भय प्रगट कृपाला दीन दयाला कौशल्या हितकारी के साथ भगवान श्रीराम का जन्मउत्सव हर्षोल्लाह के साथ मनाया गया लोकेशन :-बीना रिपोर्टर :-राकेश सेन बीना :-भय प्रगट कृपाला दीन दयाला कौशल्या हितकारी भगवान श्री राम का जन्म उत्सव (रामनवमी) केवल एक धार्मिक उत्सव ही नहीं, बल्कि मर्यादा, सत्य और धर्म के प्रतीक भगवान श्रीराम के आदर्शों को याद करने के अवसर पर भव्य जन्म उत्सव मनाया गया। आज के दिन श्रद्धालु व्रत रखते हैं और पूरे दिन भजन-कीर्तन के माध्यम से भगवान राम की आराधना करते हैं। बीना मैं मां जागेश्वरी धाम श्री राम दरबार, देव रघुनाथ बड़ा मंदिर, श्री राम नाम सिद्ध,राम मंदिर बड़ी बजरिया, राम मंदिर छोटी बजरिया, कटरा मंदिर श्री राम दरबार, एवं ग्रामीण क्षेत्र के आदि मंदिरों में सुबह से ही भक्तों की लंबी कतारें देखी जा रही हैं, जहां ठीक दोपहर 12:00 मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम जी का जन्मोत्सव बड़े ही हर्षोल्लाह के साथ मनाया गया मंदिरों में घंटों-घड़ियालों की गूंज के बीच आरती हुई भक्तों ने भगवान के दर्शन कर सुख-समृद्धि की कामना कर रहे हैं। रामनवमी का धार्मिक महत्व रामनवमी को धर्म और सत्य की विजय का प्रतीक माना जाता है। भगवान राम ने अपने जीवन में आदर्श पुत्र, आदर्श राजा और आदर्श पति का उदाहरण प्रस्तुत किया। उनका जीवन यह सिखाता है कि कठिन परिस्थितियों में भी धर्म और सत्य का मार्ग नहीं छोड़ना चाहिए। यही कारण है कि रामनवमी का पर्व लोगों को नैतिक मूल्यों की याद दिलाता है। भक्ति के साथ सामाजिक संदेश रामनवमी के अवसर पर कई सामाजिक और धार्मिक संस्थाएं भी विभिन्न कार्यक्रम आयोजित करती हैं। कहीं भंडारे लगाए जाते हैं, तो कहीं गरीबों और जरूरतमंदों को भोजन और वस्त्र वितरित किए जाते हैं। यह पर्व समाज में एकता, प्रेम और भाईचारे का संदेश भी देता है।
भय प्रगट कृपाला दीन दयाला कौशल्या हितकारी के साथ भगवान श्रीराम का जन्मउत्सव हर्षोल्लाह के साथ मनाया गया लोकेशन :-बीना रिपोर्टर :-राकेश सेन बीना :-भय प्रगट कृपाला दीन दयाला कौशल्या हितकारी भगवान श्री राम का जन्म उत्सव (रामनवमी) केवल एक धार्मिक उत्सव ही नहीं, बल्कि मर्यादा, सत्य और धर्म के प्रतीक भगवान श्रीराम के आदर्शों को याद करने के अवसर पर भव्य जन्म उत्सव मनाया गया। आज के दिन श्रद्धालु व्रत रखते हैं और पूरे दिन भजन-कीर्तन के माध्यम से भगवान राम की आराधना करते हैं। बीना मैं मां जागेश्वरी धाम श्री राम दरबार, देव रघुनाथ बड़ा मंदिर, श्री राम नाम सिद्ध,राम मंदिर बड़ी बजरिया, राम मंदिर छोटी बजरिया, कटरा मंदिर श्री राम दरबार, एवं ग्रामीण क्षेत्र के आदि मंदिरों में सुबह से ही भक्तों की लंबी कतारें देखी जा रही हैं, जहां ठीक दोपहर 12:00 मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम जी का जन्मोत्सव बड़े ही हर्षोल्लाह के साथ मनाया गया मंदिरों में घंटों-घड़ियालों की गूंज के बीच आरती हुई भक्तों ने भगवान के दर्शन कर सुख-समृद्धि की कामना कर रहे हैं। रामनवमी का धार्मिक महत्व रामनवमी को धर्म और सत्य की विजय का प्रतीक माना जाता है। भगवान राम ने अपने जीवन में आदर्श पुत्र, आदर्श राजा और आदर्श पति का उदाहरण प्रस्तुत किया। उनका जीवन यह सिखाता है कि कठिन परिस्थितियों में भी धर्म और सत्य का मार्ग नहीं छोड़ना चाहिए। यही कारण है कि रामनवमी का पर्व लोगों को नैतिक मूल्यों की याद दिलाता है। भक्ति के साथ सामाजिक संदेश रामनवमी के अवसर पर कई सामाजिक और धार्मिक संस्थाएं भी विभिन्न कार्यक्रम आयोजित करती हैं। कहीं भंडारे लगाए जाते हैं, तो कहीं गरीबों और जरूरतमंदों को भोजन और वस्त्र वितरित किए जाते हैं। यह पर्व समाज में एकता, प्रेम और भाईचारे का संदेश भी देता है।
- लोकेशन बीना रिपोर्टर विजय चौहान नरसिंह मंदिर प्रारंभ से निकली राम लाल की पाल की यात्रा1
- लोकेशन :-बीना रिपोर्टर :-राकेश सेन बीना :-भय प्रगट कृपाला दीन दयाला कौशल्या हितकारी भगवान श्री राम का जन्म उत्सव (रामनवमी) केवल एक धार्मिक उत्सव ही नहीं, बल्कि मर्यादा, सत्य और धर्म के प्रतीक भगवान श्रीराम के आदर्शों को याद करने के अवसर पर भव्य जन्म उत्सव मनाया गया। आज के दिन श्रद्धालु व्रत रखते हैं और पूरे दिन भजन-कीर्तन के माध्यम से भगवान राम की आराधना करते हैं। बीना मैं मां जागेश्वरी धाम श्री राम दरबार, देव रघुनाथ बड़ा मंदिर, श्री राम नाम सिद्ध,राम मंदिर बड़ी बजरिया, राम मंदिर छोटी बजरिया, कटरा मंदिर श्री राम दरबार, एवं ग्रामीण क्षेत्र के आदि मंदिरों में सुबह से ही भक्तों की लंबी कतारें देखी जा रही हैं, जहां ठीक दोपहर 12:00 मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम जी का जन्मोत्सव बड़े ही हर्षोल्लाह के साथ मनाया गया मंदिरों में घंटों-घड़ियालों की गूंज के बीच आरती हुई भक्तों ने भगवान के दर्शन कर सुख-समृद्धि की कामना कर रहे हैं। रामनवमी का धार्मिक महत्व रामनवमी को धर्म और सत्य की विजय का प्रतीक माना जाता है। भगवान राम ने अपने जीवन में आदर्श पुत्र, आदर्श राजा और आदर्श पति का उदाहरण प्रस्तुत किया। उनका जीवन यह सिखाता है कि कठिन परिस्थितियों में भी धर्म और सत्य का मार्ग नहीं छोड़ना चाहिए। यही कारण है कि रामनवमी का पर्व लोगों को नैतिक मूल्यों की याद दिलाता है। भक्ति के साथ सामाजिक संदेश रामनवमी के अवसर पर कई सामाजिक और धार्मिक संस्थाएं भी विभिन्न कार्यक्रम आयोजित करती हैं। कहीं भंडारे लगाए जाते हैं, तो कहीं गरीबों और जरूरतमंदों को भोजन और वस्त्र वितरित किए जाते हैं। यह पर्व समाज में एकता, प्रेम और भाईचारे का संदेश भी देता है।1
- खबर जिला सागर से। डायल 112 जिला सागर दिनांक 26/03/26 *पुलिस कंट्रोल रूम सागर" डायल-112 की तत्परता से बिछड़ी मासूम बच्ची सुरक्षित*परिवार से मिली – सागर पुलिस की संवेदनशीलता और मुस्तैदी का सराहनीय उदाहरण"* सागर जिले में पुलिस अधीक्षक श्री विकाश कुमार शाहवाल के एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सागर श्री लोकेश कुमार सिन्हा के निर्देशन में संचालित डायल-112 सेवा द्वारा एक बार फिर मानवीय संवेदनशीलता और त्वरित कार्रवाई का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया गया। दिनांक …26/03/26…… को राज्य स्तरीय कंट्रोल रूम भोपाल से सागर कंट्रोल रूम को इवेंट नंबर 26032601146 के माध्यम से सूचना प्राप्त हुई कि एक छोटी बच्ची सागर रेलवे स्टेशन पर अकेली उतर गई है, जबकि उसके परिजन ट्रेन में सोए होने के कारण आगे निकल गए हैं। सूचना मिलते ही पुलिस कंट्रोल रूम सागर में पदस्थ उप निरीक्षक आरकेएस चौहान द्वारा मामले की गंभीरता को समझते हुए तत्काल एफआरबी 05 गोपालगंज को समझाइश देकर स्टेशन के लिए रवाना किया गया। एफआरबी टीम ने मौके पर पहुंचकर जीआरपी सागर के सहयोग से त्वरित सर्चिंग अभियान चलाया और कुछ ही समय में मासूम बच्ची को सकुशल ढूंढ लिया। इसके बाद बच्ची को सुरक्षा के साथ पुलिस कंट्रोल रूम सागर लाया गया, जहां से परिजनों से फोन के माध्यम से संपर्क स्थापित कर उन्हें तत्काल बुलाया गया। पूछताछ में परिजनों द्वारा बताया गया कि वे मैहर क्षेत्र के समीपस्थ गांव से खुरई में खेतों की कटाई का कार्य करने आए थे और वापसी के दौरान ट्रेन में सभी को नींद लग गई। सागर स्टेशन पर ट्रेन रुकने के दौरान बच्ची को लगा कि सभी उतर गए हैं, जिस कारण वह अपना छोटा बैग लेकर प्लेटफॉर्म पर उतर गई। आगे जाकर जब परिजनों को बच्ची के साथ न होने का अहसास हुआ तो वे घबरा गए। इसी दौरान ट्रेन में मौजूद एक जागरूक महिला द्वारा डायल-112 पर सूचना देकर पुलिस को अवगत कराया गया। सागर पुलिस की त्वरित कार्रवाई के चलते बच्ची को सुरक्षित बरामद कर कुछ ही समय में परिजनों के सुपुर्द किया गया। अपनी बच्ची को सकुशल पाकर परिजनों की आंखों में खुशी के आंसू थे और उन्होंने सागर पुलिस का हृदय से आभार व्यक्त किया। इस पूरे घटनाक्रम में पुलिस कंट्रोल रूम सागर से उप निरीक्षक आरकेएस चौहान एवं उनकी टीम, तथा एफआरबी गोपालगंज से प्रधान आरक्षक कमलेश मिश्रा एवं पायलट विक्रांत सिंह की भूमिका अत्यंत सराहनीय रही। जोर जोर से रोती हुई मासूम बच्ची को सकुशल और मुस्कुराते हुए देखकर पुलिस कर्मियों को भी अत्यंत संतोष एवं खुशी का अनुभव हुआ। यह घटना एक बार फिर दर्शाती है कि सागर पुलिस न केवल कानून व्यवस्था बनाए रखने में बल्कि मानवीय संवेदनाओं के साथ आमजन की सेवा में भी सदैव तत्पर है।1
- टीकमगढ़ जिले में गेंहू की कटाई के दौरान हार्वेस्टर में लगी आग, ड्राइवर गंभीर रूप से घायल। टीकमगढ़ जिले की लिधौरा तहसील के दलुपुरा के पास हार्वेस्टर में भीषण आग लगने का मामला सामने आया है। इस घटना में हार्वेस्टर का ड्राइवर आग में झुलस गया। ड्राइवर को गंभीर हालत में झांसी मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है। इस घटना की सूचना मिलते ही मौके पर पुलिस टीम व फायर ब्रिगेड मशीन पहुंच गई। फायर ब्रिगेड मशीन ने हार्वेस्टर में लगी आग पर काबू पाया गया।1
- Madhya Pradesh mein afwah Se Badi petrol aur diesel ki killat subah 5:00 baje se line mein isase 25% petrol ki khabat jyada bad gai hai1
- Post by Abhishek Jatav1
- सागर कलेक्टर संदीप जीआर के निर्देश पर एसडीएम अमन मिश्रा ने शुक्रवार दोपहर 2 बजे नरयावली स्थित एचपीसीएल एवं आईओसीएल डिपो का निरीक्षण किया।1
- नरसिंह मंदिर से निकला रामनवमी पर भव्य पाल की यात्रा1