लखनऊ के अलीगंज इलाके (उषा मेहता मार्ग, पुरनिया) में स्थित एक व्यावसायिक इमारत में हुए भीषण अग्निकांड में 15 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। इस आग लगने का कारण सुरक्षा मानकों की अनदेखी और अवैध निर्माण बताया गया है। घटना के बाद प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं, जिसके तहत 15 दिन के भीतर इस इमारत को ढहाने (बुलडोजर चलाने) का नोटिस जारी किया गया है। साथ ही, गैर-इरादतन हत्या का मामला दर्ज कर चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इस मामले में लापरवाही बरतने के आरोप में लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) के छह अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है। इसके अतिरिक्त, सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वाले उत्तर प्रदेश के 48 कोचिंग सेंटरों को सील कर दिया गया है। अग्निकांड के मृतकों के परिजनों के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली उत्तर प्रदेश सरकार ने ₹5-5 लाख और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ₹2-2 लाख की आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया है। इस घटना को लेकर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इसे एक सामान्य हादसा मानने से इनकार किया है। उन्होंने सरकार पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए पीड़ित परिवारों को ₹1 करोड़ का मुआवजा देने की मांग की है। इस पूरी घटना की जांच के लिए शासन द्वारा एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है, जिसमें आईपीएस प्रवीण कुमार और आईएएस अमृत अभिजात शामिल हैं।
लखनऊ के अलीगंज इलाके (उषा मेहता मार्ग, पुरनिया) में स्थित एक व्यावसायिक इमारत में हुए भीषण अग्निकांड में 15 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। इस आग लगने का कारण सुरक्षा मानकों की अनदेखी और अवैध निर्माण बताया गया है। घटना के बाद प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं, जिसके तहत 15 दिन के भीतर इस इमारत को ढहाने (बुलडोजर चलाने) का नोटिस जारी किया गया है। साथ ही, गैर-इरादतन हत्या का मामला दर्ज कर चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इस मामले में लापरवाही बरतने के आरोप में लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) के छह अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है। इसके अतिरिक्त, सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वाले उत्तर प्रदेश के 48 कोचिंग सेंटरों को सील कर दिया गया है। अग्निकांड के मृतकों के परिजनों के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली उत्तर प्रदेश सरकार ने ₹5-5 लाख और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ₹2-2 लाख की आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया है। इस घटना को लेकर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इसे एक सामान्य हादसा मानने से इनकार किया है। उन्होंने सरकार पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए पीड़ित परिवारों को ₹1 करोड़ का मुआवजा देने की मांग की है। इस पूरी घटना की जांच के लिए शासन द्वारा एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है, जिसमें आईपीएस प्रवीण कुमार और आईएएस अमृत अभिजात शामिल हैं।
- एक भव्य मुद्रासन सेल्फी पॉइंट लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र बन गया है। इस नए आकर्षण के कारण ग्रामीणों में खासा उत्साह देखा जा रहा है।1
- संवाददाता आशीष मिश्रा की रिपोर्ट के अनुसार, उत्तर प्रदेश के 38 जिलों में भीषण गर्मी और लू का प्रकोप लगातार जारी है। इसी बीच, मौसम विभाग (IMD) ने जानकारी दी है कि राज्य में मॉनसून के आगे बढ़ने के लिए अनुकूल परिस्थितियां बन रही हैं। विभाग के मुताबिक, अगले 3 से 4 दिनों में, यानी लगभग 25 से 28 जून तक, मॉनसून राज्य के कुछ हिस्सों में दस्तक दे सकता है।1
- लखनऊ कोचिंग सेंटर में हुए अग्निकांड को लेकर समाजवादी पार्टी (SP) प्रमुख अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार पर तीखा निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि फायर NOC जारी करने में लगातार हो रही अनियमितताओं और प्रशासन की विफलता के कारण ही ऐसी दुखद घटनाएँ घट रही हैं, जिनमें मासूमों की जान जा रही है। अखिलेश यादव ने साफ तौर पर कहा कि बिना पूरे सुरक्षा मानकों के ही NOC दे दी जाती है, और अग्निशमन सुरक्षा के पुख्ता इंतज़ाम भी नहीं किए जाते। उन्होंने यह सवाल भी उठाया कि राजधानी में ऐसे कितने कोचिंग सेंटर हैं जो बिना फायर NOC के ही चल रहे हैं। SP प्रमुख ने गंभीर आरोप लगाया कि इतनी बार आग लगने की घटनाओं के बावजूद सरकार व्यवस्था में सुधार लाने पर कोई ध्यान नहीं दे रही है।1
- लखनऊ के अलीगंज स्थित एक अपार्टमेंट में हुए भीषण अग्निकांड में 22 वर्षीय शहजान की जान चली गई, जिसके बाद सोमवार देर रात उनका शव पोस्टमार्टम के उपरांत उनके पैतृक आवास फतेहपुर कस्बे के सट्टी बाजार मोहल्ले लाया गया। शव के घर पहुंचते ही परिवार में गहरा मातम छा गया, जिससे पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। शहजान अपने माता-पिता के इकलौते बेटे थे और तीन विवाहित बहनों के सबसे छोटे भाई थे, जिनकी असामयिक मृत्यु से पूरा परिवार गहरे सदमे में है। मोहल्ले के लोगों ने उन्हें शांत, मिलनसार और मेहनती स्वभाव का युवक बताया, जो अपने व्यवहार के कारण सभी के बीच लोकप्रिय थे। शहजान के पिता मोहम्मद इमरान ने बताया कि हादसे के दौरान बेटे का फोन आया था, जिसमें वह आग से बचाने की गुहार लगा रहा था। सूचना मिलते ही वे घटनास्थल की ओर दौड़े, लेकिन आग की लपटें इतनी भयानक थीं कि वे अंदर नहीं पहुंच पाए और कई प्रयासों के बावजूद अपने इकलौते बेटे को बचा नहीं सके। अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में लोग उनके आवास पर जुटे, जहां का माहौल बेहद गमगीन रहा; शहजान का पार्थिव शरीर देखते ही मां, बहनों और अन्य परिजनों का विलाप शुरू हो गया। मंगलवार को नम आंखों के बीच, कस्बे की बड़ी मस्जिद स्थित कब्रिस्तान में शहजान को सुपुर्द-ए-खाक किया गया। उनके जनाजे में क्षेत्र के सैकड़ों लोग, रिश्तेदार, मित्र और शुभचिंतक शामिल हुए, जिन्होंने मरहूम की मगफिरत और शोक संतप्त परिवार को सब्र अता करने की दुआ की।1
- बेहड़ा चौराहा पर 23 जून 2026, मंगलवार को एक भव्य विशाल भंडारे का धूमधाम से आयोजन किया गया। खैरी घाट थाना के प्रभारी निरीक्षक प्रदीप कुमार सिंह ने इस भंडारे का आयोजन किया था। इस आयोजन में सभी पदाधिकारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। यह जानकारी आशीष कुमार मिश्रा द्वारा दी गई है।1
- लखनऊ के अलीगंज में हुए भीषण अग्निकांड में कुल 15 लोगों की जान चली गई है, जिसने न केवल जिंदगियां लीं बल्कि कई परिवारों के सपनों को भी राख कर दिया। यह हृदयविदारक घटना उन घरों में मातम लेकर आई है, जहाँ खुशियों का माहौल था। इस दुखद हादसे का शिकार होने वालों में निलेश कुमार और अनामिका सामंत भी शामिल हैं, जो जल्द ही शादी के बंधन में बंधने वाले थे और अपनी शादी की तैयारियों में व्यस्त थे। जिन घरों में शहनाई बजने की तैयारी थी, वहां अब गहरे शोक का माहौल है। अब इन परिवारों के परिजन अपनों को अंतिम विदाई देने की तैयारियों में जुटे हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में गम और मायूसी छाई हुई है।1
- कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने फायर विभाग और बिजली सुरक्षा विभाग पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा है कि ये दोनों विभाग पैसे लेकर अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) जारी करते हैं।1
- लखनऊ के अलीगंज स्थित लोक सेवा आयोग के पीछे चल रहे एक कोचिंग सेंटर में आज दोपहर भीषण आग लगने से 15 मासूम बच्चों की दर्दनाक मौत हो गई। जमीन पर बनी एक दुकान से उठी आग और दम घोंटू धुएं ने देखते ही देखते पूरी इमारत को अपनी चपेट में ले लिया। हादसे के वक्त ऊपर की मंजिलों पर क्लास चल रही थी, जिससे छात्र भीतर ही फंस गए और जान बचाने के लिए बच्चों को दो मंजिला इमारत की छत तथा संकरे छज्जों से कूदना पड़ा, जिसमें कई गंभीर रूप से घायल हो गए। ट्रॉमा सेंटर प्रशासन के मुताबिक, अब तक 15 बच्चों की जान दम घुटने और बुरी तरह झुलसने की वजह से गई है। ग्राउंड जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि बेसमेंट में अवैध निर्माण किया गया था और ऊपर की मंजिल की छत पूरी तरह लॉक थी, जिस कारण यह पूरी इमारत छात्रों के लिए एक 'डेथ ट्रैप' साबित हुई और उन्हें बाहर निकलने का कोई रास्ता नहीं मिला। हादसे की भयावहता को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपना अलीगढ़ दौरा रद्द कर दिया और सीधे लखनऊ के घटनास्थल पर पहुंचे। मुख्यमंत्री ने हादसे पर गहरा दुख जताते हुए राहत एवं बचाव कार्य तेज करने और घायलों के समुचित उपचार के सख्त निर्देश दिए हैं। सरकार ने मृतकों के परिजनों को ₹5 लाख और घायलों को ₹50,000 की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। घटना की गंभीरता को देखते हुए डिप्टी CM ब्रजेश पाठक, DM विशाख अय्यर और ADCP नॉर्थ ट्विंकल जैन समेत प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। दमकल विभाग की कई गाड़ियों और हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म की मदद से आग पर काबू पाया गया। इस मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए 6 नामजद और 3 अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। 6 नामजद आरोपियों में से रामकृष्ण उपाध्याय, वीरेन्द्र प्रसाद शुक्ला, तूशांक कृष्ण जायसवाल और सुरेश कुमार साहू नामक 4 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। मामले की जांच के आदेश दे दिए गए हैं ताकि इस अवैध निर्माण की जड़ें तलाशी जा सकें, लेकिन इस त्रासदी ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं कि क्या मुआवजा उन मासूमों की जिंदगी वापस ला सकता है, इस भीषण लापरवाही का असली जिम्मेदार कौन है और उस पर क्या ठोस कार्रवाई होगी, या एसआईटी जांच का मतलब सिर्फ मामलों को ठंडे बस्ते में डालना होगा।1