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एक भव्य मुद्रासन सेल्फी पॉइंट लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र बन गया है। इस नए आकर्षण के कारण ग्रामीणों में खासा उत्साह देखा जा रहा है।

8 hrs ago
user_इरफान अहमद
इरफान अहमद
Advertising agency सीतापुर, सीतापुर, उत्तर प्रदेश•
8 hrs ago

एक भव्य मुद्रासन सेल्फी पॉइंट लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र बन गया है। इस नए आकर्षण के कारण ग्रामीणों में खासा उत्साह देखा जा रहा है।

More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
  • सीतापुर जिले के बिसवां कोतवाली क्षेत्र में स्थित रेलवे स्टेशन के पार्क से एक युवक का शव बरामद हुआ है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। शव को पलटने पर मृतक की पीठ की खाल जली हुई प्रतीत हुई, जिससे पुलिस को यह मामला संदिग्ध लग रहा है। मृतक युवक की पहचान नंदन गुप्ता (46), पुत्र हनुमान प्रसाद गुप्ता, निवासी ग्राम सत्तीनपुरवा, थाना बिसवां के रूप में होने की संभावना है। पुलिस अधीक्षक ने इस मामले की गहनता से जांच के लिए क्षेत्राधिकारी (सीओ) बिसवां, उदय राज सिंह, को निर्देशित किया है। कोतवाली प्रभारी मुकुल प्रकाश वर्मा भी मौके पर जांच-पड़ताल कर रहे हैं। शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय सीतापुर भेज दिया गया है, जिसकी रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की विधिक कार्यवाही की जाएगी। पुलिस इस मामले की जांच में सक्रिय रूप से जुटी हुई है।
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    सीतापुर जिले के बिसवां कोतवाली क्षेत्र में स्थित रेलवे स्टेशन के पार्क से एक युवक का शव बरामद हुआ है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। शव को पलटने पर मृतक की पीठ की खाल जली हुई प्रतीत हुई, जिससे पुलिस को यह मामला संदिग्ध लग रहा है।

मृतक युवक की पहचान नंदन गुप्ता (46), पुत्र हनुमान प्रसाद गुप्ता, निवासी ग्राम सत्तीनपुरवा, थाना बिसवां के रूप में होने की संभावना है। पुलिस अधीक्षक ने इस मामले की गहनता से जांच के लिए क्षेत्राधिकारी (सीओ) बिसवां, उदय राज सिंह, को निर्देशित किया है। कोतवाली प्रभारी मुकुल प्रकाश वर्मा भी मौके पर जांच-पड़ताल कर रहे हैं। शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय सीतापुर भेज दिया गया है, जिसकी रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की विधिक कार्यवाही की जाएगी। पुलिस इस मामले की जांच में सक्रिय रूप से जुटी हुई है।
    user_Raju Kumar Bansal Patrakaar
    Raju Kumar Bansal Patrakaar
    लहरपुर, सीतापुर, उत्तर प्रदेश•
    4 hrs ago
  • लखीमपुर खीरी जिले के पढ़ुआ थाना क्षेत्र में मंगलवार सुबह एक दर्दनाक हादसा हो गया, जहां खरवहिया नंबर दो और प्रमोधापुर गांव के संपर्क मार्ग पर नीचे झूल रही हाई टेंशन बिजली लाइन की चपेट में आने से एक डीसीएम चालक की मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना से पूरे इलाके में शोक और आक्रोश फैल गया है, वहीं परिजन गहरे सदमे में हैं। जानकारी के अनुसार, ऊंच गांव निवासी मेंड़ाई उर्फ वारिस (लगभग 40 वर्ष) अपनी डीसीएम (संख्या UP 83 AT 8507) से सुबह करीब 9:15 बजे प्रमोधापुर क्षेत्र में खेतों से केले लादने जा रहे थे। इसी दौरान खरवहिया नंबर दो और प्रमोधापुर के बीच सड़क पर काफी नीचे झूल रही हाई टेंशन लाइन उनके वाहन से टकरा गई, जिससे करंट लगने से चालक वारिस की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही थाना पढ़ुआ प्रभारी मोहित पुंडीर अपनी पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने परिजनों की मौजूदगी में शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी की और पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय भेज दिया। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि बिजली विभाग को लंबे समय से इस हाई टेंशन लाइन के नीचे होने की जानकारी दी जा रही थी, लेकिन समस्या का समाधान नहीं किया गया। ग्रामीणों ने इस दुखद घटना को पूरी तरह से विभागीय लापरवाही का परिणाम बताया। मृतक वारिस अपने पीछे एक भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं, जिसमें उनकी पत्नी, 18 वर्षीय पुत्र नियाज़ अहमद और दो पुत्रियां— 23 वर्षीय सना (विवाहित) और 14 वर्षीय सबा शामिल हैं। हादसे के बाद से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों ने प्रशासन से इस मामले की निष्पक्ष जांच कराने, जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई करने और पीड़ित परिवार को उचित आर्थिक सहायता प्रदान करने की मांग की है।
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    लखीमपुर खीरी जिले के पढ़ुआ थाना क्षेत्र में मंगलवार सुबह एक दर्दनाक हादसा हो गया, जहां खरवहिया नंबर दो और प्रमोधापुर गांव के संपर्क मार्ग पर नीचे झूल रही हाई टेंशन बिजली लाइन की चपेट में आने से एक डीसीएम चालक की मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना से पूरे इलाके में शोक और आक्रोश फैल गया है, वहीं परिजन गहरे सदमे में हैं।

जानकारी के अनुसार, ऊंच गांव निवासी मेंड़ाई उर्फ वारिस (लगभग 40 वर्ष) अपनी डीसीएम (संख्या UP 83 AT 8507) से सुबह करीब 9:15 बजे प्रमोधापुर क्षेत्र में खेतों से केले लादने जा रहे थे। इसी दौरान खरवहिया नंबर दो और प्रमोधापुर के बीच सड़क पर काफी नीचे झूल रही हाई टेंशन लाइन उनके वाहन से टकरा गई, जिससे करंट लगने से चालक वारिस की घटनास्थल पर ही मौत हो गई।

घटना की सूचना मिलते ही थाना पढ़ुआ प्रभारी मोहित पुंडीर अपनी पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने परिजनों की मौजूदगी में शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी की और पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय भेज दिया। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि बिजली विभाग को लंबे समय से इस हाई टेंशन लाइन के नीचे होने की जानकारी दी जा रही थी, लेकिन समस्या का समाधान नहीं किया गया। ग्रामीणों ने इस दुखद घटना को पूरी तरह से विभागीय लापरवाही का परिणाम बताया।

मृतक वारिस अपने पीछे एक भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं, जिसमें उनकी पत्नी, 18 वर्षीय पुत्र नियाज़ अहमद और दो पुत्रियां— 23 वर्षीय सना (विवाहित) और 14 वर्षीय सबा शामिल हैं। हादसे के बाद से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों ने प्रशासन से इस मामले की निष्पक्ष जांच कराने, जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई करने और पीड़ित परिवार को उचित आर्थिक सहायता प्रदान करने की मांग की है।
    user_Journalist Shahid lakhahi
    Journalist Shahid lakhahi
    Mechanic लखीमपुर, लखीमपुर खीरी, उत्तर प्रदेश•
    42 min ago
  • पलिया क्षेत्र में खनन से जुड़ी एक खबर सोशल मीडिया पर साझा करना एक स्थानीय पत्रकार अमन गुप्ता को भारी पड़ गया। पत्रकार ने आरोप लगाया है कि 21 जून को व्हाट्सएप ग्रुप में खबर पोस्ट करने के बाद सम्पूर्णानगर थाना क्षेत्र के गोविंद नगर निवासी जाकिर हुसैन नामक व्यक्ति, जिसे पत्रकार ने कथित खनन माफिया बताया है, खबर से नाराज़ हो गया। पत्रकार अमन गुप्ता के मुताबिक, आरोपी जाकिर हुसैन ने उन्हें फोन और व्हाट्सएप के माध्यम से अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए गाली-गलौज की और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया। आरोप है कि माफिया ने उन्हें जान से मारने के साथ-साथ अपनी पहुंच और रसूख का हवाला देते हुए झूठे मादक पदार्थ के मुकदमे में फंसाकर जेल भिजवाने की धमकी भी दी। इस घटना के बाद से मोहल्ला बाजार द्वितीय निवासी पत्रकार अमन गुप्ता और उनका परिवार भय तथा तनाव के माहौल में है, वे प्रतिदिन अपनी दुकान पर आने-जाने के दौरान भी असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। इस मामले को लेकर स्थानीय पत्रकारों और प्रबुद्ध लोगों में भी रोष व्याप्त है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पत्रकार अमन गुप्ता ने कोतवाली पुलिस को एक प्रार्थना पत्र देकर आरोपी के खिलाफ निष्पक्ष जांच और कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने पुलिस से अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने का भी आग्रह किया है। कोतवाली पुलिस ने प्रार्थना पत्र प्राप्त कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
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    पलिया क्षेत्र में खनन से जुड़ी एक खबर सोशल मीडिया पर साझा करना एक स्थानीय पत्रकार अमन गुप्ता को भारी पड़ गया। पत्रकार ने आरोप लगाया है कि 21 जून को व्हाट्सएप ग्रुप में खबर पोस्ट करने के बाद सम्पूर्णानगर थाना क्षेत्र के गोविंद नगर निवासी जाकिर हुसैन नामक व्यक्ति, जिसे पत्रकार ने कथित खनन माफिया बताया है, खबर से नाराज़ हो गया।

पत्रकार अमन गुप्ता के मुताबिक, आरोपी जाकिर हुसैन ने उन्हें फोन और व्हाट्सएप के माध्यम से अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए गाली-गलौज की और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया। आरोप है कि माफिया ने उन्हें जान से मारने के साथ-साथ अपनी पहुंच और रसूख का हवाला देते हुए झूठे मादक पदार्थ के मुकदमे में फंसाकर जेल भिजवाने की धमकी भी दी। इस घटना के बाद से मोहल्ला बाजार द्वितीय निवासी पत्रकार अमन गुप्ता और उनका परिवार भय तथा तनाव के माहौल में है, वे प्रतिदिन अपनी दुकान पर आने-जाने के दौरान भी असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। इस मामले को लेकर स्थानीय पत्रकारों और प्रबुद्ध लोगों में भी रोष व्याप्त है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पत्रकार अमन गुप्ता ने कोतवाली पुलिस को एक प्रार्थना पत्र देकर आरोपी के खिलाफ निष्पक्ष जांच और कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने पुलिस से अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने का भी आग्रह किया है। कोतवाली पुलिस ने प्रार्थना पत्र प्राप्त कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
    user_निर्जेश मिश्र "पत्रकार"
    निर्जेश मिश्र "पत्रकार"
    लखीमपुर खीरी, लखीमपुर खीरी, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले के अग्गर बुजुर्ग में दो समुदायों के बीच ईटा-पत्थर चले। घटना की सूचना मिलते ही मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया, जिसने स्थिति को नियंत्रित कर शांति व्यवस्था कायम की। पुलिस ने अपनी ओर से मुकदमा दर्ज करते हुए इस मामले में चार उपद्रवियों को गिरफ्तार भी कर लिया है।
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    उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले के अग्गर बुजुर्ग में दो समुदायों के बीच ईटा-पत्थर चले। घटना की सूचना मिलते ही मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया, जिसने स्थिति को नियंत्रित कर शांति व्यवस्था कायम की। पुलिस ने अपनी ओर से मुकदमा दर्ज करते हुए इस मामले में चार उपद्रवियों को गिरफ्तार भी कर लिया है।
    user_संदीप कुमार शर्मा
    संदीप कुमार शर्मा
    Photographer लखीमपुर, लखीमपुर खीरी, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • बिजनौर जिले के धामपुर स्थित ओलिवा मोटो गेयर आयल एंड लुब्रिकेंट कंपनी पर पलिया के एक एजेंसी संचालक ने लाखों रुपये की धोखाधड़ी करने का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़ित ने मुख्यमंत्री पोर्टल सहित विभिन्न उच्चाधिकारियों को शिकायती पत्र भेजकर कंपनी का लाइसेंस निरस्त करने और कंपनी संचालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर बकाया धनराशि वापस दिलाने की मांग की है। पलिया निवासी आशीष नंदन गुप्ता ने अपनी शिकायत में बताया कि उन्होंने अक्टूबर 2025 में धामपुर की ओलिवा मोटो गेयर आयल एंड लुब्रिकेंट कंपनी की एजेंसी ली थी। एजेंसी के लिए उन्होंने 50 हजार रुपये बतौर सिक्योरिटी जमा किए थे, जिसके बदले कंपनी ने उन्हें करीब 2 लाख 35 हजार रुपये का माल उपलब्ध कराया। आशीष गुप्ता का आरोप है कि प्राप्त हुआ सारा माल क्षतिग्रस्त (डेमेज) था और बिक्री योग्य नहीं निकला। उनके अनुसार, जब उन्होंने कंपनी मालिक रईस खान से माल वापस लेने और धनराशि लौटाने की मांग की, तो उनसे 60 हजार 600 रुपये और जमा करने को कहा गया, यह कहते हुए कि नए माल के साथ ही क्षतिग्रस्त माल वापस ले लिया जाएगा। आशीष गुप्ता ने रईस खान के कहने पर यह अतिरिक्त धनराशि भी जमा कर दी, लेकिन आरोप है कि उन्हें इन पैसों का भी माल नहीं भेजा गया और रईस खान ने आज तक न तो क्षतिग्रस्त माल वापस लिया और न ही उनके रुपये लौटाए। आशीष गुप्ता ने बताया कि उन्होंने एजेंसी लेने के लिए कर्ज लिया था और इस धोखाधड़ी के कारण उन्हें भारी आर्थिक नुकसान हुआ है, जिससे उनका परिवार आर्थिक संकट में है और बच्चों की शिक्षा भी प्रभावित हो रही है। इसी मामले में कंपनी से जुड़े सेल्समैन तरुण गुप्ता ने भी शिकायत की है। उनका आरोप है कि कंपनी ने उन्हें प्रति माह 13 हजार रुपये वेतन देने का आश्वासन दिया था, लेकिन केवल एक माह का वेतन देने के बाद भुगतान बंद कर दिया गया और उसके बाद उन्हें कोई वेतन नहीं मिला है। दोनों पीड़ितों ने मुख्यमंत्री पोर्टल सहित संबंधित विभागों और उच्चाधिकारियों को शिकायती पत्र भेजकर मामले की निष्पक्ष जांच कराने, कंपनी के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई करने, कंपनी का लाइसेंस निरस्त कराने तथा कंपनी संचालक रईस खान के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर उनकी बकाया धनराशि वापस दिलाने की मांग की है।
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    बिजनौर जिले के धामपुर स्थित ओलिवा मोटो गेयर आयल एंड लुब्रिकेंट कंपनी पर पलिया के एक एजेंसी संचालक ने लाखों रुपये की धोखाधड़ी करने का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़ित ने मुख्यमंत्री पोर्टल सहित विभिन्न उच्चाधिकारियों को शिकायती पत्र भेजकर कंपनी का लाइसेंस निरस्त करने और कंपनी संचालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर बकाया धनराशि वापस दिलाने की मांग की है।

पलिया निवासी आशीष नंदन गुप्ता ने अपनी शिकायत में बताया कि उन्होंने अक्टूबर 2025 में धामपुर की ओलिवा मोटो गेयर आयल एंड लुब्रिकेंट कंपनी की एजेंसी ली थी। एजेंसी के लिए उन्होंने 50 हजार रुपये बतौर सिक्योरिटी जमा किए थे, जिसके बदले कंपनी ने उन्हें करीब 2 लाख 35 हजार रुपये का माल उपलब्ध कराया। आशीष गुप्ता का आरोप है कि प्राप्त हुआ सारा माल क्षतिग्रस्त (डेमेज) था और बिक्री योग्य नहीं निकला। उनके अनुसार, जब उन्होंने कंपनी मालिक रईस खान से माल वापस लेने और धनराशि लौटाने की मांग की, तो उनसे 60 हजार 600 रुपये और जमा करने को कहा गया, यह कहते हुए कि नए माल के साथ ही क्षतिग्रस्त माल वापस ले लिया जाएगा। आशीष गुप्ता ने रईस खान के कहने पर यह अतिरिक्त धनराशि भी जमा कर दी, लेकिन आरोप है कि उन्हें इन पैसों का भी माल नहीं भेजा गया और रईस खान ने आज तक न तो क्षतिग्रस्त माल वापस लिया और न ही उनके रुपये लौटाए। आशीष गुप्ता ने बताया कि उन्होंने एजेंसी लेने के लिए कर्ज लिया था और इस धोखाधड़ी के कारण उन्हें भारी आर्थिक नुकसान हुआ है, जिससे उनका परिवार आर्थिक संकट में है और बच्चों की शिक्षा भी प्रभावित हो रही है।

इसी मामले में कंपनी से जुड़े सेल्समैन तरुण गुप्ता ने भी शिकायत की है। उनका आरोप है कि कंपनी ने उन्हें प्रति माह 13 हजार रुपये वेतन देने का आश्वासन दिया था, लेकिन केवल एक माह का वेतन देने के बाद भुगतान बंद कर दिया गया और उसके बाद उन्हें कोई वेतन नहीं मिला है।

दोनों पीड़ितों ने मुख्यमंत्री पोर्टल सहित संबंधित विभागों और उच्चाधिकारियों को शिकायती पत्र भेजकर मामले की निष्पक्ष जांच कराने, कंपनी के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई करने, कंपनी का लाइसेंस निरस्त कराने तथा कंपनी संचालक रईस खान के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर उनकी बकाया धनराशि वापस दिलाने की मांग की है।
    user_निर्जेश मिश्र "पत्रकार"
    निर्जेश मिश्र "पत्रकार"
    लखीमपुर खीरी, लखीमपुर खीरी, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • लखनऊ के अलीगंज स्थित लोक सेवा आयोग के पीछे चल रहे एक कोचिंग सेंटर में आज दोपहर भीषण आग लगने से 15 मासूम बच्चों की दर्दनाक मौत हो गई। जमीन पर बनी एक दुकान से उठी आग और दम घोंटू धुएं ने देखते ही देखते पूरी इमारत को अपनी चपेट में ले लिया। हादसे के वक्त ऊपर की मंजिलों पर क्लास चल रही थी, जिससे छात्र भीतर ही फंस गए और जान बचाने के लिए बच्चों को दो मंजिला इमारत की छत तथा संकरे छज्जों से कूदना पड़ा, जिसमें कई गंभीर रूप से घायल हो गए। ट्रॉमा सेंटर प्रशासन के मुताबिक, अब तक 15 बच्चों की जान दम घुटने और बुरी तरह झुलसने की वजह से गई है। ग्राउंड जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि बेसमेंट में अवैध निर्माण किया गया था और ऊपर की मंजिल की छत पूरी तरह लॉक थी, जिस कारण यह पूरी इमारत छात्रों के लिए एक 'डेथ ट्रैप' साबित हुई और उन्हें बाहर निकलने का कोई रास्ता नहीं मिला। हादसे की भयावहता को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपना अलीगढ़ दौरा रद्द कर दिया और सीधे लखनऊ के घटनास्थल पर पहुंचे। मुख्यमंत्री ने हादसे पर गहरा दुख जताते हुए राहत एवं बचाव कार्य तेज करने और घायलों के समुचित उपचार के सख्त निर्देश दिए हैं। सरकार ने मृतकों के परिजनों को ₹5 लाख और घायलों को ₹50,000 की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। घटना की गंभीरता को देखते हुए डिप्टी CM ब्रजेश पाठक, DM विशाख अय्यर और ADCP नॉर्थ ट्विंकल जैन समेत प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। दमकल विभाग की कई गाड़ियों और हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म की मदद से आग पर काबू पाया गया। इस मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए 6 नामजद और 3 अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। 6 नामजद आरोपियों में से रामकृष्ण उपाध्याय, वीरेन्द्र प्रसाद शुक्ला, तूशांक कृष्ण जायसवाल और सुरेश कुमार साहू नामक 4 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। मामले की जांच के आदेश दे दिए गए हैं ताकि इस अवैध निर्माण की जड़ें तलाशी जा सकें, लेकिन इस त्रासदी ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं कि क्या मुआवजा उन मासूमों की जिंदगी वापस ला सकता है, इस भीषण लापरवाही का असली जिम्मेदार कौन है और उस पर क्या ठोस कार्रवाई होगी, या एसआईटी जांच का मतलब सिर्फ मामलों को ठंडे बस्ते में डालना होगा।
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    लखनऊ के अलीगंज स्थित लोक सेवा आयोग के पीछे चल रहे एक कोचिंग सेंटर में आज दोपहर भीषण आग लगने से 15 मासूम बच्चों की दर्दनाक मौत हो गई। जमीन पर बनी एक दुकान से उठी आग और दम घोंटू धुएं ने देखते ही देखते पूरी इमारत को अपनी चपेट में ले लिया। हादसे के वक्त ऊपर की मंजिलों पर क्लास चल रही थी, जिससे छात्र भीतर ही फंस गए और जान बचाने के लिए बच्चों को दो मंजिला इमारत की छत तथा संकरे छज्जों से कूदना पड़ा, जिसमें कई गंभीर रूप से घायल हो गए। ट्रॉमा सेंटर प्रशासन के मुताबिक, अब तक 15 बच्चों की जान दम घुटने और बुरी तरह झुलसने की वजह से गई है।

ग्राउंड जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि बेसमेंट में अवैध निर्माण किया गया था और ऊपर की मंजिल की छत पूरी तरह लॉक थी, जिस कारण यह पूरी इमारत छात्रों के लिए एक 'डेथ ट्रैप' साबित हुई और उन्हें बाहर निकलने का कोई रास्ता नहीं मिला। हादसे की भयावहता को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपना अलीगढ़ दौरा रद्द कर दिया और सीधे लखनऊ के घटनास्थल पर पहुंचे। मुख्यमंत्री ने हादसे पर गहरा दुख जताते हुए राहत एवं बचाव कार्य तेज करने और घायलों के समुचित उपचार के सख्त निर्देश दिए हैं। सरकार ने मृतकों के परिजनों को ₹5 लाख और घायलों को ₹50,000 की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है।

घटना की गंभीरता को देखते हुए डिप्टी CM ब्रजेश पाठक, DM विशाख अय्यर और ADCP नॉर्थ ट्विंकल जैन समेत प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। दमकल विभाग की कई गाड़ियों और हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म की मदद से आग पर काबू पाया गया। इस मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए 6 नामजद और 3 अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। 6 नामजद आरोपियों में से रामकृष्ण उपाध्याय, वीरेन्द्र प्रसाद शुक्ला, तूशांक कृष्ण जायसवाल और सुरेश कुमार साहू नामक 4 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। मामले की जांच के आदेश दे दिए गए हैं ताकि इस अवैध निर्माण की जड़ें तलाशी जा सकें, लेकिन इस त्रासदी ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं कि क्या मुआवजा उन मासूमों की जिंदगी वापस ला सकता है, इस भीषण लापरवाही का असली जिम्मेदार कौन है और उस पर क्या ठोस कार्रवाई होगी, या एसआईटी जांच का मतलब सिर्फ मामलों को ठंडे बस्ते में डालना होगा।
    user_Naresh Gupta Reporter
    Naresh Gupta Reporter
    सिधौली, सीतापुर, उत्तर प्रदेश•
    10 hrs ago
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