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जालौन में पानी की टंकी पर चढ़ा परिवार, पुलिस ने सुरक्षित उतारा जालौन में पारिवारिक बंटवारे से जुड़ी शिकायत को लेकर एक दंपती अपने दो साल के बच्चे के साथ पानी की टंकी पर चढ़ गया। बताया जा रहा है कि परिवार एसडीएम को मौके पर बुलाने की मांग कर रहा था। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और काफी समझाइश के बाद तीनों को सुरक्षित नीचे उतार लिया गया। मामले में परिवार की शिकायत और प्रशासन की ओर से की गई कार्रवाई की जानकारी सामने आना बाकी है। ऐसे मामलों में अपनी मांग रखने के लिए जान जोखिम में डालना बेहद खतरनाक हो सकता है।
पत्रकार विकाश सिंह
जालौन में पानी की टंकी पर चढ़ा परिवार, पुलिस ने सुरक्षित उतारा जालौन में पारिवारिक बंटवारे से जुड़ी शिकायत को लेकर एक दंपती अपने दो साल के बच्चे के साथ पानी की टंकी पर चढ़ गया। बताया जा रहा है कि परिवार एसडीएम को मौके पर बुलाने की मांग कर रहा था। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और काफी समझाइश के बाद तीनों को सुरक्षित नीचे उतार लिया गया। मामले में परिवार की शिकायत और प्रशासन की ओर से की गई कार्रवाई की जानकारी सामने आना बाकी है। ऐसे मामलों में अपनी मांग रखने के लिए जान जोखिम में डालना बेहद खतरनाक हो सकता है।
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- सीएम की जीरो टॉलरेंस पर बड़ा सवाल! यह है उत्तर प्रदेश का ‘विकसित’ जिला जालौन? उरई के शहीद पार्क में बारिश के दौरान दीवार भरभराकर गिरने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने का दावा किया जा रहा है। सभासदों ने वीडियो साझा कर करोड़ों की लागत से बने पार्क के निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठाए हैं। दावा है कि इससे पहले भी सभासदों ने शिकायत की थी, लेकिन कार्रवाई के भरोसे के बावजूद सवाल जस के तस हैं। सवाल ये है— करोड़ों का निर्माण, फिर बारिश में दीवार क्यों ढही? क्या निर्माण की गुणवत्ता की जांच होगी? जिम्मेदारों पर कार्रवाई होगी या मामला फिर फाइलों में दब जाएगा? ईंटें कमजोर थीं या नीयत में वजन कम था, बारिश ने गिराई दीवार, सवाल पूरे सिस्टम पर है! नोट: वायरल वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की गई है। आपकी क्या राय है? जिम्मेदारी किसकी? कमेंट बॉक्स में बताइए। #जालौन #उरई #शहीदपार्क #ब्रेकिंगन्यूज #जीरो_टॉलरेंस #सीएम_योगी #विकसित_जालौन #निर्माण_गुणवत्ता #नगरपालिका #सभासद #विकास_कार्य #सरकारी_निर्माण #भ्रष्टाचार #जवाबदेही #प्रशासन #डीएम_जालौन #UPNews #JalaunNews #OraiNews #BreakingNews #ViralVideo #UttarPradeshNews #GroundReport #जनता_का_सवाल #सिस्टम_पर_सवाल1
- ब्रेकिंग न्यूज इस इंसान को देखिए रेलवे ट्रैक पर कैसी हरकते कर रहा हे अगर ट्रेन आ जाए तो किया होगा इंसान का जे अपनी जान जोखिम में डाल कर स्टेंट बाजी कर रहा हे इनको कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए2
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- कानपुर नगर से बड़ी खबर: खाई में गिरा बेकाबू ट्रक बड़ा हादसा टला कानपुर नगर साढ़ थाना क्षेत्र में आज एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया गिट्टी-मौरंग मिलर लदा एक तेज रफ्तार ट्रक अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरा प्राप्त जानकारी के अनुसार ट्रक रमईपुर की ओर से साढ़ की ओर जा रहा था साढ़ थाना क्षेत्र के अंतर्गत दरगाह लाल पुल और साढ़ कस्बे के बीच सामने से अचानक दूसरा वाहन आ जाने से चालक ने ट्रक को बचाने का प्रयास किया, इसी दौरान स्टीयरिंग से नियंत्रण खो बैठा और ट्रक सीधे खाई में पलट गया प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक अगर ट्रक सड़क पर ही पलटता तो बड़ा हादसा हो सकता था। गनीमत रही कि जान-माल का कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई खाई में गिरे ट्रक को बाहर निकालने के लिए करीब घंटों तक मशक्कत चलती रही जिसके लिए तीन हाइड्रा क्रेनों को लगाना पड़ा इस दौरान मार्ग पर लंबा जाम लग गया और वाहन चालकों व राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा स्थानीय लोगों ने बताया कि बारिश के चलते सड़क पर फिसलन थी और घटना के काफी देर बाद तक शासन-प्रशासन का कोई आला अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा था4
- कानपुर देहात में प्रेम प्रसंग के बाद युवक की संदिग्ध मौत पर परिजनों ने लगाया आरोप कानपुर देहात में प्रेम प्रसंग के बाद युवक की संदिग्ध मौत कानपुर देहात के बरौर थाना क्षेत्र के बरगवां गांव में उस समय सनसनी फैल गई, जब रविवार शाम मकई के खेत में 28 वर्षीय युवक का शव संदिग्ध परिस्थितियों में पड़ा मिला। ग्रामीणों की सूचना पर पहुंची पुलिस और फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल की जांच कर साक्ष्य जुटाए।मृतक की पहचान मुसानगर थाना क्षेत्र के पुुलंदर गांव निवासी कैलाश के 28 वर्षीय पुत्र सुशांत के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक जांच में प्रेम प्रसंग को लेकर विवाद की बात सामने आ रही है। आशंका है कि विवाद के बाद युवक ने जहरीला पदार्थ खा लिया, हालांकि मौत की वास्तविक वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगीसूचना मिलते ही थाना प्रभारी राहुल कुमार पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। क्षेत्राधिकारी धर्मेंद्र कुमार रघुवंशी ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया। फोरेंसिक टीम ने मौके से आवश्यक साक्ष्य एकत्र किए।पुलिस के मुताबिक, सुशांत विवाहित था और उसके दो बच्चे हैं। फिलहाल पुलिस मामले की सभी पहलुओं से जांच कर रही है। थाना प्रभारी राहुल कुमार ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।1
- पिछड़ा वर्ग आयोग के सदस्य की अध्यक्षता में आयोग की बैठक आयोजित, स्थानीय ग्रामीण निकाय चुनावों से पूर्व पिछड़ा वर्ग के आरक्षण के संबंध में आवश्यक तथ्यों एवं सुझावों पर हुआ मंथन उत्तर प्रदेश राज्य स्थानीय ग्रामीण निकाय समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग की बैठक आज मा0 सदस्य बृजेश कुमार की अध्यक्षता में माती विकास भवन सभागार कक्ष में आयोजित की गई। बैठक में आयोग के सदस्य संतोष कुमार विश्वकर्मा , सदस्य डॉ. अरविंद कुमार चौरसिया एवं सदस्य एस.पी. सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष नीरज रानी , अन्य जनप्रतिनिधिगण, जिलाधिकारी कपिल सिंह जी, मुख्य विकास अधिकारी विधान जायसवाल सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।बैठक में ब्लॉक प्रमुख, जिला पंचायत सदस्य, क्षेत्र पंचायत सदस्य, ग्राम प्रधान/प्रशासक सहित विभिन्न स्तरों के जनप्रतिनिधियों ने प्रतिभाग किया। आयोग द्वारा जनप्रतिनिधियों से ग्रामीण क्षेत्रों में पिछड़ा वर्ग की जनसंख्या, सामाजिक, शैक्षिक, आर्थिक एवं राजनीतिक स्थिति के संबंध में विस्तृत जानकारी प्राप्त की गई। बैठक का प्रमुख उद्देश्य स्थानीय ग्रामीण निकाय/पंचायत चुनावों से पूर्व पिछड़ा वर्ग के आरक्षण के संबंध में आवश्यक तथ्य, जमीनी स्थिति एवं जनप्रतिनिधियों के सुझाव प्राप्त करना रहा। आयोग द्वारा यह जानने का प्रयास किया गया कि ग्रामीण क्षेत्रों में पिछड़ा वर्ग की वर्तमान सामाजिक, आर्थिक, शैक्षिक एवं राजनीतिक स्थिति क्या है तथा स्थानीय निकायों में उनका प्रतिनिधित्व किस स्तर पर है। आयोग द्वारा जनप्रतिनिधियों से प्राप्त तथ्यों एवं अनुभवों के आधार पर पिछड़ा वर्ग की स्थिति का समग्र आकलन किया जा रहा है, ताकि आरक्षण से संबंधित विषय पर तथ्यपरक एवं उपयुक्त सुझाव प्रस्तुत करने में आवश्यक आधार प्राप्त हो सके।बैठक के दौरान आयोग के माननीय सदस्यगण द्वारा जनप्रतिनिधियों से उनके क्षेत्र में पिछड़ा वर्ग की जनसंख्या, विभिन्न पिछड़ा वर्ग समुदायों की संख्या एवं उनकी सामाजिक स्थिति के संबंध में जानकारी ली गई। जनप्रतिनिधियों से यह भी जाना गया कि उनके क्षेत्र में कौन-कौन से पिछड़े वर्ग के समुदाय अधिक संख्या में निवास करते हैं तथा विभिन्न समुदायों की सामाजिक एवं आर्थिक स्थिति में क्या अंतर है। आयोग ने ग्रामीण क्षेत्रों में पिछड़ा वर्ग के सामाजिक एवं आर्थिक पिछड़ेपन की वास्तविक स्थिति को समझने के लिए जनप्रतिनिधियों के जमीनी अनुभव एवं सुझाव भी प्राप्त किए। आयोग द्वारा पिछड़ा वर्ग के लोगों की शैक्षिक स्थिति, बच्चों की शिक्षा, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा तक पहुंच तथा शिक्षा के क्षेत्र में आने वाली प्रमुख बाधाओं के संबंध में जानकारी प्राप्त की गई। इसके साथ ही यह भी पूछा गया कि पिछड़ा वर्ग के लोगों को समाज में अन्य वर्गों के समान अवसर एवं सम्मान प्राप्त हो रहा है अथवा नहीं तथा उनके साथ सामाजिक समानता एवं बराबरी का व्यवहार किस स्तर तक किया जा रहा है। बैठक में पिछड़ा वर्ग के परिवारों की आवासीय स्थिति के संबंध में भी जानकारी ली गई। जनप्रतिनिधियों से यह जानकारी प्राप्त की गई कि पिछड़ा वर्ग के कितने परिवार पक्के मकानों में निवास करते हैं तथा कितने परिवार अभी भी आवासीय सुविधाओं से वंचित हैं। इसी क्रम में शौचालय, पेयजल, बिजली, सड़क, स्वास्थ्य सुविधाओं तथा अन्य मूलभूत नागरिक सुविधाओं तक पिछड़ा वर्ग के लोगों की पहुंच के संबंध में भी क्षेत्रवार जानकारी एवं अनुभव प्राप्त किए गए। आयोग द्वारा पिछड़ा वर्ग के लोगों की आजीविका के प्रमुख साधनों एवं आर्थिक स्थिति के संबंध में भी जानकारी ली गई। जनप्रतिनिधियों से यह जाना गया कि उनके क्षेत्रों में पिछड़ा वर्ग के लोग मुख्य रूप से कृषि, पशुपालन, मजदूरी, छोटे व्यवसाय, कुटीर उद्योग, स्वरोजगार अथवा अन्य किन व्यवसायों पर निर्भर हैं। साथ ही भूमि एवं आर्थिक संसाधनों तक पहुंच, रोजगार के अवसर, स्वरोजगार तथा आर्थिक उन्नति में आने वाली कठिनाइयों के संबंध में भी तथ्य एवं सुझाव प्राप्त किए गए। बैठक का एक महत्वपूर्ण विषय स्थानीय स्तर पर पिछड़ा वर्ग के राजनीतिक प्रतिनिधित्व एवं भागीदारी का रहा। आयोग ने जनप्रतिनिधियों से ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत एवं जिला पंचायत स्तर पर पिछड़ा वर्ग के लोगों की राजनीतिक भागीदारी तथा निर्वाचित प्रतिनिधियों के रूप में उनके प्रतिनिधित्व की स्थिति के बारे में जानकारी प्राप्त की। आयोग के माननीय सदस्यगण द्वारा जनप्रतिनिधियों से केवल आंकड़ों की जानकारी ही नहीं, बल्कि जमीनी स्तर के अनुभव एवं सुझाव भी प्राप्त किए गए। विभिन्न जनप्रतिनिधियों ने अपने-अपने क्षेत्रों में पिछड़ा वर्ग की स्थिति, उनकी समस्याओं, विकास की आवश्यकताओं तथा स्थानीय स्तर पर उनके सामाजिक एवं राजनीतिक प्रतिनिधित्व से जुड़े महत्वपूर्ण सुझाव आयोग के समक्ष रखे। विशेष रूप से स्थानीय ग्रामीण निकाय चुनावों में पिछड़ा वर्ग के आरक्षण से संबंधित विषयों पर जनप्रतिनिधियों के सुझाव एवं क्षेत्रीय अनुभव आयोग द्वारा गंभीरता से सुने गए। उत्तर प्रदेश राज्य स्थानीय ग्रामीण निकाय समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में पिछड़ा वर्ग की स्थिति का जमीनी एवं तथ्यपरक अध्ययन किया जा रहा है। इसके अंतर्गत जनप्रतिनिधियों एवं संबंधित अधिकारियों से प्राप्त जानकारी के माध्यम से पिछड़ा वर्ग की जनसंख्या, सामाजिक स्थिति, शैक्षिक स्थिति, आर्थिक स्थिति, मूलभूत सुविधाओं तक पहुंच तथा स्थानीय निकायों में राजनीतिक प्रतिनिधित्व से संबंधित विभिन्न पहलुओं का अध्ययन किया जा रहा है। बैठक में प्राप्त जानकारी एवं सुझाव आयोग के अध्ययन में महत्वपूर्ण आधार प्रदान करेंगे तथा आगामी स्थानीय ग्रामीण निकाय चुनावों में पिछड़ा वर्ग के आरक्षण के संबंध में आयोग द्वारा प्रस्तुत की जाने वाली रिपोर्ट/सुझाव एवं अनुशंसा के लिए उपयोगी होंगे। बैठक के अंत में आयोग के माननीय सदस्यगण ने उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों द्वारा उपलब्ध कराई गई महत्वपूर्ण जानकारी एवं सुझावों के लिए आभार व्यक्त किया। जिलाधिकारी द्वारा आयोग के माननीय सदस्य गणों का आभार व्यक्त किया गया। इस मौके पर जिला विकास अधिकारी सुनील कुमार तिवारी,आयोग के ओएसडी एम0ए0 अंसारी, जिला पंचायत राज अधिकारी विकास पटेल, जिला पंचायत एएमए सहित सम्बन्धित अधिकारीगण आदि उपस्थित रहे। इसी प्रकार ब्लॉक अकबरपुर में भी माननीय आयोग द्वारा बैठक कर आवश्यक जानकारी/ सुझाव प्राप्त किए गए।1
- उरई के स्टेशन रोड पर चला सघन चेकिंग अभियान, काली फिल्म वाली कारों से उतरवाई ब्लैक फिल्म—स्टंटबाजों और बिना हेलमेट वाहन चलाने वालों पर कार्रवाई ब्रेकिंग जालौन | त्योहारों से पहले पुलिस का शिकंजा उरई (जालौन)। त्योहारों को देखते हुए उरई कोतवाली पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर स्टेशन रोड पर सघन चेकिंग अभियान चलाया। इस दौरान पुलिस ने संदिग्ध वाहनों और दोपहिया वाहनों की जांच की। चेकिंग के दौरान काली फिल्म लगाकर चलने वाली कारों से ब्लैक फिल्म उतरवाई गई, वहीं दोपहिया वाहनों पर स्टंट करने वालों और बिना हेलमेट वाहन चलाने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की गई। शहर कोतवाल आनंद कुमार सिंह ने स्पष्ट कहा कि यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी। त्योहारों के मद्देनजर पुलिस की यह सख्ती सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने और सड़क पर नियमों का पालन सुनिश्चित कराने के लिए की जा रही है। #BreakingJalaun #जालौन #उरई #UraiNews #उरई_कोतवाली #स्टेशन_रोड #पुलिस_चेकिंग #त्योहार_से_पहले_सख्ती #यातायात_नियम #ब्लैक_फिल्म #बिना_हेलमेट #स्टंटबाजों_पर_कार्रवाई #JalaunPolice #UPPolice #BreakingNews #PoliceChecking #TrafficRules #CrimeNews3
- ब्रेकिंग न्यूज Jalaun: कालपी में बीच चौराहे पर दो युवकों में जमकर हुई मारपीट! जालौन : कालपी में बीच चौराहे पर दो युवकों में जमकर हुई मारपीट! एक युवक ने दूसरे को पटक-पटककर लात-घूंसों व चप्पलों से पीटा। खूनी संघर्ष का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल ।1