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ब्रेकिंग न्यूज इस इंसान को देखिए रेलवे ट्रैक पर कैसी हरकते कर रहा हे अगर ट्रेन आ जाए तो किया होगा इंसान का जे अपनी जान जोखिम में डाल कर स्टेंट बाजी कर रहा हे इनको कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए

10 hrs ago
user_Zee news  channel
Zee news channel
Salesperson कालपी, जालौन, उत्तर प्रदेश•
10 hrs ago
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ब्रेकिंग न्यूज इस इंसान को देखिए रेलवे ट्रैक पर कैसी हरकते कर रहा हे अगर ट्रेन आ जाए तो किया होगा इंसान का जे अपनी जान जोखिम में डाल कर स्टेंट बाजी कर रहा हे इनको कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए

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  • ब्रेकिंग न्यूज इस इंसान को देखिए रेलवे ट्रैक पर कैसी हरकते कर रहा हे अगर ट्रेन आ जाए तो किया होगा इंसान का जे अपनी जान जोखिम में डाल कर स्टेंट बाजी कर रहा हे इनको कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए
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    ब्रेकिंग न्यूज इस इंसान को देखिए रेलवे ट्रैक पर कैसी हरकते कर रहा हे अगर ट्रेन आ जाए तो किया होगा इंसान का जे अपनी जान जोखिम में डाल कर स्टेंट बाजी कर रहा हे इनको कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए
    user_Zee news  channel
    Zee news channel
    Salesperson कालपी, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    10 hrs ago
  • एक लाख की चोरी के बाद न्याय को तरसी महिला, एसपी से लगाई गुहार—पुलिस की कार्यशैली पर उठे सवाल सीसीटीवी में कैद चोर, फिर भी रिपोर्ट नहीं! तीन दिन से चौकी के चक्कर काट रही पीड़िता उरई। कोतवाली उरई क्षेत्र के बनफरा गांव में हुई लाखों की चोरी के मामले में पुलिस की कार्यशैली सवालों के घेरे में आ गई है। हैरानी की बात यह है कि चोर सीसीटीवी कैमरे में साफ दिखाई देने के बावजूद पीड़िता तीन दिनों से रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए चौकी और थाने के चक्कर काट रही है। बनफरा निवासी सोनम पत्नी विनय के मुताबिक 22 अगस्त की रात अज्ञात चोर घर में घुस आया और अलमारी में रखे करीब एक लाख रुपये कीमत के चांदी के जेवरात, सोने का ऊं और पांच हजार रुपये नकद लेकर फरार हो गया। सुबह जब परिवार की आंख खुली तो अलमारी खुली मिली और सामान गायब था। घटना के बाद पड़ोसी के घर लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज खंगाली गई, जिसमें एक संदिग्ध युवक घर के आसपास घूमता और मोबाइल हाथ में लिए दिखाई दे रहा है। फुटेज मिलने के बाद ग्रामीणों को उम्मीद थी कि पुलिस जल्द कार्रवाई करेगी, लेकिन पीड़िता का आरोप है कि तीन दिनों तक हाईवे चौकी के चक्कर लगाने के बावजूद उसकी रिपोर्ट तक दर्ज नहीं की गई। थक-हारकर मंगलवार को पीड़िता ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर प्रार्थना पत्र सौंपा और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर मुकदमा दर्ज कर चोरी गए जेवरात व नकदी बरामद कराने की मांग की। अब सवाल यह है कि जब चोर कैमरे में कैद है तो कार्रवाई में देरी क्यों? #उरई_ब्रेकिंग #जालौन_ब्रेकिंग #सीसीटीवी_में_कैद_चोर #लाखों_की_चोरी #पुलिस_पर_सवाल #रिपोर्ट_कब_दर्ज_होगी #न्याय_को_तरसी_महिला #Banphara #UraiNews #JalaunNews #CrimeNews #BreakingNews #UPPolice #चोरी_कांड #जेवरात_चोरी #नकदी_चोरी #एसपी_से_गुहार #सवालों_के_घेरे_में_पुलिस
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    एक लाख की चोरी के बाद न्याय को तरसी महिला, एसपी से लगाई गुहार—पुलिस की कार्यशैली पर उठे सवाल
सीसीटीवी में कैद चोर, फिर भी रिपोर्ट नहीं! तीन दिन से चौकी के चक्कर काट रही पीड़िता
उरई। कोतवाली उरई क्षेत्र के बनफरा गांव में हुई लाखों की चोरी के मामले में पुलिस की कार्यशैली सवालों के घेरे में आ गई है। हैरानी की बात यह है कि चोर सीसीटीवी कैमरे में साफ दिखाई देने के बावजूद पीड़िता तीन दिनों से रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए चौकी और थाने के चक्कर काट रही है।
बनफरा निवासी सोनम पत्नी विनय के मुताबिक 22 अगस्त की रात अज्ञात चोर घर में घुस आया और अलमारी में रखे करीब एक लाख रुपये कीमत के चांदी के जेवरात, सोने का ऊं और पांच हजार रुपये नकद लेकर फरार हो गया। सुबह जब परिवार की आंख खुली तो अलमारी खुली मिली और सामान गायब था।
घटना के बाद पड़ोसी के घर लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज खंगाली गई, जिसमें एक संदिग्ध युवक घर के आसपास घूमता और मोबाइल हाथ में लिए दिखाई दे रहा है। फुटेज मिलने के बाद ग्रामीणों को उम्मीद थी कि पुलिस जल्द कार्रवाई करेगी, लेकिन पीड़िता का आरोप है कि तीन दिनों तक हाईवे चौकी के चक्कर लगाने के बावजूद उसकी रिपोर्ट तक दर्ज नहीं की गई।
थक-हारकर मंगलवार को पीड़िता ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर प्रार्थना पत्र सौंपा और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर मुकदमा दर्ज कर चोरी गए जेवरात व नकदी बरामद कराने की मांग की। अब सवाल यह है कि जब चोर कैमरे में कैद है तो कार्रवाई में देरी क्यों?
#उरई_ब्रेकिंग #जालौन_ब्रेकिंग #सीसीटीवी_में_कैद_चोर #लाखों_की_चोरी #पुलिस_पर_सवाल #रिपोर्ट_कब_दर्ज_होगी #न्याय_को_तरसी_महिला #Banphara #UraiNews #JalaunNews #CrimeNews #BreakingNews #UPPolice #चोरी_कांड #जेवरात_चोरी #नकदी_चोरी #एसपी_से_गुहार #सवालों_के_घेरे_में_पुलिस
    user_सोनू महाराज पत्रकार
    सोनू महाराज पत्रकार
    कालपी, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    14 hrs ago
  • जालौन में पानी की टंकी पर चढ़ा परिवार, पुलिस ने सुरक्षित उतारा जालौन में पारिवारिक बंटवारे से जुड़ी शिकायत को लेकर एक दंपती अपने दो साल के बच्चे के साथ पानी की टंकी पर चढ़ गया। बताया जा रहा है कि परिवार एसडीएम को मौके पर बुलाने की मांग कर रहा था। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और काफी समझाइश के बाद तीनों को सुरक्षित नीचे उतार लिया गया। मामले में परिवार की शिकायत और प्रशासन की ओर से की गई कार्रवाई की जानकारी सामने आना बाकी है। ऐसे मामलों में अपनी मांग रखने के लिए जान जोखिम में डालना बेहद खतरनाक हो सकता है।
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    जालौन में पानी की टंकी पर चढ़ा परिवार, पुलिस ने सुरक्षित उतारा
जालौन में पारिवारिक बंटवारे से जुड़ी शिकायत को लेकर एक दंपती अपने दो साल के बच्चे के साथ पानी की टंकी पर चढ़ गया। बताया जा रहा है कि परिवार एसडीएम को मौके पर बुलाने की मांग कर रहा था।
सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और काफी समझाइश के बाद तीनों को सुरक्षित नीचे उतार लिया गया। मामले में परिवार की शिकायत और प्रशासन की ओर से की गई कार्रवाई की जानकारी सामने आना बाकी है।
ऐसे मामलों में अपनी मांग रखने के लिए जान जोखिम में डालना बेहद खतरनाक हो सकता है।
    user_पत्रकार विकाश सिंह
    पत्रकार विकाश सिंह
    कालपी, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    16 hrs ago
  • ट्रक अनियंत्रित होकर जा गिराखाई में बाल बाल बच्चा होते होते हादसा। ट्रक हुआ छटग्रस्त। पूरा मामला कानपुर नगर का है। साढ थाना क्षेत्र के दरगाह लाल पुल एवं साढ के बीच में अनियंत्रित होकर जा गिरा खाई मे बाल बाल बच्चा बड़ा हादसा होने से अर्थात एक ट्रक सामने से आ रहा था इसीलिए साइड में जगह न पाने की वजह से सीधे खाई की ओर जा गिरा इससे दुर्घटना होते बाल बाल बच गया अर्थात पूरा मामला कानपुर नगर के साढ थाना क्षेत्र के अंतर्गत आता है जिससे लोगों को सड़क पर जाम का कारण बन रहा और ट्रक दुर्घटनाग्रस्त हो गया जिसने तीन तीन हाइड्रा क्रेन के मदद से खाई से निकल गया।
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    ट्रक अनियंत्रित होकर जा गिराखाई में बाल बाल बच्चा होते होते हादसा। ट्रक हुआ छटग्रस्त।
पूरा मामला कानपुर नगर का है। साढ थाना क्षेत्र के दरगाह लाल पुल एवं साढ के बीच में अनियंत्रित होकर जा गिरा खाई मे बाल बाल बच्चा बड़ा हादसा होने से अर्थात एक ट्रक सामने से आ रहा था इसीलिए साइड में जगह न पाने की वजह से सीधे खाई की ओर जा गिरा इससे दुर्घटना होते बाल बाल बच गया अर्थात पूरा मामला कानपुर नगर के साढ थाना क्षेत्र के अंतर्गत आता है जिससे लोगों को सड़क पर जाम का कारण बन रहा और ट्रक दुर्घटनाग्रस्त हो गया जिसने तीन  तीन हाइड्रा क्रेन  के मदद से खाई से निकल गया।
    user_वेद प्रकाश  पत्रकार
    वेद प्रकाश पत्रकार
    Political party office अकबरपुर, कानपुर देहात, उत्तर प्रदेश•
    10 hrs ago
  • कानपुर देहात में प्रेम प्रसंग के बाद युवक की संदिग्ध मौत पर परिजनों ने लगाया आरोप कानपुर देहात में प्रेम प्रसंग के बाद युवक की संदिग्ध मौत कानपुर देहात के बरौर थाना क्षेत्र के बरगवां गांव में उस समय सनसनी फैल गई, जब रविवार शाम मकई के खेत में 28 वर्षीय युवक का शव संदिग्ध परिस्थितियों में पड़ा मिला। ग्रामीणों की सूचना पर पहुंची पुलिस और फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल की जांच कर साक्ष्य जुटाए।मृतक की पहचान मुसानगर थाना क्षेत्र के पुुलंदर गांव निवासी कैलाश के 28 वर्षीय पुत्र सुशांत के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक जांच में प्रेम प्रसंग को लेकर विवाद की बात सामने आ रही है। आशंका है कि विवाद के बाद युवक ने जहरीला पदार्थ खा लिया, हालांकि मौत की वास्तविक वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगीसूचना मिलते ही थाना प्रभारी राहुल कुमार पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। क्षेत्राधिकारी धर्मेंद्र कुमार रघुवंशी ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया। फोरेंसिक टीम ने मौके से आवश्यक साक्ष्य एकत्र किए।पुलिस के मुताबिक, सुशांत विवाहित था और उसके दो बच्चे हैं। फिलहाल पुलिस मामले की सभी पहलुओं से जांच कर रही है। थाना प्रभारी राहुल कुमार ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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    कानपुर देहात में प्रेम प्रसंग के बाद युवक की संदिग्ध मौत पर परिजनों ने लगाया आरोप 
कानपुर देहात में प्रेम प्रसंग के बाद युवक की संदिग्ध मौत
कानपुर देहात के बरौर थाना क्षेत्र के बरगवां गांव में उस समय सनसनी फैल गई, जब रविवार शाम मकई के खेत में 28 वर्षीय युवक का शव संदिग्ध परिस्थितियों में पड़ा मिला। ग्रामीणों की सूचना पर पहुंची पुलिस और फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल की जांच कर साक्ष्य जुटाए।मृतक की पहचान मुसानगर थाना क्षेत्र के पुुलंदर गांव निवासी कैलाश के 28 वर्षीय पुत्र सुशांत के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक जांच में प्रेम प्रसंग को लेकर विवाद की बात सामने आ रही है। आशंका है कि विवाद के बाद युवक ने जहरीला पदार्थ खा लिया, हालांकि मौत की वास्तविक वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगीसूचना मिलते ही थाना प्रभारी राहुल कुमार पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। क्षेत्राधिकारी धर्मेंद्र कुमार रघुवंशी ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया। फोरेंसिक टीम ने मौके से आवश्यक साक्ष्य एकत्र किए।पुलिस के मुताबिक, सुशांत विवाहित था और उसके दो बच्चे हैं। फिलहाल पुलिस मामले की सभी पहलुओं से जांच कर रही है। थाना प्रभारी राहुल कुमार ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
    user_Kuldeep Kumar
    Kuldeep Kumar
    Journalist 9260920347 Bhognipur, Kanpur Dehat•
    14 hrs ago
  • पिछड़ा वर्ग आयोग के सदस्य की अध्यक्षता में आयोग की बैठक आयोजित, स्थानीय ग्रामीण निकाय चुनावों से पूर्व पिछड़ा वर्ग के आरक्षण के संबंध में आवश्यक तथ्यों एवं सुझावों पर हुआ मंथन उत्तर प्रदेश राज्य स्थानीय ग्रामीण निकाय समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग की बैठक आज मा0 सदस्य बृजेश कुमार की अध्यक्षता में माती विकास भवन सभागार कक्ष में आयोजित की गई। बैठक में आयोग के सदस्य संतोष कुमार विश्वकर्मा , सदस्य डॉ. अरविंद कुमार चौरसिया एवं सदस्य एस.पी. सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष नीरज रानी , अन्य जनप्रतिनिधिगण, जिलाधिकारी कपिल सिंह जी, मुख्य विकास अधिकारी विधान जायसवाल सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।बैठक में ब्लॉक प्रमुख, जिला पंचायत सदस्य, क्षेत्र पंचायत सदस्य, ग्राम प्रधान/प्रशासक सहित विभिन्न स्तरों के जनप्रतिनिधियों ने प्रतिभाग किया। आयोग द्वारा जनप्रतिनिधियों से ग्रामीण क्षेत्रों में पिछड़ा वर्ग की जनसंख्या, सामाजिक, शैक्षिक, आर्थिक एवं राजनीतिक स्थिति के संबंध में विस्तृत जानकारी प्राप्त की गई। बैठक का प्रमुख उद्देश्य स्थानीय ग्रामीण निकाय/पंचायत चुनावों से पूर्व पिछड़ा वर्ग के आरक्षण के संबंध में आवश्यक तथ्य, जमीनी स्थिति एवं जनप्रतिनिधियों के सुझाव प्राप्त करना रहा। आयोग द्वारा यह जानने का प्रयास किया गया कि ग्रामीण क्षेत्रों में पिछड़ा वर्ग की वर्तमान सामाजिक, आर्थिक, शैक्षिक एवं राजनीतिक स्थिति क्या है तथा स्थानीय निकायों में उनका प्रतिनिधित्व किस स्तर पर है। आयोग द्वारा जनप्रतिनिधियों से प्राप्त तथ्यों एवं अनुभवों के आधार पर पिछड़ा वर्ग की स्थिति का समग्र आकलन किया जा रहा है, ताकि आरक्षण से संबंधित विषय पर तथ्यपरक एवं उपयुक्त सुझाव प्रस्तुत करने में आवश्यक आधार प्राप्त हो सके।बैठक के दौरान आयोग के माननीय सदस्यगण द्वारा जनप्रतिनिधियों से उनके क्षेत्र में पिछड़ा वर्ग की जनसंख्या, विभिन्न पिछड़ा वर्ग समुदायों की संख्या एवं उनकी सामाजिक स्थिति के संबंध में जानकारी ली गई। जनप्रतिनिधियों से यह भी जाना गया कि उनके क्षेत्र में कौन-कौन से पिछड़े वर्ग के समुदाय अधिक संख्या में निवास करते हैं तथा विभिन्न समुदायों की सामाजिक एवं आर्थिक स्थिति में क्या अंतर है। आयोग ने ग्रामीण क्षेत्रों में पिछड़ा वर्ग के सामाजिक एवं आर्थिक पिछड़ेपन की वास्तविक स्थिति को समझने के लिए जनप्रतिनिधियों के जमीनी अनुभव एवं सुझाव भी प्राप्त किए। आयोग द्वारा पिछड़ा वर्ग के लोगों की शैक्षिक स्थिति, बच्चों की शिक्षा, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा तक पहुंच तथा शिक्षा के क्षेत्र में आने वाली प्रमुख बाधाओं के संबंध में जानकारी प्राप्त की गई। इसके साथ ही यह भी पूछा गया कि पिछड़ा वर्ग के लोगों को समाज में अन्य वर्गों के समान अवसर एवं सम्मान प्राप्त हो रहा है अथवा नहीं तथा उनके साथ सामाजिक समानता एवं बराबरी का व्यवहार किस स्तर तक किया जा रहा है। बैठक में पिछड़ा वर्ग के परिवारों की आवासीय स्थिति के संबंध में भी जानकारी ली गई। जनप्रतिनिधियों से यह जानकारी प्राप्त की गई कि पिछड़ा वर्ग के कितने परिवार पक्के मकानों में निवास करते हैं तथा कितने परिवार अभी भी आवासीय सुविधाओं से वंचित हैं। इसी क्रम में शौचालय, पेयजल, बिजली, सड़क, स्वास्थ्य सुविधाओं तथा अन्य मूलभूत नागरिक सुविधाओं तक पिछड़ा वर्ग के लोगों की पहुंच के संबंध में भी क्षेत्रवार जानकारी एवं अनुभव प्राप्त किए गए। आयोग द्वारा पिछड़ा वर्ग के लोगों की आजीविका के प्रमुख साधनों एवं आर्थिक स्थिति के संबंध में भी जानकारी ली गई। जनप्रतिनिधियों से यह जाना गया कि उनके क्षेत्रों में पिछड़ा वर्ग के लोग मुख्य रूप से कृषि, पशुपालन, मजदूरी, छोटे व्यवसाय, कुटीर उद्योग, स्वरोजगार अथवा अन्य किन व्यवसायों पर निर्भर हैं। साथ ही भूमि एवं आर्थिक संसाधनों तक पहुंच, रोजगार के अवसर, स्वरोजगार तथा आर्थिक उन्नति में आने वाली कठिनाइयों के संबंध में भी तथ्य एवं सुझाव प्राप्त किए गए। बैठक का एक महत्वपूर्ण विषय स्थानीय स्तर पर पिछड़ा वर्ग के राजनीतिक प्रतिनिधित्व एवं भागीदारी का रहा। आयोग ने जनप्रतिनिधियों से ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत एवं जिला पंचायत स्तर पर पिछड़ा वर्ग के लोगों की राजनीतिक भागीदारी तथा निर्वाचित प्रतिनिधियों के रूप में उनके प्रतिनिधित्व की स्थिति के बारे में जानकारी प्राप्त की। आयोग के माननीय सदस्यगण द्वारा जनप्रतिनिधियों से केवल आंकड़ों की जानकारी ही नहीं, बल्कि जमीनी स्तर के अनुभव एवं सुझाव भी प्राप्त किए गए। विभिन्न जनप्रतिनिधियों ने अपने-अपने क्षेत्रों में पिछड़ा वर्ग की स्थिति, उनकी समस्याओं, विकास की आवश्यकताओं तथा स्थानीय स्तर पर उनके सामाजिक एवं राजनीतिक प्रतिनिधित्व से जुड़े महत्वपूर्ण सुझाव आयोग के समक्ष रखे। विशेष रूप से स्थानीय ग्रामीण निकाय चुनावों में पिछड़ा वर्ग के आरक्षण से संबंधित विषयों पर जनप्रतिनिधियों के सुझाव एवं क्षेत्रीय अनुभव आयोग द्वारा गंभीरता से सुने गए। उत्तर प्रदेश राज्य स्थानीय ग्रामीण निकाय समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में पिछड़ा वर्ग की स्थिति का जमीनी एवं तथ्यपरक अध्ययन किया जा रहा है। इसके अंतर्गत जनप्रतिनिधियों एवं संबंधित अधिकारियों से प्राप्त जानकारी के माध्यम से पिछड़ा वर्ग की जनसंख्या, सामाजिक स्थिति, शैक्षिक स्थिति, आर्थिक स्थिति, मूलभूत सुविधाओं तक पहुंच तथा स्थानीय निकायों में राजनीतिक प्रतिनिधित्व से संबंधित विभिन्न पहलुओं का अध्ययन किया जा रहा है। बैठक में प्राप्त जानकारी एवं सुझाव आयोग के अध्ययन में महत्वपूर्ण आधार प्रदान करेंगे तथा आगामी स्थानीय ग्रामीण निकाय चुनावों में पिछड़ा वर्ग के आरक्षण के संबंध में आयोग द्वारा प्रस्तुत की जाने वाली रिपोर्ट/सुझाव एवं अनुशंसा के लिए उपयोगी होंगे। बैठक के अंत में आयोग के माननीय सदस्यगण ने उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों द्वारा उपलब्ध कराई गई महत्वपूर्ण जानकारी एवं सुझावों के लिए आभार व्यक्त किया। जिलाधिकारी द्वारा आयोग के माननीय सदस्य गणों का आभार व्यक्त किया गया। इस मौके पर जिला विकास अधिकारी सुनील कुमार तिवारी,आयोग के ओएसडी एम0ए0 अंसारी, जिला पंचायत राज अधिकारी विकास पटेल, जिला पंचायत एएमए सहित सम्बन्धित अधिकारीगण आदि उपस्थित रहे। इसी प्रकार ब्लॉक अकबरपुर में भी माननीय आयोग द्वारा बैठक कर आवश्यक जानकारी/ सुझाव प्राप्त किए गए।
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    पिछड़ा वर्ग आयोग के सदस्य की अध्यक्षता में आयोग की बैठक आयोजित, स्थानीय ग्रामीण निकाय चुनावों से पूर्व पिछड़ा वर्ग के आरक्षण के संबंध में आवश्यक तथ्यों एवं सुझावों पर हुआ मंथन 
उत्तर प्रदेश राज्य स्थानीय ग्रामीण निकाय समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग की बैठक आज मा0 सदस्य बृजेश कुमार की अध्यक्षता में माती विकास भवन सभागार कक्ष में आयोजित की गई। बैठक में आयोग के सदस्य संतोष कुमार विश्वकर्मा , सदस्य डॉ. अरविंद कुमार चौरसिया एवं सदस्य एस.पी. सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष नीरज रानी , अन्य जनप्रतिनिधिगण, जिलाधिकारी कपिल सिंह जी, मुख्य विकास अधिकारी विधान जायसवाल सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।बैठक में ब्लॉक प्रमुख, जिला पंचायत सदस्य, क्षेत्र पंचायत सदस्य, ग्राम प्रधान/प्रशासक सहित विभिन्न स्तरों के जनप्रतिनिधियों ने प्रतिभाग किया। आयोग द्वारा जनप्रतिनिधियों से ग्रामीण क्षेत्रों में पिछड़ा वर्ग की जनसंख्या, सामाजिक, शैक्षिक, आर्थिक एवं राजनीतिक स्थिति के संबंध में विस्तृत जानकारी प्राप्त की गई। बैठक का प्रमुख उद्देश्य स्थानीय ग्रामीण निकाय/पंचायत चुनावों से पूर्व पिछड़ा वर्ग के आरक्षण के संबंध में आवश्यक तथ्य, जमीनी स्थिति एवं जनप्रतिनिधियों के सुझाव प्राप्त करना रहा। आयोग द्वारा यह जानने का प्रयास किया गया कि ग्रामीण क्षेत्रों में पिछड़ा वर्ग की वर्तमान सामाजिक, आर्थिक, शैक्षिक एवं राजनीतिक स्थिति क्या है तथा स्थानीय निकायों में उनका प्रतिनिधित्व किस स्तर पर है। आयोग द्वारा जनप्रतिनिधियों से प्राप्त तथ्यों एवं अनुभवों के आधार पर पिछड़ा वर्ग की स्थिति का समग्र आकलन किया जा रहा है, ताकि आरक्षण से संबंधित विषय पर तथ्यपरक एवं उपयुक्त सुझाव प्रस्तुत करने में आवश्यक आधार प्राप्त हो सके।बैठक के दौरान आयोग के माननीय सदस्यगण द्वारा जनप्रतिनिधियों से उनके क्षेत्र में पिछड़ा वर्ग की जनसंख्या, विभिन्न पिछड़ा वर्ग समुदायों की संख्या एवं उनकी सामाजिक स्थिति के संबंध में जानकारी ली गई। जनप्रतिनिधियों से यह भी जाना गया कि उनके क्षेत्र में कौन-कौन से पिछड़े वर्ग के समुदाय अधिक संख्या में निवास करते हैं तथा विभिन्न समुदायों की सामाजिक एवं आर्थिक स्थिति में क्या अंतर है। आयोग ने ग्रामीण क्षेत्रों में पिछड़ा वर्ग के सामाजिक एवं आर्थिक पिछड़ेपन की वास्तविक स्थिति को समझने के लिए जनप्रतिनिधियों के जमीनी अनुभव एवं सुझाव भी प्राप्त किए। आयोग द्वारा पिछड़ा वर्ग के लोगों की शैक्षिक स्थिति, बच्चों की शिक्षा, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा तक पहुंच तथा शिक्षा के क्षेत्र में आने वाली प्रमुख बाधाओं के संबंध में जानकारी प्राप्त की गई। इसके साथ ही यह भी पूछा गया कि पिछड़ा वर्ग के लोगों को समाज में अन्य वर्गों के समान अवसर एवं सम्मान प्राप्त हो रहा है अथवा नहीं तथा उनके साथ सामाजिक समानता एवं बराबरी का व्यवहार किस स्तर तक किया जा रहा है। बैठक में पिछड़ा वर्ग के परिवारों की आवासीय स्थिति के संबंध में भी जानकारी ली गई। जनप्रतिनिधियों से यह जानकारी प्राप्त की गई कि पिछड़ा वर्ग के कितने परिवार पक्के मकानों में निवास करते हैं तथा कितने परिवार अभी भी आवासीय सुविधाओं से वंचित हैं।
इसी क्रम में शौचालय, पेयजल, बिजली, सड़क, स्वास्थ्य सुविधाओं तथा अन्य मूलभूत नागरिक सुविधाओं तक पिछड़ा वर्ग के लोगों की पहुंच के संबंध में भी क्षेत्रवार जानकारी एवं अनुभव प्राप्त किए गए। आयोग द्वारा पिछड़ा वर्ग के लोगों की आजीविका के प्रमुख साधनों एवं आर्थिक स्थिति के संबंध में भी जानकारी ली गई। जनप्रतिनिधियों से यह जाना गया कि उनके क्षेत्रों में पिछड़ा वर्ग के लोग मुख्य रूप से कृषि, पशुपालन, मजदूरी, छोटे व्यवसाय, कुटीर उद्योग, स्वरोजगार अथवा अन्य किन व्यवसायों पर निर्भर हैं। साथ ही भूमि एवं आर्थिक संसाधनों तक पहुंच, रोजगार के अवसर, स्वरोजगार तथा आर्थिक उन्नति में आने वाली कठिनाइयों के संबंध में भी तथ्य एवं सुझाव प्राप्त किए गए। बैठक का एक महत्वपूर्ण विषय स्थानीय स्तर पर पिछड़ा वर्ग के राजनीतिक प्रतिनिधित्व एवं भागीदारी का रहा। आयोग ने जनप्रतिनिधियों से ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत एवं जिला पंचायत स्तर पर पिछड़ा वर्ग के लोगों की राजनीतिक भागीदारी तथा निर्वाचित प्रतिनिधियों के रूप में उनके प्रतिनिधित्व की स्थिति के बारे में जानकारी प्राप्त की। आयोग के माननीय सदस्यगण द्वारा जनप्रतिनिधियों से केवल आंकड़ों की जानकारी ही नहीं, बल्कि जमीनी स्तर के अनुभव एवं सुझाव भी प्राप्त किए गए। विभिन्न जनप्रतिनिधियों ने अपने-अपने क्षेत्रों में पिछड़ा वर्ग की स्थिति, उनकी समस्याओं, विकास की आवश्यकताओं तथा स्थानीय स्तर पर उनके सामाजिक एवं राजनीतिक प्रतिनिधित्व से जुड़े महत्वपूर्ण सुझाव आयोग के समक्ष रखे। विशेष रूप से स्थानीय ग्रामीण निकाय चुनावों में पिछड़ा वर्ग के आरक्षण से संबंधित विषयों पर जनप्रतिनिधियों के सुझाव एवं क्षेत्रीय अनुभव आयोग द्वारा गंभीरता से सुने गए। उत्तर प्रदेश राज्य स्थानीय ग्रामीण निकाय समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में पिछड़ा वर्ग की स्थिति का जमीनी एवं तथ्यपरक अध्ययन किया जा रहा है। इसके अंतर्गत जनप्रतिनिधियों एवं संबंधित अधिकारियों से प्राप्त जानकारी के माध्यम से पिछड़ा वर्ग की जनसंख्या, सामाजिक स्थिति, शैक्षिक स्थिति, आर्थिक स्थिति, मूलभूत सुविधाओं तक पहुंच तथा स्थानीय निकायों में राजनीतिक प्रतिनिधित्व से संबंधित विभिन्न पहलुओं का अध्ययन किया जा रहा है। बैठक में प्राप्त जानकारी एवं सुझाव आयोग के अध्ययन में महत्वपूर्ण आधार प्रदान करेंगे तथा आगामी स्थानीय ग्रामीण निकाय चुनावों में पिछड़ा वर्ग के आरक्षण के संबंध में आयोग द्वारा प्रस्तुत की जाने वाली रिपोर्ट/सुझाव एवं अनुशंसा के लिए उपयोगी होंगे। बैठक के अंत में आयोग के माननीय सदस्यगण ने उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों द्वारा उपलब्ध कराई गई महत्वपूर्ण जानकारी एवं सुझावों के लिए आभार व्यक्त किया। जिलाधिकारी द्वारा आयोग के माननीय सदस्य गणों का आभार व्यक्त किया गया। इस मौके पर  जिला विकास अधिकारी सुनील कुमार तिवारी,आयोग के ओएसडी एम0ए0 अंसारी, जिला पंचायत राज अधिकारी विकास पटेल, जिला पंचायत एएमए सहित सम्बन्धित अधिकारीगण आदि उपस्थित रहे। इसी प्रकार ब्लॉक अकबरपुर में भी माननीय आयोग द्वारा बैठक कर आवश्यक जानकारी/ सुझाव प्राप्त किए गए।
    user_Arvind sharma kanpur dehat
    Arvind sharma kanpur dehat
    Local News Reporter अकबरपुर, कानपुर देहात, उत्तर प्रदेश•
    15 hrs ago
  • जालौन त्योहारों से पहले उरई कोतवाली पुलिस का सघन चेकिंग अभियानl जालौन त्योहारों से पहले उरई कोतवाली पुलिस का सघन चेकिंग अभियान उरई कोतवाली पुलिस ने त्योहारों के मद्देनजर चलाया सघन चेकिंग अभियान। चेकिंग के दौरान संदिग्ध वाहनों की ली गई तलाशी और वाहनों को किया गया चेक। काली फिल्म लगाकर चलने वाली कारों से उतरवाई गई ब्लैक फिल्म। दो पहिया वाहनों पर स्टंट करने वालों और बिना हेलमेट चलने वालों पर की गई कार्रवाई। यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों में मचा हड़कंप। मामला जालौन के उरई कोतवाली क्षेत्र का।
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    जालौन
त्योहारों से पहले उरई कोतवाली पुलिस का सघन चेकिंग अभियानl
जालौन
त्योहारों से पहले उरई कोतवाली पुलिस का सघन चेकिंग अभियान
उरई कोतवाली पुलिस ने त्योहारों के मद्देनजर चलाया सघन चेकिंग अभियान।
चेकिंग के दौरान संदिग्ध वाहनों की ली गई तलाशी और वाहनों को किया गया चेक।
काली फिल्म लगाकर चलने वाली कारों से उतरवाई गई ब्लैक फिल्म।
दो पहिया वाहनों पर स्टंट करने वालों और बिना हेलमेट चलने वालों पर की गई कार्रवाई।
यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों में मचा हड़कंप।
मामला जालौन के उरई कोतवाली क्षेत्र का।
    user_Dev Patel
    Dev Patel
    Local News Reporter कालपी, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    12 hrs ago
  • ब्रेकिंग न्यूज Jalaun: कालपी में बीच चौराहे पर दो युवकों में जमकर हुई मारपीट! जालौन : कालपी में बीच चौराहे पर दो युवकों में जमकर हुई मारपीट! एक युवक ने दूसरे को पटक-पटककर लात-घूंसों व चप्पलों से पीटा। खूनी संघर्ष का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल ।
    1
    ब्रेकिंग न्यूज 
Jalaun: कालपी में बीच चौराहे पर दो युवकों में जमकर हुई मारपीट! 
जालौन 
: कालपी में बीच चौराहे पर दो युवकों में जमकर हुई मारपीट! एक युवक ने दूसरे को पटक-पटककर लात-घूंसों व चप्पलों से पीटा। खूनी संघर्ष का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल ।
    user_Dev Patel
    Dev Patel
    Local News Reporter कालपी, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    11 hrs ago
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