पिछड़ा वर्ग आयोग के सदस्य की अध्यक्षता में आयोग की बैठक आयोजित, स्थानीय ग्रामीण निकाय चुनावों से पूर्व पिछड़ा वर्ग के आरक्षण के संबंध में आवश्यक तथ्यों एवं सुझावों पर हुआ मंथन उत्तर प्रदेश राज्य स्थानीय ग्रामीण निकाय समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग की बैठक आज मा0 सदस्य बृजेश कुमार की अध्यक्षता में माती विकास भवन सभागार कक्ष में आयोजित की गई। बैठक में आयोग के सदस्य संतोष कुमार विश्वकर्मा , सदस्य डॉ. अरविंद कुमार चौरसिया एवं सदस्य एस.पी. सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष नीरज रानी , अन्य जनप्रतिनिधिगण, जिलाधिकारी कपिल सिंह जी, मुख्य विकास अधिकारी विधान जायसवाल सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।बैठक में ब्लॉक प्रमुख, जिला पंचायत सदस्य, क्षेत्र पंचायत सदस्य, ग्राम प्रधान/प्रशासक सहित विभिन्न स्तरों के जनप्रतिनिधियों ने प्रतिभाग किया। आयोग द्वारा जनप्रतिनिधियों से ग्रामीण क्षेत्रों में पिछड़ा वर्ग की जनसंख्या, सामाजिक, शैक्षिक, आर्थिक एवं राजनीतिक स्थिति के संबंध में विस्तृत जानकारी प्राप्त की गई। बैठक का प्रमुख उद्देश्य स्थानीय ग्रामीण निकाय/पंचायत चुनावों से पूर्व पिछड़ा वर्ग के आरक्षण के संबंध में आवश्यक तथ्य, जमीनी स्थिति एवं जनप्रतिनिधियों के सुझाव प्राप्त करना रहा। आयोग द्वारा यह जानने का प्रयास किया गया कि ग्रामीण क्षेत्रों में पिछड़ा वर्ग की वर्तमान सामाजिक, आर्थिक, शैक्षिक एवं राजनीतिक स्थिति क्या है तथा स्थानीय निकायों में उनका प्रतिनिधित्व किस स्तर पर है। आयोग द्वारा जनप्रतिनिधियों से प्राप्त तथ्यों एवं अनुभवों के आधार पर पिछड़ा वर्ग की स्थिति का समग्र आकलन किया जा रहा है, ताकि आरक्षण से संबंधित विषय पर तथ्यपरक एवं उपयुक्त सुझाव प्रस्तुत करने में आवश्यक आधार प्राप्त हो सके।बैठक के दौरान आयोग के माननीय सदस्यगण द्वारा जनप्रतिनिधियों से उनके क्षेत्र में पिछड़ा वर्ग की जनसंख्या, विभिन्न पिछड़ा वर्ग समुदायों की संख्या एवं उनकी सामाजिक स्थिति के संबंध में जानकारी ली गई। जनप्रतिनिधियों से यह भी जाना गया कि उनके क्षेत्र में कौन-कौन से पिछड़े वर्ग के समुदाय अधिक संख्या में निवास करते हैं तथा विभिन्न समुदायों की सामाजिक एवं आर्थिक स्थिति में क्या अंतर है। आयोग ने ग्रामीण क्षेत्रों में पिछड़ा वर्ग के सामाजिक एवं आर्थिक पिछड़ेपन की वास्तविक स्थिति को समझने के लिए जनप्रतिनिधियों के जमीनी अनुभव एवं सुझाव भी प्राप्त किए। आयोग द्वारा पिछड़ा वर्ग के लोगों की शैक्षिक स्थिति, बच्चों की शिक्षा, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा तक पहुंच तथा शिक्षा के क्षेत्र में आने वाली प्रमुख बाधाओं के संबंध में जानकारी प्राप्त की गई। इसके साथ ही यह भी पूछा गया कि पिछड़ा वर्ग के लोगों को समाज में अन्य वर्गों के समान अवसर एवं सम्मान प्राप्त हो रहा है अथवा नहीं तथा उनके साथ सामाजिक समानता एवं बराबरी का व्यवहार किस स्तर तक किया जा रहा है। बैठक में पिछड़ा वर्ग के परिवारों की आवासीय स्थिति के संबंध में भी जानकारी ली गई। जनप्रतिनिधियों से यह जानकारी प्राप्त की गई कि पिछड़ा वर्ग के कितने परिवार पक्के मकानों में निवास करते हैं तथा कितने परिवार अभी भी आवासीय सुविधाओं से वंचित हैं। इसी क्रम में शौचालय, पेयजल, बिजली, सड़क, स्वास्थ्य सुविधाओं तथा अन्य मूलभूत नागरिक सुविधाओं तक पिछड़ा वर्ग के लोगों की पहुंच के संबंध में भी क्षेत्रवार जानकारी एवं अनुभव प्राप्त किए गए। आयोग द्वारा पिछड़ा वर्ग के लोगों की आजीविका के प्रमुख साधनों एवं आर्थिक स्थिति के संबंध में भी जानकारी ली गई। जनप्रतिनिधियों से यह जाना गया कि उनके क्षेत्रों में पिछड़ा वर्ग के लोग मुख्य रूप से कृषि, पशुपालन, मजदूरी, छोटे व्यवसाय, कुटीर उद्योग, स्वरोजगार अथवा अन्य किन व्यवसायों पर निर्भर हैं। साथ ही भूमि एवं आर्थिक संसाधनों तक पहुंच, रोजगार के अवसर, स्वरोजगार तथा आर्थिक उन्नति में आने वाली कठिनाइयों के संबंध में भी तथ्य एवं सुझाव प्राप्त किए गए। बैठक का एक महत्वपूर्ण विषय स्थानीय स्तर पर पिछड़ा वर्ग के राजनीतिक प्रतिनिधित्व एवं भागीदारी का रहा। आयोग ने जनप्रतिनिधियों से ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत एवं जिला पंचायत स्तर पर पिछड़ा वर्ग के लोगों की राजनीतिक भागीदारी तथा निर्वाचित प्रतिनिधियों के रूप में उनके प्रतिनिधित्व की स्थिति के बारे में जानकारी प्राप्त की। आयोग के माननीय सदस्यगण द्वारा जनप्रतिनिधियों से केवल आंकड़ों की जानकारी ही नहीं, बल्कि जमीनी स्तर के अनुभव एवं सुझाव भी प्राप्त किए गए। विभिन्न जनप्रतिनिधियों ने अपने-अपने क्षेत्रों में पिछड़ा वर्ग की स्थिति, उनकी समस्याओं, विकास की आवश्यकताओं तथा स्थानीय स्तर पर उनके सामाजिक एवं राजनीतिक प्रतिनिधित्व से जुड़े महत्वपूर्ण सुझाव आयोग के समक्ष रखे। विशेष रूप से स्थानीय ग्रामीण निकाय चुनावों में पिछड़ा वर्ग के आरक्षण से संबंधित विषयों पर जनप्रतिनिधियों के सुझाव एवं क्षेत्रीय अनुभव आयोग द्वारा गंभीरता से सुने गए। उत्तर प्रदेश राज्य स्थानीय ग्रामीण निकाय समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में पिछड़ा वर्ग की स्थिति का जमीनी एवं तथ्यपरक अध्ययन किया जा रहा है। इसके अंतर्गत जनप्रतिनिधियों एवं संबंधित अधिकारियों से प्राप्त जानकारी के माध्यम से पिछड़ा वर्ग की जनसंख्या, सामाजिक स्थिति, शैक्षिक स्थिति, आर्थिक स्थिति, मूलभूत सुविधाओं तक पहुंच तथा स्थानीय निकायों में राजनीतिक प्रतिनिधित्व से संबंधित विभिन्न पहलुओं का अध्ययन किया जा रहा है। बैठक में प्राप्त जानकारी एवं सुझाव आयोग के अध्ययन में महत्वपूर्ण आधार प्रदान करेंगे तथा आगामी स्थानीय ग्रामीण निकाय चुनावों में पिछड़ा वर्ग के आरक्षण के संबंध में आयोग द्वारा प्रस्तुत की जाने वाली रिपोर्ट/सुझाव एवं अनुशंसा के लिए उपयोगी होंगे। बैठक के अंत में आयोग के माननीय सदस्यगण ने उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों द्वारा उपलब्ध कराई गई महत्वपूर्ण जानकारी एवं सुझावों के लिए आभार व्यक्त किया। जिलाधिकारी द्वारा आयोग के माननीय सदस्य गणों का आभार व्यक्त किया गया। इस मौके पर जिला विकास अधिकारी सुनील कुमार तिवारी,आयोग के ओएसडी एम0ए0 अंसारी, जिला पंचायत राज अधिकारी विकास पटेल, जिला पंचायत एएमए सहित सम्बन्धित अधिकारीगण आदि उपस्थित रहे। इसी प्रकार ब्लॉक अकबरपुर में भी माननीय आयोग द्वारा बैठक कर आवश्यक जानकारी/ सुझाव प्राप्त किए गए।
पिछड़ा वर्ग आयोग के सदस्य की अध्यक्षता में आयोग की बैठक आयोजित, स्थानीय ग्रामीण निकाय चुनावों से पूर्व पिछड़ा वर्ग के आरक्षण के संबंध में आवश्यक तथ्यों एवं सुझावों पर हुआ मंथन उत्तर प्रदेश राज्य स्थानीय ग्रामीण निकाय समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग की बैठक आज मा0 सदस्य बृजेश कुमार की अध्यक्षता में माती विकास भवन सभागार कक्ष में आयोजित की गई। बैठक में आयोग के सदस्य संतोष कुमार विश्वकर्मा , सदस्य डॉ. अरविंद कुमार चौरसिया एवं सदस्य एस.पी. सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष नीरज रानी , अन्य जनप्रतिनिधिगण, जिलाधिकारी कपिल सिंह जी, मुख्य विकास अधिकारी विधान जायसवाल सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।बैठक में ब्लॉक प्रमुख, जिला पंचायत सदस्य, क्षेत्र पंचायत सदस्य, ग्राम प्रधान/प्रशासक सहित विभिन्न स्तरों के जनप्रतिनिधियों ने प्रतिभाग किया। आयोग द्वारा जनप्रतिनिधियों से ग्रामीण क्षेत्रों में पिछड़ा वर्ग की जनसंख्या, सामाजिक, शैक्षिक, आर्थिक एवं राजनीतिक स्थिति के संबंध में विस्तृत जानकारी प्राप्त की गई। बैठक का प्रमुख उद्देश्य स्थानीय ग्रामीण निकाय/पंचायत चुनावों से पूर्व पिछड़ा वर्ग के आरक्षण के संबंध में आवश्यक तथ्य, जमीनी स्थिति एवं जनप्रतिनिधियों के सुझाव प्राप्त करना रहा। आयोग द्वारा यह जानने का प्रयास किया गया कि ग्रामीण क्षेत्रों में पिछड़ा वर्ग की वर्तमान सामाजिक, आर्थिक, शैक्षिक एवं राजनीतिक स्थिति क्या है तथा स्थानीय निकायों में उनका प्रतिनिधित्व किस स्तर पर है। आयोग द्वारा जनप्रतिनिधियों से प्राप्त तथ्यों एवं अनुभवों के आधार पर पिछड़ा वर्ग की स्थिति का समग्र आकलन किया जा रहा है, ताकि आरक्षण से संबंधित विषय पर तथ्यपरक एवं उपयुक्त सुझाव प्रस्तुत करने में आवश्यक आधार प्राप्त हो सके।बैठक के दौरान आयोग के माननीय सदस्यगण द्वारा जनप्रतिनिधियों से उनके क्षेत्र में पिछड़ा वर्ग की जनसंख्या, विभिन्न पिछड़ा वर्ग समुदायों की संख्या एवं उनकी सामाजिक स्थिति के संबंध में जानकारी ली गई। जनप्रतिनिधियों से यह भी जाना गया कि उनके क्षेत्र में कौन-कौन से पिछड़े वर्ग के समुदाय अधिक संख्या में निवास करते हैं तथा विभिन्न समुदायों की सामाजिक एवं आर्थिक स्थिति में क्या अंतर है। आयोग ने ग्रामीण क्षेत्रों में पिछड़ा वर्ग के सामाजिक एवं आर्थिक पिछड़ेपन की वास्तविक स्थिति को समझने के लिए जनप्रतिनिधियों के जमीनी अनुभव एवं सुझाव भी प्राप्त किए। आयोग द्वारा पिछड़ा वर्ग के लोगों की शैक्षिक स्थिति, बच्चों की शिक्षा, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा तक पहुंच तथा शिक्षा के क्षेत्र में आने वाली प्रमुख बाधाओं के संबंध में जानकारी प्राप्त की गई। इसके साथ ही यह भी पूछा गया कि पिछड़ा वर्ग के लोगों को समाज में अन्य वर्गों के समान अवसर एवं सम्मान प्राप्त हो रहा है अथवा नहीं तथा उनके साथ सामाजिक समानता एवं बराबरी का व्यवहार किस स्तर तक किया जा रहा है। बैठक में पिछड़ा वर्ग के परिवारों की आवासीय स्थिति के संबंध में भी जानकारी ली गई। जनप्रतिनिधियों से यह जानकारी प्राप्त की गई कि पिछड़ा वर्ग के कितने परिवार पक्के मकानों में निवास करते हैं तथा कितने परिवार अभी भी आवासीय सुविधाओं से वंचित हैं। इसी क्रम में शौचालय, पेयजल, बिजली, सड़क, स्वास्थ्य सुविधाओं तथा अन्य मूलभूत नागरिक सुविधाओं तक पिछड़ा वर्ग के लोगों की पहुंच के संबंध में भी क्षेत्रवार जानकारी एवं अनुभव प्राप्त किए गए। आयोग द्वारा पिछड़ा वर्ग के लोगों की आजीविका के प्रमुख साधनों एवं आर्थिक स्थिति के संबंध में भी जानकारी ली गई। जनप्रतिनिधियों से यह जाना गया कि उनके क्षेत्रों में पिछड़ा वर्ग के लोग मुख्य रूप से कृषि, पशुपालन, मजदूरी, छोटे व्यवसाय, कुटीर उद्योग, स्वरोजगार अथवा अन्य किन व्यवसायों पर निर्भर हैं। साथ ही भूमि एवं आर्थिक संसाधनों तक पहुंच, रोजगार के अवसर, स्वरोजगार तथा आर्थिक उन्नति में आने वाली कठिनाइयों के संबंध में भी तथ्य एवं सुझाव प्राप्त किए गए। बैठक का एक महत्वपूर्ण विषय स्थानीय स्तर पर पिछड़ा वर्ग के राजनीतिक प्रतिनिधित्व एवं भागीदारी का रहा। आयोग ने जनप्रतिनिधियों से ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत एवं जिला पंचायत स्तर पर पिछड़ा वर्ग के लोगों की राजनीतिक भागीदारी तथा निर्वाचित प्रतिनिधियों के रूप में उनके प्रतिनिधित्व की स्थिति के बारे में जानकारी प्राप्त की। आयोग के माननीय सदस्यगण द्वारा जनप्रतिनिधियों से केवल आंकड़ों की जानकारी ही नहीं, बल्कि जमीनी स्तर के अनुभव एवं सुझाव भी प्राप्त किए गए। विभिन्न जनप्रतिनिधियों ने अपने-अपने क्षेत्रों में पिछड़ा वर्ग की स्थिति, उनकी समस्याओं, विकास की आवश्यकताओं तथा स्थानीय स्तर पर उनके सामाजिक एवं राजनीतिक प्रतिनिधित्व से जुड़े महत्वपूर्ण सुझाव आयोग के समक्ष रखे। विशेष रूप से स्थानीय ग्रामीण निकाय चुनावों में पिछड़ा वर्ग के आरक्षण से संबंधित विषयों पर जनप्रतिनिधियों के सुझाव एवं क्षेत्रीय अनुभव आयोग द्वारा गंभीरता से सुने गए। उत्तर प्रदेश राज्य स्थानीय ग्रामीण निकाय समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में पिछड़ा वर्ग की स्थिति का जमीनी एवं तथ्यपरक अध्ययन किया जा रहा है। इसके अंतर्गत जनप्रतिनिधियों एवं संबंधित अधिकारियों से प्राप्त जानकारी के माध्यम से पिछड़ा वर्ग की जनसंख्या, सामाजिक स्थिति, शैक्षिक स्थिति, आर्थिक स्थिति, मूलभूत सुविधाओं तक पहुंच तथा स्थानीय निकायों में राजनीतिक प्रतिनिधित्व से संबंधित विभिन्न पहलुओं का अध्ययन किया जा रहा है। बैठक में प्राप्त जानकारी एवं सुझाव आयोग के अध्ययन में महत्वपूर्ण आधार प्रदान करेंगे तथा आगामी स्थानीय ग्रामीण निकाय चुनावों में पिछड़ा वर्ग के आरक्षण के संबंध में आयोग द्वारा प्रस्तुत की जाने वाली रिपोर्ट/सुझाव एवं अनुशंसा के लिए उपयोगी होंगे। बैठक के अंत में आयोग के माननीय सदस्यगण ने उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों द्वारा उपलब्ध कराई गई महत्वपूर्ण जानकारी एवं सुझावों के लिए आभार व्यक्त किया। जिलाधिकारी द्वारा आयोग के माननीय सदस्य गणों का आभार व्यक्त किया गया। इस मौके पर जिला विकास अधिकारी सुनील कुमार तिवारी,आयोग के ओएसडी एम0ए0 अंसारी, जिला पंचायत राज अधिकारी विकास पटेल, जिला पंचायत एएमए सहित सम्बन्धित अधिकारीगण आदि उपस्थित रहे। इसी प्रकार ब्लॉक अकबरपुर में भी माननीय आयोग द्वारा बैठक कर आवश्यक जानकारी/ सुझाव प्राप्त किए गए।
- ट्रक अनियंत्रित होकर जा गिराखाई में बाल बाल बच्चा होते होते हादसा। ट्रक हुआ छटग्रस्त। पूरा मामला कानपुर नगर का है। साढ थाना क्षेत्र के दरगाह लाल पुल एवं साढ के बीच में अनियंत्रित होकर जा गिरा खाई मे बाल बाल बच्चा बड़ा हादसा होने से अर्थात एक ट्रक सामने से आ रहा था इसीलिए साइड में जगह न पाने की वजह से सीधे खाई की ओर जा गिरा इससे दुर्घटना होते बाल बाल बच गया अर्थात पूरा मामला कानपुर नगर के साढ थाना क्षेत्र के अंतर्गत आता है जिससे लोगों को सड़क पर जाम का कारण बन रहा और ट्रक दुर्घटनाग्रस्त हो गया जिसने तीन तीन हाइड्रा क्रेन के मदद से खाई से निकल गया।4
- पिछड़ा वर्ग आयोग के सदस्य की अध्यक्षता में आयोग की बैठक आयोजित, स्थानीय ग्रामीण निकाय चुनावों से पूर्व पिछड़ा वर्ग के आरक्षण के संबंध में आवश्यक तथ्यों एवं सुझावों पर हुआ मंथन उत्तर प्रदेश राज्य स्थानीय ग्रामीण निकाय समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग की बैठक आज मा0 सदस्य बृजेश कुमार की अध्यक्षता में माती विकास भवन सभागार कक्ष में आयोजित की गई। बैठक में आयोग के सदस्य संतोष कुमार विश्वकर्मा , सदस्य डॉ. अरविंद कुमार चौरसिया एवं सदस्य एस.पी. सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष नीरज रानी , अन्य जनप्रतिनिधिगण, जिलाधिकारी कपिल सिंह जी, मुख्य विकास अधिकारी विधान जायसवाल सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।बैठक में ब्लॉक प्रमुख, जिला पंचायत सदस्य, क्षेत्र पंचायत सदस्य, ग्राम प्रधान/प्रशासक सहित विभिन्न स्तरों के जनप्रतिनिधियों ने प्रतिभाग किया। आयोग द्वारा जनप्रतिनिधियों से ग्रामीण क्षेत्रों में पिछड़ा वर्ग की जनसंख्या, सामाजिक, शैक्षिक, आर्थिक एवं राजनीतिक स्थिति के संबंध में विस्तृत जानकारी प्राप्त की गई। बैठक का प्रमुख उद्देश्य स्थानीय ग्रामीण निकाय/पंचायत चुनावों से पूर्व पिछड़ा वर्ग के आरक्षण के संबंध में आवश्यक तथ्य, जमीनी स्थिति एवं जनप्रतिनिधियों के सुझाव प्राप्त करना रहा। आयोग द्वारा यह जानने का प्रयास किया गया कि ग्रामीण क्षेत्रों में पिछड़ा वर्ग की वर्तमान सामाजिक, आर्थिक, शैक्षिक एवं राजनीतिक स्थिति क्या है तथा स्थानीय निकायों में उनका प्रतिनिधित्व किस स्तर पर है। आयोग द्वारा जनप्रतिनिधियों से प्राप्त तथ्यों एवं अनुभवों के आधार पर पिछड़ा वर्ग की स्थिति का समग्र आकलन किया जा रहा है, ताकि आरक्षण से संबंधित विषय पर तथ्यपरक एवं उपयुक्त सुझाव प्रस्तुत करने में आवश्यक आधार प्राप्त हो सके।बैठक के दौरान आयोग के माननीय सदस्यगण द्वारा जनप्रतिनिधियों से उनके क्षेत्र में पिछड़ा वर्ग की जनसंख्या, विभिन्न पिछड़ा वर्ग समुदायों की संख्या एवं उनकी सामाजिक स्थिति के संबंध में जानकारी ली गई। जनप्रतिनिधियों से यह भी जाना गया कि उनके क्षेत्र में कौन-कौन से पिछड़े वर्ग के समुदाय अधिक संख्या में निवास करते हैं तथा विभिन्न समुदायों की सामाजिक एवं आर्थिक स्थिति में क्या अंतर है। आयोग ने ग्रामीण क्षेत्रों में पिछड़ा वर्ग के सामाजिक एवं आर्थिक पिछड़ेपन की वास्तविक स्थिति को समझने के लिए जनप्रतिनिधियों के जमीनी अनुभव एवं सुझाव भी प्राप्त किए। आयोग द्वारा पिछड़ा वर्ग के लोगों की शैक्षिक स्थिति, बच्चों की शिक्षा, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा तक पहुंच तथा शिक्षा के क्षेत्र में आने वाली प्रमुख बाधाओं के संबंध में जानकारी प्राप्त की गई। इसके साथ ही यह भी पूछा गया कि पिछड़ा वर्ग के लोगों को समाज में अन्य वर्गों के समान अवसर एवं सम्मान प्राप्त हो रहा है अथवा नहीं तथा उनके साथ सामाजिक समानता एवं बराबरी का व्यवहार किस स्तर तक किया जा रहा है। बैठक में पिछड़ा वर्ग के परिवारों की आवासीय स्थिति के संबंध में भी जानकारी ली गई। जनप्रतिनिधियों से यह जानकारी प्राप्त की गई कि पिछड़ा वर्ग के कितने परिवार पक्के मकानों में निवास करते हैं तथा कितने परिवार अभी भी आवासीय सुविधाओं से वंचित हैं। इसी क्रम में शौचालय, पेयजल, बिजली, सड़क, स्वास्थ्य सुविधाओं तथा अन्य मूलभूत नागरिक सुविधाओं तक पिछड़ा वर्ग के लोगों की पहुंच के संबंध में भी क्षेत्रवार जानकारी एवं अनुभव प्राप्त किए गए। आयोग द्वारा पिछड़ा वर्ग के लोगों की आजीविका के प्रमुख साधनों एवं आर्थिक स्थिति के संबंध में भी जानकारी ली गई। जनप्रतिनिधियों से यह जाना गया कि उनके क्षेत्रों में पिछड़ा वर्ग के लोग मुख्य रूप से कृषि, पशुपालन, मजदूरी, छोटे व्यवसाय, कुटीर उद्योग, स्वरोजगार अथवा अन्य किन व्यवसायों पर निर्भर हैं। साथ ही भूमि एवं आर्थिक संसाधनों तक पहुंच, रोजगार के अवसर, स्वरोजगार तथा आर्थिक उन्नति में आने वाली कठिनाइयों के संबंध में भी तथ्य एवं सुझाव प्राप्त किए गए। बैठक का एक महत्वपूर्ण विषय स्थानीय स्तर पर पिछड़ा वर्ग के राजनीतिक प्रतिनिधित्व एवं भागीदारी का रहा। आयोग ने जनप्रतिनिधियों से ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत एवं जिला पंचायत स्तर पर पिछड़ा वर्ग के लोगों की राजनीतिक भागीदारी तथा निर्वाचित प्रतिनिधियों के रूप में उनके प्रतिनिधित्व की स्थिति के बारे में जानकारी प्राप्त की। आयोग के माननीय सदस्यगण द्वारा जनप्रतिनिधियों से केवल आंकड़ों की जानकारी ही नहीं, बल्कि जमीनी स्तर के अनुभव एवं सुझाव भी प्राप्त किए गए। विभिन्न जनप्रतिनिधियों ने अपने-अपने क्षेत्रों में पिछड़ा वर्ग की स्थिति, उनकी समस्याओं, विकास की आवश्यकताओं तथा स्थानीय स्तर पर उनके सामाजिक एवं राजनीतिक प्रतिनिधित्व से जुड़े महत्वपूर्ण सुझाव आयोग के समक्ष रखे। विशेष रूप से स्थानीय ग्रामीण निकाय चुनावों में पिछड़ा वर्ग के आरक्षण से संबंधित विषयों पर जनप्रतिनिधियों के सुझाव एवं क्षेत्रीय अनुभव आयोग द्वारा गंभीरता से सुने गए। उत्तर प्रदेश राज्य स्थानीय ग्रामीण निकाय समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में पिछड़ा वर्ग की स्थिति का जमीनी एवं तथ्यपरक अध्ययन किया जा रहा है। इसके अंतर्गत जनप्रतिनिधियों एवं संबंधित अधिकारियों से प्राप्त जानकारी के माध्यम से पिछड़ा वर्ग की जनसंख्या, सामाजिक स्थिति, शैक्षिक स्थिति, आर्थिक स्थिति, मूलभूत सुविधाओं तक पहुंच तथा स्थानीय निकायों में राजनीतिक प्रतिनिधित्व से संबंधित विभिन्न पहलुओं का अध्ययन किया जा रहा है। बैठक में प्राप्त जानकारी एवं सुझाव आयोग के अध्ययन में महत्वपूर्ण आधार प्रदान करेंगे तथा आगामी स्थानीय ग्रामीण निकाय चुनावों में पिछड़ा वर्ग के आरक्षण के संबंध में आयोग द्वारा प्रस्तुत की जाने वाली रिपोर्ट/सुझाव एवं अनुशंसा के लिए उपयोगी होंगे। बैठक के अंत में आयोग के माननीय सदस्यगण ने उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों द्वारा उपलब्ध कराई गई महत्वपूर्ण जानकारी एवं सुझावों के लिए आभार व्यक्त किया। जिलाधिकारी द्वारा आयोग के माननीय सदस्य गणों का आभार व्यक्त किया गया। इस मौके पर जिला विकास अधिकारी सुनील कुमार तिवारी,आयोग के ओएसडी एम0ए0 अंसारी, जिला पंचायत राज अधिकारी विकास पटेल, जिला पंचायत एएमए सहित सम्बन्धित अधिकारीगण आदि उपस्थित रहे। इसी प्रकार ब्लॉक अकबरपुर में भी माननीय आयोग द्वारा बैठक कर आवश्यक जानकारी/ सुझाव प्राप्त किए गए।1
- ब्रेकिंग न्यूज इस इंसान को देखिए रेलवे ट्रैक पर कैसी हरकते कर रहा हे अगर ट्रेन आ जाए तो किया होगा इंसान का जे अपनी जान जोखिम में डाल कर स्टेंट बाजी कर रहा हे इनको कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए2
- जालौन में पानी की टंकी पर चढ़ा परिवार, पुलिस ने सुरक्षित उतारा जालौन में पारिवारिक बंटवारे से जुड़ी शिकायत को लेकर एक दंपती अपने दो साल के बच्चे के साथ पानी की टंकी पर चढ़ गया। बताया जा रहा है कि परिवार एसडीएम को मौके पर बुलाने की मांग कर रहा था। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और काफी समझाइश के बाद तीनों को सुरक्षित नीचे उतार लिया गया। मामले में परिवार की शिकायत और प्रशासन की ओर से की गई कार्रवाई की जानकारी सामने आना बाकी है। ऐसे मामलों में अपनी मांग रखने के लिए जान जोखिम में डालना बेहद खतरनाक हो सकता है।1
- जनपदीय पुलिस द्वारा बाजारों/ सार्वजनिक स्थानों पर महिला सुरक्षा, सशक्तिकरण और कानूनी अधिकारों हेतु चलाया गया जागरूकता अभियान महिला सुरक्षा, सशक्तिकरण और कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए पुलिस अधीक्षक श्रद्धा नरेन्द्र पाण्डेय के निर्देशन में कानपुर देहात पुलिस द्वारा "मिशन शक्ति 5.0" अभियान के तहत जागरुकता अभियान चलाया गया । इस अभियान के अंतर्गत जनपदीय थाना पुलिस द्वारा विभिन्न ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिसमें सैकड़ों महिलाओं एवं बालिकाओं को सुरक्षा योजनाओं, हेल्पलाइन नंबरों, कानूनी अधिकारों, जनकल्याणकारी योजनाओं तथा साइबर अपराधों के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। अभियान का मुख्य उद्देश्य महिलाओं एवं बालिकाओं को उनके अधिकारों के प्रति सजग करना तथा अपराधों से बचाव के उपायों से अवगत कराना है, इस दौरान महिलाओं को 181 (महिला हेल्पलाइन), 1090 (महिला शक्ति लाइन), 1098 (चाइल्ड हेल्पलाइन), 112 (इमरजेंसी हेल्पलाइन) एवं 1076 (पुलिस कंट्रोल रूम) जैसे महत्वपूर्ण नंबरों की जानकारी दी गई । साथ ही, UPCOP ऐप के माध्यम से पुलिस सेवाओं का लाभ उठाने तथा सोशल मीडिया पर साइबर अपराधों (जैसे फिशिंग, साइबर स्टॉकिंग एवं फर्जी खातों से बचाव) से सावधान रहने के टिप्स साझा किए गए।1
- बीच चौराहे पर दो युवकों में जमकर मारपीट, लात-घूंसों और चप्पलों से हुई पिटाई! बीच सड़क एक-दूसरे को पटककर भिड़े युवक, मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल। सूचना पर पहुंची डायल 112 पुलिस जांच में जुटी। मामला मुन्नाफुल पावर चौराहा, कालपी कोतवाली क्षेत्र का बताया जा रहा है। #BreakingNews #Jalaun #Kalpi #KalpiNews #JalaunNews #UPNews #UttarPradesh #CrimeNews #CrimeNewsJalaun #ViralVideo #ViralNews #Marpeet #मारपीट #कालपी #जालौन #कालपी_कोतवाली #पुलिस #Dial112 #UPPolice #PoliceAction #BreakingJalaun #JalaunBreaking #KalpiBreaking #LatestNews #LocalNews #NewsUpdate #ViralVideoNews #LawAndOrder #Crime #ताजा_खबर1
- ब्रेकिंग न्यूज Jalaun: कालपी में बीच चौराहे पर दो युवकों में जमकर हुई मारपीट! जालौन : कालपी में बीच चौराहे पर दो युवकों में जमकर हुई मारपीट! एक युवक ने दूसरे को पटक-पटककर लात-घूंसों व चप्पलों से पीटा। खूनी संघर्ष का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल ।1
- जालौन जालौन में बीच चौराहे पर दो युवकों में जमकर हुई मारपीट, दोनों युवकों के बीच जमकर चले लात-घूसे, एक युवक ने दूसरे युवक को जमकर पीटा, जालौन में बीच चौराहे पर दो युवकों में जमकर हुई मारपीट, दोनों युवकों के बीच जमकर चले लात-घूसे, एक युवक ने दूसरे युवक को जमकर पीटा, लात-घूसों के साथ चप्पलों से भी युवक ने दूसरे युवक से की पिटाई, बीच सड़क पर एक-दूसरे को पटक-पटककर जमकर पीटा, दोनों के बीच हुई मारपीट क़ा वीडियो सोशल मीडिया पर हुआ वायरल, सूचना पर मौके पर पहुंची डायल 112 पुलिस मामले की जांच पड़ताल में जुटी, जालौन बीके कालपी कोतवाली क्षेत्र के मुन्नाफुल पावर चौराहे का मामला।1