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मध्य प्रदेश के उज्जैन में लापता किरण का अब तक कोई पता नहीं चल पाया है और वह अभी भी गुमशुदा है। इस मामले में बिना किसी देरी के जल्द से जल्द कार्रवाई किए जाने की मांग की जा रही है।
Vishal Rawat
मध्य प्रदेश के उज्जैन में लापता किरण का अब तक कोई पता नहीं चल पाया है और वह अभी भी गुमशुदा है। इस मामले में बिना किसी देरी के जल्द से जल्द कार्रवाई किए जाने की मांग की जा रही है।
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- मध्य प्रदेश के उज्जैन में लापता किरण का अब तक कोई पता नहीं चल पाया है और वह अभी भी गुमशुदा है। इस मामले में बिना किसी देरी के जल्द से जल्द कार्रवाई किए जाने की मांग की जा रही है।1
- उज्जैन के महाकाल लोक के निर्माण के बाद से मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या और मंदिर की आय में भारी उछाल आया है। इतिहास में पहली बार महाकाल मंदिर समिति की कुल संपत्ति और सालाना आय-व्यय के आधिकारिक आंकड़े सामने आए हैं, जिसने दान के सारे पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। बाबा महाकाल के खजाने में अरबों रुपये की संपत्ति और भारी मात्रा में सोना-चांदी जमा है। मंदिर समिति के पास कुल ₹472 करोड़ की फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) है, जबकि मंदिर के नाम पर 90 एकड़ बेशकीमती जमीन है। इसके अलावा, विभिन्न बैंक खातों में ₹16 करोड़ नगद जमा हैं। मंदिर के पास ₹300 करोड़ से ज्यादा मूल्य का सोना और ₹60 करोड़ की 20 क्विंटल से अधिक चांदी मौजूद है। महाकाल लोक बनने के बाद मंदिर में रोजाना 40 से 50 हजार श्रद्धालु और विशेष दिनों में इससे भी कहीं अधिक भक्त दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। वित्तीय वर्ष 2025-2026 में महाकाल मंदिर की कुल आय करीब ₹142 करोड़ रही, जो अलग-अलग माध्यमों से प्राप्त हुई है। इसमें सामान्य दान से लगभग ₹78 करोड़, दान पेटियों से ₹62 करोड़, नगद काउंटर से ₹5.5 करोड़, ऑनलाइन माध्यम से ₹3.5 करोड़, अन्नक्षेत्र से ₹3.5 करोड़ और गुप्त दान से करीब ₹4.5 करोड़ मिले हैं। साल 2025 में करीब 6 करोड़ श्रद्धालु उज्जैन पहुंचे थे, जिस दौरान दान पेटियों से ₹43 करोड़, शीघ्र दर्शन व्यवस्था (VIP दर्शन) से ₹64 करोड़, 592 किलो से अधिक चांदी, 1.5 किलो सोना और लड्डू प्रसादी की बिक्री से करीब ₹65 करोड़ की आय हुई थी। श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या के कारण मंदिर प्रबंधन और व्यवस्थाओं को बनाए रखने के लिए मंदिर समिति का मासिक और सालाना खर्च भी काफी बढ़ गया है। महाकाल लोक बनने से पहले मंदिर का मासिक खर्च करीब ₹2.5 करोड़ था, जो अब बढ़कर ₹11 करोड़ प्रति महीना हो गया है। इसके साथ ही मंदिर का कुल सालाना खर्च करीब ₹135 करोड़ तक पहुंच गया है। यह भारी-भरकम राशि कर्मचारियों के वेतन, सुरक्षा व्यवस्था, साफ-सफाई, रखरखाव, नए निर्माण कार्यों, अन्नक्षेत्र में निःशुल्क भोजन, गौशाला, वैदिक शोध संस्थान और विभिन्न धार्मिक-सांस्कृतिक आयोजनों पर व्यय की जाती है। भक्तों की अगाध श्रद्धा और महाकाल लोक की भव्यता के चलते ही मंदिर समिति की आय और संपत्ति में यह ऐतिहासिक वृद्धि देखी गई है।1
- सोशल मीडिया पर एक युवती का अपना सिर मुंडवाते हुए वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसके साथ यह दावा किया जा रहा था कि उसने अपनी मां द्वारा तय की गई शादी से बचने के लिए यह कदम उठाया है। इस वीडियो को सच मानकर बड़ी संख्या में लोग लगातार शेयर कर रहे थे। अब इस वायरल दावे की पूरी सच्चाई खुद वीडियो में नजर आ रही युवती कीर्थना मेनन ने सामने आकर बताई है। कीर्थना ने स्पष्ट किया कि उनके सिर मुंडवाने का शादी के किसी भी दबाव से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने बताया कि वीडियो पर लिखा गया "POV: My Mom Planned My Marriage" केवल एक सोशल मीडिया कैप्शन था, जिसे लोगों ने वास्तविक घटना समझ लिया। कीर्थना ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर वायरल होने वाले हर दावे पर बिना पुष्टि के भरोसा न करें।1
- देवास के खातेगांव तहसील के अंतर्गत नगर पंचायत नेमावर में स्वच्छता अभियान का असली सच सामने आया है, जहां लाखों रुपये खर्च होने के बावजूद नर्मदा नदी के किनारे भारी मात्रा में कचरा डंप किया जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह कचरा नगर पंचायत के ट्रैक्टरों से लाकर यहाँ डाला गया है, जो न केवल घोर लापरवाही है बल्कि मां नर्मदा के प्रति एक गंभीर अपराध है। प्रशासन एक तरफ गणेश जी और नवदुर्गा विसर्जन के समय मूर्तियों के लिए अलग कुंड बनवाता है ताकि नर्मदा स्वच्छ रहे, लेकिन नगर पंचायत के ट्रैक्टरों द्वारा कचरा डाले जाने पर अब पूरी तरह मौन बना हुआ है। नर्मदा किनारे कचरा फेंकने की इस करतूत से नागरिकों में भारी नाराजगी है, क्योंकि शिक्षक, डॉक्टर, समाजसेवी और आम लोग पिछले डेढ़ साल से हर रविवार को स्वयं नर्मदा तट की सफाई कर रहे हैं। इस सफाई अभियान में खुद प्रशासन के अधिकारी जैसे एसडीएम, सीएमओ और देवास कलेक्टर डॉक्टर मोहन यादव भी भाग लेते रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद नदी किनारे कचरे के ढेर लगाए जा रहे हैं।1
- उज्जैन जिले के बड़नगर से जनपद पंचायत सदस्य लाखन सिंह बनेसिंह राणाजी ने क्षेत्रीय विधायक जी और सांसद महोदय जी का विशेष आभार व्यक्त किया है। उन्होंने 'जय श्री राम' के नारे के साथ विधायक जी और सांसद महोदय जी को धन्यवाद दिया है।1
- इंदौर में जनसुनवाई के दौरान एक अनोखा मामला सामने आया है, जहाँ एक व्यक्ति ट्रैफिक की समस्या लेकर पहुँचा था। लेकिन इस जनसुनवाई में ट्रैफिक की समस्या के समाधान के विपरीत सभी लोगों को रोजगार देने की बात कही जा रही है।1
- इंदौर में एक नवविवाहिता की आत्महत्या के मामले में छह आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।1
- मध्य प्रदेश के इंदौर में आयोजित कलेक्टर जनसुनवाई में एक फरियादी ट्रैफिक को लेकर अपनी फरियाद लेकर पहुंचा है।1