बागवानी एवं नकदी फसलों के लिए सहायता बढ़ाने का मुद्दा लोकसभा में उठाया सांसद हनुमान बेनीवाल ने नागौर/नई दिल्ली,,मंगलवार को लोक सभा में राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के सुप्रीमों व नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने लोकसभा में किसानों से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दे उठाते हुए संतरा, किन्नू जैसी बागवानी फसलों तथा जीरा और इसबगोल जैसी नकदी फसलों पर आने वाली अधिक लागत के मुकाबले कम मिल रही कृषि इनपुट सहायता का विषय प्रश्न के माध्यम से उठाया,सांसद बेनीवाल ने सरकार से पूछा कि इन फसलों की खेती में गुणवत्तापूर्ण पौध सामग्री, उर्वरक, सिंचाई व्यवस्था और अन्य संसाधनों पर अधिक खर्च आता है, लेकिन प्राकृतिक आपदा की स्थिति में किसानों को मिलने वाली इनपुट सहायता काफी कम है। उन्होंने यह भी जानना चाहा कि क्या सरकार एसडीआरएफ के नियमों में संशोधन कर इन फसलों के नुकसान पर मिलने वाली कृषि इनपुट सहायता की सीमा को 22,500 रुपये प्रति हेक्टेयर से बढ़ाकर कम से कम 50,000 रुपये प्रति हेक्टेयर करने पर विचार कर रही है ,केंद्र सरकार की ओर से कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री ने लिखित में जवाब देते हुए बताया कि बागवानी क्षेत्र में बढ़ती लागत को ध्यान में रखते हुए एकीकृत बागवानी विकास मिशन (MIDH) के दिशा-निर्देशों में वर्ष 2025 में संशोधन किया गया है। इसके तहत संतरा-किन्नू, जीरा तथा इसबगोल जैसी फसलों के लिए लागत मानदंड और सहायता में वृद्धि की गई है,सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि प्राकृतिक आपदा की स्थिति में राहत प्रदान करने की प्राथमिक जिम्मेदारी राज्य सरकारों की होती है और एसडीआरएफ व एनडीआरएफ के तहत सहायता राहत के रूप में दी जाती है, न कि मुआवजे के रूप में। *यह कहा सांसद ने* सांसद हनुमान बेनीवाल ने कहा कि राजस्थान के कई जिलों में किसान बड़ी संख्या में जीरा और अन्य नकदी फसलों की खेती करते हैं, इसलिए किसानों को अधिक आर्थिक सुरक्षा देने के लिए केंद्र सरकार को इनपुट सहायता की सीमा बढ़ाने पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसानों के हितों से जुड़े इस मुद्दे को वे आगे भी संसद और सरकार के सामने मजबूती से उठाते रहेंगे।
बागवानी एवं नकदी फसलों के लिए सहायता बढ़ाने का मुद्दा लोकसभा में उठाया सांसद हनुमान बेनीवाल ने नागौर/नई दिल्ली,,मंगलवार को लोक सभा में राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के सुप्रीमों व नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने लोकसभा में किसानों से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दे उठाते हुए संतरा, किन्नू जैसी बागवानी फसलों तथा जीरा और इसबगोल जैसी नकदी फसलों पर आने वाली अधिक लागत के मुकाबले कम मिल रही कृषि इनपुट सहायता का विषय प्रश्न के माध्यम से उठाया,सांसद बेनीवाल ने सरकार से पूछा कि इन फसलों की खेती में गुणवत्तापूर्ण पौध सामग्री, उर्वरक, सिंचाई व्यवस्था और अन्य संसाधनों पर अधिक खर्च आता है, लेकिन प्राकृतिक आपदा की स्थिति में किसानों को मिलने वाली इनपुट सहायता काफी कम है। उन्होंने यह भी जानना चाहा कि क्या सरकार एसडीआरएफ के नियमों में संशोधन कर इन फसलों के नुकसान पर मिलने वाली कृषि इनपुट सहायता की सीमा को 22,500 रुपये प्रति हेक्टेयर से बढ़ाकर कम से कम 50,000 रुपये प्रति हेक्टेयर करने पर विचार कर रही है ,केंद्र सरकार की ओर से कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री ने लिखित में जवाब देते हुए बताया कि बागवानी क्षेत्र में बढ़ती लागत को ध्यान में रखते हुए एकीकृत बागवानी विकास मिशन (MIDH) के दिशा-निर्देशों में वर्ष 2025 में संशोधन किया गया है। इसके तहत संतरा-किन्नू, जीरा तथा इसबगोल जैसी फसलों के लिए लागत मानदंड और सहायता में वृद्धि की गई है,सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि प्राकृतिक आपदा की स्थिति में राहत प्रदान करने की प्राथमिक जिम्मेदारी राज्य सरकारों की होती है और एसडीआरएफ व एनडीआरएफ के तहत सहायता राहत के रूप में दी जाती है, न कि मुआवजे के रूप में। *यह कहा सांसद ने* सांसद हनुमान बेनीवाल ने कहा कि राजस्थान के कई जिलों में किसान बड़ी संख्या में जीरा और अन्य नकदी फसलों की खेती करते हैं, इसलिए किसानों को अधिक आर्थिक सुरक्षा देने के लिए केंद्र सरकार को इनपुट सहायता की सीमा बढ़ाने पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसानों के हितों से जुड़े इस मुद्दे को वे आगे भी संसद और सरकार के सामने मजबूती से उठाते रहेंगे।
- नागौर/पादूकलां ,,जिले के पादूकलां क्षेत्र की ग्राम पंचायत मेवड़ा में रोजा इफ्तार पार्टी का आयोजन किया गया। समाजसेवी एवं पूर्व सरपंच राजुराम चेन्दलिया की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में रोजेदारों और ग्रामीणों ने भाग लेकर रोजा खोला और देश-प्रदेश में अमन-चैन, तरक्की और भाईचारे की दुआ मांगी।इफ्तार कार्यक्रम के दौरान गांव में गंगा-जमुनी तहजीब की अनूठी मिसाल देखने को मिली, जहां हिंदू और मुस्लिम समुदाय के लोग एक साथ बैठकर इफ्तार करते नजर आए। इस मौके पर आयोजक राजुराम चेन्दलिया ने कहा कि रमजान का पवित्र महीना इंसानियत, सब्र और आपसी भाईचारे का संदेश देता है और ऐसे आयोजन समाज में सौहार्द को मजबूत करते हैं। कार्यक्रम में सुगनाराम जाजड़ा, रामस्वरूप घटियाला, भवानी धायल, संस्कार चेन्दलिया, सत्तार रंगरेज, गुल मोहम्मद, शब्बीर मोहम्मद, उमरदीन, रमजान मोहम्मद, आरिफ मोहम्मद, फारूक मोहम्मद, राजू, शेर मोहम्मद, नवाब नौजवान कमेटी के सदस्य, निसार भाई, रशीद भाई, आसीन भाई, सद्दाम भाई, रजाक भाई, बरकत अली, कयामुद्दीन, मुस्ताक भाई सहित दोनों समुदाय के अनेक लोग मौजूद रहे। मेवड़ा गांव में आयोजित इस रोजा इफ्तार पार्टी ने एक बार फिर हिंदू-मुस्लिम एकता और भाईचारे का संदेश दिया।3
- राजस्थानी संस्कृति में मायरे का अपना ही मान और गौरव है। 🙏 #Mayra #MayraRitual #RajasthaniCulture #RajasthaniTradition #MayraCeremony #BhatRasam #RajasthanCulture #DesiTradition #VillageCulture #IndianTradition #MarwadiCulture #FamilyFunction #BhaiBehenKaPyar #DesiLife #VillageLife #Rajasthan #Marwadi #IncredibleRajasthan #ReelsIndia #ViralReels1
- आज जिला कलेक्टर नम्रता वृष्णी SP कावेंद्र सिंह सागर ने श्री डूंगरगढ़ में अधिकारियों के साथ एक बैठक ली जिसमें उपखंड मे हो रही दुर्घटना को लेकर आवश्यक दिशा निर्देश जारी किए।1
- जयपुर पत्रकार इकबाल खान विधायक रविन्द्र सिंह भाटी ने कहा है कि एक बिल के नाम पर समाजों को आपस में लड़ाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि इस तरह के मुद्दों को लेकर अनावश्यक विवाद खड़ा करना समाज के लिए ठीक नहीं है और इससे आपसी सौहार्द प्रभावित होता है। भाटी ने कहा कि कांग्रेस सरकार के समय भी मुस्लिम समाज के साथ अन्याय हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि लंबे समय तक सत्ता में रहने के बावजूद मुस्लिम समुदाय को न तो पर्याप्त शिक्षा के अवसर मिले और न ही रोजगार के क्षेत्र में उचित भागीदारी मिल पाई।उन्होंने कहा कि किसी भी समाज का विकास तभी संभव है जब उसे बराबरी के अवसर मिलें। भाटी ने कहा कि समाजों के बीच टकराव की राजनीति के बजाय शिक्षा, रोजगार और विकास जैसे मुद्दों पर ध्यान देने की जरूरत है।1
- Post by Bikaner local news1
- Post by Sanwar Sa1
- Breaking NewsTateere Dance Vedio Internet Sensation डांस का जुनून इतना कि गिनने के बाद भी डांस का जुनून रुका नहीं1
- नागौर/रियांबड़ी,,नागौर जिले के रियां बड़ी क्षेत्र में एक किसान की अनोखी पहल इन दिनों चर्चा का विषय बनी हुई है। किसान हनुमान राम माली ने अपनी बेटी की शादी में पारंपरिक दहेज की जगह उसे खेती के काम आने वाला ट्रैक्टर भेंट किया।इतना ही नहीं, शादी में आए बारातियों को सड़क सुरक्षा का संदेश देने के लिए हेलमेट भी उपहार में दिए गए। किसान ने शर्त रखी थी कि जो भी बाराती दुपहिया वाहन से आए, वह हेलमेट पहनकर ही पहुंचे। शादी समारोह में हनुमान राम माली ने कहा कि आज लगभग हर घर में बर्तन, फ्रिज और टीवी जैसे सामान पहले से होते हैं, इसलिए बेटी को ऐसा उपहार देना बेहतर है जो उसके जीवन और काम में उपयोगी हो। उन्होंने बारातियों से अपील की कि दुपहिया वाहन चलाते समय हमेशा हेलमेट पहनें, क्योंकि कई सड़क हादसों में लोगों की जान सिर्फ हेलमेट नहीं पहनने के कारण चली जाती है। किसान की इस पहल की पूरे क्षेत्र में सराहना हो रही है और यह शादी इन दिनों रियां बड़ी इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है।2