हिमाचल प्रदेश में मॉनसून के आगमन से पहले राज्य सरकार बरसाती आपदाओं से निपटने के लिए तैयारियों में जुट गई है। राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने बताया कि आपदा प्रबंधन को मजबूत बनाने के लिए कई स्तरों पर काम किया जा रहा है, जिसमें किन्नौर के निचार क्षेत्र में फ्लैश फ्लड से हुए नुकसान पर भी सरकार की नजर है। मंत्री ने जानकारी दी कि आपदा से निपटने के लिए प्रदेशभर में 'आपदा मित्र' तैनात किए जाएंगे और पंचायत स्तर पर आवश्यक उपकरण भी उपलब्ध करवाए जाएंगे। उन्होंने बताया कि पिछले कुछ वर्षों से हिमाचल लगातार प्राकृतिक आपदाओं का सामना कर रहा है, जिसके चलते लोगों को आपदा प्रबंधन के प्रति जागरूक किया जा रहा है। मॉक ड्रिल के माध्यम से भी लोगों को आपदा के समय अपनाए जाने वाले उपायों की जानकारी दी गई है। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में आपदा प्रबंधन को लेकर कई बैठकें हुई हैं, और अधिकारियों तथा जिला प्रशासन के स्तर पर लगातार समीक्षा की जा रही है। 'आपदा मित्रों' की ट्रेनिंग शुरू कर दी गई है और पंचायत घरों में रेस्क्यू उपकरण रखने की तैयारी चल रही है। साथ ही, 'आपदा मित्रों' को भी जरूरी उपकरण दिए जाएंगे। डिजास्टर एक्ट के तहत निजी कंपनियों को भी आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। किन्नौर जिले की निचार पंचायत में आए फ्लैश फ्लड से एक जल परियोजना क्षतिग्रस्त हुई है और स्कूल आने-जाने का रास्ता भी प्रभावित हुआ है, जिसे खोलने का काम जारी है। प्रदेश में एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें भी तैनात की जा रही हैं; एनडीआरएफ की टीमें ढली स्थित एपीएमसी भवन में रहेंगी, जबकि एसडीआरएफ की टीमें विभिन्न स्थानों पर तैनात की जाएंगी। किन्नौर जिले के उरनी में मंगलवार सुबह एक लोहे के पुल के अचानक टूट जाने पर मंत्री ने बताया कि घटना के बावजूद यातायात ज्यादा समय तक बाधित नहीं हुआ, क्योंकि क्षेत्र में पहले से वैकल्पिक मार्ग तैयार था। हालांकि, पुल गिरने से इलाके में चल रहे निर्माण कार्य प्रभावित होंगे और सेना के ट्रकों के आवागमन पर भी असर पड़ेगा। वैकल्पिक मार्ग से यात्रा करने में लगभग डेढ़ घंटे का अतिरिक्त समय लगने का अनुमान है।
हिमाचल प्रदेश में मॉनसून के आगमन से पहले राज्य सरकार बरसाती आपदाओं से निपटने के लिए तैयारियों में जुट गई है। राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने बताया कि आपदा प्रबंधन को मजबूत बनाने के लिए कई स्तरों पर काम किया जा रहा है, जिसमें किन्नौर के निचार क्षेत्र में फ्लैश फ्लड से हुए नुकसान पर भी सरकार की नजर है। मंत्री ने जानकारी दी कि आपदा से निपटने के लिए प्रदेशभर में 'आपदा मित्र' तैनात किए जाएंगे और पंचायत स्तर पर आवश्यक उपकरण भी उपलब्ध करवाए जाएंगे।
उन्होंने बताया कि पिछले कुछ वर्षों से हिमाचल लगातार प्राकृतिक आपदाओं का सामना कर रहा है, जिसके चलते लोगों को आपदा प्रबंधन के प्रति जागरूक किया जा रहा है। मॉक ड्रिल के माध्यम से भी लोगों को आपदा के समय अपनाए जाने वाले उपायों की जानकारी दी गई है। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में आपदा प्रबंधन को लेकर कई बैठकें हुई हैं, और अधिकारियों तथा जिला प्रशासन के स्तर पर लगातार समीक्षा की जा रही है। 'आपदा मित्रों' की ट्रेनिंग शुरू कर दी गई है और पंचायत घरों
में रेस्क्यू उपकरण रखने की तैयारी चल रही है। साथ ही, 'आपदा मित्रों' को भी जरूरी उपकरण दिए जाएंगे। डिजास्टर एक्ट के तहत निजी कंपनियों को भी आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। किन्नौर जिले की निचार पंचायत में आए फ्लैश फ्लड से एक जल परियोजना क्षतिग्रस्त हुई है और स्कूल आने-जाने का रास्ता भी प्रभावित हुआ है, जिसे खोलने का काम जारी है। प्रदेश में एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें भी तैनात की जा रही हैं; एनडीआरएफ की टीमें ढली स्थित एपीएमसी भवन में रहेंगी, जबकि एसडीआरएफ
की टीमें विभिन्न स्थानों पर तैनात की जाएंगी। किन्नौर जिले के उरनी में मंगलवार सुबह एक लोहे के पुल के अचानक टूट जाने पर मंत्री ने बताया कि घटना के बावजूद यातायात ज्यादा समय तक बाधित नहीं हुआ, क्योंकि क्षेत्र में पहले से वैकल्पिक मार्ग तैयार था। हालांकि, पुल गिरने से इलाके में चल रहे निर्माण कार्य प्रभावित होंगे और सेना के ट्रकों के आवागमन पर भी असर पड़ेगा। वैकल्पिक मार्ग से यात्रा करने में लगभग डेढ़ घंटे का अतिरिक्त समय लगने का अनुमान है।
- बिलासपुर जिले के तुगड़ी में पैराफिट न होने के कारण सड़क पर लगातार हादसों का खतरा बना हुआ है। इस गंभीर समस्या को देखते हुए स्थानीय ग्रामीणों ने लोकनिर्माण विभाग से सड़क पर सुरक्षा के उपाय सुनिश्चित करने और आवश्यक पैराफिट लगाने की गुहार लगाई है, ताकि भविष्य में होने वाली दुर्घटनाओं को रोका जा सके।1
- पंचकूला पुलिस ने अपने 'भिक्षावृत्ति मुक्त पंचकूला अभियान' के तहत बीते एक सप्ताह में 110 बच्चों को भीख मांगने के दलदल से बाहर निकाला है। पुलिस कमिश्नर पंकज नैन ने बताया कि इनमें से अधिकतर बच्चे उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और राजस्थान के निवासी हैं, जिन्हें सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने के बाद उनके मूल निवास स्थानों पर वापस भेजा गया है। ये बच्चे गुब्बारे, पेन और अन्य छोटे-मोटे सामान बेचने के बहाने लोगों से भीख मांगते पाए गए थे। पुलिस ने बच्चों के परिजनों को थाने बुलाकर सख्त चेतावनी दी है और उन्हें समझाया है कि बच्चों का भविष्य शिक्षा प्राप्त करने और बेहतर जीवन जीने में है, साथ ही भविष्य में बच्चों से भीख मंगवाने की स्थिति पाए जाने पर संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की बात कही है। पुलिस कमिश्नर पंकज नैन द्वारा पंचकूला को सुरक्षित, व्यवस्थित और अपराध मुक्त शहर बनाने की दिशा में शुरू किया गया यह विशेष अभियान लगातार प्रभावी परिणाम दे रहा है। इसका उद्देश्य सड़क किनारे भीख मांगने वाले लोगों, विशेषकर मासूम बच्चों को इस दलदल से निकालकर सम्मानजनक जीवन और समाज की मुख्यधारा से जोड़ना है। अभियान को सफल बनाने के लिए इंस्पेक्टर राजेश कुमारी की अगुवाई में छह सदस्यीय विशेष टीम का गठन किया गया है, जिसमें विभिन्न थाना क्षेत्रों की पुलिस टीमें भी सहयोग कर रही हैं। पुलिस कमिश्नर स्वयं प्रतिदिन इसकी प्रगति की निगरानी कर रहे हैं। डीसीपी पंचकूला सृष्टि गुप्ता ने बताया कि पुलिस टीमों द्वारा बस स्टैंडों, प्रमुख बाजारों, ट्रैफिक सिग्नलों, धार्मिक स्थलों, अस्पतालों और अन्य भीड़भाड़ वाले सार्वजनिक स्थानों पर विशेष अभियान चलाकर इन बच्चों की पहचान की गई है। पुलिस कमिश्नर पंकज नैन ने बताया कि ट्रैफिक सिग्नलों और रेड लाइटों पर भीख मांगने वालों के अचानक सामने आने से सड़क दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है, साथ ही ऐसी गतिविधियों की आड़ में आपराधिक तत्वों के छिपे होने की आशंका भी शहर की सुरक्षा व्यवस्था के लिए चुनौती है। इसी कारण यह अभियान सामाजिक सरोकार के साथ-साथ सार्वजनिक सुरक्षा से भी जुड़ा हुआ है। उन्होंने आमजन से भी इस अभियान में सक्रिय सहयोग देने की अपील की है और भिक्षावृत्ति से संबंधित कोई भी जानकारी देने के लिए विशेष हेल्पलाइन नंबर 8146630022 जारी किया है। पंचकूला पुलिस ने स्पष्ट किया है कि यह विशेष अभियान तब तक लगातार जारी रहेगा, जब तक शहर को पूरी तरह भिक्षावृत्ति मुक्त नहीं बना दिया जाता।1
- हिमाचल प्रदेश के रामपुर पॉक्सो कोर्ट ने एक कड़े फैसले में, अपनी नाबालिग बहन को लगातार डराकर उसके साथ दुष्कर्म करने वाले सगे भाई को 20 साल की सख्त कारावास की सजा सुनाई है। इस घटना ने उन पारिवारिक रिश्तों को तार-तार कर दिया है, जहाँ एक बहन ने अपने ही भाई को अपना रक्षक माना था। न्यायालय ने दोषी भाई पर ₹10,000 का जुर्माना भी लगाया है।1
- पंचकूला के रामगढ़ में भीषण गर्मी के प्रकोप के बीच समाजसेवी दुकानदारों ने राहगीरों और वाहन चालकों की सेवा के लिए मीठे ठंडे पानी की छबील का आयोजन किया। इस पहल के दौरान बड़ी संख्या में लोगों ने रुककर ठंडा मीठा पानी पीकर गर्मी से राहत महसूस की और इस सामाजिक प्रयास की जमकर सराहना की। इस छबील सेवा में समाजसेवी एवं व्यापारियों के साथ-साथ बहादुर सैनी, सुशील सैनी, हरीश शर्मा और गाँव की महिलाओं व बच्चों ने भी सक्रिय रूप से सहयोग किया। सभी ने विशेष तौर पर राहगीरों और वाहन चालकों को रोककर उन्हें ठंडा मीठा पानी पिलाया, जिससे तपती गर्मी में उन्हें काफी आराम मिला। स्थानीय लोगों ने ऐसे सामाजिक और सेवा कार्यों की प्रशंसा करते हुए कहा कि ये समाज में भाईचारे और मानवता की भावना को मजबूत करते हैं।1
- मातेश्वरी जगदम्बा सरस्वती (मम्मा) का स्मृति दिवस अत्यंत श्रद्धा और आध्यात्मिकता के साथ मनाया गया।1
- हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले में, कशु नारायण के शैशर कोठी के तुंघ गांव में ऐतिहासिक जौलाई मेले का आयोजन किया गया। लंबिशाड़ी में आयोजित इस पारंपरिक उत्सव के दौरान, देवता के आदेश पर जौ (जौ) काटे गए और उन्हें देवता को अर्पित किया गया। इसके बाद, तुंघ गांव में पहुंचकर जौ के बुहरा को पूरे उत्साह के साथ नचाया गया और पारंपरिक कुलवी नाटी डाली गई।1
- हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) कर्मचारी यूनियन की प्रस्तावित हड़ताल और चक्का जाम की घोषणा के बीच उपमुख्यमंत्री एवं परिवहन मंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कड़ा रुख अपनाया है। शिमला में आयोजित एक प्रेसवार्ता में उन्होंने स्पष्ट किया कि चक्का जाम और हड़ताल पूरी तरह अवैध हैं, और यदि कर्मचारी इस रास्ते पर आगे बढ़ते हैं तो आवश्यक सेवा अनुरक्षण अधिनियम (ESMA) के तहत कार्रवाई की जाएगी। उपमुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि राज्य सरकार ने एचआरटीसी कर्मचारियों और पेंशनरों के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को पूरी तरह निभाया है, जिसमें हर महीने समय पर वेतन और पेंशन का भुगतान शामिल है, और आज तक इसमें कोई चूक नहीं हुई है। उन्होंने प्रदेश की जनता से यह फैसला करने को कहा कि ऐसी स्थिति में हड़ताल कितनी उचित है। अग्निहोत्री ने यह भी दोहराया कि सरकार ने हमेशा बातचीत का रास्ता खुला रखा है और कर्मचारियों के साथ संवाद के माध्यम से समाधान निकालने का प्रयास किया है। उन्होंने यहां तक कहा कि यदि कर्मचारी बसें नहीं चलाना चाहते तो वे बसों की चाबियां सरकार को सौंप सकते हैं। उन्होंने बताया कि मंगलवार को हुई बैठक में कर्मचारी नेता मुख्य रूप से एक तबादले के मुद्दे पर अड़े रहे, जबकि वित्तीय मांगों पर कोई चर्चा नहीं हुई थी। इसके बावजूद सरकार ने कर्मचारियों को बातचीत के लिए आमंत्रित किया है। मुकेश अग्निहोत्री ने बताया कि एचआरटीसी कर्मचारियों को राज्य सरकार के कर्मचारियों के समान महंगाई भत्ता दिया जा रहा है, और पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) का लाभ भी निगम में उपलब्ध कराया गया है, जो कई अन्य निगमों में नहीं है। उन्होंने एचआरटीसी के उद्देश्य को जनसेवा बताया, न कि लाभ कमाना, और कहा कि निगम की बसों में प्रतिदिन लगभग पांच लाख यात्री सफर करते हैं, इसलिए हड़ताल का फैसला आम लोगों के लिए परेशानी खड़ी करेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ कर्मचारी संगठन चक्का जाम करने का बहाना तलाश रहे हैं, और चेतावनी दी कि राजनीतिक एजेंडे के तहत हड़ताल नहीं होनी चाहिए, क्योंकि वर्ष 2016 में भी अदालत एचआरटीसी की हड़ताल को गलत ठहरा चुकी है। उन्होंने जून माह का वेतन पहली तारीख को जारी होने का भी जिक्र करते हुए चक्का जाम की चेतावनी को अनुचित बताया और लोकतांत्रिक तरीकों से मांगें उठाने का सुझाव दिया। उपमुख्यमंत्री ने इस दौरान एचआरटीसी कर्मचारियों और पेंशनरों को दिए गए वित्तीय लाभों का विस्तृत ब्यौरा भी साझा किया। उन्होंने बताया कि 1 जनवरी 2023 से 30 मार्च 2026 तक पेंशनरों को कुल 239.45 करोड़ रुपये के वित्तीय लाभ प्रदान किए गए हैं। इनमें 350 पेंशनरों को लगभग 35 करोड़ रुपये, 805 पेंशनरों को डेथ एवं रिटायरमेंट ग्रेच्युटी तथा लीव एनकैशमेंट के 174.45 करोड़ रुपये, चिकित्सा बिलों के भुगतान के लिए 2.75 करोड़ रुपये, 75 वर्ष से अधिक आयु के 700 पेंशनरों को संशोधित पेंशन के लिए 24 करोड़ रुपये, 3800 पेंशनरों को पेंशन भत्ते के 2.50 करोड़ रुपये तथा 3500 पेंशनरों को संशोधित पेंशन के 50 और 30 प्रतिशत पे-मैट्रिक्स के अनुसार 0.75 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। इसी अवधि में कर्मचारियों को भी 74.39 करोड़ रुपये के वित्तीय लाभ मिले हैं, जिनमें ओवरटाइम और रात्रि भत्ते के लिए 27.74 करोड़ रुपये, महंगाई भत्ता और देय एरियर के भुगतान के लिए 5.50 करोड़ रुपये, चिकित्सा प्रतिपूर्ति दावों के लिए 1.77 करोड़ रुपये तथा वेतन और अन्य लाभों के एरियर के भुगतान के लिए 39.38 करोड़ रुपये शामिल हैं। उन्होंने पिछले तीन वर्षों में 813 नई बसें खरीदने, 2198 कर्मचारियों को अनुबंध से नियमित करने और 145 पीस मील वर्करों को नियमित करने की भी जानकारी दी। कंडक्टरों की भर्ती भी लोक सेवा आयोग के माध्यम से करवाई गई है। अंत में, उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने यूनियन से अपने निर्णय पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया, क्योंकि सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता प्रदेश की जनता की सुविधा है।2
- राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला रैला में बुधवार को आयोजित स्कूल प्रबंधन समिति (एसएमसी) की बैठक में नई कार्यकारिणी का गठन किया गया। इस प्रक्रिया के तहत, झाबे राम ठाकुर को सर्वसम्मति से लगातार पांचवीं बार स्कूल प्रबंधन समिति का अध्यक्ष चुना गया है, जो समिति के प्रति उनकी कार्यकुशलता और शिक्षा के प्रति समर्पण का प्रतीक है। कार्यकारिणी के अन्य पदों पर भी पदाधिकारियों का चयन हुआ, जिसमें देवराज को निर्विरोध उपाध्यक्ष चुना गया। समिति को और मजबूती देने के लिए विभिन्न सदस्यों को मनोनीत किया गया, जिसमें बिमला देवी को सदस्य नियुक्त किया गया, वहीं पंचायत समिति सदस्य रीटा और वार्ड सदस्य देव राज को विशेष मनोनीत सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। नवनियुक्त अध्यक्ष झाबे राम ठाकुर ने अपनी प्राथमिकता विद्यालय में शिक्षा के स्तर को और बेहतर बनाने की बताई। उन्होंने कहा कि समिति का लक्ष्य छात्रों के लिए एक उत्कृष्ट शैक्षणिक वातावरण तैयार करना और विद्यालय में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार करना है। नई टीम ने विद्यालय के विकास कार्यों और छात्रों की बेहतरी के लिए एकजुट होकर काम करने का संकल्प लिया है। इस दौरान, स्थानीय जनप्रतिनिधियों और अभिभावकों ने नई कार्यकारिणी को बधाई देते हुए विद्यालय के उत्थान के लिए हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया, जबकि अध्यक्ष ने सभी अभिभावकों से विद्यालय की गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी का आग्रह किया।1
- निर्जला एकादशी के पवित्र अवसर पर सढौरा नगर और ग्रामीण क्षेत्रों में जगह-जगह छबीलें लगाई गईं। इस दौरान लोगों ने अनेक स्थानों पर ठंडा और मीठा जल पिलाया, जिससे गर्मी से राहत मिली और पूरे सढौरा नगर में छबील की धूम रही।1