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छत्तीसगढ़ में चॉइस सेंटरों की आड़ में आधार आधारित बैंकिंग सेवाओं के जरिए धोखाधड़ी के गंभीर आरोप सामने आए हैं। कुछ लोगों का दावा है कि आधार के माध्यम से पैसे निकालते समय उनसे कई बार फिंगरप्रिंट लिए गए, जिसके कारण उनके लेनदेन में गड़बड़ी हुई। इन पीड़ितों ने इस मामले में शिकायत दर्ज कराते हुए तत्काल कार्रवाई की मांग की है। इस तरह की धोखाधड़ी से बचने के लिए, आधार के जरिए पैसे निकालने वाले सभी उपयोगकर्ताओं को सलाह दी गई है कि वे प्रत्येक ट्रांजैक्शन की रसीद अवश्य लें, SMS अलर्ट पर ध्यान दें, और किसी भी प्रकार की अनियमितता या गड़बड़ी पाए जाने पर तुरंत बैंक और पुलिस में शिकायत करें।
POLICE DOST NEWS
छत्तीसगढ़ में चॉइस सेंटरों की आड़ में आधार आधारित बैंकिंग सेवाओं के जरिए धोखाधड़ी के गंभीर आरोप सामने आए हैं। कुछ लोगों का दावा है कि आधार के माध्यम से पैसे निकालते समय उनसे कई बार फिंगरप्रिंट लिए गए, जिसके कारण उनके लेनदेन में गड़बड़ी हुई। इन पीड़ितों ने इस मामले में शिकायत दर्ज कराते हुए तत्काल कार्रवाई की मांग की है। इस तरह की धोखाधड़ी से बचने के लिए, आधार के जरिए पैसे निकालने वाले सभी उपयोगकर्ताओं को सलाह दी गई है कि वे प्रत्येक ट्रांजैक्शन की रसीद अवश्य लें, SMS अलर्ट पर ध्यान दें, और किसी भी प्रकार की अनियमितता या गड़बड़ी पाए जाने पर तुरंत बैंक और पुलिस में शिकायत करें।
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- छत्तीसगढ़ में चॉइस सेंटरों की आड़ में आधार आधारित बैंकिंग सेवाओं के जरिए धोखाधड़ी के गंभीर आरोप सामने आए हैं। कुछ लोगों का दावा है कि आधार के माध्यम से पैसे निकालते समय उनसे कई बार फिंगरप्रिंट लिए गए, जिसके कारण उनके लेनदेन में गड़बड़ी हुई। इन पीड़ितों ने इस मामले में शिकायत दर्ज कराते हुए तत्काल कार्रवाई की मांग की है। इस तरह की धोखाधड़ी से बचने के लिए, आधार के जरिए पैसे निकालने वाले सभी उपयोगकर्ताओं को सलाह दी गई है कि वे प्रत्येक ट्रांजैक्शन की रसीद अवश्य लें, SMS अलर्ट पर ध्यान दें, और किसी भी प्रकार की अनियमितता या गड़बड़ी पाए जाने पर तुरंत बैंक और पुलिस में शिकायत करें।1
- नकटी गांव में गरीब और असहाय लोग गहरे दर्द में डूबे हुए हैं। वहां की स्थिति इतनी दयनीय है कि लोग अपनी पीड़ा में रोते-बिलखते देखे जा सकते हैं, जो उनकी असहनीय असहायता को उजागर करता है।1
- दुर्ग पुलिस ने एक अंतर्राज्यीय ऑनलाइन ठगी गिरोह पर बड़ी कार्रवाई करते हुए गुजरात से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई व्हाट्सएप के माध्यम से APK फाइल भेजकर बैंक खाते से ₹4,02,728 की ऑनलाइन धोखाधड़ी के एक मामले में की गई है। दिनांक 25.02.2026 को प्रार्थी संजय झा, निवासी सेक्टर-05, भिलाई, ने थाना भिलाई नगर में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उनके मोबाइल पर एक अज्ञात नंबर से व्हाट्सएप पर एक APK फाइल भेजी गई थी। इस फाइल को डाउनलोड और इंस्टॉल करने के बाद, उनके मोबाइल पर आने वाले ओटीपी और अन्य संदेश स्वतः ही दूसरे नंबर पर फॉरवर्ड होने लगे, जिसके कारण उनके बैंक खाते से ₹4,02,728 की अनधिकृत निकासी हो गई। इस शिकायत पर थाना भिलाई नगर में अपराध क्रमांक 101/2026, धारा 318(4) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। विवेचना के दौरान, साइबर सेल के तकनीकी सहयोग से बैंक खातों, मोबाइल नंबरों, डिजिटल ट्रांजेक्शन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों का गहन विश्लेषण किया गया। तकनीकी जांच के आधार पर आरोपियों का लोकेशन गुजरात राज्य में मिला, जिसके बाद थाना भिलाई नगर पुलिस की एक टीम तुरंत गुजरात रवाना हुई। पुलिस टीम ने सिलवासा, दादरा एवं नगर हवेली निवासी अच्छे लाल यादव (उम्र 37 वर्ष) और जोखन प्रसाद यादव (उम्र 49 वर्ष) नामक दोनों आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार किया। प्रकरण में एक से अधिक आरोपियों की संलिप्तता पाए जाने पर धारा 3(5) बीएनएस भी जोड़ी गई। गिरफ्तार आरोपियों को ट्रांजिट प्रक्रिया पूरी कर दुर्ग लाया गया और माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत कर वैधानिक कार्यवाही की गई। प्रकरण में अग्रिम विवेचना जारी है। इस कार्रवाई के तहत घटना में प्रयुक्त मोबाइल फोन, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल साक्ष्य तथा अन्य संबंधित दस्तावेज और सामग्री जब्त की गई है। इस पूरे ऑपरेशन में थाना भिलाई नगर पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही, जिन्होंने तकनीकी विश्लेषण, डिजिटल साक्ष्यों के संकलन और अंतर्राज्यीय समन्वय के माध्यम से आरोपियों को सफलतापूर्वक गिरफ्तार किया। दुर्ग पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी अज्ञात व्यक्ति द्वारा भेजी गई APK फाइल, लिंक या मोबाइल एप्लिकेशन को बिना सत्यापन डाउनलोड न करें। साथ ही, अपने मोबाइल, बैंक खाते, ओटीपी, यूपीआई पिन और अन्य गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा न करें। किसी भी प्रकार की साइबर ठगी होने पर तत्काल साइबर हेल्पलाइन 1930 या निकटतम पुलिस थाना में सूचना देने का आग्रह किया गया है।2
- बेमेतरा जिले के देवरबीजा चौकी अंतर्गत आबादीपारा निवासी रोमन पाण्डेय (36) ने 30 जून 2026 को एक रिपोर्ट दर्ज कराई, जिसमें उन्होंने बताया कि 29 जून 2026 की शाम मंदिर की पूजा के बाद वे अन्नपूर्णा कृषि केंद्र देवरबीजा के पास बैठे थे। तभी रात करीब 8:30 बजे कोदवा की तरफ से तेज गति से आ रही एक पिकअप को उन्होंने रोका। वाहन (क्रमांक सीजी-09-जे.टी.-6387) के डाले में 5 बछड़े निर्दयतापूर्वक ठूंस-ठूंसकर भरे हुए थे, जिन्हें न चारा दिया गया था और न पानी, जिससे वे भूखे-प्यासे शारीरिक पीड़ा और यातना झेल रहे थे। पिकअप के अंदर बैठे चार लोगों से पूछताछ करने पर गौवंश मालिक ने अपना नाम बलराम वर्मा, ग्राम दैहानडीह, थाना सहसपुर लोहारा, जिला कबीरधाम बताया। अन्य तीन लोगों ने अपने नाम होम सिंह वर्मा (आमगांव स. लोहारा), घुर सिंह वर्मा और राजेंद्र वर्मा (दोनों ग्राम दैहानडीह स. लोहारा, जिला कबीरधाम से) बताए। ये सभी गौवंश को कत्ल करने के लिए कत्लखाना ले जा रहे थे। आरोपियों के खिलाफ छत्तीसगढ़ कृषक पशु परीक्षण अधिनियम 2004 की धारा 4, 6, 10 और पशुओं के प्रति क्रूरता का निवारण अधिनियम 1960 की धारा 11 (क) (घ) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू की गई। घटना की सूचना वरिष्ठ अधिकारियों को दिए जाने पर पुलिस उप महानिरीक्षक (DIG) श्री रामकृष्ण साहू (भा.पु.से.) ने तत्काल आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री हरीश कुमार यादव एवं एसडीओपी बेमेतरा श्री भूषण एक्का के मार्गदर्शन में चौकी प्रभारी देवरबीजा उप निरीक्षक योगेश अग्रवाल को चौकी स्टाफ के साथ अपराध विवेचना हेतु लगाया गया। विवेचना के दौरान 5 बछड़ों और घटना में प्रयुक्त पिकअप वाहन क्रमांक सीजी-09-जे.टी.-6387 को जब्त किया गया। इस प्रकरण में सभी चारों आरोपी बलराम वर्मा (49, निवासी ग्राम दैहहानडीह), होम सिंह वर्मा (45, निवासी आमगांव), घुर सिंह वर्मा (30, निवासी ग्राम दैहानडीह) और राजेंद्र वर्मा (52, निवासी ग्राम दैहानडीह) को 30 जून 2026 को विधिवत गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय में न्यायिक रिमांड पर प्रस्तुत किया गया। इस पूरी कार्रवाई में चौकी प्रभारी देवरबीजा उप निरीक्षक योगेश अग्रवाल, प्रधान आरक्षक नंदलाल चतुर्वेदी, नरेंद्र ठाकुर, अवधेश सिंह, आरक्षक मुकेश सिंह, रवि साहू, छोटूराम टेम्बुकर, पुरुषोत्तम पटेल, साबित गोयल और चौकी के समस्त स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका रही।1
- खैरागढ़ छुईखदान गंडई जिले के गंडई क्षेत्र में 1 जुलाई, बुधवार को सुबह 6 बजे से शुरू हुई बारिश का सिलसिला रात करीब 9 बजे तक लगातार जारी रहा। दिनभर आसमान घने बादलों से ढका रहा और रुक-रुक कर तेज बारिश होती रही, जिससे पूरे क्षेत्र का मौसम सुहावना बना रहा। इस लगातार बारिश से लोगों को उमस और गर्मी से बड़ी राहत मिली है। वहीं, खेतों में पर्याप्त नमी पहुंचने से किसानों के चेहरे खिल उठे हैं और खरीफ फसलों की बुआई सहित कृषि कार्यों में तेजी आई है। इसके साथ ही, कई ग्रामीण क्षेत्रों में निचले स्थानों पर पानी भरने की स्थिति भी देखने को मिली। मौसम विभाग के अनुसार, केसीजी जिले में मानसून पूरी तरह सक्रिय बना हुआ है। विभाग ने जिले में गरज-चमक के साथ मध्यम से भारी बारिश की संभावना जताई है और आकाशीय बिजली गिरने तथा तेज हवाएं चलने की आशंका को देखते हुए येलो अलर्ट जारी किया है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि आगामी दिनों में भी क्षेत्र में बारिश का दौर जारी रह सकता है। प्रशासन ने नागरिकों से खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने और आकाशीय बिजली की चेतावनी को गंभीरता से लेने की अपील की है।1
- पलारी ब्लॉक के ग्राम सीतापार स्थित शासकीय प्राथमिक विद्यालय में बदहाल व्यवस्थाओं के बीच लगभग 60 छात्र-छात्राओं की पढ़ाई हो रही है। विद्यालय का भवन जर्जर हालत में है, वहीं शिक्षण व्यवस्था भी प्रभावित है क्योंकि 5 कक्षाएं महज दो कमरों में संचालित की जा रही हैं; एक कमरे में तीन और दूसरे में दो कक्षाओं की पढ़ाई होती है। इसके अतिरिक्त, विद्यालय परिसर में लगे दोनों बोरिंग लंबे समय से खराब पड़े हैं। इस वजह से छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और मध्यान्ह भोजन के लिए प्रतिदिन करीब 50 मीटर दूर से पानी लाना पड़ता है, जिससे गर्मी और बरसात के मौसम में यह समस्या और भी गंभीर हो जाती है। ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद न तो अतिरिक्त कक्षों का निर्माण किया गया और न ही पेयजल व्यवस्था दुरुस्त की गई है। जर्जर भवन में बच्चों की पढ़ाई को लेकर अभिभावकों में गहरी चिंता है, और उनका कहना है कि यदि समय रहते सुधार कार्य नहीं हुए तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। ग्रामीण और पालकों ने जिला प्रशासन तथा शिक्षा विभाग से मांग की है कि विद्यालय का निरीक्षण कर अतिरिक्त कक्षों का निर्माण कराया जाए, खराब बोरिंग की मरम्मत की जाए और आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जाएं, ताकि बच्चों को सुरक्षित और बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिल सके।1
- कभी नक्सल प्रभावित और दुर्गम माने जाने वाले अबूझमाड़ क्षेत्र में अब हालात बदलते दिख रहे हैं, जहां विकास और विश्वास की नई कहानी लिखी जा रही है। बिनागुंडा गांव में, जो लंबे समय तक माओवादी प्रभाव और कठिन परिस्थितियों के कारण चर्चा में रहा, वहां अब सरकार और प्रशासन विकास कार्यों के जरिए इस क्षेत्र को मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में काम कर रहे हैं। इस बदली हुई तस्वीर के तहत, जहां पहले जनप्रतिनिधियों का पहुंचना मुश्किल माना जाता था, वहां अब कांकेर सांसद भोजराज नाग ग्रामीणों के बीच पहुंचे और उनकी समस्याएं सुनीं। बिनागुंडा गांव तक पहुंचना आज भी आसान नहीं है, क्योंकि यह अबूझमाड़ के दुर्गम जंगलों और पहाड़ी रास्तों के बीच बसा है। इन उबड़-खाबड़ रास्तों को पार करते हुए सांसद भोजराज नाग बाइक से ग्रामीणों के बीच पहुंचे। सांसद को अपने गांव में देखकर ग्रामीणों में भारी उत्साह देखने को मिला, जिन्होंने पारंपरिक तरीके से उनका स्वागत किया और अपनी विभिन्न समस्याएं उनके सामने रखीं। सांसद भोजराज नाग ने ग्रामीणों से मुलाकात कर सड़क, बिजली, पानी, स्वास्थ्य और अन्य बुनियादी सुविधाओं को लेकर चर्चा की। उन्होंने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि आने वाले दिनों में बिनागुंडा सहित पूरे अबूझमाड़ क्षेत्र में विकास कार्यों को और अधिक गति दी जाएगी।1
- छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में पुलिस बल पर अभद्रता का आरोप लगाया गया है। इस घटना से जुड़ी पूरी सच्चाई को सामने लाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।1