कड़ी सुरक्षा के बीच जरडा में अकीदत के साथ अदा हुई ईद-उल-फितर की नमाज़, गले मिलकर दी मुबारकबाद कड़ी सुरक्षा के बीच जरडा में अकीदत के साथ अदा हुई ईद-उल-फितर की नमाज़, गले मिलकर दी मुबारकबाद जारी प्रखंड अंतर्गत जरडा में ईद-उल-फितर की नमाज़ अकीदत और श्रद्धा के साथ कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच अदा की गई। जानकारी देते हुए सुबह करीब ग्यारह बजे बताया गया कि नमाज़ के दौरान पूरे क्षेत्र में शांति और भाईचारे का माहौल देखने को मिला। नमाज़ के बाद लोगों ने एक-दूसरे को गले मिलकर ईद की मुबारकबाद दी और देश में अमन-चैन, सुख-समृद्धि की दुआ मांगी। इस मौके पर सामाजिक सौहार्द की खूबसूरत तस्वीर देखने को मिली। मौके पर जारी थाना के पुलिस जवान पूरी तरह मुस्तैद नजर आए। पुलिस पदाधिकारियों ने सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेते हुए लोगों को ईद की शुभकामनाएं दीं। साथ ही नौजवान कमेटी एवं अंजुमन कमेटी के सदस्यों को भी दिल से मुबारकबाद दी। कार्यक्रम के दौरान जरडा अंजुमन कमेटी के सदर, सेक्रेटरी समेत अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे। सभी ने मिलकर आपसी भाईचारे और सौहार्द बनाए रखने का संदेश दिया। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि जरडा में हर वर्ष ईद के मौके पर खुशी और शांति का माहौल देखने को मिलता है, जो समाज के लिए एक सकारात्मक संदेश है। उन्होंने नौजवान कमेटी और अंजुमन कमेटी के सहयोग की सराहना करते हुए सभी को ईद की बधाई दी।
कड़ी सुरक्षा के बीच जरडा में अकीदत के साथ अदा हुई ईद-उल-फितर की नमाज़, गले मिलकर दी मुबारकबाद कड़ी सुरक्षा के बीच जरडा में अकीदत के साथ अदा हुई ईद-उल-फितर की नमाज़, गले मिलकर दी मुबारकबाद जारी प्रखंड अंतर्गत जरडा में ईद-उल-फितर की नमाज़ अकीदत और श्रद्धा के साथ कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच अदा की गई। जानकारी देते हुए सुबह करीब ग्यारह बजे बताया गया कि नमाज़ के दौरान पूरे क्षेत्र में शांति और भाईचारे का माहौल देखने को मिला। नमाज़ के बाद लोगों ने एक-दूसरे को गले मिलकर ईद की मुबारकबाद दी और देश में अमन-चैन, सुख-समृद्धि की दुआ मांगी। इस मौके पर सामाजिक सौहार्द की खूबसूरत तस्वीर देखने को मिली। मौके पर जारी थाना के पुलिस जवान पूरी तरह मुस्तैद नजर आए। पुलिस पदाधिकारियों ने सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेते हुए लोगों को ईद की शुभकामनाएं दीं। साथ ही नौजवान कमेटी एवं अंजुमन कमेटी के सदस्यों को भी दिल से मुबारकबाद दी। कार्यक्रम के दौरान जरडा अंजुमन कमेटी के सदर, सेक्रेटरी समेत अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे। सभी ने मिलकर आपसी भाईचारे और सौहार्द बनाए रखने का संदेश दिया। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि जरडा में हर वर्ष ईद के मौके पर खुशी और शांति का माहौल देखने को मिलता है, जो समाज के लिए एक सकारात्मक संदेश है। उन्होंने नौजवान कमेटी और अंजुमन कमेटी के सहयोग की सराहना करते हुए सभी को ईद की बधाई दी।
- रामप्रवेश गुप्ता महुआडांड़ (लातेहार) सरकारी स्कूलों की बदहाली की जो तस्वीर महुआडांड़ के बंदुआ विद्यालय से सामने आई है, वह सिर्फ लापरवाही नहीं बल्कि पूरे सिस्टम के सड़ जाने का सबूत है। यहां शिक्षा नहीं, खुला तमाशा चल रहा है—शिक्षक गायब, बच्चे बेसहारा और अधिकारी पूरी तरह खामोश!राजकीय कृत प्राथमिक विद्यालय, बंदुआ में पदस्थापित जावेद सर पर गंभीर आरोप लगे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि वे हफ्तों तक स्कूल नहीं आते, लेकिन उनकी उपस्थिति और नौकरी दोनों चालू है। बड़ा सवाल—जब शिक्षक ही गायब हैं तो बच्चों को पढ़ाएगा कौन? और विभाग आखिर किसे बचा रहा है?जब जिला परिषद सदस्य इस्टेला नागेसिया और प्रमुख कंचन कुजूर मौके पर पहुंचे, तो जो नजारा सामने आया उसने सबको हिला कर रख दिया। स्कूल से जावेद सर गायब! बच्चे बिना शिक्षक के इधर-उधर बैठे थे, जैसे स्कूल नहीं बल्कि कोई छोड़ा हुआ भवन हो।लेकिन असली ‘बवाल’ तो तब खुला जब पता चला कि पढ़ाई के नाम पर बच्चों को “बालवीर” फिल्म दिखाकर दिन काटा जा रहा है। यानी स्कूल को पढ़ाई की जगह सिनेमा हॉल बना दिया गया है! सरकार शिक्षा पर पैसा बहा रही है और यहां बच्चों को फिल्म दिखाकर भविष्य के साथ मजाक किया जा रहा है।प्राचार्य की चुप्पी ने पूरे मामले को और संदिग्ध बना दिया। उन्होंने एक शब्द बोलना तक जरूरी नहीं समझा। ग्रामीणों का गुस्सा अब फट पड़ा है। लोगों का साफ कहना है कि यह सब बिना विभागीय मिलीभगत के संभव नहीं। बीआरसी से लेकर ऊपर तक सबको जानकारी है, लेकिन कार्रवाई के नाम पर सिर्फ चुप्पी—यानी पूरा सिस्टम सेट है!ग्रामीणों ने उपायुक्त उत्कर्ष गुप्ता से सख्त कार्रवाई की मांग की है और साफ चेतावनी दी है3
- दरअसल यहाँ का पुल थोड़ा संकरी है जिसके कारण लापरवाही बरतने पर बड़ी घटना का अंजाम देता है यहां घटना होते ही रहते है #news1
- Post by हमर जशपुर1
- सिसई (गुमला)। सिसई में "प्रकृति व संस्कृति" का अनोखा संगम "सरहुल" पर भव्य शोभायात्रा निकाला गया। प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न गाओं के खोड़हा दल व हज़ारों की संख्या में आदिवासी सरना समुदाय के महिला पुरुष एवं बच्चे अपने पारंपरिक वेशभूषा में सजधज कर केंद्रीय सरना स्थल सिसई थाना चौक में एकत्रित हुए। केंद्रीय सरना समिति सिसई के तत्वाधान में यह कार्यक्रम आयोजित किया गया था। जहां पाहान पूजारों द्वारा विधिपूर्वक प्रकृति की पूजा अर्चना कर समस्त देशवासियों के लिए सुख समृद्धि की कामना की गई। तत्पश्चात फुलखोंसी की रस्म अदा करते हुए मौजूद सभी लोगों को आशीर्वाद प्रदान किया गया। वहीं हिन्दू जागरण के प्रदेश परावर्तन प्रमुख संजय वर्मा, विहिप बजरंग दल सिसई के प्रखंड अध्यक्ष पंकज साहु, संरक्षक मुकेश श्रीवास्तव डेविड, रोहित शर्मा, आशीष यादव, सौरभ ताम्रकर,आनंद साहु, मदन साहु, सुप्रदीप साहु, मनोज वर्मा, तेजमोहन साहु, दीपक अधिकारी, सूरज सिंह, रोहित घंटी, संदीप साहु, विकास साहु, संदीप गोप, गजेंद्र साहु, बंटी साहु, हेमंत गुप्ता, चरवा उरांव, लक्ष्मी यादव सहित कई कार्यकर्ताओं ने हिन्दू सरना सनातन का मिशाल पेश करते हुए शोभायात्रा में शामिल मुख्य अतिथि केंद्रीय सरना समिति सचिव सचिदानंद उरांव, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष दिनेश उरांव, जिला परिषद अध्यक्ष किरण बाड़ा, सिसई प्रमुख मीना देवी, कैप्टन लोहरा उरांव एवं सभी पंचायत के मुखिया जनप्रतिनिधि सहित केंद्रीय सरना समिति सिसई के पदाधिकारियों को फूलमाला पहनाकर व अंगवस्त्र देकर स्वागत किया। साथ ही शोभायात्रा में शामिल होकर हिन्दू सरना सनातन एक है का परिचय दिया। बताया जाता है कि प्रकृति इस समय नव्यौवन लिए अपने पूरे शबाब पर होती है और इसी समय से भारतीय नववर्ष का शुभारंभ भी होता है जब पतझड़ के बाद चारों तरफ पेड़ पौधों में नये पत्ते,फूल और फल आने शुरू होते हैं वहीं सरई, आम, महुआ जैसे पेड़ पौधे अपने फूलों की भिनि भिनि खुशबू से प्रकृति के चारों ओर अपनी सोंधी महक बिखेरती है। जिससे प्रकृति हमें अपनी ओर सहज ही आकर्षित करने लगती है और "प्रकृति पर्व सरहुल" के रूप में शुभारंभ होता है। केंद्रीय सरना स्थल में पाहान पूजारों द्वारा पूजा अर्चना के बाद केंद्रीय सरना समिति सिसई के अध्यक्ष जलेश्वर उरांव, सचिव रोपना उरांव, एवं कोषाध्यक्ष गंदुर उरांव के मार्गदर्शन में भव्य शोभायात्रा निकाला गया। जिसमें दूर दराज से आये विभिन्न खोड़हा दलों के साथ साथ हज़ारों की संख्या में सरना धर्मावलंबी महिला पुरुष व बच्चे अपने पारंपरिक वेशभूषा में मांदर एवं नगाड़ों के थाप पर नृत्य की झांकी प्रस्तुत करते हुए आगे बढ़ रहे थे यह दृश्य बहुत ही मनमोहक नजर आ रहा था जिसे देखकर लोग सहज ही आकर्षित हो रहे थे वहीं भाजपा सिसई मंडल, कांग्रेस प्रखंड कमिटी सिसई, मुस्लिम समुदाय सहित विभिन्न सामाजिक संगठनों के द्वारा जगह जगह पर स्टॉल लगाए गए थे। जहां समाजसेवियों व कार्यकर्ताओं ने गुड़ चना और शरबत का वितरण कर शोभायात्रा में शामिल सभी लोगों का स्वागत किया। शोभायात्रा थाना चौक सरना स्थल से प्रारंभ होकर थाना रोड, बसिया रोड, मेन रोड होते हुए पुराना ब्लॉक परिसर में स्थित सरना स्थल पहुंचा। जहां पाहानों द्वारा पूजा अर्चना के साथ ही समस्त देशवासियों के सुख समृद्धि के लिए मंगलकामना करते हुए शोभायात्रा का देर शाम समापन किया गया। इस दौरान सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम कर विधि व्यवस्था बनाये रखने के लिए बीडीओ रमेश कुमार यादव, सीओ अशोक बड़ाईक, दंडाधिकारी सचिन्द्र मोहन, थाना प्रभारी नीरज कुमार, एसआई आशीष कुमार, अजय कुमार, अरुण सिंह, नरेंद्र सरदार, विवेक कुमार सिंह सहित कई पुलिस पदाधिकारी व जवान मौजूद थे।4
- Post by AAM JANATA1
- प्रकृति पर्व सरहुल पर आयोजित हुआ सेन्हा में मिलन समारोह सह शोभायात्रा पहान पुजार द्वारा किया गया पूजा1
- अमन, भाईचारे और खुशियों के साथ चैनपुर में मनाई गई ईद, गूंजे एकता के संदेश मुस्लिम समुदाय का प्रमुख पर्व ईद-उल-फितर चैनपुर प्रखंड में इस वर्ष हर्षोल्लास और आपसी सौहार्द के साथ मनाया गया। जानकारी देते हुए सुबह लगभग ग्यारह बजे बताया गया कि बरवेनगर, जमगई एवं चैनपुर सहित विभिन्न क्षेत्रों में मस्जिदों और ईदगाहों में नमाज अदा की गई, जहां अकीदतमंदों की अच्छी-खासी भीड़ उमड़ी। ईद की नमाज के दौरान ईदगाहों में विशेष रूप से अधिक भीड़ देखने को मिली। जामा मस्जिद में इमाम हसमत रजा की अगुवाई में नमाज अदा की गई, जिसमें क्षेत्र की अमन-चैन, तरक्की और खुशहाली के लिए दुआ मांगी गई। नमाज के बाद लोगों ने एक-दूसरे से गले मिलकर ईद की मुबारकबाद दी, जिससे पूरे क्षेत्र में भाईचारे का माहौल बना रहा। इस अवसर पर चैनपुर थाना प्रभारी अरविंद कुमार ने लोगों को ईद की शुभकामनाएं देते हुए शांति और आपसी सद्भाव बनाए रखने की अपील की। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस बल एवं दंडाधिकारी तैनात रहे, जिससे पर्व शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। ईद के मौके पर बच्चों में खासा उत्साह देखा गया। नए कपड़ों में सजे बच्चे एक-दूसरे के साथ मिठाइयों का आदान-प्रदान करते नजर आए। मुस्लिम बहुल इलाकों में दिनभर उत्सव जैसा माहौल बना रहा। चैनपुर अंजुमन इस्लामिया मस्जिद में आयोजित कार्यक्रम में इमाम हसमत रजा, सदर शकील खान, सेक्रेटरी जहरूदिम खान सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। इस अवसर पर अंजुमन कमेटी के सदर शकील खान ने कहा कि “ईद हमें यह सिखाती है कि हम अपने दिलों से नफरत और भेदभाव को खत्म करें और एक-दूसरे के प्रति प्रेम और सम्मान का भाव रखें। समाज की असली ताकत उसकी एकता और भाईचारे में होती है।” उन्होंने आगे कहा कि “इस पवित्र मौके पर हमें अपने आसपास के जरूरतमंदों का ख्याल रखना चाहिए और उन्हें भी अपनी खुशियों में शामिल करना चाहिए। जब समाज का हर व्यक्ति खुश रहेगा, तभी सच्चे मायनों में ईद की खुशी पूरी होगी।” उन्होंने लोगों से अपील की कि सभी मिलकर शांति, सौहार्द और आपसी विश्वास को बनाए रखें, ताकि क्षेत्र में हमेशा सकारात्मक वातावरण बना रहे। इस प्रकार, ईद-उल-फितर का यह पर्व चैनपुर प्रखंड में सामाजिक एकता, भाईचारे और सौहार्द का संदेश देकर शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ।1
- ईद उल फितर के पावन अवसर पर मुस्लिम धर्मालंबियों ने ईदगाह एवं मस्जिदों में नमाज अदा कर दुआ मांगी1
- सिसई प्रखंड भदौली पंचायत के आदिवासी बहुल ग्राम सकरौली कुंबा टोली में चार कोन का अद्भुद कुंवा। जहां लोग अमृत पानी पी रहे हैं। यह कुंवा घर के अंदर चट्टानों के बीच स्थित है। आदिवासी महिला ने बताया कि घर में काम चल रहा था और मिट्टी का जरूरत था। खोदने के दौरान पानी मिला जिसको मेहनत कर कुंवा बनाया गया। स्वच्छ निर्मल मिठाश पानी हैं।1