*जय श्री राम के उद्घोष से गूँजा महुआडाँड़: बजरंग दल और महावीर मंडल का भव्य 'मंगला जुलूस' महुआडाँड़ की सड़कों पर आज भक्ति, शक्ति और शौर्य का अनूठा संगम देखने को मिल रहा है। बजरंग दल और महावीर मंडल के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित ऐतिहासिक 'मंगला जुलूस' का भव्य शुभारंभ हो गया है। पिछले 30 वर्षों की गौरवशाली परंपरा को जीवंत करते हुए, हजारों की संख्या में रामभक्त सड़कों पर उतर आए हैं। *शौर्य का प्रदर्शन: दुर्गा वाहिनी की बहनों ने दिखाया उत्साह* जुलूस की सबसे खास बात दुर्गा वाहिनी की बहनों की भारी उपस्थिति है। पारंपरिक परिधानों में सजीं और हाथों में भगवा ध्वज लिए इन बहनों का उत्साह देखते ही बन रहा है। रामभक्तों की टोली ढोल-नगाड़ों और ताशों की थाप पर थिरकते हुए जयकारे लगा रही है, जिससे पूरा प्रखंड भक्तिमय हो गया है। *30 वर्षों से अटूट है यह परंपरा* ज्ञात हो कि महुआडाँड़ में यह आयोजन पिछले तीन दशकों (30 वर्ष) से निरंतर आयोजित किया जा रहा है। समय के साथ इस जुलूस का स्वरूप और भी भव्य होता गया है। आज के इस विशेष 'मंगला जुलूस' में केवल स्थानीय लोग ही नहीं, बल्कि आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे हैं। *केसरिया ध्वजों से पटा महुआडाँड़* जुलूस का मार्ग पूरी तरह से केसरिया ध्वजों और स्वागत द्वारों से सजाया गया है। बजरंग दल के कार्यकर्ताओं द्वारा सुरक्षा और अनुशासन का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। महावीर मंडल के पदाधिकारियों ने बताया कि यह जुलूस शांति और सद्भाव के साथ अपनी मंजिल की ओर अग्रसर है। "यह केवल एक जुलूस नहीं, बल्कि महुआडाँड़ की आस्था का महाकुंभ है। 30 साल पहले जो संकल्प लिया गया था, वह आज एक विशाल वटवृक्ष बन चुका है।" — आयोजन समिति
*जय श्री राम के उद्घोष से गूँजा महुआडाँड़: बजरंग दल और महावीर मंडल का भव्य 'मंगला जुलूस' महुआडाँड़ की सड़कों पर आज भक्ति, शक्ति और शौर्य का अनूठा संगम देखने को मिल रहा है। बजरंग दल और महावीर मंडल के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित ऐतिहासिक 'मंगला जुलूस' का भव्य शुभारंभ हो गया है। पिछले 30 वर्षों की गौरवशाली परंपरा को जीवंत करते हुए, हजारों की संख्या में रामभक्त सड़कों पर उतर आए हैं। *शौर्य का प्रदर्शन: दुर्गा वाहिनी की बहनों ने दिखाया उत्साह* जुलूस की सबसे खास बात दुर्गा वाहिनी की बहनों की भारी उपस्थिति है। पारंपरिक परिधानों में सजीं और हाथों में भगवा ध्वज लिए इन बहनों का उत्साह देखते ही बन रहा है। रामभक्तों की टोली ढोल-नगाड़ों और ताशों की थाप पर थिरकते हुए जयकारे लगा रही है, जिससे पूरा प्रखंड भक्तिमय हो गया है। *30 वर्षों से अटूट है यह परंपरा* ज्ञात हो कि महुआडाँड़ में यह आयोजन पिछले तीन दशकों (30 वर्ष) से निरंतर आयोजित किया जा रहा है। समय के साथ इस जुलूस का स्वरूप और भी भव्य होता गया है। आज के इस विशेष 'मंगला जुलूस' में केवल स्थानीय लोग ही नहीं, बल्कि आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे हैं। *केसरिया ध्वजों से पटा महुआडाँड़* जुलूस का मार्ग पूरी तरह से केसरिया ध्वजों और स्वागत द्वारों से सजाया गया है। बजरंग दल के कार्यकर्ताओं द्वारा सुरक्षा और अनुशासन का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। महावीर मंडल के पदाधिकारियों ने बताया कि यह जुलूस शांति और सद्भाव के साथ अपनी मंजिल की ओर अग्रसर है। "यह केवल एक जुलूस नहीं, बल्कि महुआडाँड़ की आस्था का महाकुंभ है। 30 साल पहले जो संकल्प लिया गया था, वह आज एक विशाल वटवृक्ष बन चुका है।" — आयोजन समिति
- Post by AAM JANATA1
- रिश्तेदार के घर बंसरी सरहुल मनाने पहुंची किशोरी ने फांसी लगा कि आत्महत्या जांच पड़ताल में जुटी पुलिस1
- रामप्रवेश गुप्ता लोक आस्था और सूर्य उपासना का चार दिवसीय महापर्व 'चैती छठ' बुधवार को उदीयमान भगवान भास्कर को द्वितीय अर्घ्य देने के साथ ही श्रद्धा और उल्लास के साथ संपन्न हो गया। महुआडाँड़ प्रखंड मुख्यालय सहित सभी पंचायतों में भक्ति का अनूठा माहौल देखने को मिला। *छठ घाटों पर उमड़ा जनसैलाब* इस पावन अवसर पर महुआडाँड़ स्थित रामपुर नदी छठ घाट, नेतरहाट छठ घाट सहित प्रखंड के विभिन्न जलाशयों पर सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। 36 घंटे का कठिन निर्जला उपवास रखने वाले व्रतियों ने जल में खड़े होकर भगवान भास्कर की प्रतीक्षा की और जैसे ही सूर्य देव की पहली किरण दिखाई दी, उन्हें दूध और जल से अर्घ्य अर्पित किया। इसके पश्चात व्रतियों ने पारण कर अपना व्रत पूर्ण किया। *भक्ति और छठ गीतों से गूँजा वातावरण* चारों ओर आस्था का सैलाब उमड़ा था और 'कांच ही बांस के बहंगिया' जैसे पारंपरिक छठ गीतों की मधुर लहरियां पूरे वातावरण को रोमांचित कर रही थीं। श्रद्धा की अनुभूति ऐसी थी कि व्रती अपना तन-मन पूरी तरह भगवान भास्कर के चरणों में अर्पित कर तल्लीन दिखे। घाटों को आकर्षक ढंग से सजाया गया था और दीपों की रोशनी से छटा देखते ही बन रही थी। *प्रशासन और युवाओं की मुस्तैदी* छठ पूजा के सफल संचालन और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर थाना प्रभारी मनोज कुमार के नेतृत्व में जिला पुलिस बल पूरी तरह मुस्तैद रहा। साथ ही, बजरंग दल के सदस्यों और स्वयंसेवकों ने भी घाटों पर व्यवस्था बनाए रखने में सक्रिय भूमिका निभाई। प्रशासन की सतर्कता और स्थानीय लोगों के सहयोग से पूरा अनुष्ठान शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। 4
- पाटन प्रखंड के किशनपुर में रामनवमी पर्व को लेकर मंगलवार की संध्या 6 बजे भव्य शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा में सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण एवं श्रद्धालु शामिल हुए। श्रद्धालुओं ने जय श्री राम के जयकारे लगाते हुए पूरे उत्साह और भक्ति भाव के साथ शोभायात्रा में भाग लिया। शोभायात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पाटन थाना प्रभारी शशि शेखर पांडे एवं किशनपुर ओपी प्रभारी रंजीत कुमार सिंह सहित पुलिस बल पूरी तरह तैनात रही । पुलिस प्रशासन द्वारा पूरे शोभायात्रा मार्ग पर निगरानी रखी जा रही थी, ताकि पर्व शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो सके। शोभायात्रा पूरे किशनपुर क्षेत्र का भ्रमण करते हुए पुनः अपने निर्धारित स्थान पर पहुंचकर संपन्न हुई। इस दौरान क्षेत्र में भक्ति और उत्साह का माहौल बना रहा। प्रशासन एवं ग्रामीणों के सहयोग से शोभायात्रा शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुई।1
- प्राचीन उमेडंडा तालाब के पावन घाट पर सरदीय छठ पूजा का समापन बुधवार को हुआ। सुबह के उजाले में उगते सूर्य को अर्घ्य चढ़ाते ही आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। सैकड़ों व्रतियों ने 36 घंटे के कठिन उपवास के बाद यह पावन पर्व संपन्न किया, जो प्रकृति पूजा और पारिवारिक एकता का अनुपम प्रतीक है। स्थानीय पुजारी रविंद्र मिश्रा ने समस्त पूजन विधि का नेतृत्व किया। हवन के मंत्रोच्चार के बीच व्रतियों को आशीर्वाद दिया गया। उन्होंने बताया कि उमेडंडा छठ घाट पर स्थित प्राचीन शिव मंदिर और शिवलिंग आस्था के प्रतीक हैं। इस मंदिर से जागृत देवी-देवता की सकारात्मक ऊर्जा आसपास1
- अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य के साथ चतरा के पत्थलगडा में उमड़ा आस्था का सैलाब अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य अर्पित करने के लिए पत्थलगड़ा प्रखंड के विभिन्न छठ घाटों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। पूरे क्षेत्र में भक्ति, आस्था और उत्साह का अद्भुत माहौल देखने को मिला। प्रखंड मुख्यालय स्थित बकुलिया नदी घाट सहित पत्थलगड़ा, सिंघानी, बरवाडीह, बुद्ध नदी, चौथा एवं नावाडीह के विभिन्न घाटों पर व्रतियों और श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। अर्घ्य से पूर्व व्रतियों ने पारंपरिक रीति-रिवाजों का पालन करते हुए अपने-अपने घरों से दंडवत करते हुए घाट तक पहुंचकर गहरी आस्था का परिचय दिया। इसके बाद श्रद्धालुओं ने विधिवत पूजा-अर्चना कर अस्ताचलगामी सूर्यदेव को दूध एवं जल से अर्घ्य अर्पित किया। घाटों पर गूंजते लोकगीत, दीपों की जगमगाहट और पारंपरिक छठ गीतों ने वातावरण को पूरी तरह भक्तिमय बना दिया। छठ घाटों पर भगवान सूर्यदेव की विधिपूर्वक पूजा के साथ व्रतियों ने कथा श्रवण भी किया। पूरे आयोजन के दौरान श्रद्धा और अनुशासन का अनोखा संगम देखने को मिला। जिसने क्षेत्र को पूरी तरह आध्यात्मिक रंग में रंग दिया।1
- विश्व जल दिवस के अवसर पर “जहाँ पानी बहता है, वहाँ समानता बढ़ती है” थीम के अंतर्गत संत जेवियर महाविद्यालय, महुआडांड़ में एक व्यापक जल जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर महाविद्यालय के विद्यार्थियों एवं शिक्षकों ने मिलकर जल संरक्षण और लैंगिक समानता के महत्व को समाज तक पहुँचाने का सराहनीय प्रयास किया। कार्यक्रम के अंतर्गत महाविद्यालय प्रांगण से एक विशाल रैली निकाली गई, जो कॉलेज गेट, आर.पी.एस. स्कूल होते हुए राजडंडा गाँव तक पहुँची। रैली में शामिल विद्यार्थियों ने “जल है तो कल है”, “जल बचाओ, जीवन बचाओ” और “समान जल, समान अधिकार” जैसे प्रभावशाली नारों के माध्यम से लोगों को जागरूक किया। विद्यार्थियों के हाथों में संदेश लिखे पोस्टर एवं बैनर थे, जो जल संरक्षण के साथ-साथ समाज में समानता की आवश्यकता को भी दर्शा रहे थे। इस कार्यक्रम का नेतृत्व प्रो. शेफाली प्रकाश, प्रो. रोजी सुष्मिता, प्रो. शालिनी बाड़ा एवं प्रो. अंशु अंकिता ने किया। अपने संबोधन में प्रो. शालिनी बाड़ा ने कहा कि जल संकट का सबसे अधिक प्रभाव महिलाओं और ग्रामीण समुदायों पर पड़ता है, इसलिए जल संरक्षण के साथ-साथ इसके समान वितरण पर विशेष ध्यान देना आवश्यक है। प्रो. अंशु अंकिता ने कहा, “जल केवल एक संसाधन नहीं, बल्कि प्रत्येक जीवन का मूल अधिकार है—इसे बचाना और समान रूप से बाँटना हम सभी की जिम्मेदारी है।” वहीं, प्रो. शेफाली प्रकाश ने जल के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि “जल केवल जीवन का आधार ही नहीं, बल्कि स्वास्थ्य, स्वच्छता और सामाजिक विकास का प्रमुख साधन भी है।” महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. फादर एम. के. जोस ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि यदि आज हम जल संरक्षण के प्रति सजग नहीं हुए, तो भविष्य में गंभीर संकट का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने सभी को जल के विवेकपूर्ण उपयोग और संरक्षण के लिए प्रेरित किया। रैली के दौरान विद्यार्थियों ने ग्रामीणों को जल के सही उपयोग, वर्षा जल संचयन तथा जल स्रोतों की सुरक्षा के विषय में जानकारी दी और जल संरक्षण का संकल्प लेने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर महाविद्यालय के उपप्राचार्य फादर समीर टोप्पो, फादर लियो, सिस्टर चन्द्रोदया, फादर राजीप, प्रो. मनीषा, प्रो. बंसति, प्रो. अंकिता, प्रो. आदिति, प्रो. रेचेल, प्रो. सुष्मिता, प्रो. सुकुट, प्रो. रोनित, प्रो. शशि, प्रो. मन्नू, प्रो. जामेश, प्रो. मोनिका सहित बड़ी संख्या में विद्यार्थी एवं कर्मचारीगण उपस्थित थे। अंततः यह कार्यक्रम न केवल पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने में सफल रहा, बल्कि समाज को यह महत्वपूर्ण संदेश देने में भी प्रभावी सिद्ध हुआ कि जल का समान उपयोग ही सच्चे अर्थों में समानता और समृद्धि की आधारशिला है।5
- रामप्रवेश गुप्ता **हनुमान चालीसा और आरती के साथ समापन* *प्रशासन और पुलिस बल का जताया आभार* महुआडाँड़ की सड़कों पर मंगलवार को भक्ति, शक्ति और शौर्य का अनूठा संगम देखने को मिला। बजरंग दल और महावीर मंडल के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित ऐतिहासिक 'मंगला जुलूस' का भव्य आयोजन किया गया। पिछले 30 वर्षों की गौरवशाली परंपरा को जीवंत करते हुए सैंकड़ो की संख्या में रामभक्त और दुर्गा वाहिनी की बहनें सड़कों पर उतरीं, जिससे पूरा प्रखंड भक्तिमय हो गया। *हनुमान चालीसा और आरती के साथ समापन* नगर भ्रमण के बाद यह भव्य जुलूस स्थानीय महावीर मंदिर पहुँचकर संपन्न हुआ। मंदिर परिसर में सामूहिक रूप से हनुमान चालीसा का पाठ किया गया और भव्य आरती उतारी गई। महाआरती के बाद उपस्थित श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण किया गया। आयोजन समिति ने बताया कि 30 साल पहले शुरू हुआ यह संकल्प आज एक विशाल वटवृक्ष का रूप ले चुका है। *शौर्य का प्रदर्शन: दुर्गा वाहिनी की बहनों ने दिखाया उत्साह* जुलूस की सबसे खास बात दुर्गा वाहिनी की बहनों की भारी उपस्थिति रही। पारंपरिक परिधानों में सजीं और हाथों में भगवा ध्वज लिए इन बहनों का उत्साह देखते ही बन रहा था। रामभक्तों की टोली ढोल-नगाड़ों और ताशों की थाप पर शौर्य प्रदर्शन करते हुए जयकारे लगा रही थी। मार्ग को पूरी तरह से केसरिया ध्वजों और स्वागत द्वारों से सजाया गया था। *प्रशासन और पुलिस बल का जताया आभार* जुलूस के सफल और शांतिपूर्ण समापन पर आयोजन समिति के सदस्यों ने जिला एवं स्थानीय प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया। समिति ने जिले के उपायुक्त (DC), पुलिस अधीक्षक (SP) सहित महुआडाँड़ थाना प्रभारी मनोज कुमार एवं सभी पुलिस अधिकारियों व कर्मियों को मुस्तैद सुरक्षा व्यवस्था के लिए विशेष रूप से बधाई दी है। प्रशासन की सतर्कता के कारण ही यह विशाल आयोजन शांति और सद्भाव के साथ संपन्न हुआ। *आस्था का महाकुंभ* इस 'मंगला जुलूस' में केवल स्थानीय लोग ही नहीं, बल्कि आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे थे। बजरंग दल के विभाग संयोजक सुरज साहू ने कहा, "यह केवल एक जुलूस नहीं, बल्कि महुआडाँड़ की अटूट आस्था का प्रतीक है।" 4
- Post by Sanjay kumar1