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मध्य प्रदेश के तेंदूखेड़ा में स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, जो तीन जिलों की सीमा पर स्थित है, वर्तमान में 'भगवान भरोसे' चल रहा है। इस महत्वपूर्ण स्वास्थ्य केंद्र का संचालन केवल दो डॉक्टरों और तीन स्टाफ नर्सों के सहारे हो रहा है, जिसके कारण मरीजों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
Dharmendra sahu
मध्य प्रदेश के तेंदूखेड़ा में स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, जो तीन जिलों की सीमा पर स्थित है, वर्तमान में 'भगवान भरोसे' चल रहा है। इस महत्वपूर्ण स्वास्थ्य केंद्र का संचालन केवल दो डॉक्टरों और तीन स्टाफ नर्सों के सहारे हो रहा है, जिसके कारण मरीजों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
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- मध्य प्रदेश के तेंदूखेड़ा में स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, जो तीन जिलों की सीमा पर स्थित है, वर्तमान में 'भगवान भरोसे' चल रहा है। इस महत्वपूर्ण स्वास्थ्य केंद्र का संचालन केवल दो डॉक्टरों और तीन स्टाफ नर्सों के सहारे हो रहा है, जिसके कारण मरीजों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।1
- सागर ज़िले के गौरझामर शासकीय अस्पताल में गैलरी की छत गिर गई है, जिससे वहाँ की स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। अस्पताल में डॉक्टरों की कमी एक बड़ी समस्या बनी हुई है; इस कमी पर विभागीय अधिकारियों द्वारा यह कहकर टालमटोल की जाती रही है कि ओपीडी नहीं होती। हालांकि, प्रमुख चिकित्सक के अनुसार, आज से ही अस्पताल में मरीज मौजूद थे, लेकिन उस समय कोई भी चिकित्सक उपस्थित नहीं था। यह गौरझामर क्षेत्र के 70 टोलों और 30 से अधिक पंचायतों के लिए एकमात्र चिकित्सा स्थल है। विभागीय कर्मचारियों ने यह जानकारी दी है कि आज से अस्पताल में एमबीबीएस चिकित्सक मौजूद रहेंगे। इस पूरी स्थिति को लेकर मरीज और उनके परिजन अपनी परेशानी और शिकायतें व्यक्त कर रहे हैं।2
- सागर जिले के देवरी नगर में पत्रकारिता को एक नई दिशा और पहचान देने के उद्देश्य से रविवार को नगरपालिका चौराहा स्थित साहित्यिक भवन में पत्रकार कल्याण परिषद की विशेष बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में देवरी नगर के साथ-साथ आसपास के ग्रामीण अंचलों से भी बड़ी संख्या में पत्रकारों ने भाग लिया, जहाँ पत्रकारों के हितों की रक्षा, सुरक्षा, सम्मान, सामाजिक और आर्थिक कल्याण, संगठन के विस्तार, और पत्रकारिता की गरिमा बनाए रखने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक का मुख्य आकर्षण पत्रकार कल्याण परिषद की नई कार्यकारिणी का सर्वसम्मति से गठन रहा। वरिष्ठ पदाधिकारियों ने अपने संबोधन में पत्रकारों को लोकतंत्र का चौथा स्तंभ बताते हुए समाज और शासन-प्रशासन के बीच संवाद स्थापित करने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि निष्पक्ष, निर्भीक और तथ्यात्मक समाचारों के माध्यम से समाज को जागरूक करने वाले पत्रकारों की सुरक्षा, सम्मान और अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। बैठक में यह भी बताया गया कि पत्रकारिता वर्तमान में कई चुनौतियों का सामना कर रही है, खासकर डिजिटल मीडिया, सोशल मीडिया और तकनीकी संसाधनों के बढ़ते उपयोग के कारण। ऐसे में पत्रकारों को नई तकनीकों से जोड़ने और उन्हें नियमित प्रशिक्षण देने की आवश्यकता है ताकि वे आधुनिक पत्रकारिता की चुनौतियों का प्रभावी ढंग से सामना कर सकें। इस अवसर पर पत्रकार कल्याण परिषद की नई कार्यकारिणी का सर्वसम्मति से गठन किया गया, जिसमें नितिन ठाकुर को अध्यक्ष, अनुराग विश्वकर्मा को उपाध्यक्ष, प्रवीण पाठक को सचिव, राकेश यादव को सहसचिव और संतोष विश्वकर्मा को कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई। नवगठित कार्यकारिणी का उपस्थित पत्रकारों ने तालियों से स्वागत किया। नवनियुक्त पदाधिकारियों ने आश्वासन दिया कि वे पत्रकारों के हितों की रक्षा, संगठन के विस्तार और पत्रकारिता की गरिमा बनाए रखने के लिए पूरी निष्ठा और ईमानदारी से काम करेंगे। बैठक में पत्रकार सहायता कोष के गठन, आकस्मिक परिस्थितियों में आर्थिक सहायता, सदस्यता अभियान को गति देने, संगठन के विस्तार, युवा पत्रकारों को जोड़ने और समय-समय पर प्रशिक्षण शिविर आयोजित करने जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर भी चर्चा हुई। वरिष्ठ पदाधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी पत्रकार के साथ अन्याय या कठिनाई होने पर पत्रकार कल्याण परिषद पूरी मजबूती के साथ उनके साथ खड़ी रहेगी और उनकी समस्याओं को शासन-प्रशासन तक प्रभावी ढंग से पहुँचाने का कार्य करेगी। बैठक में संगठन की एकजुटता पर विशेष जोर दिया गया और सभी पत्रकारों से व्यक्तिगत मतभेदों से ऊपर उठकर पत्रकारिता के मूल्यों और समाजहित को प्राथमिकता देने का आह्वान किया गया। कार्यक्रम के समापन पर, उपस्थित सभी पत्रकारों ने संगठन की मजबूती, पत्रकारों की सुरक्षा, सम्मान और अधिकारों की रक्षा के लिए मिलकर काम करने का संकल्प लिया। देवरी के लाल साहब लोधी, मनोज स्वामी, अभिषेक गुप्ता, दीपक चौरसिया, मुवीन खाँ, संतोष विश्वकर्मा, भूपेंद्र राजपूत, त्रिवेंद्र जाट, मोती गौंड, सौरभ नगरिया, अमित राजपूत, परसुराम साहू, विपिन शर्मा, भरत ठाकुर, सोनू प्रजापति, नीरज जैन, रामबाबू पटेल, आशुतोष दुबे, कुलदीप नामदेव, अमित तिवारी सहित बड़ी संख्या में पत्रकार उपस्थित रहे। इस बैठक ने यह संदेश दिया कि पत्रकारों की एकजुटता ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है, और पत्रकार कल्याण परिषद के गठन से देवरी में पत्रकारिता को एक नई पहचान और ऊर्जा मिली है।3
- राष्ट्रीय किसान मजदूर संघ के बैनर तले तेन्दूखेडा में किसानों ने एक विशाल आंदोलन किया है। यह प्रदर्शन समर्थन मूल्य पर मूँग की खरीदी की माँग को लेकर किया गया।1
- Post by Raj Thakur1
- राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ की नरसिंहपुर इकाई ने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन कलेक्टर के माध्यम से सौंपा है। इस ज्ञापन में नरसिंहपुर जिले और प्रदेश के किसानों की कई महत्वपूर्ण समस्याओं और मांगों को प्रमुखता से उठाया गया है, जिनके समाधान के लिए महासंघ ने राज्य सरकार को एक सप्ताह का अल्टीमेटम दिया है। महासंघ की प्रमुख मांगों में खाद वितरण की ई-टोकन प्रणाली को तुरंत बंद करना, खाद की बढ़ी हुई कीमतों को कम करना और जिले में पर्याप्त खाद की उपलब्धता सुनिश्चित करना शामिल है। इसके साथ ही, मूंग खरीदी के लिए पर्याप्त वेयरहाउस, खरीद केंद्रों की संख्या दोगुनी करने और तौल कांटों व बारदाने की उचित व्यवस्था करने की मांग की गई है। किसानों का लंबित भुगतान सुनिश्चित करने के लिए 'महाकौशल बचई शुगर मिल' और 'आर आर एग्रो खांडसारी मिल, बड़गुवा' से ब्याज सहित जल्द भुगतान कराने की मांग उठाई गई है, तथा नरसिंहपुर और गोटेगांव तहसील में सरकारी शुगर मिल स्थापित करने की भी मांग की गई है। अन्य मांगों में जंगली सूअरों से फसलों को होने वाले नुकसान पर रोक लगाने के लिए नीति बनाना, नहरों के मेंटेनेंस हेतु राशि जारी करना और विद्युत आपूर्ति को 12 घंटे तक बढ़ाना शामिल है। इसके अलावा, किसानों ने समर्थन मूल्य पर खरीद की गारंटी, मंडियों का विस्तार, कृषि यंत्रों पर जीएसटी में छूट और खेत सड़क योजना को फिर से शुरू करने की भी मांग की है। किसान मजदूर महासंघ नरसिंहपुर के ऋषिराज पटेल ने स्पष्ट किया है कि यदि एक सप्ताह के भीतर इन मांगों का निराकरण नहीं हुआ, तो नरसिंहपुर जिले सहित पूरे प्रदेश में उग्र आंदोलन, अनशन, ट्रैक्टर मार्च और चक्का जाम किया जाएगा, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी मध्य प्रदेश शासन की होगी।3
- मध्य प्रदेश के रायसेन जिले के सांची स्थित एक अवैध कॉलोनी के निवासियों ने शिवराज सिंह चौहान के काफिले को रोककर अपना रोष व्यक्त किया। इन रहवासियों का कहना है कि वे पिछले 10 सालों से सड़क, बिजली और पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं और उनका यह इंतज़ार अभी तक खत्म नहीं हुआ है। लंबे समय से चली आ रही इस उपेक्षा के कारण अब वे केवल न्याय और व्यवस्था की मांग कर रहे हैं।1
- मध्य प्रदेश के सागर जिले में सर्वजीत सिंह लोधी के समर्थन में एक प्रदर्शन आयोजित किया गया।1