अयाना थाना परिसर में सीमा परिहार की रील वायरल, सुरक्षा और नियमों पर उठे सवाल पूर्व डकैत से नेता बनी सीमा परिहार एक बार फिर चर्चा में हैं। इस बार वजह बना है उनका एक इंस्टाग्राम रील वीडियो, जो अयाना थाना परिसर से बनाया गया बताया जा रहा है। वायरल वीडियो में सीमा परिहार फोन पर बात करती नजर आ रही हैं, जबकि पीछे थाना भवन साफ दिखाई दे रहा है। इस वीडियो के सामने आने के बाद कई सवाल खड़े हो गए हैं। थाना परिसर जैसे संवेदनशील स्थान पर वीडियो शूटिंग कैसे हुई? क्या इसके लिए प्रशासन से अनुमति ली गई थी या यह बिना जानकारी के बनाया गया? सबसे बड़ा सवाल यह भी है कि क्या पुलिस की मौजूदगी में यह शूटिंग हुई या फिर सुरक्षा में चूक हुई? सोशल मीडिया पर वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है और लोगों के बीच इसको लेकर बहस तेज हो गई है। कुछ लोग इसे सुरक्षा में लापरवाही मान रहे हैं, तो कुछ नियमों के उल्लंघन की बात कर रहे हैं। फिलहाल प्रशासन की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन यह घटना सुरक्षा व्यवस्था और नियमों के पालन को
अयाना थाना परिसर में सीमा परिहार की रील वायरल, सुरक्षा और नियमों पर उठे सवाल पूर्व डकैत से नेता बनी सीमा परिहार एक बार फिर चर्चा में हैं। इस बार वजह बना है उनका एक इंस्टाग्राम रील वीडियो, जो अयाना थाना परिसर से बनाया गया बताया जा रहा है। वायरल वीडियो में सीमा परिहार फोन पर बात करती नजर आ रही हैं, जबकि पीछे थाना भवन साफ दिखाई दे रहा है। इस वीडियो के सामने आने के बाद कई सवाल खड़े हो गए हैं। थाना परिसर जैसे संवेदनशील स्थान पर वीडियो शूटिंग कैसे हुई? क्या इसके लिए प्रशासन से अनुमति ली गई थी या यह बिना जानकारी के बनाया गया? सबसे बड़ा सवाल यह भी है कि क्या पुलिस की मौजूदगी में यह शूटिंग हुई या फिर सुरक्षा में चूक हुई? सोशल मीडिया पर वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है और लोगों के बीच इसको लेकर बहस तेज हो गई है। कुछ लोग इसे सुरक्षा में लापरवाही मान रहे हैं, तो कुछ नियमों के उल्लंघन की बात कर रहे हैं। फिलहाल प्रशासन की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन यह घटना सुरक्षा व्यवस्था और नियमों के पालन को
- पूर्व डकैत से नेता बनी सीमा परिहार एक बार फिर चर्चा में हैं। इस बार वजह बना है उनका एक इंस्टाग्राम रील वीडियो, जो अयाना थाना परिसर से बनाया गया बताया जा रहा है। वायरल वीडियो में सीमा परिहार फोन पर बात करती नजर आ रही हैं, जबकि पीछे थाना भवन साफ दिखाई दे रहा है। इस वीडियो के सामने आने के बाद कई सवाल खड़े हो गए हैं। थाना परिसर जैसे संवेदनशील स्थान पर वीडियो शूटिंग कैसे हुई? क्या इसके लिए प्रशासन से अनुमति ली गई थी या यह बिना जानकारी के बनाया गया? सबसे बड़ा सवाल यह भी है कि क्या पुलिस की मौजूदगी में यह शूटिंग हुई या फिर सुरक्षा में चूक हुई? सोशल मीडिया पर वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है और लोगों के बीच इसको लेकर बहस तेज हो गई है। कुछ लोग इसे सुरक्षा में लापरवाही मान रहे हैं, तो कुछ नियमों के उल्लंघन की बात कर रहे हैं। फिलहाल प्रशासन की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन यह घटना सुरक्षा व्यवस्था और नियमों के पालन को1
- सदर कोतवाली क्षेत्र के ग्राम धीरजपुर में एक दर्दनाक सड़क हादसे में महिला की मौत हो गई। ग्राम निवासी सरोज पत्नी रमेश चंद्र सड़क पार कर रही थीं, तभी तेज रफ्तार बाइक सवार ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि वह सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गईं। घटना के बाद मौके पर मौजूद राहगीरों ने तत्परता दिखाते हुए एंबुलेंस को सूचना दी और घायल महिला को उपचार के लिए औरैया के 50 सैया अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में मौजूद डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उनकी हालत को नाजुक देखते हुए उन्हें बेहतर इलाज के लिए चिचोली रेफर कर दिया। बताया जा रहा है कि चिचोली में इलाज के दौरान शनिवार की दोपहर करीब 12 बजे सरोज ने दम तोड़ दिया। इस घटना से परिजनों में कोहराम मच गया है और गांव में शोक की लहर दौड़ गई है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू की। पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। साथ ही बाइक सवार की तलाश भी शुरू कर दी गई है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।1
- Post by Kanhaiya lal1
- औरैया जिले के विकासखंड एरवाकटरा क्षेत्र के थाना कुदरकोट में आगामी 14 अप्रैल को मनाई जाने वाली संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती के दृष्टिगत पीस कमेटी की बैठक आयोजित की गई। यह बैठक शुक्रवार को थाना परिसर में पुलिस अधीक्षक अभिषेक भारती के निर्देशन में थानाध्यक्ष अमर बहादुर सिंह की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में क्षेत्र के ग्राम प्रधान, समाजसेवी एवं डीजे संचालक प्रमुख रूप से मौजूद रहे। बैठक के दौरान थाना क्षेत्र में स्थापित डॉ. अंबेडकर की प्रतिमाओं की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। थानाध्यक्ष ने सभी उपस्थित लोगों से सीधे संवाद करते हुए आपसी भाईचारा, सामाजिक सौहार्द और शांतिपूर्ण वातावरण में जयंती मनाने की अपील की। उन्होंने बताया कि सभी प्रमुख स्थलों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने की योजना पर भी विचार किया जा रहा है, जिससे सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जा सके। इस अवसर पर सुरक्षा समिति के सदस्यों, ग्राम प्रधानों और अन्य जिम्मेदार व्यक्तियों को उनकी भूमिका के बारे में अवगत कराया गया। साथ ही उच्चाधिकारियों के निर्देशों की जानकारी देते हुए कहा गया कि किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। थानाध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि जयंती के दौरान पुलिस पूरी तरह सतर्क रहेगी और किसी भी असामाजिक तत्व द्वारा माहौल बिगाड़ने की कोशिश पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।1
- लखना (इटावा)। विकास खंड महेवा क्षेत्र के प्रसिद्ध प्राचीन हनुमान मंदिर, नया नहर पुल लखना पर श्रीमद्भागवत कथा के उपलक्ष्य में विशाल भंडारे की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। इस धार्मिक आयोजन में करीब पांच से सात हजार श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद की व्यवस्था की जा रही है, जिसे लेकर क्षेत्र में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। भंडारे की सबसे खास बात यह है कि यहां आधुनिक गैस सिलेंडरों की जगह पूरी तरह पारंपरिक तरीकों को अपनाया जा रहा है। जमीन में विशेष रूप से भटिया (चूल्हे) तैयार कर लकड़ियों की आंच पर बड़े-बड़े भगोनों में सब्जी, मालपुआ और खीर बनाई जा रही है। इस पारंपरिक विधि से बनने वाले प्रसाद में ग्रामीण संस्कृति की सोंधी खुशबू साफ महसूस हो रही है। सुबह से ही गांव के लोग और स्वयंसेवकों की टीमें भोजन बनाने, प्रसाद वितरण और अन्य व्यवस्थाओं में जुटी हुई हैं। आयोजन समिति के अनुसार, दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं और साधु-संतों के लिए विशेष व्यवस्था की गई है, ताकि सभी को सुचारु रूप से प्रसाद मिल सके। इसके साथ ही भंडारे में साफ-सफाई, पेयजल और बैठने की समुचित व्यवस्था भी सुनिश्चित की जा रही है, जिससे किसी भी श्रद्धालु को असुविधा का सामना न करना पड़े। आयोजक पवन तिवारी(गुरु)ने बताया कि गैस की किल्लत को देखते हुए व प्रकृति चूल्हा निर्मित प्रसाद की बात ही कुछ और है । स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसे धार्मिक आयोजन न केवल आस्था को मजबूत करते हैं, बल्कि समाज में आपसी भाईचारा और एकता की भावना को भी बढ़ावा देते हैं।1
- विद्यालयों में चोरी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश, चार गिरफ्तार इटावा। जनपद के विभिन्न प्राथमिक व कंपोजिट विद्यालयों में चोरी की घटनाओं को अंजाम देने वाले शातिर गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश कर चार अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। उनके कब्जे से भारी मात्रा में चोरी किया गया सामान, चोरी में प्रयुक्त औजार व अवैध असलहे बरामद किए गए हैं। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में एसओजी/सर्विलांस टीम और थाना सिविल लाइन पुलिस की संयुक्त टीम ने गुरुवार रात लॉयन सफारी रोड पर एक निर्माणाधीन मकान से चारों आरोपियों को उस समय गिरफ्तार किया, जब वे चोरी की योजना बना रहे थे। पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे सुनसान क्षेत्रों में स्थित विद्यालयों को निशाना बनाते थे और छुट्टियों के दौरान चोरी करते थे, ताकि घटना की जानकारी देर से हो। गिरोह के सदस्य पहले विद्यालयों की रेकी करते थे, फिर वारदात को अंजाम देकर इनवर्टर, टीवी, कंप्यूटर, पंखे, गैस सिलेंडर व मिड-डे-मिल का सामान चोरी कर लेते थे। चोरी के सामान को ई-रिक्शा व मोटरसाइकिल से ले जाकर छिपा दिया जाता था और बाद में एक साथ बेचकर आपस में बांट लेते थे।1
- औरैया में,नई दिल्ली, 10 अप्रैल 2026 हर वर्ष 10 अप्रैल को विश्व होम्योपैथिक दिवस (World Homeopathy Day) मनाया जाता है। यह दिन होम्योपैथी चिकित्सा पद्धति के जनक जर्मन चिकित्सक डॉ. सैमुअल हैहनिमैन की जयंती के रूप में मनाया जाता है। इस वर्ष भी देशभर में विभिन्न कार्यक्रमों, सेमिनार और जागरूकता अभियानों के माध्यम से इस दिन को मनाया गया। मुख्य उद्देश्य लोगों में होम्योपैथिक इलाज और दवाओं के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा इस चिकित्सा पद्धति के बारे में सही जानकारी पहुंचाना है। डॉक्टर ओमवीर सिंह ने बताया, हम पहले भी चर्चा कर चुके हैं कि भारत में होम्योपैथी की लोकप्रियता काफी अधिक है। पूनानी और आयुर्वेद की तरह होम्योपैथिक चिकित्सा पद्धति भी भारत सरकार द्वारा पूरी तरह मान्यता प्राप्त है। आयुष मंत्रालय के अंतर्गत इसे लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। भारत दुनिया के सबसे बड़े होम्योपैथिक दवाओं के उपयोगकर्ताओं में से एक है। देश के हर कोने में हजारों सरकारी और निजी होम्योपैथिक क्लीनिक तथा अस्पताल संचालित हो रहे हैं। होम्योपैथी कैसे काम करती है। होम्योपैथी “सिमिलिया सिमिलिबस क्यूरेंटुर” (Like cures like) के सिद्धांत पर काम करती है। इसमें अत्यंत सूक्ष्म मात्रा में दवाएं दी जाती हैं, जो बीमारी के लक्षणों को उत्तेजित करके शरीर की प्राकृतिक प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करती हैं। सही तरीके से उपयोग करने पर यह कई पुरानी और पुरानी बीमारियों जैसे एलर्जी, अस्थमा, त्वचा रोग, जोड़ों का दर्द, माइग्रेन, थायरॉइड, बाल झड़ना और बच्चों की बीमारियों में प्रभावी मानी जाती है। सरकारी प्रयास आयुष मंत्रालय होम्योपैथी को मुख्यधारा की चिकित्सा से जोड़ने के लिए लगातार काम कर रहा है। देशभर में होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज, अनुसंधान संस्थान और मोबाइल क्लीनिक चलाए जा रहे हैं। सरकार का मानना है कि होम्योपैथी सस्ती, सुरक्षित और साइड इफेक्ट्स से लगभग मुक्त होने के कारण आम जनता के लिए बेहद उपयोगी है। विश्व होम्योपैथिक दिवस के अवसर पर विशेषज्ञों ने अपील की है कि लोग योग्य और पंजीकृत होम्योपैथिक चिकित्सकों से ही इलाज करवाएं और दवाओं का स्वयं सेवन न करें। सही तरीके से उपयोग करने पर होम्योपैथी न सिर्फ बीमारी का इलाज आसान बनाती है बल्कि समग्र स्वास्थ्य सुधारने में भी मदद करती है। इस दिन देशभर में होम्योपैथी शिविर, फ्री कंसल्टेशन और जागरूकता वेबिनार आयोजित किए गए, जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।1
- औरैया। रुक्मणि देवी निषाद (प्रदेश अध्यक्ष, समाजवादी पार्टी महिला सभा) ने निषाद समाज के मुद्दों को लेकर बड़ा बयान दिया है। खुद को फूलन देवी की बहन बताते हुए उन्होंने कहा कि उनके समाज के साथ वर्षों से अन्याय होता आ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि निषाद समाज की बड़ी आबादी होने के बावजूद उन्हें न तो उचित अधिकार मिल रहे हैं और न ही सम्मान। आगामी 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर उन्होंने समाज से एकजुट होकर समाजवादी पार्टी के पक्ष में वोट करने की अपील की और अखिलेश यादव को मुख्यमंत्री बनाने की बात कही। रुक्मणि देवी निषाद ने वर्तमान सरकार पर निशाना साधते हुए बुलडोजर कार्रवाई, पुलिस अत्याचार और आरक्षण न देने जैसे आरोप लगाए। साथ ही संजय निषाद पर परिवारवाद का आरोप लगाते हुए कहा कि उनके परिवार को ही राजनीतिक लाभ मिल रहा है। उन्होंने निषाद समाज से अपील की कि वे “गद्दारों से सावधान रहें” और अपने हक और सम्मान के लिए एकजुट होकर मतदान करें।1