हिसार जिले के बरवाला क्षेत्र के गांव ढाणी खान बहादुर की 19 वर्षीय छात्रा सिमरन ने रविवार को कथित रूप से कीटनाशक का सेवन कर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। मेडिकल क्षेत्र में अपना करियर बनाने का सपना देख रही सिमरन इससे पहले दो बार नीट (NEET) परीक्षा दे चुकी थी और पढ़ाई को लेकर काफी गंभीर थी। उसके पिता रोहताश ने बताया कि वह परीक्षा की तैयारी में जुटी हुई थी। परिजनों के अनुसार, रविवार सुबह सिमरन की तबीयत अचानक बिगड़ी, जिस पर पूछताछ करने पर उसने कीटनाशक पीने की बात बताई। गंभीर हालत में उसे तुरंत हिसार के एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहाँ चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस घटना से पूरा परिवार गहरे सदमे में है, और उन्होंने दिवंगत आत्मा की शांति तथा शोक संतप्त परिवार को इस दुख को सहन करने की शक्ति देने की प्रार्थना की। इस दुखद घटना के साथ ही, यह संदेश भी दिया गया है कि यदि कोई विद्यार्थी मानसिक तनाव, परीक्षा के दबाव या निराशा का सामना कर रहा है, तो उसे अपने परिवार, मित्रों, शिक्षकों या विशेषज्ञों से अवश्य बात करनी चाहिए। इस बात पर जोर दिया गया कि हर समस्या का समाधान संभव है और जीवन अमूल्य है।
हिसार जिले के बरवाला क्षेत्र के गांव ढाणी खान बहादुर की 19 वर्षीय छात्रा सिमरन ने रविवार को कथित रूप से कीटनाशक का सेवन कर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। मेडिकल क्षेत्र में अपना करियर बनाने का सपना देख रही सिमरन इससे पहले दो बार नीट (NEET) परीक्षा दे चुकी थी और पढ़ाई को लेकर काफी गंभीर थी। उसके पिता रोहताश ने बताया कि वह परीक्षा की तैयारी में जुटी हुई थी। परिजनों के अनुसार, रविवार सुबह सिमरन की तबीयत अचानक बिगड़ी, जिस पर पूछताछ करने पर उसने कीटनाशक पीने की बात बताई। गंभीर हालत में उसे तुरंत हिसार के एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहाँ चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस घटना से पूरा परिवार गहरे सदमे में है, और उन्होंने दिवंगत आत्मा की शांति तथा शोक संतप्त परिवार को इस दुख को सहन करने की शक्ति देने की प्रार्थना की। इस दुखद घटना के साथ ही, यह संदेश भी दिया गया है कि यदि कोई विद्यार्थी मानसिक तनाव, परीक्षा के दबाव या निराशा का सामना कर रहा है, तो उसे अपने परिवार, मित्रों, शिक्षकों या विशेषज्ञों से अवश्य बात करनी चाहिए। इस बात पर जोर दिया गया कि हर समस्या का समाधान संभव है और जीवन अमूल्य है।
- उचाना उपमंडल कार्यालय के सभागार में विधायक देवेंद्र चतरभुज अत्री ने विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ विकास कार्यों की समीक्षा बैठक की। इस दौरान विधायक पूरी तरह एक्शन मोड में नज़र आए और उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जनता की समस्याओं के समाधान और विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की सुस्ती बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने ज़ोर दिया कि शिकायतों का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए ताकि लोगों को एक ही कार्य के लिए बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। विधायक अत्री ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की विकास रैली के दौरान उचाना हलके के लिए मंजूर हुई मांगों पर तेज़ी से कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने करसिंधु महाग्राम, छात्तर, नगूरां और अलेवा सहित विभिन्न गांवों में जन स्वास्थ्य विभाग द्वारा किए जा रहे कार्यों की समीक्षा की, साथ ही बिजली निगम और लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के अधिकारियों से भी क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों की प्रगति रिपोर्ट ली। बैठक में विधायक ने अपनी सरकार का उद्देश्य अंत्योदय की भावना को साकार करना बताया और कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है। उन्होंने उचाना की जनता से किए गए विकसित उचाना के वादे को पूरा करने के लिए योजनाबद्ध तरीके से कार्य करने की बात कही। मानसून को देखते हुए, विधायक अत्री ने जन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को जल निकासी व्यवस्था दुरुस्त रखने के विशेष निर्देश दिए, ताकि बारिश के मौसम में कहीं भी जलभराव की स्थिति न बने और लोगों को परेशानी न हो। नहरी पानी से जुड़े मुद्दों पर भी अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए ताकि किसानों और ग्रामीणों को कोई दिक्कत न हो। विधायक ने जन स्वास्थ्य विभाग, नहरी विभाग, बिजली निगम सहित अन्य विभागों के अधिकारियों को जनसंवाद और समाधान शिविरों में प्राप्त शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई करने के निर्देश दिए, यह सुनिश्चित करते हुए कि प्रत्येक समस्या का त्वरित समाधान हो। विधायक अत्री ने बताया कि वह सप्ताह में पांच दिन लोगों के बीच रहते हैं और किसी भी समय फोन पर जनता की समस्याएं सुनने के लिए उपलब्ध हैं, क्योंकि जनता की सेवा करना उनका कर्तव्य है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में प्रदेश विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है और विकसित उचाना का सपना भी जल्द साकार होगा।1
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- धौलपुर जिले के राजाखेड़ा कस्बे में रविवार को राजपूत उत्थान समिति ने एक निजी मैरिज गार्डन में एक भव्य 'प्रतिभा सम्मान समारोह' का आयोजन किया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य समाज के उन प्रतिभाशाली व्यक्तियों को मंच से सम्मानित करना था, जिन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। समारोह की औपचारिक शुरुआत मां सरस्वती और महाराणा प्रताप के चित्रों के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व विधायक मनोरमा सिंह और विशिष्ट अतिथि के रूप में सेवानिवृत्त उप महानिरीक्षक प्रताप सिंह उपस्थित रहे। वक्ताओं ने समारोह को संबोधित करते हुए राजपूत समाज के उत्थान, शिक्षा, रोजगार के अवसरों और सांस्कृतिक संरक्षण पर विस्तार से अपने विचार साझा किए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि युवाओं को आधुनिक शिक्षा ग्रहण करते हुए भी अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़े रहना चाहिए, साथ ही समाज के होनहार बच्चों को हर क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए लगातार प्रेरित किया जाना चाहिए। राजपूत उत्थान समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि समाज के समग्र विकास हेतु ऐसे कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित किए जाते रहेंगे, ताकि प्रतिभाओं को सम्मानित करने के साथ-साथ पूरे समाज को एकजुट कर सामाजिक, शैक्षिक और सांस्कृतिक उत्थान की दिशा में कार्य किया जा सके। इस अवसर पर पूर्व विधायक मनोरमा सिंह और पूर्व डीआईजी प्रताप सिंह के अलावा निवर्तमान पालिका अध्यक्ष वीरेंद्र सिंह जादौन, नागवेन्द्र सिंह चौहान, नवल सिंह, लक्ष्मण सिंह तोमर बैजनाथ, हरेंद्र सिंह, विजेंद्र सिंह, करणपाल सिंह, मनोज राघव, जिहान सिंह, राकेश, चरन सिंह, सूर्यकांत, गिरवर सिंह, सोनू बांकुरे और विष्णु सिंह सहित समाज के बुजुर्गों, युवाओं और महिलाओं ने बड़ी संख्या में शिरकत की। यह कार्यक्रम स्थानीय स्तर पर समाज के लिए नई प्रेरणा साबित हुआ, और राजपूत उत्थान समिति के इस प्रयास की क्षेत्र में व्यापक सराहना की जा रही है।1
- संत रामपाल जी महाराज के अनुयायी 21 जून को ट्विटर X पर एक विशेष सेवा आयोजित कर रहे हैं, जिसका मुख्य उद्देश्य यह प्रचारित करना है कि काशी वाले कबीर ही भगवान हैं। यह सेवा 'कबीर परमेश्वर प्रकट दिवस' के अवसर पर की जा रही है, जिसके तहत मालिक की दया से यह ज्ञान सभी तक पहुँचाया जाएगा। इस अभियान के लिए सेवा से संबंधित तस्वीरें बाद में भेजी जाएंगी। इस सेवा के अंतर्गत दिए गए प्रमुख बिंदुओं में बताया गया है कि संत रामपाल जी के अनुसार, वेदों में परमात्मा का नाम 'कविर्देव' यानी कबीर है। ऋग्वेद मंडल 9, सूक्त 96, मंत्र 17 में वर्णित है कि पूर्ण परमात्मा कविर्देव शिशु रूप में अवतरित होते हैं और कविताओं, दोहों के माध्यम से अपना तत्वज्ञान प्रचारित करते हैं, जिससे वे एक प्रसिद्ध कवि भी कहलाते हैं। यह लीला काशी वाले कबीर जी ने ही की थी, इसलिए उन्हें भगवान बताया गया है। ऋग्वेद मंडल 9 सूक्त 93 मंत्र 2 और ऋग्वेद मंडल 10 सूक्त 4 मंत्र 3, 4 के अनुसार, परमात्मा का किसी माँ से जन्म नहीं होता; वे सशरीर प्रकट होते हैं और सशरीर ही चले जाते हैं। इतिहास गवाह है कि कबीर जी काशी के लहरतारा तालाब में सशरीर प्रकट हुए और मगहर (वर्तमान जिला संत कबीर नगर) से सशरीर गए थे। इसके अतिरिक्त, ऋग्वेद मंडल 9 सूक्त 1 मंत्र 9 में कहा गया है कि शिशु रूप में प्रकट परमात्मा का पालन-पोषण कुंवारी गाय के दूध से होता है, और कबीर सागर, अध्याय ज्ञानसागर, पृष्ठ 74-75 भी इसकी पुष्टि करता है कि कबीर जी का पालन-पोषण कुंवारी गाय के दूध से ही हुआ था। यह सभी प्रमाण वेदों के अनुसार काशी वाले कबीर को भगवान सिद्ध करते हैं। इसी कड़ी में, गुरु ग्रन्थ साहिब, राग ‘‘सिरी‘‘ महला 1, पृष्ठ 24 के शब्द 29 में आदरणीय नानक जी ने सच्चखंड में सृष्टि के रचनहार कबीर परमात्मा को देखने के बाद, उन्हें काशी में धाणक (जुलाहे) की भूमिका करते हुए देखकर 'करतार' यानी सर्व सृष्टि को बनाने वाला भगवान कहा था। संत गरीबदास जी ने भी अपनी वाणियों में स्पष्ट किया है: 'गरीब, हम सुलतानी नानक तारे, दादू कूँ उपदेश दिया। जात जुलाहा भेद न पाया, काशी माहीं कबीर हुआ।।' संत दादू जी ने भी अपनी वाणी में काशी वाले कबीर भगवान के विषय में कहा है: 'जिन मोकुं निज नाम दिया, सोइ सतगुरु हमार। दादू दूसरा कोई नहीं, कबीर सृजन हार।। कबीर कर्ता आप है, दूजा नाहिं कोय। दादू पूरन जगत को, भक्ति दृढावत सोय।।' संत गरीबदास जी ने अमरग्रन्थ साहिब में भी यह स्पष्ट किया है कि परमेश्वर एक कबीर ही हैं और वे ही सकल सृष्टि के सिरजनहार हैं। स्वामी रामानंद जी और कबीर जी समकालीन थे, और कबीर जी उन्हें अपना सांसारिक गुरु मानते थे। उन्हीं रामानंद जी ने भी कहा है कि काशी वाले कबीर ही भगवान हैं: 'बोलत रामानंद जी, सुन कबीर करतार। गरीबदास सब रूप में, तुम हीं बोलन हार।। दोहूँ ठौर है एक तूं, भया एक से दोय। गरीबदास हम कारणे, उतरे हो मग जोय।।' गुरुग्रंथ साहिब के पृष्ठ 721 में आदरणीय नानक जी ने भी 'हक्का कबीर करीम तू, बेएब परवरदिगार। नानक बुगोयद जनु तुरा, तेरे चाकरां पाखाक।।’ कहकर काशी वाले कबीर को भगवान बताया है। संत गरीबदास जी ने अमरग्रन्थ साहिब में यह भी स्पष्ट किया है कि काशी में लगभग 600 वर्ष पूर्व सशरीर प्रकट होने वाले और जुलाहे की भूमिका करने वाले कबीर ही पूर्णब्रह्म जुलाहा यानी भगवान हैं।1
- जुलाना कस्बे की परशुराम धर्मशाला में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान, प्रस्तावित रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) के निर्माण को लेकर कांग्रेस और भाजपा नेताओं के बीच श्रेय लेने की तीखी होड़ देखने को मिली। सोनीपत से कांग्रेस सांसद सतपाल ब्रह्मचारी और हरियाणा समाज कल्याण बोर्ड के चेयरमैन कैप्टन योगेश बैरागी इस मुद्दे पर मंच पर ही आमने-सामने आ गए, जिससे कार्यक्रम का माहौल कुछ देर के लिए गरमा गया। सांसद सतपाल ब्रह्मचारी ने अपने संबोधन में दावा किया कि उन्होंने जुलाना में रेलवे ओवरब्रिज की मांग को लेकर कई बार संसद में आवाज उठाई है, जिसकी पुष्टि लोकसभा की कार्यवाही से की जा सकती है। उन्होंने बताया कि रेलवे फाटक पर लगने वाले लंबे जाम से क्षेत्र के लोगों को भारी परेशानी होती है, और इस ओवरब्रिज के बनने से यातायात सुगम होगा तथा जाम की समस्या से राहत मिलेगी। ब्रह्मचारी ने जोर देकर कहा कि रेलवे मंत्रालय ने उनकी मांग को स्वीकार किया है और रेल मंत्री के पत्र में भी इस मंजूरी का उल्लेख है। उन्होंने इस परियोजना के कार्य में बिना किसी देरी के जल्द से जल्द निर्माण शुरू कराने की मांग की। वहीं, हरियाणा समाज कल्याण बोर्ड के चेयरमैन कैप्टन योगेश बैरागी ने सांसद के दावों का खंडन करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार ने इस परियोजना को पहले ही मंजूरी दे दी थी। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने 19 जुलाई 2025 को रेलवे ओवरब्रिज की मांग को स्वीकृति प्रदान की थी। बैरागी के अनुसार, फिलहाल कुछ औपचारिक प्रक्रियाएं पूरी होनी बाकी हैं, जिनके संपन्न होते ही आगामी दो माह के भीतर करीब 50 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इस ओवरब्रिज का निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा, जो क्षेत्र के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। दोनों नेताओं के बयानों के बाद मंच पर गरमागर्मी बढ़ गई, जिसके बाद सांसद सतपाल ब्रह्मचारी के भाई वजीर गांगोली ने हस्तक्षेप करते हुए कहा कि रेलवे ओवरब्रिज की अंतिम मंजूरी केंद्र सरकार के अधिकार क्षेत्र में आती है और राज्य सरकार अकेले इसे मंजूर नहीं कर सकती। हालांकि, सांसद सतपाल ब्रह्मचारी ने उन्हें अपनी बात पूरी करने से पहले ही रोक दिया। इस अवसर पर पूर्व सांसद रमेश कौशिक, बादली विधायक कुलदीप वत्स, समाजसेविका वृंदा शर्मा, प्रधान देवेंद्र शर्मा, त्रिलोकी शर्मा, सतपाल कौशिक,शिवनारायण शर्मा, गौरव भारद्वाज और धर्मराज शर्मा सहित कई अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।1
- भिवानी जिले में नीट (NEET) परीक्षा का आयोजन किया गया है। यह जानकारी सोशल मीडिया पर सामने आई, जिसमें इस महत्वपूर्ण परीक्षा के भिवानी में संपन्न होने की पुष्टि की गई।1
- हरियाणा के कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा भिवानी पहुँचे हैं।1
- राजाखेड़ा कस्बे में रविवार को 'योगा फॉर हेल्दी ऐजिंग' थीम के साथ 12वां अंतरराष्ट्रीय योग दिवस धूमधाम से मनाया गया। इस उपखण्ड स्तरीय कार्यक्रम का मुख्य आयोजन स्थानीय आदर्श माध्यमिक विद्यालय में हुआ, जहाँ योग प्रशिक्षकों ने विभिन्न योग क्रियाओं का अभ्यास कराया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि राजाखेड़ा तहसीलदार दीप्ति देव ने इस अवसर पर कहा कि आज की भागदौड़ भरी जीवनशैली में स्वस्थ रहने के लिए योग अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि इससे कई गंभीर बीमारियों से बचाव संभव है। उन्होंने योग को भारत की एक प्राचीन पद्धति बताते हुए इसकी वर्तमान समय में बेहद जरूरत पर जोर दिया। तहसीलदार दीप्ति ने सभी लोगों से अपील की कि वे अपनी व्यस्त दिनचर्या में से रोजाना कुछ समय निकालकर सुबह के समय योग अवश्य करें, जिससे शरीर स्वस्थ रहे, ताजगी और स्फूर्ति बनी रहे तथा कार्यक्षमता में भी वृद्धि हो। इसी कड़ी में, राजाखेड़ा थाना परिसर में भी पुलिस जवानों ने योग दिवस मनाया, जहाँ पुलिस उपनिरीक्षक भीम सिंह ने जवानों को विभिन्न योग क्रियाओं का अभ्यास कराया। इस योग दिवस कार्यक्रम में अधिकारियों-कर्मचारियों, स्थानीय नागरिकों और पुलिसकर्मियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।1