धौलपुर जिले के राजाखेड़ा कस्बे में रविवार को राजपूत उत्थान समिति ने एक निजी मैरिज गार्डन में एक भव्य 'प्रतिभा सम्मान समारोह' का आयोजन किया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य समाज के उन प्रतिभाशाली व्यक्तियों को मंच से सम्मानित करना था, जिन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। समारोह की औपचारिक शुरुआत मां सरस्वती और महाराणा प्रताप के चित्रों के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व विधायक मनोरमा सिंह और विशिष्ट अतिथि के रूप में सेवानिवृत्त उप महानिरीक्षक प्रताप सिंह उपस्थित रहे। वक्ताओं ने समारोह को संबोधित करते हुए राजपूत समाज के उत्थान, शिक्षा, रोजगार के अवसरों और सांस्कृतिक संरक्षण पर विस्तार से अपने विचार साझा किए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि युवाओं को आधुनिक शिक्षा ग्रहण करते हुए भी अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़े रहना चाहिए, साथ ही समाज के होनहार बच्चों को हर क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए लगातार प्रेरित किया जाना चाहिए। राजपूत उत्थान समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि समाज के समग्र विकास हेतु ऐसे कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित किए जाते रहेंगे, ताकि प्रतिभाओं को सम्मानित करने के साथ-साथ पूरे समाज को एकजुट कर सामाजिक, शैक्षिक और सांस्कृतिक उत्थान की दिशा में कार्य किया जा सके। इस अवसर पर पूर्व विधायक मनोरमा सिंह और पूर्व डीआईजी प्रताप सिंह के अलावा निवर्तमान पालिका अध्यक्ष वीरेंद्र सिंह जादौन, नागवेन्द्र सिंह चौहान, नवल सिंह, लक्ष्मण सिंह तोमर बैजनाथ, हरेंद्र सिंह, विजेंद्र सिंह, करणपाल सिंह, मनोज राघव, जिहान सिंह, राकेश, चरन सिंह, सूर्यकांत, गिरवर सिंह, सोनू बांकुरे और विष्णु सिंह सहित समाज के बुजुर्गों, युवाओं और महिलाओं ने बड़ी संख्या में शिरकत की। यह कार्यक्रम स्थानीय स्तर पर समाज के लिए नई प्रेरणा साबित हुआ, और राजपूत उत्थान समिति के इस प्रयास की क्षेत्र में व्यापक सराहना की जा रही है।
धौलपुर जिले के राजाखेड़ा कस्बे में रविवार को राजपूत उत्थान समिति ने एक निजी मैरिज गार्डन में एक भव्य 'प्रतिभा सम्मान समारोह' का आयोजन किया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य समाज के उन प्रतिभाशाली व्यक्तियों को मंच से सम्मानित करना था, जिन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। समारोह की औपचारिक शुरुआत मां सरस्वती और महाराणा प्रताप के चित्रों के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व विधायक मनोरमा सिंह और विशिष्ट अतिथि के रूप में सेवानिवृत्त उप महानिरीक्षक प्रताप सिंह उपस्थित रहे। वक्ताओं ने समारोह को संबोधित करते हुए राजपूत समाज के उत्थान, शिक्षा, रोजगार के अवसरों और सांस्कृतिक संरक्षण पर विस्तार से अपने विचार साझा किए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि युवाओं को आधुनिक शिक्षा ग्रहण करते हुए भी अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़े रहना चाहिए, साथ ही समाज के होनहार बच्चों को हर क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए लगातार प्रेरित किया जाना चाहिए। राजपूत उत्थान समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि समाज के समग्र विकास हेतु ऐसे कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित किए जाते रहेंगे, ताकि प्रतिभाओं को सम्मानित करने के साथ-साथ पूरे समाज को एकजुट कर सामाजिक, शैक्षिक और सांस्कृतिक उत्थान की दिशा में कार्य किया जा सके। इस अवसर पर पूर्व विधायक मनोरमा सिंह और पूर्व डीआईजी प्रताप सिंह के अलावा निवर्तमान पालिका अध्यक्ष वीरेंद्र सिंह जादौन, नागवेन्द्र सिंह चौहान, नवल सिंह, लक्ष्मण सिंह तोमर बैजनाथ, हरेंद्र सिंह, विजेंद्र सिंह, करणपाल सिंह, मनोज राघव, जिहान सिंह, राकेश, चरन सिंह, सूर्यकांत, गिरवर सिंह, सोनू बांकुरे और विष्णु सिंह सहित समाज के बुजुर्गों, युवाओं और महिलाओं ने बड़ी संख्या में शिरकत की। यह कार्यक्रम स्थानीय स्तर पर समाज के लिए नई प्रेरणा साबित हुआ, और राजपूत उत्थान समिति के इस प्रयास की क्षेत्र में व्यापक सराहना की जा रही है।
- जुलाना कस्बे की परशुराम धर्मशाला में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान, प्रस्तावित रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) के निर्माण को लेकर कांग्रेस और भाजपा नेताओं के बीच श्रेय लेने की तीखी होड़ देखने को मिली। सोनीपत से कांग्रेस सांसद सतपाल ब्रह्मचारी और हरियाणा समाज कल्याण बोर्ड के चेयरमैन कैप्टन योगेश बैरागी इस मुद्दे पर मंच पर ही आमने-सामने आ गए, जिससे कार्यक्रम का माहौल कुछ देर के लिए गरमा गया। सांसद सतपाल ब्रह्मचारी ने अपने संबोधन में दावा किया कि उन्होंने जुलाना में रेलवे ओवरब्रिज की मांग को लेकर कई बार संसद में आवाज उठाई है, जिसकी पुष्टि लोकसभा की कार्यवाही से की जा सकती है। उन्होंने बताया कि रेलवे फाटक पर लगने वाले लंबे जाम से क्षेत्र के लोगों को भारी परेशानी होती है, और इस ओवरब्रिज के बनने से यातायात सुगम होगा तथा जाम की समस्या से राहत मिलेगी। ब्रह्मचारी ने जोर देकर कहा कि रेलवे मंत्रालय ने उनकी मांग को स्वीकार किया है और रेल मंत्री के पत्र में भी इस मंजूरी का उल्लेख है। उन्होंने इस परियोजना के कार्य में बिना किसी देरी के जल्द से जल्द निर्माण शुरू कराने की मांग की। वहीं, हरियाणा समाज कल्याण बोर्ड के चेयरमैन कैप्टन योगेश बैरागी ने सांसद के दावों का खंडन करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार ने इस परियोजना को पहले ही मंजूरी दे दी थी। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने 19 जुलाई 2025 को रेलवे ओवरब्रिज की मांग को स्वीकृति प्रदान की थी। बैरागी के अनुसार, फिलहाल कुछ औपचारिक प्रक्रियाएं पूरी होनी बाकी हैं, जिनके संपन्न होते ही आगामी दो माह के भीतर करीब 50 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इस ओवरब्रिज का निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा, जो क्षेत्र के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। दोनों नेताओं के बयानों के बाद मंच पर गरमागर्मी बढ़ गई, जिसके बाद सांसद सतपाल ब्रह्मचारी के भाई वजीर गांगोली ने हस्तक्षेप करते हुए कहा कि रेलवे ओवरब्रिज की अंतिम मंजूरी केंद्र सरकार के अधिकार क्षेत्र में आती है और राज्य सरकार अकेले इसे मंजूर नहीं कर सकती। हालांकि, सांसद सतपाल ब्रह्मचारी ने उन्हें अपनी बात पूरी करने से पहले ही रोक दिया। इस अवसर पर पूर्व सांसद रमेश कौशिक, बादली विधायक कुलदीप वत्स, समाजसेविका वृंदा शर्मा, प्रधान देवेंद्र शर्मा, त्रिलोकी शर्मा, सतपाल कौशिक,शिवनारायण शर्मा, गौरव भारद्वाज और धर्मराज शर्मा सहित कई अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।1
- धौलपुर जिले के राजाखेड़ा कस्बे में रविवार को राजपूत उत्थान समिति ने एक निजी मैरिज गार्डन में एक भव्य 'प्रतिभा सम्मान समारोह' का आयोजन किया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य समाज के उन प्रतिभाशाली व्यक्तियों को मंच से सम्मानित करना था, जिन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। समारोह की औपचारिक शुरुआत मां सरस्वती और महाराणा प्रताप के चित्रों के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व विधायक मनोरमा सिंह और विशिष्ट अतिथि के रूप में सेवानिवृत्त उप महानिरीक्षक प्रताप सिंह उपस्थित रहे। वक्ताओं ने समारोह को संबोधित करते हुए राजपूत समाज के उत्थान, शिक्षा, रोजगार के अवसरों और सांस्कृतिक संरक्षण पर विस्तार से अपने विचार साझा किए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि युवाओं को आधुनिक शिक्षा ग्रहण करते हुए भी अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़े रहना चाहिए, साथ ही समाज के होनहार बच्चों को हर क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए लगातार प्रेरित किया जाना चाहिए। राजपूत उत्थान समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि समाज के समग्र विकास हेतु ऐसे कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित किए जाते रहेंगे, ताकि प्रतिभाओं को सम्मानित करने के साथ-साथ पूरे समाज को एकजुट कर सामाजिक, शैक्षिक और सांस्कृतिक उत्थान की दिशा में कार्य किया जा सके। इस अवसर पर पूर्व विधायक मनोरमा सिंह और पूर्व डीआईजी प्रताप सिंह के अलावा निवर्तमान पालिका अध्यक्ष वीरेंद्र सिंह जादौन, नागवेन्द्र सिंह चौहान, नवल सिंह, लक्ष्मण सिंह तोमर बैजनाथ, हरेंद्र सिंह, विजेंद्र सिंह, करणपाल सिंह, मनोज राघव, जिहान सिंह, राकेश, चरन सिंह, सूर्यकांत, गिरवर सिंह, सोनू बांकुरे और विष्णु सिंह सहित समाज के बुजुर्गों, युवाओं और महिलाओं ने बड़ी संख्या में शिरकत की। यह कार्यक्रम स्थानीय स्तर पर समाज के लिए नई प्रेरणा साबित हुआ, और राजपूत उत्थान समिति के इस प्रयास की क्षेत्र में व्यापक सराहना की जा रही है।1
- भिवानी जिले में 21 जून को देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG 2026 शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हुई। इस दौरान जिले के विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर सुबह से ही हजारों अभ्यर्थियों और उनके अभिभावकों की भारी भीड़ देखी गई। प्रशासन द्वारा किए गए व्यापक सुरक्षा प्रबंधों और सख्त निगरानी के बीच हजारों विद्यार्थियों ने डॉक्टर बनने के अपने सपने की ओर एक महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया। परीक्षा केंद्रों में प्रवेश से पहले सभी अभ्यर्थियों की गहन जांच की गई, जिसमें बायोमेट्रिक सत्यापन, पहचान पत्रों की जांच और सुरक्षा उपकरणों के माध्यम से प्रत्येक अभ्यर्थी की कड़ी स्क्रीनिंग शामिल थी। परीक्षा के दौरान किसी भी प्रकार की नकल या अव्यवस्था को रोकने के लिए प्रशासन और पुलिस विभाग पूरी तरह मुस्तैद रहे। जिला प्रशासन के अधिकारियों ने स्वयं विभिन्न परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। अभ्यर्थियों और अभिभावकों ने केंद्रों पर पेयजल, बैठने की व्यवस्था और सुरक्षा इंतजामों पर संतोष व्यक्त किया। परीक्षा समाप्त होने के बाद छात्रों के चेहरों पर उत्साह और उम्मीद साफ दिखाई दी। कई अभ्यर्थियों ने बताया कि प्रश्नपत्र का स्तर संतुलित था, हालांकि कुछ विषयों में प्रश्न अपेक्षाकृत चुनौतीपूर्ण थे। अब लाखों विद्यार्थियों की निगाहें परीक्षा परिणाम और संभावित कटऑफ पर टिकी हुई हैं। NEET परीक्षा को मेडिकल क्षेत्र में प्रवेश का सबसे बड़ा द्वार माना जाता है, जिसमें हर वर्ष लाखों विद्यार्थी भाग लेते हैं। भिवानी में भी परीक्षा शांतिपूर्ण और सफलतापूर्वक संपन्न होने पर प्रशासन ने राहत की सांस ली है, और सबकी नजरें अब नतीजों पर हैं।1
- भिवानी के देवसर धाम से मैया रानी के दिव्य दर्शन हुए हैं। इस अवसर पर भक्तों ने 'जय माता दी' का जयघोष किया, जिससे पूरा माहौल भक्तिमय हो गया।1
- HPSC के पीड़ित अभ्यर्थियों ने अपनी मांगों को लेकर पंचकूला में मुख्यमंत्री की प्रतीकात्मक शव यात्रा निकाली और उनका पुतला फूंका। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री मुर्दाबाद के नारे भी लगाए। अभ्यर्थियों का यह आंदोलन HPSC की कथित "छात्र विरोधी नीतियों" के खिलाफ काफी समय से चल रहा है, जिसे उन्होंने अब और तेज कर दिया है।1
- भिवानी में 65 साल पुराने किरायेदारों के समर्थन में जनता का जबरदस्त आक्रोश देखने को मिल रहा है, जहाँ अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया गया है। प्रदर्शनकारी मुख्यमंत्री से इस मामले में न्याय की मांग कर रहे हैं। यह पूरा मामला एक जमीन विवाद से जुड़ा है, जिसने अब एक राजनीतिक रंग ले लिया है। इस दौरान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और विश्व हिंदू परिषद (VHP) पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं, वहीं प्रशासन की भूमिका पर भी कई सवाल खड़े किए गए हैं। शहर में इस जमीन विवाद को लेकर चर्चा तेज हो गई है।1
- कलानौर स्थित टिकाणा सत भाई रामा सत भाई ज्वाया जी महाराज में पांचवे गुरु श्री गुरु अर्जुन देव जी का शहीदी पर्व 21 जून को पूर्ण श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ मनाया गया। इस विशेष कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर गुरु महाराज को नमन किया। कार्यक्रम की शुरुआत श्री सुखमनी साहिब जी के पाठ से हुई, जिससे वातावरण आध्यात्मिक बन गया, जिसके बाद भजन-कीर्तन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का समापन विशाल भंडारे के साथ हुआ, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। इस अवसर पर टिकाणा सत भाई रामा सत भाई ज्वाया जी महाराज के गद्दी नशीन महंत सतगुरु देव 108 इंद्रजीत जी महाराज और परम पूज्य कमल जी महाराज ने प्रवचन दिए, जिसमें उन्होंने गुरु अर्जुन देव जी महाराज के जीवन और मानवता को दिए गए उनके संदेशों पर प्रकाश डाला। इस दौरान स्थानीय संगत के साथ-साथ दूर-दराज से आए भक्तों ने भी सेवा कार्यों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। पूरे कार्यक्रम के दौरान वातावरण गुरुवाणी के जयकारों से गूंजता रहा।4
- राजाखेड़ा कस्बे में रविवार को 'योगा फॉर हेल्दी ऐजिंग' थीम के साथ 12वां अंतरराष्ट्रीय योग दिवस धूमधाम से मनाया गया। इस उपखण्ड स्तरीय कार्यक्रम का मुख्य आयोजन स्थानीय आदर्श माध्यमिक विद्यालय में हुआ, जहाँ योग प्रशिक्षकों ने विभिन्न योग क्रियाओं का अभ्यास कराया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि राजाखेड़ा तहसीलदार दीप्ति देव ने इस अवसर पर कहा कि आज की भागदौड़ भरी जीवनशैली में स्वस्थ रहने के लिए योग अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि इससे कई गंभीर बीमारियों से बचाव संभव है। उन्होंने योग को भारत की एक प्राचीन पद्धति बताते हुए इसकी वर्तमान समय में बेहद जरूरत पर जोर दिया। तहसीलदार दीप्ति ने सभी लोगों से अपील की कि वे अपनी व्यस्त दिनचर्या में से रोजाना कुछ समय निकालकर सुबह के समय योग अवश्य करें, जिससे शरीर स्वस्थ रहे, ताजगी और स्फूर्ति बनी रहे तथा कार्यक्षमता में भी वृद्धि हो। इसी कड़ी में, राजाखेड़ा थाना परिसर में भी पुलिस जवानों ने योग दिवस मनाया, जहाँ पुलिस उपनिरीक्षक भीम सिंह ने जवानों को विभिन्न योग क्रियाओं का अभ्यास कराया। इस योग दिवस कार्यक्रम में अधिकारियों-कर्मचारियों, स्थानीय नागरिकों और पुलिसकर्मियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।1