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बीबी को लेकर ससुराल आए जीजा के साथ हुई मारपीट, जीजा ने लगाया सालों पर मारपीट करने का आरोप! लव मैरिज शादी करने को लेकर नाखुश थे साले! पीड़ित की पत्नी यानी मारपीट करने वाले आरोपी की बहन ने भी बताई मारपीट की क्या है वज़ह!
पत्रकार रुद्र प्रताप सिंह
बीबी को लेकर ससुराल आए जीजा के साथ हुई मारपीट, जीजा ने लगाया सालों पर मारपीट करने का आरोप! लव मैरिज शादी करने को लेकर नाखुश थे साले! पीड़ित की पत्नी यानी मारपीट करने वाले आरोपी की बहन ने भी बताई मारपीट की क्या है वज़ह!
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- सीधी। जिला मुख्यालय के समीप पड़ैनिया स्थित 'शिक्षा इंटरनेशनल स्कूल' से जुड़ी एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जिसने जिले की समूची शिक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक दावों की धज्जियां उड़ा कर रख दी हैं। मामला एनएच-39 (NH-39) स्थित हड़बड़ो गांव का है, जहाँ स्कूल के छोटे-छोटे मासूम बच्चे चिलचिलाती धूप में जान जोखिम में डालकर एक खटारा स्कूल वैन (MP 53 CA 0883) को धक्का मारते नजर आए। लेकिन हैरान करने वाली बात सिर्फ खटारा वैन नहीं, बल्कि कैमरे पर बच्चों द्वारा किए गए वे खुलासे हैं जो स्कूल के भीतर चल रहे 'फर्जीवाड़े' की गवाही दे रहे हैं। वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि स्कूल की वैन बीच सड़क पर खराब पड़ी है। ड्राइवर की सीट पर बैठा व्यक्ति बच्चों से धक्का लगवा रहा है। बच्चों ने बताया कि यह कोई पहली बार नहीं है, यह 'धक्का मार वैन' रोज इसी तरह स्टार्ट होती है। नेशनल हाईवे पर तेज़ रफ़्तार वाहनों के बीच इन मासूमों से इस तरह मज़दूरी करवाना किसी बड़े हादसे को दावत देने जैसा है। जब हमारे संवाददाता ने इन छात्रों से उनकी पढ़ाई और परीक्षा के बारे में पूछा, तो जो सच्चाई निकलकर आई वह तंत्र को झकझोर देने वाली है। बच्चों ने कैमरे पर बेबाकी से कहा कि— "हमारी परीक्षा में कोई टीचर नहीं थे, हमें न तो पेपर दिया गया और न ही कॉपी। हमसे कहा गया कि हम तुम्हें ऐसे ही पास कर देंगे और नंबर दे देंगे।" यह बयान सीधे तौर पर शिक्षा के नाम पर चल रहे उस गोरखधंधे की पोल खोलता है जहाँ मोटी फीस लेकर केवल डिग्री और अंक बेचे जा रहे हैं। इस पूरे मामले ने जिला परिवहन विभाग (RTO), शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन की कार्यप्रणाली को कटघरे में खड़ा कर दिया है: परिवहन विभाग से सवाल: जो गाड़ी हाईवे पर रेंगने लायक नहीं है, उसे बच्चों को ढोने का फिटनेस सर्टिफिकेट किसने दिया? क्या आरटीओ केवल दफ्तरों में बैठकर फाइलों का मिलान करता है या कभी सड़कों पर इन खटारा स्कूली वाहनों की जांच भी होती है? शिक्षा विभाग से सवाल: क्या जिला शिक्षा अधिकारी को खबर है कि 'इंटरनेशनल' नाम के बोर्ड लगाकर स्कूल बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं? बिना परीक्षा और बिना कॉपियों के बच्चों को पास करने का अधिकार इन स्कूलों को किसने दिया? मुख्यमंत्री और प्रशासन हर मंच से बेहतर शिक्षा और सुरक्षा का दम भरते हैं, लेकिन सीधी जिले में न तो स्कूलों के पास खेल मैदान हैं और न ही सुरक्षा के मापदंड। क्या प्रशासन किसी मासूम की जान जाने का इंतज़ार कर रहा है? कमोबेश यही स्थिति जिले के कई अन्य निजी स्कूलों की भी है, जो बिना किसी मापदंड के धड़ल्ले से संचालित हो रहे हैं। शासन में बैठे जिम्मेदार लोग भले ही सुधार के दावे करें, लेकिन हकीकत इन मासूमों के पसीने और स्कूल प्रबंधन की मनमानी में दफ़न है। अब देखना यह होगा कि क्या इस रिपोर्ट के बाद जिला प्रशासन 'शिक्षा इंटरनेशनल स्कूल' पर कोई कठोर कार्यवाही करता है या मामला फिर ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा।1
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- A video from a CBSE school event in Kolkata has gone viral, triggering strong reactions and debate online. The clip shows a group of students performing a dance on stage, with some viewers raising concerns about the choice of costumes and presentation during a school function. Many users questioned how such elements were approved, calling for greater supervision and responsibility from school authorities. At the same time, some voices online have urged people to avoid jumping to conclusions without full context, emphasizing the need for balanced discussion. The incident has sparked a broader conversation around age-appropriate content, cultural sensitivity, and the role of schools in shaping safe and respectful environments for students. School events should balance creativity with responsibility and respect. 🎥 Credit: Respective Owners 📩 DM for credit or removal ⚠️ DISCLAIMER This content is shared for news reporting and public discussion only. Viral clips may not represent the full context of the event. Viewers are encouraged to avoid harassment or targeting individuals involved.1
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