झांसी जिले के गुरसरांय नगर स्थित प्रमुख कॉलेज तिराहे पर यात्री प्रतीक्षालय न होने के कारण रोजाना सफर करने वाले स्कूली छात्र-छात्राओं, महिलाओं, बुजुर्गों और ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। भीषण गर्मी में लोग चिलचिलाती धूप में सड़क किनारे बसों का इंतजार करने को मजबूर हैं, जबकि बरसात के दिनों में भी खुले आसमान के नीचे भीगते हुए वाहनों का इंतजार करना उनकी लाचारी बन गया है। इस समस्या से स्थानीय लोगों में प्रशासन के प्रति नाराजगी बढ़ती जा रही है। कॉलेज तिराहा नगर का प्रमुख यातायात केंद्र है, जहां से मऊरानीपुर, झांसी, एरच और गरौठा सहित कई क्षेत्रों के लिए बसें व अन्य यात्री वाहन संचालित होते हैं। प्रतिदिन बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं, नौकरीपेशा लोग और ग्रामीण यहां से आवाजाही करते हैं। इसके बावजूद यात्रियों के बैठने या धूप और बारिश से बचाव के लिए यहां न तो कोई स्थायी यात्री प्रतीक्षालय बनाया गया है और न ही टीनशेड जैसी कोई अस्थायी व्यवस्था उपलब्ध है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि बसें अक्सर देर से पहुंचती हैं, जिससे यात्रियों को लंबे समय तक सड़क किनारे खड़े रहना पड़ता है। गर्मी में तेज धूप और लू के कारण बच्चों व बुजुर्गों की तबीयत बिगड़ने का खतरा रहता है, वहीं बरसात में भीगकर स्कूल और कार्यस्थल पहुंचने से बीमारियों का जोखिम बढ़ जाता है। नगरवासियों का आरोप है कि जनप्रतिनिधियों और प्रशासन को कई बार इस समस्या की ओर ध्यान दिलाया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई। लोगों ने मांग की है कि कॉलेज तिराहे (मोदी चौराहा क्षेत्र) पर जल्द से जल्द यात्री प्रतीक्षालय का निर्माण कराया जाए ताकि राहगीरों को मौसम की मार से राहत मिल सके।
झांसी जिले के गुरसरांय नगर स्थित प्रमुख कॉलेज तिराहे पर यात्री प्रतीक्षालय न होने के कारण रोजाना सफर करने वाले स्कूली छात्र-छात्राओं, महिलाओं, बुजुर्गों और ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। भीषण गर्मी में लोग चिलचिलाती धूप में सड़क किनारे बसों का इंतजार करने को मजबूर हैं, जबकि बरसात के दिनों में भी खुले आसमान के नीचे भीगते हुए वाहनों का इंतजार करना उनकी लाचारी बन गया है। इस समस्या से स्थानीय लोगों में प्रशासन के प्रति नाराजगी बढ़ती जा रही है। कॉलेज तिराहा नगर का प्रमुख यातायात केंद्र है, जहां से मऊरानीपुर, झांसी, एरच और गरौठा सहित कई क्षेत्रों के लिए बसें व अन्य यात्री वाहन संचालित होते हैं। प्रतिदिन बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं, नौकरीपेशा लोग और ग्रामीण यहां से आवाजाही करते हैं। इसके बावजूद यात्रियों के बैठने या धूप और बारिश से बचाव के लिए यहां न तो कोई स्थायी यात्री प्रतीक्षालय बनाया गया है और न ही टीनशेड जैसी कोई अस्थायी व्यवस्था उपलब्ध है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि बसें अक्सर देर से पहुंचती हैं, जिससे यात्रियों को लंबे समय तक सड़क किनारे खड़े रहना पड़ता है। गर्मी में तेज धूप और लू के कारण बच्चों व बुजुर्गों की तबीयत बिगड़ने का खतरा रहता है, वहीं बरसात में भीगकर स्कूल और कार्यस्थल पहुंचने से बीमारियों का जोखिम बढ़ जाता है। नगरवासियों का आरोप है कि जनप्रतिनिधियों और प्रशासन को कई बार इस समस्या की ओर ध्यान दिलाया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई। लोगों ने मांग की है कि कॉलेज तिराहे (मोदी चौराहा क्षेत्र) पर जल्द से जल्द यात्री प्रतीक्षालय का निर्माण कराया जाए ताकि राहगीरों को मौसम की मार से राहत मिल सके।
- झांसी के गुरसरांय नगर में पानी की टंकी के पास शुक्रवार को एक सड़क हादसे में मोटरसाइकिल असंतुलित होने से उस पर सवार 70 वर्षीय वृद्ध महिला गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गईं। हादसे का शिकार हुईं महिला की पहचान जखौरा निवासी पारी वाली (पत्नी पिरागी) के रूप में हुई है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, महिला मोटरसाइकिल पर सवार होकर जा रही थीं, तभी अचानक पानी की टंकी के पास वाहन का संतुलन बिगड़ गया और वह सीधे सड़क पर गिर पड़ीं। घटना के तुरंत बाद आसपास मौजूद लोगों ने तत्परता दिखाते हुए उन्हें निजी वाहन के जरिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) गुरसरांय पहुंचाया। अस्पताल में चिकित्सकों की टीम द्वारा महिला का उपचार किया जा रहा है और प्राथमिक डॉक्टरी सहायता के बाद उनकी हालत पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। हादसे की जानकारी मिलते ही महिला के परिजन भी अस्पताल पहुंच गए हैं, जबकि घटना के बाद मौके पर कुछ समय के लिए स्थानीय लोगों की भीड़ जुट गई थी।1
- झांसी जिले की गरौठा तहसील अंतर्गत खड़ौरा गांव में गुरुवार दोपहर बाद आकाशीय बिजली गिरने से 27 वर्षीय युवक अंकित की मौके पर ही मौत हो गई। खड़ौरा निवासी अंकित अपने पिता बृजनंदन और छोटे भाई के साथ ट्रैक्टर-ट्रॉली लेकर मूंगफली की फसल में खरपतवार नियंत्रण की दवा का छिड़काव करने खेत पर गया था। खेत पर पहुंचते ही अचानक बारिश होने लगी, जिसके बाद पिता अपने दोनों बेटों के साथ पास स्थित एक बरामदे में बैठकर बारिश थमने का इंतजार करने लगे। पक्की सड़क से करीब 100 मीटर अंदर खड़े ट्रैक्टर के गीली मिट्टी में फंसने की आशंका से अंकित उसे दोबारा सड़क पर खड़ा करने के लिए बरामदे से बाहर निकला। इसी दौरान अचानक चमकी आकाशीय बिजली की चपेट में आने से वह जमीन पर गिरकर तड़पने लगा और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। आंखों के सामने हुए इस हादसे के बाद मौके पर मौजूद पिता और छोटे भाई ने गांव में घटना की जानकारी दी। ग्राम प्रधान मनोज यादव की सूचना पर उप जिलाधिकारी गरौठा सुनील कुमार और कोतवाली प्रभारी सुरजीत सिंह पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस ने मृतक के शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए मऊरानीपुर भेज दिया है। इस दुखद घटना से मृतक की पत्नी कविता गहरे सदमे में है। मृतक अपने पीछे करीब 2 वर्ष की एक बेटी और महज डेढ़ महीने का एक मासूम बेटा छोड़ गया है। घटना के बाद ग्रामवासियों ने शासन और प्रशासन से पीड़ित परिवार को दैवीय आपदा के तहत राहत मदद दिलाए जाने की मांग की है।3
- भाई की बात का समर्थन करते हुए कहा गया है कि एक खनक के चक्कर में इंसान को जमीन, जायदाद और मकान सब नजर आने लगते हैं। इस बात के साथ ही लोगों से हमेशा हंसते-मुस्कुराते रहने और सपोर्ट बनाए रखने की अपील की गई है।1
- नीट पेपर लीक मामले को लेकर टहरौली में युवाओं ने बस स्टैंड से तख्तियां लेकर विरोध प्रदर्शन किया और उपजिलाधिकारी महेश कुमार के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शनकारियों ने जंतर-मंतर पर शिक्षा व्यवस्था में सुधार और शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे छात्रों पर संसद घेराव के दौरान पुलिस द्वारा की गई मारपीट पर कड़ा आक्रोश जताया। ज्ञापन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे, नीट पेपर लीक में जान गंवाने वाले छात्रों के परिजनों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा देने, शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्र-छात्राओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने और पेपर लीक माफियाओं पर कठोर कार्रवाई की मांग की गई है। वरिष्ठ पत्रकार बाबूसिंह यादव ने प्रदर्शनकारी युवाओं का हौसला बढ़ाया। शिखा आर्य ने कहा कि छात्र-छात्राओं के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा और उनकी मांगों को पूरा कराया जाएगा। समाजसेवी लेखराज पटेल ने नीट परीक्षा आयोजित करने वाली संस्था NTA को बंद करने की मांग उठाई ताकि भविष्य में पेपर लीक रुक सके। सोनू यादव ने कहा कि बेरोजगार छात्र किसी राजनीतिक दल से बंधे नहीं हैं और सरकार को शिक्षा व पर्यावरण पर काम करना होगा। सुरेन्द्र प्रजापति ने छात्रों पर हमले को लोकतंत्र की हत्या बताया, जबकि राजा ठाकुर ने चेतावनी दी कि सरकार बातचीत कर मांगें पूरी करे, नहीं तो प्रदर्शन और उग्र होगा। वहीं संजय कुशवाहा ने कहा कि देश बचाने और बेरोजगार छात्रों के हक के लिए बदलाव जरूरी है। इस दौरान एडवोकेट रामचरण कुशवाहा, एड चंद्रभान वर्मा, आशाराम कुशवाहा, पूर्व प्रधान हीरालाल अहिरवार, राघवेन्द्र पटेल, अंकित गौतम, हरेंद्र आर्य, अनिल कुशवाहा, विशाल कुशवाहा, बृजेन्द्र कुशवाहा, मनीष पाल, कपिल तिवारी, दीपक यादव, प्रदीप यादव, उदयभान, शिवम अहिरवार, आशीष पाल, विवेक, जाहर सिंह, कुलदीप, अनिल, रामनरेश यादव, राजा बिरथरे, धीरेंद्र कुमार, उजेंद्र पटेल, रामसिंह पटेल, शिवम कुशवाहा और निर्भय सिंह निरंजन सहित कई लोग मौजूद रहे।1
- झांसी जिले के गुरसरांय नगर स्थित प्रमुख कॉलेज तिराहे पर यात्री प्रतीक्षालय न होने के कारण रोजाना सफर करने वाले स्कूली छात्र-छात्राओं, महिलाओं, बुजुर्गों और ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। भीषण गर्मी में लोग चिलचिलाती धूप में सड़क किनारे बसों का इंतजार करने को मजबूर हैं, जबकि बरसात के दिनों में भी खुले आसमान के नीचे भीगते हुए वाहनों का इंतजार करना उनकी लाचारी बन गया है। इस समस्या से स्थानीय लोगों में प्रशासन के प्रति नाराजगी बढ़ती जा रही है। कॉलेज तिराहा नगर का प्रमुख यातायात केंद्र है, जहां से मऊरानीपुर, झांसी, एरच और गरौठा सहित कई क्षेत्रों के लिए बसें व अन्य यात्री वाहन संचालित होते हैं। प्रतिदिन बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं, नौकरीपेशा लोग और ग्रामीण यहां से आवाजाही करते हैं। इसके बावजूद यात्रियों के बैठने या धूप और बारिश से बचाव के लिए यहां न तो कोई स्थायी यात्री प्रतीक्षालय बनाया गया है और न ही टीनशेड जैसी कोई अस्थायी व्यवस्था उपलब्ध है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि बसें अक्सर देर से पहुंचती हैं, जिससे यात्रियों को लंबे समय तक सड़क किनारे खड़े रहना पड़ता है। गर्मी में तेज धूप और लू के कारण बच्चों व बुजुर्गों की तबीयत बिगड़ने का खतरा रहता है, वहीं बरसात में भीगकर स्कूल और कार्यस्थल पहुंचने से बीमारियों का जोखिम बढ़ जाता है। नगरवासियों का आरोप है कि जनप्रतिनिधियों और प्रशासन को कई बार इस समस्या की ओर ध्यान दिलाया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई। लोगों ने मांग की है कि कॉलेज तिराहे (मोदी चौराहा क्षेत्र) पर जल्द से जल्द यात्री प्रतीक्षालय का निर्माण कराया जाए ताकि राहगीरों को मौसम की मार से राहत मिल सके।1
- एक वायरल वीडियो में दावा किया जा रहा है कि मुंबई पुलिस प्रदर्शन कर रहे छात्रों को धमका रही है। वीडियो के अनुसार, पुलिस का कहना है कि यदि छात्र दोबारा प्रदर्शन करने के लिए वापस लौटे, तो उन्हें झूठे ड्रग्स के मामले में फंसा दिया जाएगा और उन्हें अपनी पूरी जिंदगी जेल में ही बितानी पड़ेगी।1