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प्रयागराज के कोरांव विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत सुभाष महुआये स्थित प्राचीन मंदिर के विकास के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने ₹1 करोड़ 34 लाख की धनराशि स्वीकृत की है। इस विकास परियोजना का प्रस्ताव क्षेत्रीय विधायक राजमणि कोल ने योगी सरकार के समक्ष रखा था। बजट स्वीकृत होने के बाद विधायक राजमणि कोल ने पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह और मेजा ब्लॉक प्रमुख गंगा प्रसाद मिश्रा की मौजूदगी में विकास कार्यों का शुभारंभ किया। इस अवसर पर पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार धार्मिक एवं ऐतिहासिक स्थलों के संरक्षण और विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि इन विकास कार्यों से धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ स्थानीय लोगों को भी इसका सीधा लाभ मिलेगा।
Rahul Mishra Ak News
प्रयागराज के कोरांव विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत सुभाष महुआये स्थित प्राचीन मंदिर के विकास के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने ₹1 करोड़ 34 लाख की धनराशि स्वीकृत की है। इस विकास परियोजना का प्रस्ताव क्षेत्रीय विधायक राजमणि कोल ने योगी सरकार के समक्ष रखा था। बजट स्वीकृत होने के बाद विधायक राजमणि कोल ने पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह और मेजा ब्लॉक प्रमुख गंगा प्रसाद मिश्रा की मौजूदगी में विकास कार्यों का शुभारंभ किया। इस अवसर पर पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार धार्मिक एवं ऐतिहासिक स्थलों के संरक्षण और विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि इन विकास कार्यों से धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ स्थानीय लोगों को भी इसका सीधा लाभ मिलेगा।
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- प्रयागराज के मेजा स्थित उरूवा विकासखंड के चौकी गांव में बेलन नहर से जुड़ी अमिलहवा-चौकी रजबहा पिछले 40 वर्षों से सूखी पड़ी है, जिससे क्षेत्र के किसानों में भारी आक्रोश है। हर साल नहर की सफाई के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि आज तक गांव की माइनर में पानी नहीं पहुंच सका है। इस व्यवस्थागत अनदेखी के कारण अन्नदाताओं को निजी संसाधनों के सहारे सिंचाई करने पर मजबूर होना पड़ रहा है, जिससे उनकी खेती की लागत लगातार बढ़ रही है। भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश महासचिव राम शिरोमणि तिवारी का कहना है कि नहर की सफाई के नाम पर हर साल कागजों में सरकारी धन का खर्च दिखाया जाता है, जबकि इस बार तो सफाई भी नहीं कराई गई। पूरी नहर बदहाल स्थिति में है और इसके गड्ढों में झाड़ियां उग आई हैं, जो विभागीय लापरवाही और किसानों के साथ हो रहे छलावे को दर्शाती है। खेतों तक पानी न पहुंचने से धान समेत अन्य फसलों की पैदावार बुरी तरह प्रभावित हो रही है और मजबूरन किसानों को डीजल पंप और ट्यूबवेल का सहारा लेना पड़ रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि कागजों में तो मरम्मत के नाम पर लाखों रुपये फूंक दिए जाते हैं, लेकिन आज तक किसी भी जिम्मेदार अधिकारी ने मौके पर आकर इसका स्थायी समाधान निकालने की जहमत नहीं उठाई। इस मामले में सिंचाई विभाग की घोर लापरवाही तब और स्पष्ट हो गई जब अवर अभियंता कमलेश यादव ने बताया कि करीब एक साल पहले चार्ज लेने के बावजूद बेलन नहर अपनी निर्धारित डिस्चार्ज क्षमता के अनुरूप नहीं चल पा रही है। हैरानी की बात यह है कि एक साल का कार्यकाल बीतने के बाद भी उन्हें अपने कार्यक्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गांव का नाम तक मालूम नहीं है। भारतीय किसान यूनियन ने दोटूक चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही रजबहा में पानी की आपूर्ति सुनिश्चित नहीं की गई और लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो संगठन बड़े स्तर पर आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा।1
- भारत ने रेलवे के क्षेत्र में एक बड़ा तकनीकी कदम उठाते हुए अपनी पहली हाइड्रोजन ट्रेन का संचालन शुरू कर दिया है। हरियाणा में जींद से सोनीपत के बीच लगभग 90 किलोमीटर (89 किमी) लंबे रूट पर इस ट्रेन का संचालन शुरू हुआ है। 120 की रफ्तार और पानी को ईंधन बनाने वाली तकनीक से लैस यह ट्रेन देश की बड़ी तकनीकी उपलब्धि है। 3,200 हॉर्सपावर क्षमता वाली इस ट्रेन को दुनिया की सबसे शक्तिशाली और सबसे लंबी हाइड्रोजन ट्रेनों में से एक बताया गया है। वर्तमान में दुनिया के केवल 3 से 4 देशों के पास ही इस तरह की हाइड्रोजन ट्रेन चलाने की क्षमता है। यह बदलाव भारतीय रेलवे के एक नए युग की शुरुआत को दर्शाता है। 19वीं सदी में जहां रेलवे की पहचान भाप से चलने वाले स्टीम इंजन से थी, वहीं 20वीं सदी में डीजल और बिजली की ट्रेनें आईं और अब 21वीं सदी में रेलवे हाइड्रोजन तकनीक की ओर बढ़ चुका है। भविष्य में इस आधुनिक तकनीक का देश के अन्य हिस्सों में भी विस्तार होने की बड़ी संभावनाएं हैं। इस ऐतिहासिक अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वच्छता को लेकर देश को एक बड़ा संदेश दिया है। प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि स्वच्छता के लिए हर बार प्रधानमंत्री का आना जरूरी नहीं है। यदि देश के नागरिक खुद यह तय कर लें कि वे गंदगी नहीं करेंगे, तो हमारे शहर और राज्य पूरी तरह स्वच्छ रह सकते हैं। उन्होंने नागरिकों से स्वच्छता को अपनी आदत, संस्कार और रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बनाने का आह्वान किया। यह हाइड्रोजन ट्रेन जहां एक ओर भारत की शानदार तकनीकी प्रगति को दर्शाती है, वहीं स्वच्छता अभियान देश के नागरिकों की जिम्मेदारी और जनभागीदारी का प्रतीक है।1
- विधायक राजमणि कोल ने विकास कार्यों की प्रशंसा करते हुए कहा है कि विकास सामने दिखता है और योगी आदित्यनाथ जी का विकास बोलता है। पर्यटन विभाग और जय वीर सिंह का उल्लेख करते हुए बताया गया कि इससे पूर्व बड़वारी कला में धनराशि प्राप्त हुई थी। इसके बाद अब सुभाष महुआये में ₹1 करोड़ 34 लाख की लागत से निर्माण कार्य कराया जाएगा।1
- उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले के अंतर्गत आने वाले कोरांव में पिछले 20 दिनों से हैंडपंप खराब पड़ा हुआ है, जिससे स्थानीय लोगों को पानी की भारी किल्लत का सामना करना पड़ रहा है। इस गंभीर समस्या को लेकर लगातार शिकायत करने के बावजूद जिम्मेदार स्तर पर कोई सुनवाई नहीं हो रही है। पानी जैसी मूलभूत आवश्यकता के लिए लोग परेशान हैं, लेकिन उनकी परेशानी को पूरी तरह नजरअंदाज किया जा रहा है।1
- प्रयागराज में गंगा जमुना में पानी बढ़ने के साथ ही डॉल्फिन देखी गई है। कुछ समय के लिए यह डॉल्फिन पानी में ऊपर-नीचे करती हुई लोगों को दिखाई दी।1
- प्रयागराज के मेजा रोड क्षेत्र में लगातार हो रही अघोषित बिजली कटौती और लो वोल्टेज की समस्या से आम जनता और व्यापारियों की मुश्किलें काफी बढ़ गई हैं। बिजली आपूर्ति का कोई निर्धारित रोस्टर न होने के कारण बाजार की गतिविधियां पूरी तरह प्रभावित हो रही हैं, जिससे स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। इस समस्या को लेकर मेजा रोड व्यापार मंडल ने कड़ी नाराजगी जताई है और बिजली व्यवस्था को तत्काल दुरुस्त करने की मांग की है। मेजा रोड व्यापार मंडल के अध्यक्ष पप्पू उपाध्याय ने बताया कि पिछले कई दिनों से मेजा रोड पावर हाउस से होने वाली बिजली आपूर्ति पूरी तरह चरमरा गई है। अघोषित कटौती और लो वोल्टेज की वजह से दुकानों के उपकरण ठीक से काम नहीं कर पा रहे हैं, जिससे व्यापार सीधे तौर पर प्रभावित हो रहा है। भीषण और उमस भरी गर्मी के बीच ग्रामीण क्षेत्रों में हालात और भी बदतर हैं। लो वोल्टेज के कारण लोगों के घरों में पंखे, कूलर और पानी की मोटरें नहीं चल पा रही हैं, जिससे कई मोहल्लों में गंभीर पेयजल संकट खड़ा हो गया है और लोगों को पानी के लिए जूझना पड़ रहा है। व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही बिजली व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया, तो व्यापारी आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। उन्होंने संबंधित विभाग से बिजली आपूर्ति का एक निश्चित रोस्टर जारी करने और लो वोल्टेज की समस्या का स्थायी समाधान निकालने की मांग की है ताकि आम जनता और व्यापारियों को राहत मिल सके।1
- प्रयागराज के झूंसी में एक ह्रदय विदारक घटना सामने आई है, जहां एक लापरवाह कार चालक ने खेलते समय जमीन पर गिरे एक बच्चे को रौंद दिया। इस हादसे में मासूम बच्चे की मौत हो गई और यह पूरी दर्दनाक घटना वहां लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरे में कैद हो गई है। झूंसी पेट्रोल पंप के बगल त्रिपाल डालकर रह रहे गरीबों के बच्चे खेल रहे थे, तभी एक बच्चा खेलते-खेलते अचानक जमीन पर गिर गया। इसी दौरान थोड़ी दूर से आ रहे एक लापरवाह कार चालक ने बच्चे के ऊपर गाड़ी चढ़ा दी और उसे रौंदता हुआ निकल गया। हादसे के बाद गरीब परिवार बच्चे को फ़ौरन डॉक्टर के पास लेकर गया, लेकिन डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।1