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उमरिया जिला मुख्यालय के हाल देखिए ईस बायरल विडियो के साथ
देशबंधु समाचार पत्र आशीष कुमार
उमरिया जिला मुख्यालय के हाल देखिए ईस बायरल विडियो के साथ
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- होली से पहले हाईवे पर आग का तांडव, चलते-चलते जल उठा रोड रोलर उमरिया जिले के पाली थाना क्षेत्र की घुनघुटी चौकी अंतर्गत एनएच-43 पर रविवार को उस समय सनसनी फैल गई, जब टीबीसीएल कंपनी का एक रोड रोलर अचानक आग की लपटों में घिर गया। होली के त्योहार को देखते हुए निर्माण कार्य अस्थायी रूप से रोका जा रहा था और मशीन को कैंप में खड़ा करने के लिए ले जाया जा रहा था। रास्ते में ही अज्ञात कारणों से इंजन की ओर से धुआं उठना शुरू हुआ और देखते ही देखते आग भड़क उठी। चालक ने स्थिति भांपते ही तुरंत वाहन रोका और सुरक्षित बाहर निकल गया। कुछ ही मिनटों में आग ने विकराल रूप ले लिया। भारी-भरकम मशीन धू-धू कर जलने लगी और काले धुएं का गुबार आसमान में छा गया। हाईवे से गुजर रहे वाहन चालकों ने एहतियातन अपने वाहन रोक दिए, जिससे दोनों ओर लंबी कतार लग गई और यातायात कुछ समय के लिए बाधित हो गया। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस और फायर ब्रिगेड को सूचना दी। दमकल की टीम मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। हालांकि तब तक रोड रोलर पूरी तरह जल चुका था और केवल उसका ढांचा शेष रह गया था। प्रारंभिक अनुमान के मुताबिक मशीन को भारी नुकसान हुआ है। फिलहाल आग लगने के कारणों का स्पष्ट खुलासा नहीं हो पाया है। तकनीकी खराबी या शॉर्ट सर्किट की आशंका जताई जा रही है, लेकिन वास्तविक कारण जांच के बाद ही सामने आएगा। गनीमत यह रही कि घटना में कोई जनहानि नहीं हुई। होली से पहले हुई इस घटना ने निर्माण कार्य से जुड़े कर्मचारियों और स्थानीय नागरिकों को झकझोर दिया। व्यस्त राष्ट्रीय राजमार्ग पर दिनदहाड़े इस तरह भारी मशीन का जलना सुरक्षा और रखरखाव व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर रहा है। जांच जारी है और यातायात अब सामान्य हो चुका है।1
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- मनोज सिंह पत्रकार, 9407012812, शहडोल। शहर के चर्चित पंडित शंभूनाथ विश्वविद्यालय में होली का जश्न उस वक्त अफरा-तफरी में बदल गया, जब रंग-गुलाल के बीच डीजे की धुनों पर झूम रहे छात्र-छात्राओं पर अचानक मधुमक्खियों के झुंड ने हमला बोल दिया। चंद मिनटों में उत्सव का माहौल चीख-पुकार और भगदड़ में तब्दील हो गया। जान बचाने के लिए छात्र-छात्राएं परिसर में इधर-उधर भागते नजर आए। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक विश्वविद्यालय परिसर में होली का उत्सव पूरे उत्साह के साथ मनाया जा रहा था। रंगों की बौछार और फिल्मी गानों पर डांस के बीच अचानक मधुमक्खियों का झुंड आ धमका। हमले से घबराए कई छात्र जमीन पर गिरते-पड़ते दिखे। परिसर में कुछ देर के लिए भगदड़ जैसे हालात बन गए। राहत की बात यह रही कि किसी के गंभीर रूप से घायल होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। ( रंग में भंग, फिर गुटों में तकरार ) मामला यहीं नहीं थमा। अफरा-तफरी के बीच किसी बात को लेकर छात्रों के दो गुट आपस में भिड़ गए। कहासुनी ने देखते ही देखते धक्का-मुक्की का रूप ले लिया। कुछ देर तक परिसर में तनाव का माहौल बना रहा। बाद में अन्य छात्रों और विश्वविद्यालय प्रशासन के हस्तक्षेप से स्थिति को काबू में किया गया। ( वायरल हुआ वीडियो, उठे सवाल ) पूरी घटना कैमरे में कैद हो गई, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो सामने आने के बाद विश्वविद्यालय की व्यवस्थाओं और आयोजन प्रबंधन पर सवाल खड़े होने लगे हैं। गौरतलब है कि हाल ही में विश्वविद्यालय का दीक्षांत समारोह भी दूषित और बदबूदार भोजन को लेकर सुर्खियों में रहा था। अब होली जश्न के दौरान मधुमक्खियों का हमला और छात्रों के बीच झड़प ने प्रशासनिक सतर्कता और सुरक्षा इंतजामों पर फिर बहस छेड़ दी है। हालांकि किसी गंभीर घायल की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन कैंपस सुरक्षा और आयोजन प्रबंधन को लेकर जवाबदेही तय होना अब जरूरी माना जा रहा है।2
- मझौली/कतरबार (28 फरवरी 2026)। क्षेत्र में उस समय सनसनी फैल गई जब निवासी झल्लू कुशवाहा के 6 माह के पुत्र को कथित रूप से एक महिला और पुरुष द्वारा उठाकर जंगल की ओर भागने की बात सामने आई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, संदिग्धों को भागते हुए देख ग्रामीणों ने शोर मचाया और चारों तरफ से हल्ला-गुहार शुरू कर दी। ग्रामीणों की सक्रियता देखकर कथित बच्चा चोर शिशु को जंगल के बीच तड़पती हालत में छोड़कर फरार हो गए। परिजनों और ग्रामीणों ने तत्काल बच्चे को सुरक्षित बाहर निकाला। राहत की बात यह रही कि समय रहते बच्चा मिल गया और किसी बड़े अनहोनी से बचाव हो गया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिससे इलाके में दहशत का माहौल है। ⚠️ प्रशासन और पुलिस से अपील मामले की सत्यता की जांच कर आधिकारिक जानकारी जारी की जाए। क्षेत्र में गश्त बढ़ाई जाए। संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान कर कार्रवाई की जाए। 📢 आमजन से अपील अफवाहों से बचें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत पुलिस को सूचना दें। बच्चों पर विशेष निगरानी रखें। भीड़तंत्र या खुद से कार्रवाई करने के बजाय कानून व्यवस्था पर भरोसा रखें। सतर्क रहें, सावधान रहें और अपने परिवार की सुरक्षा को प्राथमिकता दें।1
- Post by Ashok Sondhiya1
- शांति का टापू कहे जाने वाले उमरिया जिला मुख्यालय से एक ऑन ड्यूटी पुलिसकर्मी पर सरे राह गाली गलौज और मारपीट करने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है आपको बता दें कि यह पूरा मामला दरअसल उमरिया के मुख्य स्थल रणविजय चौक का है जहां पर एक शख्स के द्वारा वहां पर तैनात पुलिसकर्मी द्वारा रोके जाने पर उसके साथ न सिर्फ गाली-गलौज किया गया बल्कि मारपीट भी की गई यह सब देखकर वहां पर मौजूद कुछ जिम्मेदार लोगों ने आकर बीच बचाव किया तब जाकर आरोपी द्वारा पुलिस कर्मी का कलर छोड़ा गया अब आगे देखना होगा कि शांति के टापू के नाम से मशहूर उमरिया जिले में इस कदर अंधेर गर्दी मचाने वाले कानून से भी ना डरने वाले ऐसे शख्स पर जिले के जिम्मेदार कब तक कितनी कार्यवाही कर पाते हैं बहरहाल इस घटना के बाद से लोगों की रक्षा करने वाले पुलिसकर्मी ही दहशत में है तो फिर आम लोगों का क्या होगा।1
- यह है झमाझम बारिश1
- कोर्ट के सामने बवाल: खाकी पर हाथ, वीडियो वायरल होते ही एक्शन उमरिया में कोर्ट परिसर के सामने हुई मारपीट की घटना ने पूरे शहर में हलचल मचा दी है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, शासकीय ड्यूटी से लौट रहे एक आरक्षक के साथ सार्वजनिक स्थल पर हाथापाई की गई। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद मामला चर्चा का विषय बन गया और पुलिस ने तत्काल प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी। थाना कोतवाली उमरिया में पदस्थ आरक्षक क्रमांक 10 मुकेश सिंह पिता स्व. आनंद सिंह परस्ते, उम्र 40 वर्ष, ने थाना पहुंचकर रिपोर्ट दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि डाक वितरण संबंधी शासकीय कार्य से लौटने के बाद वे अपने किराये के कमरे की ओर जा रहे थे। उसी दौरान न्यायालय के सामने उन्होंने देखा कि न्यायालय कर्मचारी विमल लडिया एक मानसिक रूप से अस्वस्थ व्यक्ति से मारपीट कर रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, जब आरक्षक ने बीच-बचाव कर समझाइश देने की कोशिश की तो आरोपित कर्मचारी ने उनसे अभद्र भाषा में गाली-गलौज की और विवाद करते हुए हाथापाई शुरू कर दी। मौके पर मौजूद दीपक मरावी, अनिल कुमार कोल और बाहिद खान ने हस्तक्षेप कर स्थिति को संभाला और आरक्षक को छुड़ाया। घटना में आरक्षक की वर्दी फटने और चेहरे व गर्दन में चोट लगने की बात सामने आई है। मारपीट का वीडियो किसी व्यक्ति द्वारा रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर प्रसारित कर दिया गया, जिसके बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया। इस संबंध में पन्नू सिंह परस्ते, एसडीओपी उमरिया ने बताया कि वायरल वीडियो संज्ञान में आने के बाद संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है। उन्होंने कहा कि पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शासकीय कर्मचारी के साथ सार्वजनिक स्थान पर की गई मारपीट गंभीर विषय है। कानून को हाथ में लेने की अनुमति किसी को नहीं दी जा सकती। फिलहाल गवाहों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और वीडियो की तकनीकी जांच भी कराई जा रही है।1