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राजस्थान के राजसमंद जिले के नांदोली से न्यू द्वारकेश न्यूज़ चैनल के रिपोर्टर नंदलाल पुरबिया द्वारा चारभुजा नाथ के दर्शन जनहित में प्रसारित किए गए हैं।

5 hrs ago
user_फोटोग्राफर नंदलाल पुरबिया नांद
फोटोग्राफर नंदलाल पुरबिया नांद
Photographer राजसमंद, राजसमंद, राजस्थान•
5 hrs ago

राजस्थान के राजसमंद जिले के नांदोली से न्यू द्वारकेश न्यूज़ चैनल के रिपोर्टर नंदलाल पुरबिया द्वारा चारभुजा नाथ के दर्शन जनहित में प्रसारित किए गए हैं।

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  • अखिल राजस्थान महिला एवं बाल विकास संयुक्त कर्मचारी संघ के प्रदेशव्यापी आह्वान पर राजसमंद की आंगनबाड़ी सहायिकाओं ने आज से अनिश्चितकालीन हड़ताल और कार्य बहिष्कार शुरू कर दिया है। यह कदम उनकी छह सूत्रीय मांगों को लेकर उठाया गया है, जिनमें नियमितीकरण, न्यूनतम मजदूरी, पेंशन लागू करना और मोबाइल डेटा उपलब्ध कराना प्रमुख हैं। दरअसल, आंगनबाड़ी सहायिकाओं ने छह दिन पहले प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर अल्टीमेटम दिया था। इस अल्टीमेटम के बाद, कल जयपुर में प्रदेश कार्यकारिणी के साथ सरकार की एक उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई थी। हालांकि, यह बैठक बेनतीजा रही क्योंकि सरकार ने कोई भी मांग मानने से इनकार कर दिया। आज, अखिल राजस्थान महिला एवं बाल विकास संयुक्त कर्मचारी संघ की जिलाध्यक्ष रीना त्रिवेदी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में आंगनबाड़ी सहायिकाएं राजसमंद कलेक्ट्रेट पहुंचीं। उन्होंने अतिरिक्त जिला कलेक्टर एवं उपनिदेशक को ज्ञापन सौंपकर हड़ताल की औपचारिक शुरुआत की और कलेक्ट्री पर जमकर नारेबाजी की। जिलाध्यक्ष रीना त्रिवेदी ने स्पष्ट किया कि संगठन ने सरकार के मांगों को न मानने के फैसले के बाद आज से पूरे प्रदेश में अनिश्चितकालीन हड़ताल का निर्णय लिया है। उन्होंने दोहराया कि जब तक उनकी प्रमुख मांगें सरकार द्वारा स्वीकार नहीं की जातीं, तब तक आंगनबाड़ी सहायिकाएं कार्य पर नहीं लौटेंगी।
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    अखिल राजस्थान महिला एवं बाल विकास संयुक्त कर्मचारी संघ के प्रदेशव्यापी आह्वान पर राजसमंद की आंगनबाड़ी सहायिकाओं ने आज से अनिश्चितकालीन हड़ताल और कार्य बहिष्कार शुरू कर दिया है। यह कदम उनकी छह सूत्रीय मांगों को लेकर उठाया गया है, जिनमें नियमितीकरण, न्यूनतम मजदूरी, पेंशन लागू करना और मोबाइल डेटा उपलब्ध कराना प्रमुख हैं।

दरअसल, आंगनबाड़ी सहायिकाओं ने छह दिन पहले प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर अल्टीमेटम दिया था। इस अल्टीमेटम के बाद, कल जयपुर में प्रदेश कार्यकारिणी के साथ सरकार की एक उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई थी। हालांकि, यह बैठक बेनतीजा रही क्योंकि सरकार ने कोई भी मांग मानने से इनकार कर दिया।

आज, अखिल राजस्थान महिला एवं बाल विकास संयुक्त कर्मचारी संघ की जिलाध्यक्ष रीना त्रिवेदी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में आंगनबाड़ी सहायिकाएं राजसमंद कलेक्ट्रेट पहुंचीं। उन्होंने अतिरिक्त जिला कलेक्टर एवं उपनिदेशक को ज्ञापन सौंपकर हड़ताल की औपचारिक शुरुआत की और कलेक्ट्री पर जमकर नारेबाजी की। जिलाध्यक्ष रीना त्रिवेदी ने स्पष्ट किया कि संगठन ने सरकार के मांगों को न मानने के फैसले के बाद आज से पूरे प्रदेश में अनिश्चितकालीन हड़ताल का निर्णय लिया है। उन्होंने दोहराया कि जब तक उनकी प्रमुख मांगें सरकार द्वारा स्वीकार नहीं की जातीं, तब तक आंगनबाड़ी सहायिकाएं कार्य पर नहीं लौटेंगी।
    user_Tarun Joshi, Rajsamand
    Tarun Joshi, Rajsamand
    राजसमंद, राजसमंद, राजस्थान•
    51 min ago
  • बार एसोसिएशन वल्लभनगर के तत्वावधान में मंगलवार को अधिवक्ताओं ने न्यायिक कार्यों का पूर्ण बहिष्कार कर जोरदार प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन उदयपुर में हाईकोर्ट बेंच की स्थापना, वल्लभनगर में अपर जिला एवं सत्र न्यायालय (एडीजे) और एनआई एक्ट न्यायालय की स्थापना की मांग को लेकर किया गया। बार अध्यक्ष बाबूलाल डांगी के नेतृत्व में अधिवक्ताओं ने नारेबाजी करते हुए न्यायपालिका और राज्य सरकार से इन मांगों पर शीघ्र निर्णय लेने की अपील की। बार एसोसिएशन अध्यक्ष बाबूलाल डांगी, दुर्गेश मेनारिया और अजीत प्रसाद नीमडिया ने बताया कि वल्लभनगर में एडीजे न्यायालय एवं एनआई एक्ट के अंतर्गत मामलों की सुनवाई के लिए एक पृथक न्यायालय की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इन न्यायालयों के अभाव में क्षेत्र के पक्षकारों को न्याय प्राप्त करने के लिए दूरस्थ न्यायालयों में जाना पड़ता है, जिससे उनका समय, धन एवं श्रम अनावश्यक रूप से बर्बाद होता है। इसी समस्या के निवारण हेतु अधिवक्ताओं ने यह न्यायिक बहिष्कार किया है।
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    बार एसोसिएशन वल्लभनगर के तत्वावधान में मंगलवार को अधिवक्ताओं ने न्यायिक कार्यों का पूर्ण बहिष्कार कर जोरदार प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन उदयपुर में हाईकोर्ट बेंच की स्थापना, वल्लभनगर में अपर जिला एवं सत्र न्यायालय (एडीजे) और एनआई एक्ट न्यायालय की स्थापना की मांग को लेकर किया गया। बार अध्यक्ष बाबूलाल डांगी के नेतृत्व में अधिवक्ताओं ने नारेबाजी करते हुए न्यायपालिका और राज्य सरकार से इन मांगों पर शीघ्र निर्णय लेने की अपील की।

बार एसोसिएशन अध्यक्ष बाबूलाल डांगी, दुर्गेश मेनारिया और अजीत प्रसाद नीमडिया ने बताया कि वल्लभनगर में एडीजे न्यायालय एवं एनआई एक्ट के अंतर्गत मामलों की सुनवाई के लिए एक पृथक न्यायालय की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इन न्यायालयों के अभाव में क्षेत्र के पक्षकारों को न्याय प्राप्त करने के लिए दूरस्थ न्यायालयों में जाना पड़ता है, जिससे उनका समय, धन एवं श्रम अनावश्यक रूप से बर्बाद होता है। इसी समस्या के निवारण हेतु अधिवक्ताओं ने यह न्यायिक बहिष्कार किया है।
    user_Local Tv News Channel
    Local Tv News Channel
    वल्लभनगर, उदयपुर, राजस्थान•
    20 hrs ago
  • उदयपुर जिले के भीण्डर नगरपालिका के वार्ड नंबर 7 में गिरवर पोल स्कूल से विरवालियों का खेड़ा तक की पूरी सड़क बेहद खराब स्थिति में है। इस बदहाल सड़क के कारण आए दिन गाड़ियाँ फँस जाती हैं, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। आरोप है कि भीण्डर नगरपालिका इस गंभीर समस्या पर कोई ध्यान नहीं दे रही है। निवासियों की माँग है कि इस खबर को पूरे राजस्थान में दिखाया जाए, ताकि सभी विधायकों को इसकी जानकारी हो सके, क्योंकि विधायक इस गाँव को केवल वोट के समय ही पहचानते हैं और तभी यहाँ वोट मांगने आते हैं।
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    उदयपुर जिले के भीण्डर नगरपालिका के वार्ड नंबर 7 में गिरवर पोल स्कूल से विरवालियों का खेड़ा तक की पूरी सड़क बेहद खराब स्थिति में है। इस बदहाल सड़क के कारण आए दिन गाड़ियाँ फँस जाती हैं, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। आरोप है कि भीण्डर नगरपालिका इस गंभीर समस्या पर कोई ध्यान नहीं दे रही है। निवासियों की माँग है कि इस खबर को पूरे राजस्थान में दिखाया जाए, ताकि सभी विधायकों को इसकी जानकारी हो सके, क्योंकि विधायक इस गाँव को केवल वोट के समय ही पहचानते हैं और तभी यहाँ वोट मांगने आते हैं।
    user_Roshan lal meena
    Roshan lal meena
    भींडर, उदयपुर, राजस्थान•
    4 hrs ago
  • राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) ने स्वयं स्वीकार किया है कि पुलिस आरोपी को बचाने का प्रयास कर रही है। इसके बावजूद, पुलिस विभाग इस मामले में त्वरित कार्रवाई करने के बजाय खामोश बैठा है। यह प्रकरण ग्राम बानसेन थाना भदेसर निवासी नारायण लाल लढ्ढा द्वारा राजसम्पर्क पोर्टल पर दर्ज कराई गई शिकायत संख्या 072606727584938 से संबंधित है। परिवादी ने आरोप लगाया था कि 24 जनवरी 2025 को न्यायालय के स्थगन आदेश के बावजूद अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई थी। दिनांक 4 जुलाई 2026 को सीएमओ राजस्थान ने इस परिवाद पर टिप्पणी दर्ज की, जिसमें कहा गया कि परिवादी विभाग द्वारा की गई कार्रवाई से असंतुष्ट है, और पुलिस आरोपी को बचाने के चक्कर में इसे 132 का प्रकरण बता रही है, जबकि यह मामला 24 जनवरी 2025 का है और 132 का प्रकरण 6 सितंबर 2024 का है। इसके बाद, 6 जुलाई 2026 को चित्तौड़गढ़ के पुलिस अधीक्षक ने स्वयं प्रकरण दर्ज करने और अनुसंधान जारी रखने का आदेश दिया। हालांकि, पुलिस थाना भदेसर द्वारा आदेश के 48 घंटे बीत जाने के बाद भी एफआईआर संख्या 112/2025 दर्ज नहीं की गई। राज.सम्पर्क 072606727487736 में डीवाईएसपी भदेसर ने भी 24.01.25 को माननीय न्यायालय के स्टे आदेश के बावजूद अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को स्वीकार किया है। इस पर, परिवादी नारायण लाल ने 7 जुलाई 2026 को एसपी, आईजी उदयपुर, डीएम चित्तौड़गढ़ और सीजेएम चित्तौड़गढ़ को मेल भेजकर 2 घंटे में एफआईआर नंबर उपलब्ध कराने का अल्टीमेटम दिया है। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि एफआईआर दर्ज नहीं की जाती है, तो वे उच्च न्यायालय जोधपुर में अवमानना याचिका दायर करेंगे। इस संबंध में जब एसपी कार्यालय चित्तौड़गढ़ और थाना भदेसर के अधिकारियों से संपर्क किया गया तो कोई आधिकारिक बयान नहीं मिल सका और उन्होंने टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।
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    राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) ने स्वयं स्वीकार किया है कि पुलिस आरोपी को बचाने का प्रयास कर रही है। इसके बावजूद, पुलिस विभाग इस मामले में त्वरित कार्रवाई करने के बजाय खामोश बैठा है।

यह प्रकरण ग्राम बानसेन थाना भदेसर निवासी नारायण लाल लढ्ढा द्वारा राजसम्पर्क पोर्टल पर दर्ज कराई गई शिकायत संख्या 072606727584938 से संबंधित है। परिवादी ने आरोप लगाया था कि 24 जनवरी 2025 को न्यायालय के स्थगन आदेश के बावजूद अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई थी।

दिनांक 4 जुलाई 2026 को सीएमओ राजस्थान ने इस परिवाद पर टिप्पणी दर्ज की, जिसमें कहा गया कि परिवादी विभाग द्वारा की गई कार्रवाई से असंतुष्ट है, और पुलिस आरोपी को बचाने के चक्कर में इसे 132 का प्रकरण बता रही है, जबकि यह मामला 24 जनवरी 2025 का है और 132 का प्रकरण 6 सितंबर 2024 का है। इसके बाद, 6 जुलाई 2026 को चित्तौड़गढ़ के पुलिस अधीक्षक ने स्वयं प्रकरण दर्ज करने और अनुसंधान जारी रखने का आदेश दिया। हालांकि, पुलिस थाना भदेसर द्वारा आदेश के 48 घंटे बीत जाने के बाद भी एफआईआर संख्या 112/2025 दर्ज नहीं की गई। राज.सम्पर्क 072606727487736 में डीवाईएसपी भदेसर ने भी 24.01.25 को माननीय न्यायालय के स्टे आदेश के बावजूद अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को स्वीकार किया है।

इस पर, परिवादी नारायण लाल ने 7 जुलाई 2026 को एसपी, आईजी उदयपुर, डीएम चित्तौड़गढ़ और सीजेएम चित्तौड़गढ़ को मेल भेजकर 2 घंटे में एफआईआर नंबर उपलब्ध कराने का अल्टीमेटम दिया है। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि एफआईआर दर्ज नहीं की जाती है, तो वे उच्च न्यायालय जोधपुर में अवमानना याचिका दायर करेंगे। इस संबंध में जब एसपी कार्यालय चित्तौड़गढ़ और थाना भदेसर के अधिकारियों से संपर्क किया गया तो कोई आधिकारिक बयान नहीं मिल सका और उन्होंने टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।
    user_ओम जैन शंभूपुरा
    ओम जैन शंभूपुरा
    Salesperson चित्तौड़गढ़, चित्तौड़गढ़, राजस्थान•
    31 min ago
  • राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) से संबंधित एक महत्वपूर्ण अपडेट जारी किया गया है। इस अपडेट के अनुसार, मनरेगा के कार्य समय में बदलाव किया गया है। यह अपडेट 125 दिन के रोजगार, ₹300 की मजदूरी दर, योजना के नए नामों और रविवार के अवकाश से जुड़ी पूरी सच्चाई जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर केंद्रित है।
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    राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) से संबंधित एक महत्वपूर्ण अपडेट जारी किया गया है। इस अपडेट के अनुसार, मनरेगा के कार्य समय में बदलाव किया गया है। यह अपडेट 125 दिन के रोजगार, ₹300 की मजदूरी दर, योजना के नए नामों और रविवार के अवकाश से जुड़ी पूरी सच्चाई जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर केंद्रित है।
    user_Hello Chittorgarh News
    Hello Chittorgarh News
    Local News Reporter चित्तौड़गढ़, चित्तौड़गढ़, राजस्थान•
    4 hrs ago
  • जयपुर में अजमेर रोड पर कल सुबह हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे में राजसमंद के एक ही परिवार के चार सदस्यों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक महिला गंभीर रूप से घायल हो गई। पीओपी से भरा एक तेज रफ्तार ट्रेलर अनियंत्रित होकर सड़क किनारे बस का इंतजार कर रहे परिवार पर चढ़ गया था। इस भीषण दुर्घटना में चंद्रप्रकाश और उनके तीन बच्चों ने तुरंत दम तोड़ दिया, वहीं उनकी पत्नी कैलाशी देवी के दोनों पैर कुचल गए। गंभीर रूप से घायल कैलाशी देवी अपने पति और बच्चों को तड़पता देख मदद के लिए चीखती रहीं, लेकिन कुछ ही देर में वह बेहोश हो गईं। उनका उपचार अस्पताल में जारी है। आज जब चारों शव राजसमंद के जेतपुरा गांव पहुंचे, तो पूरे मोहल्ले में मातम पसर गया। गांव के सभी आयु वर्ग के लोगों की आंखें नम थीं। इस गरीब परिवार पर अचानक हुए इस वज्रपात के कारण अंतिम संस्कार होने तक गांव के किसी भी घर में चूल्हा नहीं जला। बड़ी संख्या में ग्रामीण और रिश्तेदारों की मौजूदगी में चारों शवों की अंतिम यात्रा निकाली गई और उनका अंतिम संस्कार किया गया। इस घटना को लेकर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने भी दुख व्यक्त किया है। वहीं, लोकसभाध्यक्ष ओम बिरला ने मृतक परिवार के बुजुर्गों से फोन पर बात कर अपनी शोक संवेदनाएं व्यक्त कीं और सरकार की ओर से हर संभव मदद का आश्वासन दिया। घटना का सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद ग्रामीणों की संवेदनाएं और बढ़ गईं। यह हादसा एक बार फिर तेज रफ्तार और सड़क सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
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    जयपुर में अजमेर रोड पर कल सुबह हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे में राजसमंद के एक ही परिवार के चार सदस्यों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक महिला गंभीर रूप से घायल हो गई। पीओपी से भरा एक तेज रफ्तार ट्रेलर अनियंत्रित होकर सड़क किनारे बस का इंतजार कर रहे परिवार पर चढ़ गया था। इस भीषण दुर्घटना में चंद्रप्रकाश और उनके तीन बच्चों ने तुरंत दम तोड़ दिया, वहीं उनकी पत्नी कैलाशी देवी के दोनों पैर कुचल गए।

गंभीर रूप से घायल कैलाशी देवी अपने पति और बच्चों को तड़पता देख मदद के लिए चीखती रहीं, लेकिन कुछ ही देर में वह बेहोश हो गईं। उनका उपचार अस्पताल में जारी है। आज जब चारों शव राजसमंद के जेतपुरा गांव पहुंचे, तो पूरे मोहल्ले में मातम पसर गया। गांव के सभी आयु वर्ग के लोगों की आंखें नम थीं। इस गरीब परिवार पर अचानक हुए इस वज्रपात के कारण अंतिम संस्कार होने तक गांव के किसी भी घर में चूल्हा नहीं जला। बड़ी संख्या में ग्रामीण और रिश्तेदारों की मौजूदगी में चारों शवों की अंतिम यात्रा निकाली गई और उनका अंतिम संस्कार किया गया।

इस घटना को लेकर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने भी दुख व्यक्त किया है। वहीं, लोकसभाध्यक्ष ओम बिरला ने मृतक परिवार के बुजुर्गों से फोन पर बात कर अपनी शोक संवेदनाएं व्यक्त कीं और सरकार की ओर से हर संभव मदद का आश्वासन दिया। घटना का सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद ग्रामीणों की संवेदनाएं और बढ़ गईं। यह हादसा एक बार फिर तेज रफ्तार और सड़क सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
    user_Tarun Joshi, Rajsamand
    Tarun Joshi, Rajsamand
    राजसमंद, राजसमंद, राजस्थान•
    1 hr ago
  • नंदलाल पुरबिया रिपोर्टर न्यू द्वारकेश न्यूज़ चैनल नांदोली राजसमंद राजस्थान द्वारा जनहित में प्रसारित
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    नंदलाल पुरबिया रिपोर्टर न्यू द्वारकेश न्यूज़ चैनल नांदोली राजसमंद राजस्थान द्वारा जनहित में प्रसारित
    user_फोटोग्राफर नंदलाल पुरबिया नांद
    फोटोग्राफर नंदलाल पुरबिया नांद
    Photographer राजसमंद, राजसमंद, राजस्थान•
    5 hrs ago
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