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टॉप न्यूज

4 hrs ago
user_Journalist Suraj Kumar
Journalist Suraj Kumar
सिहावल, सीधी, मध्य प्रदेश•
4 hrs ago

टॉप न्यूज

More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
  • टॉप न्यूज
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    टॉप न्यूज
    user_Journalist Suraj Kumar
    Journalist Suraj Kumar
    सिहावल, सीधी, मध्य प्रदेश•
    4 hrs ago
  • 'अग्निवीर' से 'रिश्वतवीर' तक का सफर: पटवारी जी ने सीमा की रक्षा छोड़, जनता की जेब काटना सीखा! नमस्कार! आज हम बात कर रहे हैं एक ऐसे "महारथी" की, जिन्होंने देश सेवा की वर्दी उतारकर भ्रष्टाचार की ऐसी चादर ओढ़ी कि लोकायुक्त को उसे उतारने में पसीना आ गया। मिलिए पटवारी मुनेन्द्र सिंह भदौरिया से, जिन्होंने साबित कर दिया कि नीयत खराब हो, तो 'अग्निवीर' की ट्रेनिंग भी सिर्फ नोट गिनने की रफ्तार बढ़ाने के काम आती है! ​ ​ कभी सरहद की रक्षा का संकल्प लेने वाले मुनेन्द्र सिंह ने पटवारी बनते ही 'हल्का' (क्षेत्र) को ही अपना निजी बैंक समझ लिया। सेमरिया और मिर्चवार की जनता बेचारी समझ ही नहीं पाई कि पटवारी जी जमीन नाप रहे हैं या उनकी उम्मीदों का गला। ​ मुनेश्वर सोनी जी से पटवारी साहब ने अपनी "सेवा शुल्क" के रूप में ₹50,000 की मांग की थी। सोनी जी ने ₹25,000 तो जैसे-तैसे दे दिए, लेकिन साहब की भूख कम ही नहीं हो रही थी। आज ₹5,000 की "किस्त" लेने जैसे ही हाथ आगे बढ़ाया, लोकायुक्त ने वो हाथ पकड़ लिया जो शायद जनता की दुआएं लेने के लिए बना था। धन्य है सेमरिया की जनता! बरसों से साहब को हजार-पचास हजार की भेंट चढ़ाते रहे, जैसे किसी मंदिर में दान दे रहे हों। लेकिन मुनेश्वर सोनी ने तय किया कि अब बहुत हुआ। उन्होंने पटवारी जी के भ्रष्टाचार के किले में सेंध लगाने के लिए लोकायुक्त का सहारा लिया। ​"पटवारी जी को लगा होगा कि जमीन के रिकॉर्ड सुधारने के लिए स्याही से ज्यादा नोटों की गर्मी की जरूरत होती है। वर्दी बदली, विभाग बदला, पर अफसोस... नीयत नहीं बदली। अब पटवारी साहब ये हिसाब लगा रहे होंगे कि 'अग्निवीर' में दौड़ना ज्यादा आसान था या लोकायुक्त के चंगुल से भागना!" ​क्षेत्र में अब चर्चा गरम है कि साहब ने अब तक कितने लोगों को 'चूना' लगाया है। गिनती शायद लाखों में जाएगी, क्योंकि पटवारी जी की भूख किसी सामान्य इंसान जैसी नहीं, बल्कि एक 'प्रोफेशनल' भ्रष्टाचारी जैसी थी। ​लोकायुक्त की इस कार्यवाही ने एक बात साफ कर दी है: आप चाहे पूर्व सैनिक हों या कोई बड़े रसूखदार, अगर जनता का खून चूसेंगे, तो कानून का शिकंजा कसने में देर नहीं लगेगी।
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    'अग्निवीर' से 'रिश्वतवीर' तक का सफर: पटवारी जी ने सीमा की रक्षा छोड़, जनता की जेब काटना सीखा!
नमस्कार! आज हम बात कर रहे हैं एक ऐसे "महारथी" की, जिन्होंने देश सेवा की वर्दी उतारकर भ्रष्टाचार की ऐसी चादर ओढ़ी कि लोकायुक्त को उसे उतारने में पसीना आ गया। मिलिए पटवारी मुनेन्द्र सिंह भदौरिया से, जिन्होंने साबित कर दिया कि नीयत खराब हो, तो 'अग्निवीर' की ट्रेनिंग भी सिर्फ नोट गिनने की रफ्तार बढ़ाने के काम आती है!
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​ कभी सरहद की रक्षा का संकल्प लेने वाले मुनेन्द्र सिंह ने पटवारी बनते ही 'हल्का' (क्षेत्र) को ही अपना निजी बैंक समझ लिया। सेमरिया और मिर्चवार की जनता बेचारी समझ ही नहीं पाई कि पटवारी जी जमीन नाप रहे हैं या उनकी उम्मीदों का गला।
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मुनेश्वर सोनी जी से पटवारी साहब ने अपनी "सेवा शुल्क" के रूप में ₹50,000 की मांग की थी। सोनी जी ने ₹25,000 तो जैसे-तैसे दे दिए, लेकिन साहब की भूख कम ही नहीं हो रही थी। आज ₹5,000 की "किस्त" लेने जैसे ही हाथ आगे बढ़ाया, लोकायुक्त ने वो हाथ पकड़ लिया जो शायद जनता की दुआएं लेने के लिए बना था।
धन्य है सेमरिया की जनता! बरसों से साहब को हजार-पचास हजार की भेंट चढ़ाते रहे, जैसे किसी मंदिर में दान दे रहे हों। लेकिन मुनेश्वर सोनी ने तय किया कि अब बहुत हुआ। उन्होंने पटवारी जी के भ्रष्टाचार के किले में सेंध लगाने के लिए लोकायुक्त का सहारा लिया।
​"पटवारी जी को लगा होगा कि जमीन के रिकॉर्ड सुधारने के लिए स्याही से ज्यादा नोटों की गर्मी की जरूरत होती है। वर्दी बदली, विभाग बदला, पर अफसोस... नीयत नहीं बदली। अब पटवारी साहब ये हिसाब लगा रहे होंगे कि 'अग्निवीर' में दौड़ना ज्यादा आसान था या लोकायुक्त के चंगुल से भागना!"
​क्षेत्र में अब चर्चा गरम है कि साहब ने अब तक कितने लोगों को 'चूना' लगाया है। गिनती शायद लाखों में जाएगी, क्योंकि पटवारी जी की भूख किसी सामान्य इंसान जैसी नहीं, बल्कि एक 'प्रोफेशनल' भ्रष्टाचारी जैसी थी।
​लोकायुक्त की इस कार्यवाही ने एक बात साफ कर दी है: आप चाहे पूर्व सैनिक हों या कोई बड़े रसूखदार, अगर जनता का खून चूसेंगे, तो कानून का शिकंजा कसने में देर नहीं लगेगी।
    user_पत्रकार रुद्र प्रताप सिंह
    पत्रकार रुद्र प्रताप सिंह
    Photographer गोपदबनास, सीधी, मध्य प्रदेश•
    7 hrs ago
  • जनपद सोनभद्र घोरावल तहसील के ग्राम भैसवार के किसानों का धरना 301 दिन में पहुंचा धरना का नेतृत्व कर रहे हैं भारतीय किसान यूनियन लोक शक्ति के जिला अध्यक्ष बिरजू कुशवाहा ने बताया कि हमारा धरना शांतिपूर्वक चल रहा है जब तक हमारी मांगे पूरा नहीं होगा तब तक हमारा धरना चलता रहेगा चाहे हमें कई महीना चलना पड़े
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    जनपद सोनभद्र घोरावल तहसील के ग्राम भैसवार के किसानों का धरना 301 दिन में पहुंचा धरना का नेतृत्व कर रहे हैं भारतीय किसान यूनियन लोक शक्ति के जिला अध्यक्ष बिरजू कुशवाहा ने बताया कि हमारा धरना शांतिपूर्वक चल रहा है जब तक हमारी मांगे पूरा नहीं होगा तब तक हमारा धरना चलता रहेगा चाहे हमें कई महीना चलना पड़े
    user_Brijesh kumar singh
    Brijesh kumar singh
    घोरावल, सोनभद्र, उत्तर प्रदेश•
    10 hrs ago
  • प्रयागराज। बारा तहसील परिसर में बार एसोसिएशन बारा के अधिवक्ताओं ने उपजिलाधिकारी (एसडीएम) बारा के खिलाफ धरना प्रदर्शन किया। अधिवक्ताओं ने एसडीएम पर भ्रष्टाचार और मनमानी का आरोप लगाते हुए जिलाधिकारी से उनके तत्काल तबादले की मांग की। धरने पर बैठे अधिवक्ताओं का कहना है कि तहसील में आम जनता और अधिवक्ताओं को कई प्रकार की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि उपजिलाधिकारी की कार्यशैली से लोगों में असंतोष बढ़ रहा है और कई मामलों में पारदर्शिता नहीं बरती जा रही है। अधिवक्ताओं ने कहा कि इस संबंध में कई बार शिकायतें की गईं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। इसी के विरोध में बार एसोसिएशन के बैनर तले अधिवक्ताओं ने तहसील परिसर में धरना शुरू किया और जिलाधिकारी से हस्तक्षेप कर एसडीएम के स्थानांतरण की मांग की। अधिवक्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
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    प्रयागराज। बारा तहसील परिसर में बार एसोसिएशन बारा के अधिवक्ताओं ने उपजिलाधिकारी (एसडीएम) बारा के खिलाफ धरना प्रदर्शन किया। अधिवक्ताओं ने एसडीएम पर भ्रष्टाचार और मनमानी का आरोप लगाते हुए जिलाधिकारी से उनके तत्काल तबादले की मांग की।
धरने पर बैठे अधिवक्ताओं का कहना है कि तहसील में आम जनता और अधिवक्ताओं को कई प्रकार की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि उपजिलाधिकारी की कार्यशैली से लोगों में असंतोष बढ़ रहा है और कई मामलों में पारदर्शिता नहीं बरती जा रही है।
अधिवक्ताओं ने कहा कि इस संबंध में कई बार शिकायतें की गईं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। इसी के विरोध में बार एसोसिएशन के बैनर तले अधिवक्ताओं ने तहसील परिसर में धरना शुरू किया और जिलाधिकारी से हस्तक्षेप कर एसडीएम के स्थानांतरण की मांग की।
अधिवक्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
    user_Rohit Sharma
    Rohit Sharma
    निष्पक्षता से खबर को प्रकाशित करना मेरा बारा, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    11 hrs ago
  • Post by Abhay Dubey
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    Post by Abhay Dubey
    user_Abhay Dubey
    Abhay Dubey
    Police Officer सिंगरौली नगर, सिंगरौली, मध्य प्रदेश•
    18 hrs ago
  • Post by Devraj Balmiki
    1
    Post by Devraj Balmiki
    user_Devraj Balmiki
    Devraj Balmiki
    Singrauli Nagar, Madhya Pradesh•
    18 hrs ago
  • लड़की को मंच,से, उठाकर,नीचे, फेक,देना,कोई,बात, नहीं है, आर्केस्ट्रा वाले, आसी,भी,होते,है,हमारे, सिंगरौली 🥀🥀🥀,में,है,जय, श्री राम
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    लड़की को मंच,से, उठाकर,नीचे, फेक,देना,कोई,बात, नहीं है, आर्केस्ट्रा वाले, आसी,भी,होते,है,हमारे, सिंगरौली 🥀🥀🥀,में,है,जय, श्री राम
    user_सिंगरौली,
    सिंगरौली,
    सिंगरौली नगर, सिंगरौली, मध्य प्रदेश•
    19 hrs ago
  • प्रयागराज। किसानों की अच्छी पैदावार और बेहतर गुणवत्ता को ध्यान में रखते हुए बाजार में ‘PAN 5050’ गेहूं बीज किसानों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। कंपनी के अनुसार यह बीज हर मौसम में बेहतर उत्पादन देने की क्षमता रखता है और गिरने के प्रति भी काफी सहनशील है। इस बीज की खासियत यह है कि इससे मजबूत पौधे तैयार होते हैं, जिससे फसल का उत्पादन अच्छा होता है और दाने भी गुणवत्तापूर्ण मिलते हैं। साथ ही यह किस्म विभिन्न परिस्थितियों में भी अच्छी पैदावार देने में सक्षम बताई जा रही है। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यदि किसान उचित समय पर बुवाई, संतुलित खाद और सही देखभाल करें तो इस किस्म से अच्छी पैदावार प्राप्त की जा सकती है। कंपनी ने किसानों को बेहतर उत्पादन के लिए बीज के साथ आवश्यक खेती संबंधी सुझाव भी उपलब्ध कराए हैं।
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    प्रयागराज। किसानों की अच्छी पैदावार और बेहतर गुणवत्ता को ध्यान में रखते हुए बाजार में ‘PAN 5050’ गेहूं बीज किसानों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। कंपनी के अनुसार यह बीज हर मौसम में बेहतर उत्पादन देने की क्षमता रखता है और गिरने के प्रति भी काफी सहनशील है।
इस बीज की खासियत यह है कि इससे मजबूत पौधे तैयार होते हैं, जिससे फसल का उत्पादन अच्छा होता है और दाने भी गुणवत्तापूर्ण मिलते हैं। साथ ही यह किस्म विभिन्न परिस्थितियों में भी अच्छी पैदावार देने में सक्षम बताई जा रही है।
कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यदि किसान उचित समय पर बुवाई, संतुलित खाद और सही देखभाल करें तो इस किस्म से अच्छी पैदावार प्राप्त की जा सकती है। कंपनी ने किसानों को बेहतर उत्पादन के लिए बीज के साथ आवश्यक खेती संबंधी सुझाव भी उपलब्ध कराए हैं।
    user_Rohit Sharma
    Rohit Sharma
    निष्पक्षता से खबर को प्रकाशित करना मेरा बारा, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    16 hrs ago
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