'अग्निवीर' से 'रिश्वतवीर' तक का सफर: पटवारी जी ने सीमा की रक्षा छोड़, जनता की जेब काटना सीखा! नमस्कार! आज हम बात कर रहे हैं एक ऐसे "महारथी" की, जिन्होंने देश सेवा की वर्दी उतारकर भ्रष्टाचार की ऐसी चादर ओढ़ी कि लोकायुक्त को उसे उतारने में पसीना आ गया। मिलिए पटवारी मुनेन्द्र सिंह भदौरिया से, जिन्होंने साबित कर दिया कि नीयत खराब हो, तो 'अग्निवीर' की ट्रेनिंग भी सिर्फ नोट गिनने की रफ्तार बढ़ाने के काम आती है! कभी सरहद की रक्षा का संकल्प लेने वाले मुनेन्द्र सिंह ने पटवारी बनते ही 'हल्का' (क्षेत्र) को ही अपना निजी बैंक समझ लिया। सेमरिया और मिर्चवार की जनता बेचारी समझ ही नहीं पाई कि पटवारी जी जमीन नाप रहे हैं या उनकी उम्मीदों का गला। मुनेश्वर सोनी जी से पटवारी साहब ने अपनी "सेवा शुल्क" के रूप में ₹50,000 की मांग की थी। सोनी जी ने ₹25,000 तो जैसे-तैसे दे दिए, लेकिन साहब की भूख कम ही नहीं हो रही थी। आज ₹5,000 की "किस्त" लेने जैसे ही हाथ आगे बढ़ाया, लोकायुक्त ने वो हाथ पकड़ लिया जो शायद जनता की दुआएं लेने के लिए बना था। धन्य है सेमरिया की जनता! बरसों से साहब को हजार-पचास हजार की भेंट चढ़ाते रहे, जैसे किसी मंदिर में दान दे रहे हों। लेकिन मुनेश्वर सोनी ने तय किया कि अब बहुत हुआ। उन्होंने पटवारी जी के भ्रष्टाचार के किले में सेंध लगाने के लिए लोकायुक्त का सहारा लिया। "पटवारी जी को लगा होगा कि जमीन के रिकॉर्ड सुधारने के लिए स्याही से ज्यादा नोटों की गर्मी की जरूरत होती है। वर्दी बदली, विभाग बदला, पर अफसोस... नीयत नहीं बदली। अब पटवारी साहब ये हिसाब लगा रहे होंगे कि 'अग्निवीर' में दौड़ना ज्यादा आसान था या लोकायुक्त के चंगुल से भागना!" क्षेत्र में अब चर्चा गरम है कि साहब ने अब तक कितने लोगों को 'चूना' लगाया है। गिनती शायद लाखों में जाएगी, क्योंकि पटवारी जी की भूख किसी सामान्य इंसान जैसी नहीं, बल्कि एक 'प्रोफेशनल' भ्रष्टाचारी जैसी थी। लोकायुक्त की इस कार्यवाही ने एक बात साफ कर दी है: आप चाहे पूर्व सैनिक हों या कोई बड़े रसूखदार, अगर जनता का खून चूसेंगे, तो कानून का शिकंजा कसने में देर नहीं लगेगी।
'अग्निवीर' से 'रिश्वतवीर' तक का सफर: पटवारी जी ने सीमा की रक्षा छोड़, जनता की जेब काटना सीखा! नमस्कार! आज हम बात कर रहे हैं एक ऐसे "महारथी" की, जिन्होंने देश सेवा की वर्दी उतारकर भ्रष्टाचार की ऐसी चादर ओढ़ी कि लोकायुक्त को उसे उतारने में पसीना आ गया। मिलिए पटवारी मुनेन्द्र सिंह भदौरिया से, जिन्होंने साबित कर दिया कि नीयत खराब हो, तो 'अग्निवीर' की ट्रेनिंग भी सिर्फ नोट गिनने की रफ्तार बढ़ाने के काम आती है! कभी सरहद की रक्षा का संकल्प लेने वाले मुनेन्द्र सिंह ने पटवारी बनते ही 'हल्का' (क्षेत्र) को ही अपना निजी बैंक समझ लिया। सेमरिया और मिर्चवार की जनता बेचारी समझ ही नहीं पाई कि पटवारी जी जमीन नाप रहे हैं या उनकी उम्मीदों का गला। मुनेश्वर सोनी जी से पटवारी साहब ने अपनी "सेवा शुल्क" के रूप में ₹50,000 की मांग की थी। सोनी जी ने ₹25,000 तो जैसे-तैसे दे दिए, लेकिन साहब की भूख कम ही नहीं हो रही थी। आज ₹5,000 की "किस्त" लेने जैसे ही हाथ आगे बढ़ाया, लोकायुक्त ने वो हाथ पकड़ लिया जो शायद जनता की दुआएं लेने के लिए बना था। धन्य है सेमरिया की जनता! बरसों से साहब को हजार-पचास हजार की भेंट चढ़ाते रहे, जैसे किसी मंदिर में दान दे रहे हों। लेकिन मुनेश्वर सोनी ने तय किया कि अब बहुत हुआ। उन्होंने पटवारी जी के भ्रष्टाचार के किले में सेंध लगाने के लिए लोकायुक्त का सहारा लिया। "पटवारी जी को लगा होगा कि जमीन के रिकॉर्ड सुधारने के लिए स्याही से ज्यादा नोटों की गर्मी की जरूरत होती है। वर्दी बदली, विभाग बदला, पर अफसोस... नीयत नहीं बदली। अब पटवारी साहब ये हिसाब लगा रहे होंगे कि 'अग्निवीर' में दौड़ना ज्यादा आसान था या लोकायुक्त के चंगुल से भागना!" क्षेत्र में अब चर्चा गरम है कि साहब ने अब तक कितने लोगों को 'चूना' लगाया है। गिनती शायद लाखों में जाएगी, क्योंकि पटवारी जी की भूख किसी सामान्य इंसान जैसी नहीं, बल्कि एक 'प्रोफेशनल' भ्रष्टाचारी जैसी थी। लोकायुक्त की इस कार्यवाही ने एक बात साफ कर दी है: आप चाहे पूर्व सैनिक हों या कोई बड़े रसूखदार, अगर जनता का खून चूसेंगे, तो कानून का शिकंजा कसने में देर नहीं लगेगी।
- 'अग्निवीर' से 'रिश्वतवीर' तक का सफर: पटवारी जी ने सीमा की रक्षा छोड़, जनता की जेब काटना सीखा! नमस्कार! आज हम बात कर रहे हैं एक ऐसे "महारथी" की, जिन्होंने देश सेवा की वर्दी उतारकर भ्रष्टाचार की ऐसी चादर ओढ़ी कि लोकायुक्त को उसे उतारने में पसीना आ गया। मिलिए पटवारी मुनेन्द्र सिंह भदौरिया से, जिन्होंने साबित कर दिया कि नीयत खराब हो, तो 'अग्निवीर' की ट्रेनिंग भी सिर्फ नोट गिनने की रफ्तार बढ़ाने के काम आती है! कभी सरहद की रक्षा का संकल्प लेने वाले मुनेन्द्र सिंह ने पटवारी बनते ही 'हल्का' (क्षेत्र) को ही अपना निजी बैंक समझ लिया। सेमरिया और मिर्चवार की जनता बेचारी समझ ही नहीं पाई कि पटवारी जी जमीन नाप रहे हैं या उनकी उम्मीदों का गला। मुनेश्वर सोनी जी से पटवारी साहब ने अपनी "सेवा शुल्क" के रूप में ₹50,000 की मांग की थी। सोनी जी ने ₹25,000 तो जैसे-तैसे दे दिए, लेकिन साहब की भूख कम ही नहीं हो रही थी। आज ₹5,000 की "किस्त" लेने जैसे ही हाथ आगे बढ़ाया, लोकायुक्त ने वो हाथ पकड़ लिया जो शायद जनता की दुआएं लेने के लिए बना था। धन्य है सेमरिया की जनता! बरसों से साहब को हजार-पचास हजार की भेंट चढ़ाते रहे, जैसे किसी मंदिर में दान दे रहे हों। लेकिन मुनेश्वर सोनी ने तय किया कि अब बहुत हुआ। उन्होंने पटवारी जी के भ्रष्टाचार के किले में सेंध लगाने के लिए लोकायुक्त का सहारा लिया। "पटवारी जी को लगा होगा कि जमीन के रिकॉर्ड सुधारने के लिए स्याही से ज्यादा नोटों की गर्मी की जरूरत होती है। वर्दी बदली, विभाग बदला, पर अफसोस... नीयत नहीं बदली। अब पटवारी साहब ये हिसाब लगा रहे होंगे कि 'अग्निवीर' में दौड़ना ज्यादा आसान था या लोकायुक्त के चंगुल से भागना!" क्षेत्र में अब चर्चा गरम है कि साहब ने अब तक कितने लोगों को 'चूना' लगाया है। गिनती शायद लाखों में जाएगी, क्योंकि पटवारी जी की भूख किसी सामान्य इंसान जैसी नहीं, बल्कि एक 'प्रोफेशनल' भ्रष्टाचारी जैसी थी। लोकायुक्त की इस कार्यवाही ने एक बात साफ कर दी है: आप चाहे पूर्व सैनिक हों या कोई बड़े रसूखदार, अगर जनता का खून चूसेंगे, तो कानून का शिकंजा कसने में देर नहीं लगेगी।1
- टॉप न्यूज1
- श्री राधे कृष्णाय नमः 🙏🌹🌹1
- बिछिया पुलिस ने गोली कांड का 24 घंटे के अंदर किया खुलासा दोस्त ही निकला आरोपी बिछिया गोलीकांड का 24 घंटे में खुलासा, दोस्त ही निकला आरोपी रीवा जिले के बिछिया थाना क्षेत्र में हुए गोलीकांड का पुलिस ने 24 घंटे के अंदर सनसनीखेज खुलासा कर दिया है। इस मामले में घायल युवक का ही दोस्त आरोपी निकला, जिसे पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। जानकारी के अनुसार एक दिन पहले लौही ब्रिज के पास गोली चलने की सूचना पुलिस को मिली थी। इस घटना में शिवेंद्र यादव नामक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया था, जिसे उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। मामले की जांच के दौरान बिछिया थाना प्रभारी राजीव अग्रवाल ने टीम के साथ घटना की कड़ियां जोड़ते हुए आरोपी से पूछताछ की। पूछताछ में आरोपी प्रतिक पटेल ने बताया कि एक कमरे में शराब पार्टी चल रही थी, इसी दौरान अचानक गोली चल गई जिससे शिवेंद्र यादव घायल हो गया। घटना के बाद आरोपी लगातार पुलिस को गुमराह करने की कोशिश कर रहा था, लेकिन पुलिस की सख्त पूछताछ में उसने पूरा सच उगल दिया। पुलिस ने आरोपी प्रतिक पटेल को गिरफ्तार कर लिया है और आगे की कार्रवाई की जा रही है। इस पूरे मामले के खुलासे में साइबर सेल, समान थाना पुलिस और बिछिया थाना पुलिस की अहम भूमिका रही है। बाइट राजीव अग्रवाल थाना प्रभारी बिछिया1
- Post by जर्नलिस्ट रिप्पू पाण्डेय1
- *महंगाई की इस मार के विरोध* संवाददाता प्रमोद जयसवाल दिल्ली लगातार बढ़ती महंगाई और गैमहंगाई की इस मार के विरोध स सिलेंडर के बढ़ते दामों ने आम जनता, खासकर महिलाओं की रसोई का बजट बिगाड़ दिया है। महंगाई की इस मार के विरोध में खंडवा शहर जिला कांग्रेस द्वारा शहर कांग्रेस जिला अध्यक्ष प्रतिभा रघुवंशी जी के नेतृत्व में चूल्हे पर चाय बनाकर आमजन को पिलाई गई और रसोई गैस के बढ़े हुए दामों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया गया।1
- रीवा में गैस की किल्लत बढ़ती जा रही है SDM, कलेक्टर महोदय के अनुसार आपूर्ति पूरी है लेकिन यहां जमीनी हकीकत अलग ही है।1
- Post by जर्नलिस्ट रिप्पू पाण्डेय1