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झारखंड के जामताड़ा में झारखंड आंदोलनकारियों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें दुमका प्रमंडल के विभिन्न जिलों से आए आंदोलनकारियों ने हिस्सा लिया। इस बैठक में मुख्य रूप से संगठन को मजबूत करने के साथ-साथ आंदोलनकारियों की लंबित मांगों पर विस्तार से चर्चा की गई। आंदोलनकारियों ने सरकार से सभी चिन्हित आंदोलनकारियों के लिए समान पेंशन और 20 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण लागू करने की मांग उठाई है। इसके साथ ही उन्होंने 15 अगस्त से पहले पेंशन भुगतान सुनिश्चित करने की बात कही है। आंदोलनकारियों ने सरकार से उनके साथ सम्मानजनक व्यवहार करने और उनकी मांगों पर जल्द निर्णय लेने की अपील की है।
यूके जामताड़ा लाइव
झारखंड के जामताड़ा में झारखंड आंदोलनकारियों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें दुमका प्रमंडल के विभिन्न जिलों से आए आंदोलनकारियों ने हिस्सा लिया। इस बैठक में मुख्य रूप से संगठन को मजबूत करने के साथ-साथ आंदोलनकारियों की लंबित मांगों पर विस्तार से चर्चा की गई। आंदोलनकारियों ने सरकार से सभी चिन्हित आंदोलनकारियों के लिए समान पेंशन और 20 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण लागू करने की मांग उठाई है। इसके साथ ही उन्होंने 15 अगस्त से पहले पेंशन भुगतान सुनिश्चित करने की बात कही है। आंदोलनकारियों ने सरकार से उनके साथ सम्मानजनक व्यवहार करने और उनकी मांगों पर जल्द निर्णय लेने की अपील की है।
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- झारखंड के जामताड़ा में झारखंड आंदोलनकारियों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें दुमका प्रमंडल के विभिन्न जिलों से आए आंदोलनकारियों ने हिस्सा लिया। इस बैठक में मुख्य रूप से संगठन को मजबूत करने के साथ-साथ आंदोलनकारियों की लंबित मांगों पर विस्तार से चर्चा की गई। आंदोलनकारियों ने सरकार से सभी चिन्हित आंदोलनकारियों के लिए समान पेंशन और 20 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण लागू करने की मांग उठाई है। इसके साथ ही उन्होंने 15 अगस्त से पहले पेंशन भुगतान सुनिश्चित करने की बात कही है। आंदोलनकारियों ने सरकार से उनके साथ सम्मानजनक व्यवहार करने और उनकी मांगों पर जल्द निर्णय लेने की अपील की है।1
- देवघर और जामताड़ा में लगातार हो रही बारिश के कारण अजय नदी का जलस्तर बढ़ गया है और नदी उफान पर है। नदी के जलस्तर में हुई इस बढ़ोतरी को देखते हुए केंद्रीय जल आयोग ने चेतावनी जारी की है।1
- दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन और संसद घेराव के पूर्ण समर्थन में धनबाद जिले के निरसा विधानसभा क्षेत्र में भाकपा माले लिबरेशन की ओर से एक आक्रोश रैली निकाली गई। यह रैली गुरुदास भवन पार्टी कार्यालय से शुरू होकर निरसा सिनेमा मोड़ होते हुए निरसा चौक पहुंची, जहां पहुंचकर यह एक सभा में तब्दील हो गई। रैली में शामिल नेताओं और कार्यकर्ताओं ने देश में लगातार हो रहे पेपर लीक और परीक्षाओं में धांधली को लेकर गहरा रोष व्यक्त किया। सभा को संबोधित करते हुए निरसा विधानसभा संयोजक कॉमरेड आगम राम ने कहा कि वर्तमान में आयोजित होने वाली तमाम परीक्षाओं के पेपर लगातार लीक हो रहे हैं। इस धांधली के कारण देश के लाखों छात्रों का भविष्य खतरे में पड़ गया है और उनमें गहरा आक्रोश व्याप्त है। उन्होंने केंद्र की मोदी सरकार को हर मोर्चे पर पूरी तरह विफल बताते हुए कहा कि परीक्षा प्रणाली में गड़बड़ी और निराशा के चलते कई छात्र आत्महत्या करने को मजबूर हो रहे हैं। इसके साथ ही, भाकपा माले ने छात्र आंदोलन के समर्थन में भूख हड़ताल पर बैठे प्रख्यात वैज्ञानिक व पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक के साथ सरकार के अमानवीय व्यवहार और आयशा नेत्री नेहा बोरा व अन्य साथी छात्रों के साथ की गई जबरदस्ती की कड़ी निंदा की है। भाकपा माले ने देश के सभी लोकतंत्र पसंद और न्यायप्रिय नागरिकों से इस छात्र आंदोलन का समर्थन करने की अपील की है। इस रैली में मुख्य रूप से विधानसभा संयोजक कॉमरेड आगम राम, निरसा प्रखंड सचिव टूटून मुखर्जी, एग्यारकुंड प्रखंड सचिव सह जिला परिषद सदस्य बादल बाऊरी, श्रीकांत सिंह, संतू चटर्जी, कल्याण राय, हरेंद्र सिंह, कृष्णा सिंह, रामजी यादव, रोशन मिश्रा, मन्नू सिंह, बी के सिंह, लक्ष्मण प्रसाद, अभय सिंह, मुमताज अंसारी, निरंजन गोराई, अमाल खान, अंजली पासवान और आशा कर्मकार सहित सैकड़ों कार्यकर्ता उपस्थित रहे।4
- झारखंड के दुमका में राजकीय श्रावणी मेला महोत्सव 2026 के सफल, सुरक्षित और व्यवस्थित आयोजन को लेकर उपायुक्त अभिजीत सिन्हा ने बासुकीनाथ मेला क्षेत्र का निरीक्षण किया। उन्होंने श्रद्धालुओं के आवागमन, रूट लाइन, ठहरने की व्यवस्था, पेयजल, स्वच्छता, चिकित्सा और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ी सभी तैयारियों का जायजा लिया। श्रद्धालुओं को जलार्पण के दौरान कोई परेशानी न हो, इसके लिए उपायुक्त ने अधिकारियों को समय से पहले सभी आवश्यक कार्य पूरे करने के सख्त निर्देश दिए हैं। उपायुक्त ने बासुकीनाथ धाम स्थित शिवगंगा सरोवर के चारों ओर रूट लाइन के साथ-साथ टेंट सिटी और अन्य आवासन केंद्रों का भी बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने निर्देश दिया कि श्रद्धालुओं के ठहरने वाले सभी केंद्रों पर पर्याप्त पेयजल, स्वच्छ व कार्यशील शौचालय, बिजली, प्रकाश व्यवस्था और मोबाइल चार्जिंग पॉइंट जैसी मूलभूत सुविधाएं अनिवार्य रूप से उपलब्ध रहें। साथ ही, सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाने और उनकी नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए गए हैं।1
- धनबाद शहर की हंस विहार कॉलोनी में मानसून की दस्तक के साथ ही जलजमाव की गंभीर समस्या एक बार फिर सामने आ गई है। जुलाई महीने की हल्की बारिश ने ही यहाँ की सड़कों और गलियों को तालाब में तब्दील कर दिया है, जिससे स्थानीय लोगों का जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है। स्थानीय निवासी तपन के अनुसार, नगर निगम और संबंधित विभाग के अधिकारी समय-समय पर क्षेत्र का निरीक्षण तो करते हैं, लेकिन समस्या के स्थायी समाधान के लिए कोई ठोस पहल नहीं की जाती। पिछले लगभग 10 वर्षों से यहाँ के हालात जस के तस बने हुए हैं। लोग अपने घरों में पानी घुसने से रोकने के लिए बाहर छोटी-छोटी दीवारें और पक्की बैरिकेड बनाने को मजबूर हैं, लेकिन मूसलाधार बारिश होने पर पानी फिर भी घरों के अंदर तक प्रवेश कर जाता है। स्थानीय लोगों का आक्रोश है कि धनबाद नगर निगम में कई मेयर आए लेकिन जलनिकासी व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया। हर चुनाव में जनप्रतिनिधि जलजमाव और नालियों की सफाई का वादा करते हैं, लेकिन बारिश शुरू होते ही ये सभी दावे खोखले साबित हो जाते हैं। सड़कें और गलियां पानी से लबालब होने के कारण लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो गया है, जिसके चलते नागरिकों ने नगर निगम से जल्द से जल्द जलनिकासी की व्यवस्था कर इस समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग की है।1
- धनबाद में मानसून की पहली बारिश के दस्तक देते ही हंस विहार कॉलोनी और पंडित क्लिनिक रोड में जलजमाव की गंभीर समस्या खड़ी हो गई है। जुलाई महीने की इस पहली हल्की बारिश ने ही सड़कों और गलियों को तालाब में तब्दील कर दिया है, जिससे स्थानीय निवासियों का जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया है। हालात इतने खराब हैं कि सड़कें पानी से पूरी तरह लबालब हो चुकी हैं और लोगों का अपने घरों से बाहर निकलना भी मुश्किल हो गया है। स्थानीय निवासी तपन ने बताया कि पिछले लगभग 10 वर्षों से इस क्षेत्र के हालात जस के तस बने हुए हैं। नगर निगम और संबंधित विभाग के अधिकारी समय-समय पर सिर्फ निरीक्षण करने आते हैं, लेकिन समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में आज तक कोई ठोस पहल नहीं की गई। बारिश के समय घरों में पानी घुसने से रोकने के लिए लोग अपने स्तर पर घरों के बाहर छोटी दीवारें और पक्की बैरिकेड बना रहे हैं, लेकिन मूसलाधार बारिश होने पर पानी फिर भी घरों के अंदर तक प्रवेश कर जाता है। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि धनबाद नगर निगम में कई मेयर आए, लेकिन जलनिकासी व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया। हर चुनाव में जनप्रतिनिधि जलजमाव से मुक्ति और नालियों की सफाई का वादा करते हैं, लेकिन बारिश शुरू होते ही ये तमाम दावे खोखले साबित हो जाते हैं। इस गंभीर स्थिति से परेशान होकर निवासियों ने नगर निगम से तत्काल जलनिकासी की व्यवस्था कराने और इस वर्षों पुरानी समस्या का स्थायी समाधान सुनिश्चित करने की मांग की है।2
- जामताड़ा में मत्स्य पालन को बढ़ावा देने की दिशा में कृषि विभाग ने महत्वपूर्ण पहल करते हुए सरकारी तालाबों की तीन वर्षीय बंदोबस्ती प्रक्रिया पूरी कर ली है। जिला कृषि कार्यालय में मंगलवार को अधिकारियों की मौजूदगी में आयोजित डाक प्रक्रिया में दो तालाबों की सफलतापूर्वक नीलामी की गई। इस प्रक्रिया के दौरान जिला कृषि पदाधिकारी लव कुमार और जिला मत्स्य पदाधिकारी रितु रंजन मुख्य रूप से उपस्थित थे। नीलामी के दौरान सरखेलडीह तालाब की सबसे ऊंची 47 हजार 500 रुपये की बोली लगाकर लालटू सरखेल ने बंदोबस्ती अपने नाम कर ली। वहीं, कृषि विज्ञान केंद्र स्थित बेना तालाब की बंदोबस्ती 46 हजार रुपये की बोली पर पाकडीह निवासी मुख्तार अंसारी के नाम हुई। इन दोनों ही तालाबों का बंदोबस्त तीन वर्षों के लिए किया गया है। दूसरी ओर, नाला तालाब के लिए कोई भी बोलीदाता न पहुंचने के कारण उसकी नीलामी को स्थगित कर दिया गया है, जिसके लिए विभाग जल्द ही नई तिथि घोषित कर दोबारा डाक प्रक्रिया आयोजित करेगा। विभाग का मानना है कि इस समयबद्ध बंदोबस्ती से मत्स्य उत्पादन में वृद्धि होगी, स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे और सरकारी जलाशयों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित किया जा सकेगा।1
- झारखंड के धनबाद जिले के अंतर्गत गोबिंदपुर प्रखंड कार्यालय के समीप एक सड़क हादसा हो गया। इस हादसे के बाद सड़क पर कुछ देर के लिए गाड़ियों की कतार लग गई।1