जैन संतों के साथ अभद्रता के विरोध में जैन समाज में आक्रोश, कार्रवाई की मांग जैन संतों के साथ अभद्रता के विरोध में जैन समाज में आक्रोश, कार्रवाई की मांग आरोन। आरोन थाना क्षेत्र में जैन संतों के साथ कथित अभद्र व्यवहार एवं गाली-गलौज की घटना को लेकर जैन समाज में भारी आक्रोश देखने को मिला। प्राप्त जानकारी के अनुसार जैन संत आहार ग्रहण कर लौट रहे थे, तभी एक व्यक्ति द्वारा उनके साथ कथित रूप से अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए गाली-गलौज की गई। घटना की जानकारी मिलते ही जैन समाज के लोगों में नाराजगी फैल गई। बड़ी संख्या में समाज के लोग आरोन थाना पहुंचे और आरोपित के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग करते हुए ज्ञापन सौंपा। जैन समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि संत समाज का सम्मान सभी के लिए सर्वोपरि है तथा इस प्रकार की घटनाएं सामाजिक सौहार्द को प्रभावित करती हैं। उन्होंने प्रशासन से दोषी के विरुद्ध निष्पक्ष एवं शीघ्र कार्रवाई करने की मांग की। फिलहाल पुलिस ने शिकायत प्राप्त कर मामले की जांच शुरू कर दी है। मामले में आगे की कार्रवाई जांच के आधार पर की जाएगी।
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- जैन संतों के साथ अभद्रता के विरोध में जैन समाज में आक्रोश, कार्रवाई की मांग जैन संतों के साथ अभद्रता के विरोध में जैन समाज में आक्रोश, कार्रवाई की मांग आरोन। आरोन थाना क्षेत्र में जैन संतों के साथ कथित अभद्र व्यवहार एवं गाली-गलौज की घटना को लेकर जैन समाज में भारी आक्रोश देखने को मिला। प्राप्त जानकारी के अनुसार जैन संत आहार ग्रहण कर लौट रहे थे, तभी एक व्यक्ति द्वारा उनके साथ कथित रूप से अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए गाली-गलौज की गई। घटना की जानकारी मिलते ही जैन समाज के लोगों में नाराजगी फैल गई। बड़ी संख्या में समाज के लोग आरोन थाना पहुंचे और आरोपित के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग करते हुए ज्ञापन सौंपा। जैन समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि संत समाज का सम्मान सभी के लिए सर्वोपरि है तथा इस प्रकार की घटनाएं सामाजिक सौहार्द को प्रभावित करती हैं। उन्होंने प्रशासन से दोषी के विरुद्ध निष्पक्ष एवं शीघ्र कार्रवाई करने की मांग की। फिलहाल पुलिस ने शिकायत प्राप्त कर मामले की जांच शुरू कर दी है। मामले में आगे की कार्रवाई जांच के आधार पर की जाएगी।1
- गुना एम पी रसूखदारों ने की करोड़ों की राशि की रॉयल्टी चोरी अवैध रूप से करोड रुपए की बेस कीमती की संपत्ति पर किया अतिक्रमण जिला प्रशासन कार्यवाही करने में असमर्थ नजर आ रहा है आखिर क्या कारण है कि प्रशासन इनके आगे नर्मस्तक नजर आ रहा है1
- "नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0": गुना पुलिस की विशाल जनजागरूकता रैली, युवाओं को नशामुक्त समाज का दिया संदेश गुना। मध्य प्रदेश पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर चलाए जा रहे राज्यव्यापी अभियान "नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0" के तहत बुधवार को गुना पुलिस ने अभियान के 15वें दिन विशाल जनजागरूकता रैली निकालकर नशे के खिलाफ व्यापक संदेश दिया। पुलिस अधीक्षक श्रीमती हितिका वासल ने रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया और युवाओं से नशे से दूर रहकर स्वस्थ एवं सुरक्षित समाज के निर्माण में भागीदारी निभाने का आह्वान किया। रैली पुलिस लाइन से प्रारंभ होकर शहर के प्रमुख मार्गों और चौराहों से गुजरी। इस दौरान जागरूकता रथ, लाउडस्पीकर, पोस्टर और नारों के माध्यम से नागरिकों को नशे के दुष्परिणामों से अवगत कराया गया तथा नशे से दूर रहने की अपील की गई। पुलिस अधीक्षक हितिका वासल ने सीएम राइज स्कूल फतेहगढ़ में विद्यार्थियों से संवाद करते हुए कहा कि युवा देश का भविष्य हैं। यदि युवा अपनी ऊर्जा शिक्षा, खेल, नवाचार और सकारात्मक गतिविधियों में लगाएंगे तो स्वस्थ, अपराधमुक्त और आत्मनिर्भर समाज का निर्माण संभव होगा। उन्होंने विद्यार्थियों को स्वयं नशे से दूर रहने और दूसरों को भी जागरूक करने का संकल्प दिलाया। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने लघु नाटिका प्रस्तुत कर नशे के सामाजिक, मानसिक और आर्थिक दुष्परिणामों को प्रभावी ढंग से दर्शाया। जिले के सभी थाना एवं चौकी क्षेत्रों में भी जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर आमजन को नशे से होने वाली हानियों की जानकारी दी गई। गुना पुलिस ने स्पष्ट किया कि यह अभियान केवल जागरूकता कार्यक्रम तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसे समाज में नशे के विरुद्ध जनआंदोलन का रूप दिया जाएगा ताकि प्रत्येक नागरिक स्वस्थ, सुरक्षित और जिम्मेदार जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित हो सके।1
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- भोपाल में किसानों का महाहल्लाबोल: सड़क पर बनी दाल-बाटी, हफ़्तेभर का राशन लेकर डटे 2,000 से अधिक किसान भोपाल में किसानों का महाहल्लाबोल: सड़क पर बनी दाल-बाटी, हफ़्तेभर का राशन लेकर डटे 2,000 से अधिक किसान भोपाल। मध्य प्रदेश में मूंग की शत-प्रतिशत सरकारी खरीद और खाद की किल्लत समेत विभिन्न मांगों को लेकर किसानों का आंदोलन राजधानी भोपाल में निर्णायक दौर में पहुंच गया है। संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले 2,000 से अधिक किसान ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के साथ भोपाल पहुंचे, लेकिन पुलिस ने उन्हें होशंगाबाद रोड पर बैरिकेडिंग कर रोक दिया। इसके बाद किसानों ने सड़क पर ही ट्रैक्टर-ट्रॉलियां खड़ी कर दाल-बाटी बनाना शुरू कर दिया और वहीं डेरा डाल दिया। किसानों का कहना है कि वे इस बार आंदोलन अधूरा छोड़कर वापस नहीं लौटेंगे। वे अपने साथ एक सप्ताह का राशन, बर्तन और अन्य जरूरी सामान लेकर आए हैं, ताकि लंबे आंदोलन की स्थिति में भी डटे रह सकें। प्रदर्शन स्थल पर महिलाओं और बुजुर्ग किसानों की भी बड़ी संख्या मौजूद है। आंदोलन की मुख्य मांगें ग्रीष्मकालीन मूंग की 100 प्रतिशत सरकारी खरीद, पर्याप्त मात्रा में खाद की उपलब्धता, समय पर भुगतान और किसानों से जुड़े अन्य लंबित मुद्दों का समाधान हैं। किसान संगठनों का आरोप है कि सीमित खरीदी के कारण उन्हें अपनी उपज औने-पौने दामों पर बेचने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। उधर, राजधानी में आंदोलन के चलते होशंगाबाद रोड सहित कई प्रमुख मार्गों पर यातायात प्रभावित हुआ है। प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं और किसानों से लगातार बातचीत की जा रही है। कृषि मंत्री ने किसान प्रतिनिधियों से मुलाकात कर शांतिपूर्ण समाधान का भरोसा दिया है तथा अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए हैं।1