गंगापुर की प्राचीन रामलीला में रामजन्म पर गूंजे जयकारे, ताड़का वध और अहिल्या उद्धार ने मोहा मन दूसरे दिन रामजन्मोत्सव से भक्तिमय हुआ माहौल, सजीव मंचन ने दर्शकों को किया भावविभोर गंगापुर, वाराणसी। गंगापुर की प्राचीन रामलीला के दूसरे दिन रामजन्म, ताड़का वध और अहिल्या उद्धार के प्रसंगों का प्रभावशाली मंचन किया गया। भगवान श्रीराम के जन्म का दृश्य सामने आते ही रामलीला परिसर जय श्रीराम के उद्घोष से गूंज उठा। श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के बीच रामजन्मोत्सव का प्रसंग आकर्षण का केंद्र रहा। कलाकारों के सशक्त अभिनय ने रामायण के प्रसंगों को मंच पर सजीव कर दिया। रामजन्म के प्रसंग ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। इसके बाद भगवान श्रीराम द्वारा ताड़का वध और अहिल्या उद्धार की लीला का मंचन हुआ। ताड़का वध के दृश्य ने जहां अधर्म पर धर्म की विजय का संदेश दिया, वहीं अहिल्या उद्धार के प्रसंग ने प्रभु श्रीराम की करुणा और कृपा का भावपूर्ण चित्र प्रस्तुत किया। रामायण की चौपाइयों और संवादों के बीच दर्शक पूरी तन्मयता से लीला का आनंद लेते रहे। रामकथा के जरिए धर्म और मर्यादा का संदेश गंगापुर की प्राचीन रामलीला धार्मिक आस्था के साथ क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत को भी जीवंत बनाए हुए है। रामजन्म से लेकर ताड़का वध और अहिल्या उद्धार तक की लीला ने भगवान श्रीराम के आदर्शों, सत्य, धर्म और मर्यादा का संदेश दिया। दूसरे दिन की प्रस्तुति को देखने के लिए क्षेत्रीय श्रद्धालुओं में उत्साह दिखाई दिया। रामलीला के मंच पर साकार हुए प्रसंगों ने एक बार फिर लोगों को रामकथा से जोड़ते हुए भक्ति का माहौल बना दिया।
गंगापुर की प्राचीन रामलीला में रामजन्म पर गूंजे जयकारे, ताड़का वध और अहिल्या उद्धार ने मोहा मन दूसरे दिन रामजन्मोत्सव से भक्तिमय हुआ माहौल, सजीव मंचन ने दर्शकों को किया भावविभोर गंगापुर, वाराणसी। गंगापुर की प्राचीन रामलीला के दूसरे दिन रामजन्म, ताड़का वध और अहिल्या उद्धार के प्रसंगों का प्रभावशाली मंचन किया गया। भगवान श्रीराम के जन्म का दृश्य सामने आते ही रामलीला परिसर जय श्रीराम के उद्घोष से गूंज उठा। श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के बीच रामजन्मोत्सव का प्रसंग आकर्षण का केंद्र रहा। कलाकारों के सशक्त अभिनय ने रामायण के प्रसंगों को मंच पर सजीव कर दिया। रामजन्म के प्रसंग ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। इसके बाद भगवान श्रीराम द्वारा ताड़का वध और अहिल्या उद्धार की लीला का मंचन हुआ। ताड़का वध के दृश्य ने जहां अधर्म पर धर्म की विजय का संदेश दिया, वहीं अहिल्या उद्धार के प्रसंग ने प्रभु श्रीराम की करुणा और कृपा का भावपूर्ण चित्र प्रस्तुत किया। रामायण की चौपाइयों और संवादों के बीच दर्शक पूरी तन्मयता से लीला का आनंद लेते रहे। रामकथा के जरिए धर्म और मर्यादा का संदेश गंगापुर की प्राचीन रामलीला धार्मिक आस्था के साथ क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत को भी जीवंत बनाए हुए है। रामजन्म से लेकर ताड़का वध और अहिल्या उद्धार तक की लीला ने भगवान श्रीराम के आदर्शों, सत्य, धर्म और मर्यादा का संदेश दिया। दूसरे दिन की प्रस्तुति को देखने के लिए क्षेत्रीय श्रद्धालुओं में उत्साह दिखाई दिया। रामलीला के मंच पर साकार हुए प्रसंगों ने एक बार फिर लोगों को रामकथा से जोड़ते हुए भक्ति का माहौल बना दिया।
- जंसा पुलिस ने चोरी का किया खुलासा, तीन आरोपी गिरफ्तार,गैस सिलेंडर, दो टूटे आरी ब्लेड और एक मैकेनिक पाना बरामद जंसा पुलिस ने चोरी का किया खुलासा, तीन आरोपी गिरफ्तार सेवापुरी। जंसा थाना पुलिस ने रामेश्वर गांव में हुई चोरी की घटना का खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके कब्जे और निशानदेही पर समर्सिबल मोटर, एलपीजी गैस सिलेंडर, दो टूटे आरी ब्लेड और एक मैकेनिक पाना बरामद किया है। पुलिस के अनुसार, कुछ दिन पूर्व रामेश्वर गांव स्थित एक बगीचे के मकान से समर्सिबल पंप, किरायेदार का गैस सिलेंडर और गैस चूल्हा चोरी हो गया था। इस मामले में राजेश कुमार सिंह की तहरीर पर प्राथमिकी दर्ज की गई थी। थानाध्यक्ष सत्यजीत सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम आरोपियों की तलाश कर रही थी। ऑपरेशन चक्रव्यूह अभियान के तहत मुखबिर की सूचना पर रविवार की देर रात करीब 11.30 बजे रामेश्वर लॉन के पीछे वरुणा नदी किनारे जंगल-झाड़ियों से सूरज यादव निवासी जगापट्टी, सत्यम तिवारी निवासी भुईली और अमन यादव निवासी थरी, थाना फूलपुर, हाल पता जगापट्टी को गिरफ्तार किया गया। पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में आरोपियों ने चोरी की घटना में शामिल होने की बात स्वीकार की। उन्होंने गैस चूल्हा एक राहगीर को बेच दिया था, जबकि अन्य सामान बेचने जा रहे थे। बरामद सामान की वादी से पहचान कराई गई। पुलिस मामले में आगे की विधिक कार्रवाई कर रही है।1
- गंगापुर की प्राचीन रामलीला में रामजन्म पर गूंजे जयकारे, ताड़का वध और अहिल्या उद्धार ने मोहा मन दूसरे दिन रामजन्मोत्सव से भक्तिमय हुआ माहौल, सजीव मंचन ने दर्शकों को किया भावविभोर गंगापुर, वाराणसी। गंगापुर की प्राचीन रामलीला के दूसरे दिन रामजन्म, ताड़का वध और अहिल्या उद्धार के प्रसंगों का प्रभावशाली मंचन किया गया। भगवान श्रीराम के जन्म का दृश्य सामने आते ही रामलीला परिसर जय श्रीराम के उद्घोष से गूंज उठा। श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के बीच रामजन्मोत्सव का प्रसंग आकर्षण का केंद्र रहा। कलाकारों के सशक्त अभिनय ने रामायण के प्रसंगों को मंच पर सजीव कर दिया। रामजन्म के प्रसंग ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। इसके बाद भगवान श्रीराम द्वारा ताड़का वध और अहिल्या उद्धार की लीला का मंचन हुआ। ताड़का वध के दृश्य ने जहां अधर्म पर धर्म की विजय का संदेश दिया, वहीं अहिल्या उद्धार के प्रसंग ने प्रभु श्रीराम की करुणा और कृपा का भावपूर्ण चित्र प्रस्तुत किया। रामायण की चौपाइयों और संवादों के बीच दर्शक पूरी तन्मयता से लीला का आनंद लेते रहे। रामकथा के जरिए धर्म और मर्यादा का संदेश गंगापुर की प्राचीन रामलीला धार्मिक आस्था के साथ क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत को भी जीवंत बनाए हुए है। रामजन्म से लेकर ताड़का वध और अहिल्या उद्धार तक की लीला ने भगवान श्रीराम के आदर्शों, सत्य, धर्म और मर्यादा का संदेश दिया। दूसरे दिन की प्रस्तुति को देखने के लिए क्षेत्रीय श्रद्धालुओं में उत्साह दिखाई दिया। रामलीला के मंच पर साकार हुए प्रसंगों ने एक बार फिर लोगों को रामकथा से जोड़ते हुए भक्ति का माहौल बना दिया।1
- CP_VNS Mohit Agarwal की अध्यक्षता में पुलिस लाइन स्थित ब्रीफिंग हॉल में उत्तर प्रदेश ग्राम प्रहरी सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। #CP_VNS Mohit Agarwal की अध्यक्षता में पुलिस लाइन स्थित ब्रीफिंग हॉल में उत्तर प्रदेश ग्राम प्रहरी सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। समारोह में मा० मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश के उद्बोधन का सजीव प्रसारण हुआ तथा कर्तव्यनिष्ठ ग्राम प्रहरियों, उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिला पुलिसकर्मियों एवं सशक्त महिलाओं को सम्मानित कर उनके समर्पण, साहस और उत्कृष्ट योगदान को सराहा गया। #Uppolice #MissionShakti6 #MissionShaktiUPP #PoliceCommissionerateVaranasi1
- वोटर लिस्ट में नाम नहीं है तो हो जाएं तैयार, UP के मुख्य निर्वाचन अधिकारी की बड़ी अपील 17 और 24 को लगेगा विशेष कैंप वाराणसी/लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने प्रदेश के सभी नागरिकों से मतदाता सूची से जुड़े विशेष अभियान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की अपील की है। रिणवा ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर 2 जनवरी 2026 की अर्हता तिथि के आधार पर फोटोयुक्त मतदाता सूची में नाम जोड़ने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। दो विशेष तिथियों पर हर बूथ पर लगेगा कैंप उन्होंने बताया कि इस अभियान के तहत 17 अक्टूबर (शनिवार) और 24 अक्टूबर (शनिवार) को प्रदेश के सभी मतदेय स्थलों (बूथों) पर सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक विशेष कैंप का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान प्रत्येक बूथ पर BLO मतदाता सूची और Form-6 के साथ मौजूद रहेंगे। जिन नागरिकों का नाम मतदाता सूची में नहीं है, वे मौके पर ही Form-6 भर सकते हैं। Form-6 के साथ ये दस्तावेज लाना जरूरी CEO ने बताया कि फॉर्म के साथ - 1. नवीनतम पासपोर्ट फोटो 2. जन्मतिथि और पते के प्रमाण की स्वप्रमाणित प्रति 3. उसी पते पर रहने वाले परिवार के किसी सदस्य का EPIC नंबर (जिसका नाम लिस्ट में पहले से हो) 4. 40% से अधिक दिव्यांग मतदाताओं को दिव्यांगता प्रमाण पत्र लगाना होगा, ताकि चुनाव के दिन उन्हें घर से वोट डालने की सुविधा दी जा सके।रिणवा ने सभी नागरिकों से अपील की है कि लोकतंत्र को मजबूत बनाने के लिए अपने और परिवार के सभी पात्र सदस्यों का नाम मतदाता सूची में जरूर जुड़वाएं।1
- मां काली मंदिर परिसर की बाउंड्री निर्माण की मांग को लेकर विधायक से मिले कार्यकर्ता चंदौली से न्यूज टू इंडिया से संवाददाता विनीत कुमार गुप्ता जिला चीफ ब्यूरो की खास रिपोर्ट चहनिया, मां काली मंदिर परिसर की सुरक्षा, स्वच्छता एवं समुचित विकास को लेकर प्रगतिशील समता संघ, बरियां के कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को सकलडीहा विधायक प्रभुनारायण सिंह यादव से मुलाकात की, इस दौरान कार्यकर्ताओं ने मां काली मंदिर परिसर में बाउंड्री वॉल (चारदीवारी) निर्माण कराए जाने की मांग उठाई कार्यकर्ताओं ने कहा कि मां काली मंदिर क्षेत्र के लोगों की आस्था का प्रमुख केंद्र है, यहां श्रद्धालु नियमित रूप से पूजा-अर्चना करने पहुंचते हैं, विशेष अवसरों और पर्व-त्योहारों के दौरान श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ जाती है, ऐसे में सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए चारदीवारी का निर्माण आवश्यक है, बाउंड्री बनने से परिसर की सुरक्षा मजबूत होगी और मंदिर की भूमि व्यवस्थित रहेगी, उन्होंने जनहित और धार्मिक आस्था को ध्यान में रखते हुए कार्य को प्राथमिकता देने की मांग की कार्यकर्ताओं ने कहा कि धार्मिक स्थलों का विकास केवल आस्था से जुड़ा विषय नहीं, बल्कि स्थानीय समाज की सांस्कृतिक विरासत और सामुदायिक एकता को मजबूत करने का भी माध्यम है, विधायक ने कार्य को निश्चित रूप से पूर्ण करने का आश्वासन दिया, इस मौके पर सुभाष यादव, अवधेश यादव, महेंद्र यादव, रामसेवक यादव, बबलू यादव, धर्मेंद्र यादव, जितेंद्र यादव, हरिद्वार यादव आदि उपस्थित रहे।1
- शारदीय नवरात्रि की तैयारियों में जुटे कैथी दुर्गा पूजा समिति के सदस्य1
- कलम के धार से जय श्री सीताराम छठवाँ दिवस - श्रीसीताराम विवाहोत्सव एवं राम कलेवा स्थान : भगवदाचार्य स्मारक सदन, अयोध्या अयोध्या की पौराणिक एवं ऐतिहासिक श्रीरामलीला के छठवें दिवस भगवदाचार्य स्मारक सदन में श्रीसीताराम विवाहोत्सव एवं राम कलेवा का अलौकिक और भक्ति-भाव से ओतप्रोत आयोजन हुआ। विवाहोत्सव के पावन अवसर पर पूरा प्रांगण सियावर रामचंद्र की जय के जयकारों से गूंज उठा। पूज्य संत-महंतों एवं श्रद्धालुओं की गरिमामयी उपस्थिति ने इस दिव्य उत्सव को और भी भव्य बना दिया। संत-महंतों की गरिमामयी उपस्थिति इस पावन अवसर पर जगद्गुरु रामानंदाचार्य श्री वैदेहीवल्लभ देवाचार्य जी महाराज, शेषमठ शिंगड़ा, पोरबंदर गुजरात, स्वामी श्री संजय दास महाराज महामंत्री - संत श्री तुलसीदास रामलीला समिति, महंत श्री हेमंत दास महाराज श्रृंगी ऋषि पीठाधीश्वर, महंत धर्मेन्द्र महाराज श्रीनिवास कोट मातगैंड, श्रीमहंत शशिकांत दास महाराज राम कचेहरी, महंत छविराम दास महाराज लंबे हनुमान, नागा रामलखन दास महाराज, महंत धनुषधारी शुक्ला, आचार्य पंडित अनिरुद्ध शुक्ला, ओमप्रकाश पांडेय , घनश्याम दास , राजीव रंजन पांडेय , अंबिका दास, तन्मय दास जी, दीपचंद राही , देवव्रत पांडेय जी एवं सचिव शिवम श्रीवास्तव सहित बड़ी संख्या में पूज्य संत-महंत एवं श्रद्धालुजन उपस्थित रहे।5
- श्री काशी विश्वनाथ धाम से देवी दुर्गा के प्रकृति संरक्षण के संदेश का किया आह्वान) (श्री काशी विश्वनाथ धाम से देवी दुर्गा के प्रकृति संरक्षण के संदेश का किया आह्वान) "या देवी सर्वभूतेषु प्रकृति-रूपेण संस्थिता का संदेश देकर पर्यावरण संरक्षण अपनाने की अपील" मां दुर्गा और भारतीय परंपरा में शक्ति की उपासना सीधे तौर पर प्रकृति, पर्यावरण और जीवन के संतुलन से जुड़ी हुई है इस संदेश के साथ मंगलवार को श्री काशी विश्वनाथ धाम से नमामि गंगे ने पर्यावरण संरक्षण का आह्वान किया । बाबा दरबार में प्रतिष्ठित भारत माता की प्रतिमा के सम्मुख दुर्गा स्वरूपा माताओं - बहनों ने भगवती जगदंबा के प्रकृति संरक्षण के संदेश को अपनाने की अपील की । मामि गंगे काशी क्षेत्र के संयोजक व नगर निगम के स्वच्छता ब्रांड एंबेसडर राजेश शुक्ला ने लोगों को जागरुक करते हुए कहा कि मां दुर्गा की पूजा और नवरात्रि का पर्व हमें प्रकृति और पर्यावरण के संरक्षण का गहरा संदेश देता है दुर्गा पूजा के दौरान नौ प्रकार के पौधों और पत्तों (केला, कर्चुवी, हल्दी, जयन्ती, बिल्व, दाड़िम, अशोक, मान और धान) से 'नवापत्रिका' का निर्माण और पूजन होता है, जो कृषि, वनस्पतियों और प्रकृति के पुनर्जीवन का प्रतीक है। गंगा सेवक राजेश शुक्ला ने बताया कि नवरात्र का पर्व हमें जल संरक्षण, वृक्षारोपण और नदियों की स्वच्छता का संदेश देता है। मां दुर्गा की प्रतिमाएं पारंपरिक रूप से तालाबों और नदियों की शुद्ध मिट्टी से बनाई जाती हैं, और विसर्जन के बाद यह मिट्टी वापस प्रकृति में मिल जाती है। उन्होंने कहा कि मां दुर्गा का सिंह पर सवार होना और उनके पूरे परिवार (शिवजी का नंदी बैल, कार्तिक जी का मोर, और गणेश जी का चूहा) के साथ होना यह सिखाता है कि जीव किस तरह प्रकृति में संतुलन बनाकर एक साथ रह सकते हैं। दुर्गा सप्तशती के श्लोक "या देवी सर्वभूतेषु प्रकृति-रूपेण संस्थिता" में भी यह बताया गया है कि देवी समस्त प्राणियों में प्रकृति के रूप में विराजमान हैं । प्रकृति की आराधना के दौरान प्रमुख रूप से नमामि गंगे काशी क्षेत्र के संयोजक व नगर निगम के स्वच्छता ब्रांड एंबेसडर राजेश शुक्ला,सौम्या पाण्डेय ,अनु यादव, भावना विश्वकर्मा, शिवानी तिवारी, वर्षा जायसवाल सहित माताएं बहने उपस्थित रही। #Ganga #NamamiGange #CleanRivers #SaveOurRivers #Water #SwachhataHiSeva2026 #SHS2026 #SevaHiSankalp #SevaSankalp #UttarPradesh #Kaahi #Varanasi #Banaras #GangaGhat #SevaSankalpAbhiyan #ViksitBharat #MyBharat2047 #SwachhataHiSeva #SwachhBharat1