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mehrakhapa gao Rishi panchmi ke uplaksh mein dadaji darpan mein Mela lagne ja raha hai jai shree dadaji ki jila pandhurna tahsil shausar gram mehrakhapa me 15sept 2026ko.mela.lagne.jaha.raha.hai.dadaji.darbar.tekdi.mp28 Madhya Pradesh pandhurna.shausar2525 kilometer pipla Narayan ke pass 5 5 kilometer ki duri me mehrakhapa gao
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More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
- Jay Shri dadaji ki 15 September 2026 Rishi panchmi ke uplaksh mein dadaji Darbar mein Mela lagne ja raha hai jila pandhurna tahsil sausar post pipla naranvar gram Mehrakhapa Madhya Pradesh MP 28 lakhon ki sankhya mein shradhalu aate Hain dadaji Darbar mehrakhapa Nishan lekar Bhagat2
- विश्व प्रसिद्ध गोटमार मेले में स्वास्थ्यकर्मियों ने संभाला मोर्चा, घायलों को दी चिकित्सा सेवा पांढुर्णा:-जिले में आयोजित विश्व प्रसिद्ध गोटमार मेले में श्रद्धालुओं और ग्रामीणों की भारी भीड़ उमड़ी। मेले के दौरान जहां लोग पारंपरिक आयोजन में शामिल हुए, वहीं घायलों के उपचार के लिए स्वास्थ्य एवं चिकित्सा कर्मी अपनी सेवाएं देते नजर आए। स्वास्थ्यकर्मियों ने मौके पर पहुंचकर घायलों का इलाज किया और जरूरतमंदों को चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई। गोटमार मेले के दौरान मारुति मंडल पांढुर्णा में स्वास्थ्य एवं चिकित्सा कर्मियों द्वारा सेवा कार्य किया गया। मेले में घायल हुए लोगों को प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराया गया। स्वास्थ्यकर्मियों ने अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए घायलों की मदद की और चिकित्सा सेवाएं प्रदान कीं। इस अवसर पर राजू खंडाईत जी ने भी सेवा कार्य में सहभागिता निभाई। उन्होंने स्वास्थ्यकर्मियों के साथ मिलकर मेले में घायलों की सहायता के लिए योगदान दिया। सेवा कार्य के माध्यम से मानवता और जनसेवा का संदेश दिया गया।विश्व प्रसिद्ध गोटमार मेले में हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु और ग्रामीण शामिल होते हैं। ऐसे आयोजनों में स्वास्थ्य सेवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका रहती है। मेले के दौरान चिकित्सा कर्मियों की मौजूदगी से घायलों को उपचार उपलब्ध कराने में सहायता मिली। स्वास्थ्य एवं चिकित्सा कर्मियों द्वारा किए गए सेवा कार्य की सराहना की गई। घायलों को समय पर प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराने के प्रयासों से मेले में स्वास्थ्य व्यवस्था को सहयोग मिला। गोटमार मेले में स्वास्थ्यकर्मियों की सेवा भावना और राजू खंडाईत जी के योगदान ने जनसेवा की मिसाल पेश की।1
- बैतूल ब्रेकिंग अड़ीबाजी, मारपीट और धमकी के मामले में आरोपी गिरफ्तार, दूसरा आरोपी फरार बैतूल। कोतवाली पुलिस ने अड़ीबाजी, मारपीट और जान से मारने की धमकी देने के मामले में एक आरोपी सुमित उईके (22) को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार ग्राम सोनाघाटी निवासी 60 वर्षीय रमेश बामने ने शिकायत दर्ज कराई थी कि साइकिल का धक्का लगने की बात पर आरोपी सुमित उईके एवं राहुल उईके ने गाली-गलौज कर रुपये मांगे, मारपीट की और जान से मारने की धमकी दी। फरियादी की रिपोर्ट पर कोतवाली थाने में अपराध क्रमांक 776/2026 के तहत BNS की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। पुलिस टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए सुमित उईके को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। वहीं दूसरे आरोपी राहुल उईके की तलाश जारी है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक वीरेन्द्र जैन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमलेश खरपुसे एवं एसडीओपी अन्नपूर्णा सिरसाम के मार्गदर्शन में की गई। कार्रवाई में निरीक्षक देवकरण डेहरिया सहित पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका रही।1
- बोरीवली मुंबई अटल स्मृति उद्यान में आयोजित हुआ पीसीडब्लूजे का पत्रकार सम्मान समारोह1
- छिंदवाड़ा।* देहात थाना क्षेत्र में बाइक चोरी के मामले का पुलिस ने खुलासा करते हुए 28 वर्षीय आरोपी गणेश कुमरे को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने सोमवार शाम 4 बजे जानकारी देते हुए बताया कि आरोपी ने 10 सितंबर को पौआमा चौक से टीवीएस अपाचे बाइक चोरी की थी। मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने घेराबंदी कर आरोपी को पकड़ा। पूछताछ में उसकी निशानदेही पर काराबोह डेम के पास खंडहर की झाड़ियों से चोरी की दो मोटरसाइकिलें बरामद की गईं। बरामद वाहनों की कुल कीमत करीब 1 लाख 28 हजार रुपये बताई गई है। आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया छिंदवाड़ा।* देहात थाना क्षेत्र में बाइक चोरी के मामले का पुलिस ने खुलासा करते हुए 28 वर्षीय आरोपी गणेश कुमरे को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने सोमवार शाम 4 बजे जानकारी देते हुए बताया कि आरोपी ने 10 सितंबर को पौआमा चौक से टीवीएस अपाचे बाइक चोरी की थी। मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने घेराबंदी कर आरोपी को पकड़ा। पूछताछ में उसकी निशानदेही पर काराबोह डेम के पास खंडहर की झाड़ियों से चोरी की दो मोटरसाइकिलें बरामद की गईं। बरामद वाहनों की कुल कीमत करीब 1 लाख 28 हजार रुपये बताई गई है। आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया1
- हिन्दी भाषा को समर्पित काव्य गोष्ठी आयोजित हिन्दी की समृद्धि समावेशी लोक के द्वंद्वों के समाधान में है": प्रो. अमर सिंह अपनी भाषा को खोना खुद के वजूद को खो देना है ": अवधेश तिवारी छिंदवाड़ा: म. प्र. आंचलिक साहित्यकार परिषद छिंदवाड़ा की हिन्दी भाषा को समर्पित संकट मोचन हनुमान मंदिर नरसिंहपुर रोड छिंदवाड़ा में आयोजित काव्य गोष्ठी में वरिष्ठ कवि रतनाकर रतन ने कविता को क्रांतिकारी संवेदनाओं से अभूतपूर्व बदलाव का एक जरिया बताया। पूर्व आकाशवाणी उद्घोषक अवधेश तिवारी ने हिन्दी के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि अपनी भाषा को खोना खुद के वजूद को खोकर पहचान के संकट को निमंत्रण देने जैसा है। प्रो. अमर सिंह ने हिन्दी भाषा की भावी समृद्धि को सर्वहारा वर्ग के द्वंद्वों के वैचारिक समाधान में निहित बताया। वरिष्ठ कवि राजेंद्र चौबे ने "मुंह लगे कौन हवाओं के इसलिए, ओट में जलता है मिट्टी का दीया", कहकर काव्य अभिव्यक्ति का अनूठा उदाहरण पेश किया। सौंसर से पधारी कवयित्री श्रीमती अन्नू कामोने ने "अपनी आँखों से अश्क बहाया न करो, मैं आ नहीं सकता, अपने को सताया न करो", ग़ज़ल पढ़कर हिन्दी भाषा को नमन किया। वरिष्ठ समीक्षक अशोक जैन ने "सांसें चलने तक जीना है, सच है तेरा, मेरा भी है, सांझ ढले पक्षी उड़ जाना, अंतिम यही कहानी बाबा", कविता से आध्यात्मिक होने पर बल दिया। श्रीमती ज्योति गुप्ता ने "तुमने हमको कांटे सौंपे, हमने तुमको गुल सौंपा था, तुमने दरिया मोड़ दिए थे, हमने फिर से पुल सौंपा था", काव्य पंक्तियों से विषम हालातों में भी फर्ज निर्वहन को रेखांकित किया। उम्दा कवि ओमप्रकाश नयन ने अपनी रचना "अलसाई पलकों पर, वीणा का पहरा देता हूं, अनुभूति के उद्गारों से वाल्मीकि रामायण रच जाता है", रचना सौंदर्य का अनूठा नमूना प्रस्तुत किया। श्रीमती मोहिता मुकेश कमलेंदु ने अपनी कविता"विचार हैं गहने मेरे, उमंग है मेरा श्रृगांर, बोली है झुमकी मेरी, बिंदी में है भाषा हिंदी", पढ़कर हिन्दी के प्रति अंतर्निहित प्रेम को उजागर किया। युवा कवयित्री हिना खान ने अपनी काव्य रचना "बेखौफ जिंदगी की परेशानियों से था, एक सिक्के में सारी खुशियां थी, क्या हुआ हजारा बचपन गरीब था", से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। वात्सल्य कवि प्रभूदयाल श्रीवास्तव ने "पूजा के कमरे में घंटी की टुन टुन, दादा दादी का कंचन सा मन, उनसे जाकर दुआएं पाओ, अरे भाई थोड़ा हँसो, मुस्कराओ", ध्वनि अलंकार की एक अद्भुत बानगी प्रस्तुत की। सविता श्रीवास्तव ने "रिम झिम फुहारों का, झिलमिल सितारों का अद्भुत संसार", नंद कुमार दीक्षित ने "हमने खाई है कसम, एक दीया जलाने की" और रामलाल सराठे ने अपनी रचना "जय हिंद लिखो, जय गान लिखो, युग जननी का यश गान लिखो, अभिमान करें सब जनम जनम, कवि ऐसा हिंदुस्तान लिखो", पढ़कर सभी श्रोताओं में देशभक्ति का रस उड़ेल दिया। राजेंद्र यादव ने अपनी कविता यों पढ़ी: "होती आई, ज़िन्दगी में, भूल देखें, फिर किताबों में दबे, वो फूल देखें।, पुष्प हमने भी बिछाए, अक्सर उनकी राह में,पाँव में मेरे चुभोने, जिनके कर में, शूल देखे"। वरिष्ठ कवि नेमीचंद व्योम ने अपनी संस्कृत भाषा में और हैदर अली ने विरह की अभिव्यक्ति से सराबोर अपनी कविता पढ़ी। गोष्ठी का मंच संचालन हिना खान ने अपने अनूठे अंदाज में किया।4
- पलासपानी में आदिवासी परंपरा से जुड़ी जड़ी-बूटी पूजन जंगल में 9 मुवा के पेड़ों के बीच लगाए जाते हैं 9 फेरे, पीढ़ियों से चली आ रही अनूठी परंपरा भीमपुर विकासखण्ड अंतर्गत ग्राम पंचायत पलासपानी में आदिवासी समाज की वर्षों पुरानी परंपरा आज भी श्रद्धा और आस्था के साथ निभाई जा रही है। प्रतिवर्ष पोला पर्व के अवसर पर ग्रामीण जंगल में जाकर विभिन्न प्रकार की पारंपरिक जड़ी-बूटियां एकत्रित करते हैं और उन्हें घर लाकर पारंपरिक रीति-रिवाज के अनुसार पूजा-अर्चना करते हैं। ग्रामीणों के अनुसार जंगल से करीब 20 से 25 प्रकार की पारंपरिक जड़ी-बूटियां एकत्रित की जाती हैं। इन्हें घर लाने के बाद विधि-विधान और पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार पूजा की जाती है। इसके बाद परिवार के सदस्य अपनी पारंपरिक मान्यता के अनुसार इनका सेवन करते हैं। ग्रामीण इस परंपरा को ‘कोल्हापुर’ की मान्यता से भी जोड़कर देखते हैं। इस पारंपरिक आयोजन का एक विशेष आकर्षण जंगल में एक ही स्थान पर मौजूद 9 मुवा के पेड़ हैं। ग्रामीणों के अनुसार इन 9 पेड़ों के बीच पारंपरिक रूप से 9 फेरे लगाए जाते हैं। यह प्रक्रिया आदिवासी समाज की पारंपरिक आस्था और रीति-रिवाज का महत्वपूर्ण हिस्सा मानी जाती है।1
- mehrakhapa gao Rishi panchmi ke uplaksh mein dadaji darpan mein Mela lagne ja raha hai jai shree dadaji ki jila pandhurna tahsil shausar gram mehrakhapa me 15sept 2026ko.mela.lagne.jaha.raha.hai.dadaji.darbar.tekdi.mp28 Madhya Pradesh pandhurna.shausar2525 kilometer pipla Narayan ke pass 5 5 kilometer ki duri me mehrakhapa gao1