विश्व प्रसिद्ध गोटमार मेले में स्वास्थ्यकर्मियों ने संभाला मोर्चा, घायलों को दी चिकित्सा सेवा पांढुर्णा:-जिले में आयोजित विश्व प्रसिद्ध गोटमार मेले में श्रद्धालुओं और ग्रामीणों की भारी भीड़ उमड़ी। मेले के दौरान जहां लोग पारंपरिक आयोजन में शामिल हुए, वहीं घायलों के उपचार के लिए स्वास्थ्य एवं चिकित्सा कर्मी अपनी सेवाएं देते नजर आए। स्वास्थ्यकर्मियों ने मौके पर पहुंचकर घायलों का इलाज किया और जरूरतमंदों को चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई। गोटमार मेले के दौरान मारुति मंडल पांढुर्णा में स्वास्थ्य एवं चिकित्सा कर्मियों द्वारा सेवा कार्य किया गया। मेले में घायल हुए लोगों को प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराया गया। स्वास्थ्यकर्मियों ने अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए घायलों की मदद की और चिकित्सा सेवाएं प्रदान कीं। इस अवसर पर राजू खंडाईत जी ने भी सेवा कार्य में सहभागिता निभाई। उन्होंने स्वास्थ्यकर्मियों के साथ मिलकर मेले में घायलों की सहायता के लिए योगदान दिया। सेवा कार्य के माध्यम से मानवता और जनसेवा का संदेश दिया गया।विश्व प्रसिद्ध गोटमार मेले में हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु और ग्रामीण शामिल होते हैं। ऐसे आयोजनों में स्वास्थ्य सेवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका रहती है। मेले के दौरान चिकित्सा कर्मियों की मौजूदगी से घायलों को उपचार उपलब्ध कराने में सहायता मिली। स्वास्थ्य एवं चिकित्सा कर्मियों द्वारा किए गए सेवा कार्य की सराहना की गई। घायलों को समय पर प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराने के प्रयासों से मेले में स्वास्थ्य व्यवस्था को सहयोग मिला। गोटमार मेले में स्वास्थ्यकर्मियों की सेवा भावना और राजू खंडाईत जी के योगदान ने जनसेवा की मिसाल पेश की।
विश्व प्रसिद्ध गोटमार मेले में स्वास्थ्यकर्मियों ने संभाला मोर्चा, घायलों को दी चिकित्सा सेवा पांढुर्णा:-जिले में आयोजित विश्व प्रसिद्ध गोटमार मेले में श्रद्धालुओं और ग्रामीणों की भारी भीड़ उमड़ी। मेले के दौरान जहां लोग पारंपरिक आयोजन में शामिल हुए, वहीं घायलों के उपचार के लिए स्वास्थ्य एवं चिकित्सा कर्मी अपनी सेवाएं देते नजर आए। स्वास्थ्यकर्मियों ने मौके पर पहुंचकर घायलों का इलाज किया और जरूरतमंदों को चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई। गोटमार मेले के दौरान मारुति मंडल पांढुर्णा में स्वास्थ्य एवं चिकित्सा कर्मियों द्वारा सेवा कार्य किया गया। मेले में घायल हुए लोगों को प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराया गया। स्वास्थ्यकर्मियों ने अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए घायलों की मदद की और चिकित्सा सेवाएं प्रदान कीं। इस अवसर पर राजू खंडाईत जी ने भी सेवा कार्य में सहभागिता निभाई। उन्होंने स्वास्थ्यकर्मियों के साथ मिलकर मेले में घायलों की सहायता के लिए योगदान दिया। सेवा कार्य के माध्यम से मानवता और जनसेवा का संदेश दिया गया।विश्व प्रसिद्ध गोटमार मेले में हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु और ग्रामीण शामिल होते हैं। ऐसे आयोजनों में स्वास्थ्य सेवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका रहती है। मेले के दौरान चिकित्सा कर्मियों की मौजूदगी से घायलों को उपचार उपलब्ध कराने में सहायता मिली। स्वास्थ्य एवं चिकित्सा कर्मियों द्वारा किए गए सेवा कार्य की सराहना की गई। घायलों को समय पर प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराने के प्रयासों से मेले में स्वास्थ्य व्यवस्था को सहयोग मिला। गोटमार मेले में स्वास्थ्यकर्मियों की सेवा भावना और राजू खंडाईत जी के योगदान ने जनसेवा की मिसाल पेश की।
- mehrakhapa gao Rishi panchmi ke uplaksh mein dadaji darpan mein Mela lagne ja raha hai jai shree dadaji ki jila pandhurna tahsil shausar gram mehrakhapa me 15sept 2026ko.mela.lagne.jaha.raha.hai.dadaji.darbar.tekdi.mp28 Madhya Pradesh pandhurna.shausar2525 kilometer pipla Narayan ke pass 5 5 kilometer ki duri me mehrakhapa gao1
- विश्व प्रसिद्ध गोटमार मेले में स्वास्थ्यकर्मियों ने संभाला मोर्चा, घायलों को दी चिकित्सा सेवा पांढुर्णा:-जिले में आयोजित विश्व प्रसिद्ध गोटमार मेले में श्रद्धालुओं और ग्रामीणों की भारी भीड़ उमड़ी। मेले के दौरान जहां लोग पारंपरिक आयोजन में शामिल हुए, वहीं घायलों के उपचार के लिए स्वास्थ्य एवं चिकित्सा कर्मी अपनी सेवाएं देते नजर आए। स्वास्थ्यकर्मियों ने मौके पर पहुंचकर घायलों का इलाज किया और जरूरतमंदों को चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई। गोटमार मेले के दौरान मारुति मंडल पांढुर्णा में स्वास्थ्य एवं चिकित्सा कर्मियों द्वारा सेवा कार्य किया गया। मेले में घायल हुए लोगों को प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराया गया। स्वास्थ्यकर्मियों ने अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए घायलों की मदद की और चिकित्सा सेवाएं प्रदान कीं। इस अवसर पर राजू खंडाईत जी ने भी सेवा कार्य में सहभागिता निभाई। उन्होंने स्वास्थ्यकर्मियों के साथ मिलकर मेले में घायलों की सहायता के लिए योगदान दिया। सेवा कार्य के माध्यम से मानवता और जनसेवा का संदेश दिया गया।विश्व प्रसिद्ध गोटमार मेले में हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु और ग्रामीण शामिल होते हैं। ऐसे आयोजनों में स्वास्थ्य सेवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका रहती है। मेले के दौरान चिकित्सा कर्मियों की मौजूदगी से घायलों को उपचार उपलब्ध कराने में सहायता मिली। स्वास्थ्य एवं चिकित्सा कर्मियों द्वारा किए गए सेवा कार्य की सराहना की गई। घायलों को समय पर प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराने के प्रयासों से मेले में स्वास्थ्य व्यवस्था को सहयोग मिला। गोटमार मेले में स्वास्थ्यकर्मियों की सेवा भावना और राजू खंडाईत जी के योगदान ने जनसेवा की मिसाल पेश की।1
- बैतूल ब्रेकिंग अड़ीबाजी, मारपीट और धमकी के मामले में आरोपी गिरफ्तार, दूसरा आरोपी फरार बैतूल। कोतवाली पुलिस ने अड़ीबाजी, मारपीट और जान से मारने की धमकी देने के मामले में एक आरोपी सुमित उईके (22) को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार ग्राम सोनाघाटी निवासी 60 वर्षीय रमेश बामने ने शिकायत दर्ज कराई थी कि साइकिल का धक्का लगने की बात पर आरोपी सुमित उईके एवं राहुल उईके ने गाली-गलौज कर रुपये मांगे, मारपीट की और जान से मारने की धमकी दी। फरियादी की रिपोर्ट पर कोतवाली थाने में अपराध क्रमांक 776/2026 के तहत BNS की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। पुलिस टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए सुमित उईके को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। वहीं दूसरे आरोपी राहुल उईके की तलाश जारी है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक वीरेन्द्र जैन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमलेश खरपुसे एवं एसडीओपी अन्नपूर्णा सिरसाम के मार्गदर्शन में की गई। कार्रवाई में निरीक्षक देवकरण डेहरिया सहित पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका रही।1
- बोरीवली मुंबई अटल स्मृति उद्यान में आयोजित हुआ पीसीडब्लूजे का पत्रकार सम्मान समारोह1
- पिंडरई डबीर में सजा कुश्ती का महासंग्राम, नामी पहलवानों ने दिखाया दमखम मुख्य ईनामी कुश्ती में 15,001 रुपए का पुरस्कार, महाराष्ट्र, पंजाब, हरियाणा, छत्तीसगढ़ एवं मध्य प्रदेश के पहलवानों ने लिया हिस्सा सिंगोड़ी /पिंडरई डबीर:- अमरवाड़ा विधानसभा क्षेत्र के ग्राम पिंडरई डबीर में सोमवार को बजरंग मंदिर हाईवे मेन रोड पर पारंपरिक भारतीय कुश्ती का भव्य विशाल ईनामी दंगल संपन्न हुआ। सार्वजनिक दंगल समिति ग्राम पिंडरई डबीर के तत्वावधान में आयोजित इस दंगल में देश-प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे नामी पहलवानों ने मिट्टी के अखाड़े में अपने दमखम और कुश्ती कौशल का प्रदर्शन किया। रोमांचक मुकाबलों को देखने के लिए बड़ी संख्या में खेल प्रेमी और ग्रामीणजन पहुंचे। दोपहर 1 बजे से शुरू हुए दंगल में महाराष्ट्र, पंजाब, हरियाणा, छत्तीसगढ़ एवं मध्य प्रदेश के देवास, इंदौर, जबलपुर, सिवनी, बैतूल, नरसिंहपुर और सागर सहित विभिन्न जिलों से आए पहलवानों ने जोर-आजमाइश की। पहलवानों के दांव-पेंच, चित-पट और शानदार कुश्ती कौशल ने दर्शकों में उत्साह भर दिया। अखाड़े में पहलवानों की हुंकार के साथ दर्शकों ने तालियों और उत्साहवर्धन से मुकाबलों का आनंद लिया। रेफरी के रूप में बंटी पांडे और रमेश पहलवान ने कुश्ती लड़ाई। 15,001 रुपए की मुख्य ईनामी कुश्ती बनी आकर्षण का केंद्र दंगल का मुख्य आकर्षण 201 रुपए से लेकर 15,001 रुपए तक की ईनामी कुश्तियां रहीं। मुख्य ईनामी कुश्ती में पहलवानों ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी। इसके अलावा अन्य मुकाबलों में भी आकर्षक पुरस्कार रखे गए, जिससे पहलवानों का उत्साह बढ़ा। दर्शकों ने रोमांचक कुश्तियों का जमकर आनंद लिया। गणमान्य अतिथियों ने बढ़ाया पहलवानों का उत्साह आयोजन में मुख्य अतिथि के रूप में भाजपा नेता एवं पूर्व अमरवाड़ा विधानसभा प्रभारी उत्तम सिंह ठाकुर, विशिष्ट अतिथि धीरन शाह इवनाती एवं जिला पंचायत सदस्य चम्पालाल कुर्चे तथा विशेष अतिथि धन्नू धुर्वे , सरपंच विजय पटेल , विजय डेहरिया, महेश धुर्वे, संतोष धुर्वे, नरेंद्र धुर्वे,रवि काकोड़िया सहित क्षेत्र के अनेक गणमान्य नागरिक गण और समिति के समस्त सदस्यगण मुख्य रूप से उपस्थित रहे। अतिथियों ने पहलवानों का उत्साहवर्धन करते हुए भारतीय कुश्ती की परंपरा को आगे बढ़ाने वाले ऐसे आयोजनों की सराहना की। पारंपरिक खेल को जीवंत रखने का प्रयास सार्वजनिक दंगल समिति पिंडरई डबीर द्वारा प्रतिवर्ष गणेश चतुर्थी के अवसर पर आयोजित किया जाने वाला यह दंगल क्षेत्र में विशेष पहचान रखता है। आयोजन समिति का उद्देश्य ग्रामीण अंचल में पारंपरिक भारतीय कुश्ती को बढ़ावा देना और युवा पहलवानों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर उपलब्ध कराना है। दंगल के सफल आयोजन पर समिति ने सभी पहलवानों, अतिथियों और दर्शकों का आभार व्यक्त किया है। पिंडरई डबीर में सजा कुश्ती का महासंग्राम, नामी पहलवानों ने दिखाया दमखम मुख्य ईनामी कुश्ती में 15,001 रुपए का पुरस्कार, महाराष्ट्र, पंजाब, हरियाणा, छत्तीसगढ़ एवं मध्य प्रदेश के पहलवानों ने लिया हिस्सा सिंगोड़ी /पिंडरई डबीर:- अमरवाड़ा विधानसभा क्षेत्र के ग्राम पिंडरई डबीर में सोमवार को बजरंग मंदिर हाईवे मेन रोड पर पारंपरिक भारतीय कुश्ती का भव्य विशाल ईनामी दंगल संपन्न हुआ। सार्वजनिक दंगल समिति ग्राम पिंडरई डबीर के तत्वावधान में आयोजित इस दंगल में देश-प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे नामी पहलवानों ने मिट्टी के अखाड़े में अपने दमखम और कुश्ती कौशल का प्रदर्शन किया। रोमांचक मुकाबलों को देखने के लिए बड़ी संख्या में खेल प्रेमी और ग्रामीणजन पहुंचे। दोपहर 1 बजे से शुरू हुए दंगल में महाराष्ट्र, पंजाब, हरियाणा, छत्तीसगढ़ एवं मध्य प्रदेश के देवास, इंदौर, जबलपुर, सिवनी, बैतूल, नरसिंहपुर और सागर सहित विभिन्न जिलों से आए पहलवानों ने जोर-आजमाइश की। पहलवानों के दांव-पेंच, चित-पट और शानदार कुश्ती कौशल ने दर्शकों में उत्साह भर दिया। अखाड़े में पहलवानों की हुंकार के साथ दर्शकों ने तालियों और उत्साहवर्धन से मुकाबलों का आनंद लिया। रेफरी के रूप में बंटी पांडे और रमेश पहलवान ने कुश्ती लड़ाई। 15,001 रुपए की मुख्य ईनामी कुश्ती बनी आकर्षण का केंद्र दंगल का मुख्य आकर्षण 201 रुपए से लेकर 15,001 रुपए तक की ईनामी कुश्तियां रहीं। मुख्य ईनामी कुश्ती में पहलवानों ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी। इसके अलावा अन्य मुकाबलों में भी आकर्षक पुरस्कार रखे गए, जिससे पहलवानों का उत्साह बढ़ा। दर्शकों ने रोमांचक कुश्तियों का जमकर आनंद लिया। गणमान्य अतिथियों ने बढ़ाया पहलवानों का उत्साह आयोजन में मुख्य अतिथि के रूप में भाजपा नेता एवं पूर्व अमरवाड़ा विधानसभा प्रभारी उत्तम सिंह ठाकुर, विशिष्ट अतिथि धीरन शाह इवनाती एवं जिला पंचायत सदस्य चम्पालाल कुर्चे तथा विशेष अतिथि धन्नू धुर्वे , सरपंच विजय पटेल , विजय डेहरिया, महेश धुर्वे, संतोष धुर्वे, नरेंद्र धुर्वे,रवि काकोड़िया सहित क्षेत्र के अनेक गणमान्य नागरिक गण और समिति के समस्त सदस्यगण मुख्य रूप से उपस्थित रहे। अतिथियों ने पहलवानों का उत्साहवर्धन करते हुए भारतीय कुश्ती की परंपरा को आगे बढ़ाने वाले ऐसे आयोजनों की सराहना की। पारंपरिक खेल को जीवंत रखने का प्रयास सार्वजनिक दंगल समिति पिंडरई डबीर द्वारा प्रतिवर्ष गणेश चतुर्थी के अवसर पर आयोजित किया जाने वाला यह दंगल क्षेत्र में विशेष पहचान रखता है। आयोजन समिति का उद्देश्य ग्रामीण अंचल में पारंपरिक भारतीय कुश्ती को बढ़ावा देना और युवा पहलवानों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर उपलब्ध कराना है। दंगल के सफल आयोजन पर समिति ने सभी पहलवानों, अतिथियों और दर्शकों का आभार व्यक्त किया है।1
- हिन्दी भाषा को समर्पित काव्य गोष्ठी आयोजित हिन्दी की समृद्धि समावेशी लोक के द्वंद्वों के समाधान में है": प्रो. अमर सिंह अपनी भाषा को खोना खुद के वजूद को खो देना है ": अवधेश तिवारी छिंदवाड़ा: म. प्र. आंचलिक साहित्यकार परिषद छिंदवाड़ा की हिन्दी भाषा को समर्पित संकट मोचन हनुमान मंदिर नरसिंहपुर रोड छिंदवाड़ा में आयोजित काव्य गोष्ठी में वरिष्ठ कवि रतनाकर रतन ने कविता को क्रांतिकारी संवेदनाओं से अभूतपूर्व बदलाव का एक जरिया बताया। पूर्व आकाशवाणी उद्घोषक अवधेश तिवारी ने हिन्दी के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि अपनी भाषा को खोना खुद के वजूद को खोकर पहचान के संकट को निमंत्रण देने जैसा है। प्रो. अमर सिंह ने हिन्दी भाषा की भावी समृद्धि को सर्वहारा वर्ग के द्वंद्वों के वैचारिक समाधान में निहित बताया। वरिष्ठ कवि राजेंद्र चौबे ने "मुंह लगे कौन हवाओं के इसलिए, ओट में जलता है मिट्टी का दीया", कहकर काव्य अभिव्यक्ति का अनूठा उदाहरण पेश किया। सौंसर से पधारी कवयित्री श्रीमती अन्नू कामोने ने "अपनी आँखों से अश्क बहाया न करो, मैं आ नहीं सकता, अपने को सताया न करो", ग़ज़ल पढ़कर हिन्दी भाषा को नमन किया। वरिष्ठ समीक्षक अशोक जैन ने "सांसें चलने तक जीना है, सच है तेरा, मेरा भी है, सांझ ढले पक्षी उड़ जाना, अंतिम यही कहानी बाबा", कविता से आध्यात्मिक होने पर बल दिया। श्रीमती ज्योति गुप्ता ने "तुमने हमको कांटे सौंपे, हमने तुमको गुल सौंपा था, तुमने दरिया मोड़ दिए थे, हमने फिर से पुल सौंपा था", काव्य पंक्तियों से विषम हालातों में भी फर्ज निर्वहन को रेखांकित किया। उम्दा कवि ओमप्रकाश नयन ने अपनी रचना "अलसाई पलकों पर, वीणा का पहरा देता हूं, अनुभूति के उद्गारों से वाल्मीकि रामायण रच जाता है", रचना सौंदर्य का अनूठा नमूना प्रस्तुत किया। श्रीमती मोहिता मुकेश कमलेंदु ने अपनी कविता"विचार हैं गहने मेरे, उमंग है मेरा श्रृगांर, बोली है झुमकी मेरी, बिंदी में है भाषा हिंदी", पढ़कर हिन्दी के प्रति अंतर्निहित प्रेम को उजागर किया। युवा कवयित्री हिना खान ने अपनी काव्य रचना "बेखौफ जिंदगी की परेशानियों से था, एक सिक्के में सारी खुशियां थी, क्या हुआ हजारा बचपन गरीब था", से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। वात्सल्य कवि प्रभूदयाल श्रीवास्तव ने "पूजा के कमरे में घंटी की टुन टुन, दादा दादी का कंचन सा मन, उनसे जाकर दुआएं पाओ, अरे भाई थोड़ा हँसो, मुस्कराओ", ध्वनि अलंकार की एक अद्भुत बानगी प्रस्तुत की। सविता श्रीवास्तव ने "रिम झिम फुहारों का, झिलमिल सितारों का अद्भुत संसार", नंद कुमार दीक्षित ने "हमने खाई है कसम, एक दीया जलाने की" और रामलाल सराठे ने अपनी रचना "जय हिंद लिखो, जय गान लिखो, युग जननी का यश गान लिखो, अभिमान करें सब जनम जनम, कवि ऐसा हिंदुस्तान लिखो", पढ़कर सभी श्रोताओं में देशभक्ति का रस उड़ेल दिया। राजेंद्र यादव ने अपनी कविता यों पढ़ी: "होती आई, ज़िन्दगी में, भूल देखें, फिर किताबों में दबे, वो फूल देखें।, पुष्प हमने भी बिछाए, अक्सर उनकी राह में,पाँव में मेरे चुभोने, जिनके कर में, शूल देखे"। वरिष्ठ कवि नेमीचंद व्योम ने अपनी संस्कृत भाषा में और हैदर अली ने विरह की अभिव्यक्ति से सराबोर अपनी कविता पढ़ी। गोष्ठी का मंच संचालन हिना खान ने अपने अनूठे अंदाज में किया।4
- पलासपानी में आदिवासी परंपरा से जुड़ी जड़ी-बूटी पूजन जंगल में 9 मुवा के पेड़ों के बीच लगाए जाते हैं 9 फेरे, पीढ़ियों से चली आ रही अनूठी परंपरा भीमपुर विकासखण्ड अंतर्गत ग्राम पंचायत पलासपानी में आदिवासी समाज की वर्षों पुरानी परंपरा आज भी श्रद्धा और आस्था के साथ निभाई जा रही है। प्रतिवर्ष पोला पर्व के अवसर पर ग्रामीण जंगल में जाकर विभिन्न प्रकार की पारंपरिक जड़ी-बूटियां एकत्रित करते हैं और उन्हें घर लाकर पारंपरिक रीति-रिवाज के अनुसार पूजा-अर्चना करते हैं। ग्रामीणों के अनुसार जंगल से करीब 20 से 25 प्रकार की पारंपरिक जड़ी-बूटियां एकत्रित की जाती हैं। इन्हें घर लाने के बाद विधि-विधान और पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार पूजा की जाती है। इसके बाद परिवार के सदस्य अपनी पारंपरिक मान्यता के अनुसार इनका सेवन करते हैं। ग्रामीण इस परंपरा को ‘कोल्हापुर’ की मान्यता से भी जोड़कर देखते हैं। इस पारंपरिक आयोजन का एक विशेष आकर्षण जंगल में एक ही स्थान पर मौजूद 9 मुवा के पेड़ हैं। ग्रामीणों के अनुसार इन 9 पेड़ों के बीच पारंपरिक रूप से 9 फेरे लगाए जाते हैं। यह प्रक्रिया आदिवासी समाज की पारंपरिक आस्था और रीति-रिवाज का महत्वपूर्ण हिस्सा मानी जाती है।1
- SP वीरेन्द्र जैन ने चिचोली थाने का किया औचक निरीक्षण रिकॉर्ड, सुरक्षा व्यवस्था और लंबित मामलों की समीक्षा कर दिए आवश्यक दिशा-निर्देश बैतूल। पुलिस अधीक्षक बैतूल वीरेन्द्र जैन ने 14 सितंबर को थाना चिचोली का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान थाने के रिकॉर्ड एवं अभिलेख, रजिस्टरों का संधारण, बंदी व्यवस्था, सीसीटीवी कैमरों की स्थिति, जब्त सामग्री व वाहनों के रखरखाव तथा लंबित कार्यों की समीक्षा की गई। एसपी ने थाना परिसर की सुरक्षा व्यवस्था, बाउंड्रीवॉल सहित अन्य व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया। थाना प्रभारी निरीक्षक हरिओम पटेल एवं पुलिस अधिकारियों-कर्मचारियों को क्षेत्र में कानून व्यवस्था पर लगातार निगरानी रखने तथा अपराधों और असामाजिक गतिविधियों पर प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए। महिला एवं बालिका संबंधी शिकायतों को प्राथमिकता से लेते हुए संवेदनशीलता के साथ त्वरित कार्रवाई करने को कहा गया। वहीं आगामी गणेश चतुर्थी एवं गणेश विसर्जन को देखते हुए जुलूस, विसर्जन स्थलों और संवेदनशील क्षेत्रों में पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था एवं विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए। पुलिस अधीक्षक ने थाना परिसर एवं अभिलेखों को व्यवस्थित और अद्यतन रखने के साथ ही थाने में आने वाले पीड़ितों एवं आवेदकों की शिकायतों को विनम्रता से सुनकर नियमानुसार शीघ्र निराकरण सुनिश्चित करने पर जोर दिया।1