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बीना में देव स्नान पूर्णिमा के पावन अवसर पर राधे-राधे प्रभात मंडल द्वारा एक भव्य स्नान यात्रा निकाली गई। यह यात्रा सुबह 5 बजे मां जागेश्वरी धाम से प्रारंभ हुई और नगर के विभिन्न मार्गों से गुजरते हुए पुनः मां जागेश्वरी धाम तथा हरे राम मंदिर पहुंची। इस दौरान भगवान जगन्नाथ, उनके बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा का कलशों के पवित्र जल से पारंपरिक महाअभिषेक किया गया। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस महास्नान के बाद भगवान अस्वस्थ हो जाते हैं और इसी के साथ अनवसर (अनसार) काल की शुरुआत होती है। इस अवधि में भगवान लगभग 15 दिनों तक विश्राम करते हैं, जिसके चलते मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए बंद रहते हैं। इस दौरान केवल सेवायत ही भगवान की विशेष सेवा करते हैं, जिसमें उन्हें आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियां, काढ़ा, फल और हल्का भोग अर्पित किया जाता है, जिसे उनके स्वास्थ्य लाभ का समय माना जाता है। अनवसर काल की समाप्ति के बाद 16 जुलाई को भगवान नवयौवन स्वरूप में भक्तों को दर्शन देंगे, जिसे नवयौवन दर्शन या नेत्रोत्सव कहा जाता है। इसके अगले दिन भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा एक भव्य रथ पर सवार होकर नगर भ्रमण के लिए निकलेंगे। जगन्नाथ स्वामी रथ यात्रा समिति के सदस्य एडवोकेट प्रभात व्यास ने बताया कि यह यात्रा हरे राम मंदिर स्थित भगवान जगन्नाथ स्वामी मंदिर से शुरू होकर नानक वार्ड, पंचमुखी हनुमान मंदिर सहित विभिन्न मार्गों से होते हुए नगर का भ्रमण करेगी। इस दौरान नगरवासी भगवान के दर्शन का लाभ प्राप्त करेंगे। रात्रि विश्राम स्टेशन रोड स्थित हनुमान मंदिर पर होगा, और अगले दिन ढोल-नगाड़ों के साथ भगवान पुनः हरे राम मंदिर स्थित अपने मंदिर में विराजमान होंगे। यह रिपोर्ट बीना से प्रियंका राजपूत द्वारा प्रस्तुत की गई है।

3 hrs ago
user_Priyanka Rajput
Priyanka Rajput
बीना, सागर, मध्य प्रदेश•
3 hrs ago

बीना में देव स्नान पूर्णिमा के पावन अवसर पर राधे-राधे प्रभात मंडल द्वारा एक भव्य स्नान यात्रा निकाली गई। यह यात्रा सुबह 5 बजे मां जागेश्वरी धाम से प्रारंभ हुई और नगर के विभिन्न मार्गों से गुजरते हुए पुनः मां जागेश्वरी धाम तथा हरे राम मंदिर पहुंची। इस दौरान भगवान जगन्नाथ, उनके बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा का कलशों के पवित्र जल से पारंपरिक महाअभिषेक किया गया। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस महास्नान के बाद भगवान अस्वस्थ हो जाते हैं और इसी के साथ अनवसर (अनसार) काल की शुरुआत होती है। इस अवधि में भगवान लगभग 15 दिनों तक विश्राम करते हैं, जिसके चलते मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए बंद रहते हैं। इस दौरान केवल सेवायत ही भगवान की विशेष सेवा करते हैं, जिसमें उन्हें आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियां, काढ़ा, फल और हल्का भोग अर्पित किया जाता है, जिसे उनके

स्वास्थ्य लाभ का समय माना जाता है। अनवसर काल की समाप्ति के बाद 16 जुलाई को भगवान नवयौवन स्वरूप में भक्तों को दर्शन देंगे, जिसे नवयौवन दर्शन या नेत्रोत्सव कहा जाता है। इसके अगले दिन भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा एक भव्य रथ पर सवार होकर नगर भ्रमण के लिए निकलेंगे। जगन्नाथ स्वामी रथ यात्रा समिति के सदस्य एडवोकेट प्रभात व्यास ने बताया कि यह यात्रा हरे राम मंदिर स्थित भगवान जगन्नाथ स्वामी मंदिर से शुरू होकर नानक वार्ड, पंचमुखी हनुमान मंदिर सहित विभिन्न मार्गों से होते हुए नगर का भ्रमण करेगी। इस दौरान नगरवासी भगवान के दर्शन का लाभ प्राप्त करेंगे। रात्रि विश्राम स्टेशन रोड स्थित हनुमान मंदिर पर होगा, और अगले दिन ढोल-नगाड़ों के साथ भगवान पुनः हरे राम मंदिर स्थित अपने मंदिर में विराजमान होंगे। यह रिपोर्ट बीना से प्रियंका राजपूत द्वारा प्रस्तुत की गई है।

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  • बीना में देव स्नान पूर्णिमा के पावन अवसर पर राधे-राधे प्रभात मंडल द्वारा एक भव्य स्नान यात्रा निकाली गई। यह यात्रा सुबह 5 बजे मां जागेश्वरी धाम से प्रारंभ हुई और नगर के विभिन्न मार्गों से गुजरते हुए पुनः मां जागेश्वरी धाम तथा हरे राम मंदिर पहुंची। इस दौरान भगवान जगन्नाथ, उनके बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा का कलशों के पवित्र जल से पारंपरिक महाअभिषेक किया गया। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस महास्नान के बाद भगवान अस्वस्थ हो जाते हैं और इसी के साथ अनवसर (अनसार) काल की शुरुआत होती है। इस अवधि में भगवान लगभग 15 दिनों तक विश्राम करते हैं, जिसके चलते मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए बंद रहते हैं। इस दौरान केवल सेवायत ही भगवान की विशेष सेवा करते हैं, जिसमें उन्हें आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियां, काढ़ा, फल और हल्का भोग अर्पित किया जाता है, जिसे उनके स्वास्थ्य लाभ का समय माना जाता है। अनवसर काल की समाप्ति के बाद 16 जुलाई को भगवान नवयौवन स्वरूप में भक्तों को दर्शन देंगे, जिसे नवयौवन दर्शन या नेत्रोत्सव कहा जाता है। इसके अगले दिन भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा एक भव्य रथ पर सवार होकर नगर भ्रमण के लिए निकलेंगे। जगन्नाथ स्वामी रथ यात्रा समिति के सदस्य एडवोकेट प्रभात व्यास ने बताया कि यह यात्रा हरे राम मंदिर स्थित भगवान जगन्नाथ स्वामी मंदिर से शुरू होकर नानक वार्ड, पंचमुखी हनुमान मंदिर सहित विभिन्न मार्गों से होते हुए नगर का भ्रमण करेगी। इस दौरान नगरवासी भगवान के दर्शन का लाभ प्राप्त करेंगे। रात्रि विश्राम स्टेशन रोड स्थित हनुमान मंदिर पर होगा, और अगले दिन ढोल-नगाड़ों के साथ भगवान पुनः हरे राम मंदिर स्थित अपने मंदिर में विराजमान होंगे। यह रिपोर्ट बीना से प्रियंका राजपूत द्वारा प्रस्तुत की गई है।
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    बीना में देव स्नान पूर्णिमा के पावन अवसर पर राधे-राधे प्रभात मंडल द्वारा एक भव्य स्नान यात्रा निकाली गई। यह यात्रा सुबह 5 बजे मां जागेश्वरी धाम से प्रारंभ हुई और नगर के विभिन्न मार्गों से गुजरते हुए पुनः मां जागेश्वरी धाम तथा हरे राम मंदिर पहुंची। इस दौरान भगवान जगन्नाथ, उनके बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा का कलशों के पवित्र जल से पारंपरिक महाअभिषेक किया गया।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस महास्नान के बाद भगवान अस्वस्थ हो जाते हैं और इसी के साथ अनवसर (अनसार) काल की शुरुआत होती है। इस अवधि में भगवान लगभग 15 दिनों तक विश्राम करते हैं, जिसके चलते मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए बंद रहते हैं। इस दौरान केवल सेवायत ही भगवान की विशेष सेवा करते हैं, जिसमें उन्हें आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियां, काढ़ा, फल और हल्का भोग अर्पित किया जाता है, जिसे उनके स्वास्थ्य लाभ का समय माना जाता है।

अनवसर काल की समाप्ति के बाद 16 जुलाई को भगवान नवयौवन स्वरूप में भक्तों को दर्शन देंगे, जिसे नवयौवन दर्शन या नेत्रोत्सव कहा जाता है। इसके अगले दिन भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा एक भव्य रथ पर सवार होकर नगर भ्रमण के लिए निकलेंगे। जगन्नाथ स्वामी रथ यात्रा समिति के सदस्य एडवोकेट प्रभात व्यास ने बताया कि यह यात्रा हरे राम मंदिर स्थित भगवान जगन्नाथ स्वामी मंदिर से शुरू होकर नानक वार्ड, पंचमुखी हनुमान मंदिर सहित विभिन्न मार्गों से होते हुए नगर का भ्रमण करेगी। इस दौरान नगरवासी भगवान के दर्शन का लाभ प्राप्त करेंगे। रात्रि विश्राम स्टेशन रोड स्थित हनुमान मंदिर पर होगा, और अगले दिन ढोल-नगाड़ों के साथ भगवान पुनः हरे राम मंदिर स्थित अपने मंदिर में विराजमान होंगे। यह रिपोर्ट बीना से प्रियंका राजपूत द्वारा प्रस्तुत की गई है।
    user_Priyanka Rajput
    Priyanka Rajput
    बीना, सागर, मध्य प्रदेश•
    3 hrs ago
  • बीना में देव स्नान पूर्णिमा के अवसर पर राधे राधे प्रभात मंडल द्वारा सुबह 5 बजे एक भव्य स्नान यात्रा निकाली गई। यह यात्रा मां जागेश्वरी धाम से शुरू होकर नगर का भ्रमण करते हुए वापस मां जागेश्वरी धाम और हरे राम मंदिर पहुंची। इस दौरान भगवान जगन्नाथ, उनके बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा का कलशों के पवित्र जल से पारंपरिक महाअभिषेक किया गया। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस महास्नान के बाद भगवान अस्वस्थ हो जाते हैं, जिसके साथ ही अनवसर (अनसार) काल की शुरुआत होती है। सनातन परंपरा के तहत, अत्यधिक स्नान के कारण भगवान को ज्वर आने की मान्यता है, जिसके चलते वे लगभग 15 दिनों तक विश्राम करते हैं। इस अवधि में श्रद्धालुओं के लिए मंदिर के कपाट बंद रहते हैं और केवल सेवायत ही भगवान की गोपनीय सेवा करते हैं। अनवसर काल में भगवान को आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों, काढ़ा, फल और हल्का भोग अर्पित किया जाता है, जिसे उनके उपचार और स्वास्थ्य लाभ का समय माना जाता है। इस दौरान भक्त सीधे दर्शन नहीं कर पाते, लेकिन भगवान के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हुए पूजा-अर्चना करते हैं। यह विश्राम अवधि पूरी होने के बाद, 16 जुलाई को भगवान नवयौवन स्वरूप में भक्तों को दर्शन देंगे, जिसे नवयौवन दर्शन या नेत्रोत्सव कहा जाता है। इसके अगले दिन भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा भव्य रथ पर सवार होकर नगर भ्रमण के लिए निकलेंगे। जगन्नाथ स्वामी रथ यात्रा के सदस्य एडवोकेट प्रभात व्यास ने बताया कि यह यात्रा हरे राम मंदिर स्थित भगवान जगन्नाथ स्वामी मंदिर से प्रारंभ होकर नानक वार्ड से पंचमुखी हनुमान होती हुई नगर भ्रमण पर निकलेगी, जहाँ नगर के सभी श्रद्धालु दर्शन का लाभ लेंगे। उस रात भगवान स्टेशन रोड स्थित हनुमान मंदिर पर विश्राम करेंगे और सुबह ढोल नगाड़ों के साथ पुनः हरे राम मंदिर स्थित जगन्नाथ स्वामी मंदिर पर विराजमान होंगे।
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    बीना में देव स्नान पूर्णिमा के अवसर पर राधे राधे प्रभात मंडल द्वारा सुबह 5 बजे एक भव्य स्नान यात्रा निकाली गई। यह यात्रा मां जागेश्वरी धाम से शुरू होकर नगर का भ्रमण करते हुए वापस मां जागेश्वरी धाम और हरे राम मंदिर पहुंची। इस दौरान भगवान जगन्नाथ, उनके बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा का कलशों के पवित्र जल से पारंपरिक महाअभिषेक किया गया।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस महास्नान के बाद भगवान अस्वस्थ हो जाते हैं, जिसके साथ ही अनवसर (अनसार) काल की शुरुआत होती है। सनातन परंपरा के तहत, अत्यधिक स्नान के कारण भगवान को ज्वर आने की मान्यता है, जिसके चलते वे लगभग 15 दिनों तक विश्राम करते हैं। इस अवधि में श्रद्धालुओं के लिए मंदिर के कपाट बंद रहते हैं और केवल सेवायत ही भगवान की गोपनीय सेवा करते हैं। अनवसर काल में भगवान को आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों, काढ़ा, फल और हल्का भोग अर्पित किया जाता है, जिसे उनके उपचार और स्वास्थ्य लाभ का समय माना जाता है। इस दौरान भक्त सीधे दर्शन नहीं कर पाते, लेकिन भगवान के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हुए पूजा-अर्चना करते हैं।

यह विश्राम अवधि पूरी होने के बाद, 16 जुलाई को भगवान नवयौवन स्वरूप में भक्तों को दर्शन देंगे, जिसे नवयौवन दर्शन या नेत्रोत्सव कहा जाता है। इसके अगले दिन भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा भव्य रथ पर सवार होकर नगर भ्रमण के लिए निकलेंगे। जगन्नाथ स्वामी रथ यात्रा के सदस्य एडवोकेट प्रभात व्यास ने बताया कि यह यात्रा हरे राम मंदिर स्थित भगवान जगन्नाथ स्वामी मंदिर से प्रारंभ होकर नानक वार्ड से पंचमुखी हनुमान होती हुई नगर भ्रमण पर निकलेगी, जहाँ नगर के सभी श्रद्धालु दर्शन का लाभ लेंगे। उस रात भगवान स्टेशन रोड स्थित हनुमान मंदिर पर विश्राम करेंगे और सुबह ढोल नगाड़ों के साथ पुनः हरे राम मंदिर स्थित जगन्नाथ स्वामी मंदिर पर विराजमान होंगे।
    user_Rakesh sen
    Rakesh sen
    बीना, सागर, मध्य प्रदेश•
    19 hrs ago
  • सागर जिले के बीना में देव स्नान पूर्णिमा के पावन अवसर पर राधे-राधे प्रभात मंडल द्वारा एक भव्य स्नान यात्रा निकाली गई। यह यात्रा सुबह 5 बजे मां जागेश्वरी धाम से शुरू होकर नगर के विभिन्न मार्गों से गुजरी और पुनः मां जागेश्वरी धाम तथा हरे राम मंदिर पहुंची। इस दौरान भगवान जगन्नाथ, उनके बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा का कलशों के पवित्र जल से पारंपरिक महाभिषेक किया गया। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस महास्नान के बाद भगवान अस्वस्थ हो जाते हैं, जिसके साथ ही अनवसर (अनसार) काल की शुरुआत होती है। इस 15 दिवसीय अवधि में भगवान विश्राम करते हैं और मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए बंद रहते हैं। इस दौरान केवल सेवायत ही भगवान की विशेष सेवा करते हैं, उन्हें आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियां, काढ़ा, फल और हल्का भोग अर्पित किया जाता है, जिसे उनके स्वास्थ्य लाभ का समय माना जाता है। अनवसर काल समाप्त होने के बाद, 16 जुलाई को भगवान नवयौवन स्वरूप में भक्तों को दर्शन देंगे, जिसे नवयौवन दर्शन या नेत्रोत्सव कहा जाता है। इसके अगले दिन भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा भव्य रथ पर सवार होकर नगर भ्रमण के लिए निकलेंगे। जगन्नाथ स्वामी रथ यात्रा समिति के सदस्य एडवोकेट प्रभात व्यास ने बताया कि यह यात्रा हरे राम मंदिर स्थित भगवान जगन्नाथ स्वामी मंदिर से प्रारंभ होगी और नानक वार्ड, पंचमुखी हनुमान मंदिर सहित विभिन्न मार्गों से होते हुए नगर भ्रमण करेगी। इस दौरान नगरवासी भगवान के दर्शन का लाभ प्राप्त करेंगे। रात्रि विश्राम स्टेशन रोड स्थित हनुमान मंदिर पर होगा, और अगले दिन ढोल-नगाड़ों के साथ भगवान पुनः हरे राम मंदिर स्थित अपने मंदिर में विराजमान होंगे।
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    सागर जिले के बीना में देव स्नान पूर्णिमा के पावन अवसर पर राधे-राधे प्रभात मंडल द्वारा एक भव्य स्नान यात्रा निकाली गई। यह यात्रा सुबह 5 बजे मां जागेश्वरी धाम से शुरू होकर नगर के विभिन्न मार्गों से गुजरी और पुनः मां जागेश्वरी धाम तथा हरे राम मंदिर पहुंची। इस दौरान भगवान जगन्नाथ, उनके बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा का कलशों के पवित्र जल से पारंपरिक महाभिषेक किया गया।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस महास्नान के बाद भगवान अस्वस्थ हो जाते हैं, जिसके साथ ही अनवसर (अनसार) काल की शुरुआत होती है। इस 15 दिवसीय अवधि में भगवान विश्राम करते हैं और मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए बंद रहते हैं। इस दौरान केवल सेवायत ही भगवान की विशेष सेवा करते हैं, उन्हें आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियां, काढ़ा, फल और हल्का भोग अर्पित किया जाता है, जिसे उनके स्वास्थ्य लाभ का समय माना जाता है।

अनवसर काल समाप्त होने के बाद, 16 जुलाई को भगवान नवयौवन स्वरूप में भक्तों को दर्शन देंगे, जिसे नवयौवन दर्शन या नेत्रोत्सव कहा जाता है। इसके अगले दिन भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा भव्य रथ पर सवार होकर नगर भ्रमण के लिए निकलेंगे।

जगन्नाथ स्वामी रथ यात्रा समिति के सदस्य एडवोकेट प्रभात व्यास ने बताया कि यह यात्रा हरे राम मंदिर स्थित भगवान जगन्नाथ स्वामी मंदिर से प्रारंभ होगी और नानक वार्ड, पंचमुखी हनुमान मंदिर सहित विभिन्न मार्गों से होते हुए नगर भ्रमण करेगी। इस दौरान नगरवासी भगवान के दर्शन का लाभ प्राप्त करेंगे। रात्रि विश्राम स्टेशन रोड स्थित हनुमान मंदिर पर होगा, और अगले दिन ढोल-नगाड़ों के साथ भगवान पुनः हरे राम मंदिर स्थित अपने मंदिर में विराजमान होंगे।
    user_Laxman singh rajput
    Laxman singh rajput
    बीना, सागर, मध्य प्रदेश•
    23 hrs ago
  • राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान के तहत रविवार को मध्य प्रदेश के बीना स्थित सर्वोदय चौराहा पर आयोजित पोलियो बूथ को व्यापक जनसहयोग मिला। परमार्थ सेवा संगठन बीना, नगर रत्न अलंकार समिति बीना और शहीद-ए-आजम सरदार भगत सिंह एवं आजाद क्रांति युवा मंडल बीना ने संयुक्त रूप से इस बूथ को गोद लेकर बच्चों को पोलियो की दवा पिलाई। इस दौरान कुल 193 बच्चों को पोलियो की खुराक दी गई। कार्यक्रम का शुभारंभ वरिष्ठ समाजसेवी और पूर्व सरपंच अध्यक्ष अनिल ओझा ने फीता काटकर किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि पाँच वर्ष तक के सभी नौनिहाल बच्चों को पोलियो की दवा अवश्य पिलानी चाहिए, ताकि देश को पोलियो मुक्त बनाए रखने का संकल्प और मजबूत हो सके। कार्यक्रम संयोजक उमेश शर्मा ने बताया कि उनकी संस्था प्रतिवर्ष पल्स पोलियो अभियान में सहयोग करती है। कार्यवाहक अध्यक्ष सुजीत क्लॉडियस ने इस राष्ट्रीय अभियान की सफलता के लिए सभी के सहयोग को महत्वपूर्ण बताया और उन अभिभावकों से आगे आने का आग्रह किया जिन्होंने अभी तक अपने बच्चों को पोलियो की दवा नहीं पिलाई है। अभियान दिवस के प्रभारी रविशंकर अवस्थी और उदल सिंह यादव रहे। पूर्व विधायक महेश राय भी बूथ पर पहुँचे और बच्चों को पोलियो की दवा पिलाई। स्वास्थ्य विभाग और शासकीय चिकित्सालय की ओर से दो शिफ्ट में स्वयंसेवकों की ड्यूटी लगाई गई थी। इस कार्यक्रम में ममता चौरसिया, इरफान खान, डालचंद पटेल, प्रमोद राय, डॉ. एल.एन. दुबे, मनोहर लाल दीक्षित, डॉ. प्रेम श्रीवास्तव, आशुतोष तिवारी, बी.डी. पाराशर, रमेश नामदेव, राजेंद्र गोस्वामी, संतोष पटेल, पार्वती कुर्मी, रोशनी कुशवाहा, कृष्णकांत लखेरा, राजेन्द्र सिंह राजपूत, पूजा परिहार, पूजा रजक, काजल रजक, भारती उपाध्याय, जीविका योगी, तनिष्का नामदेव और समृद्धि राय सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
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    राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान के तहत रविवार को मध्य प्रदेश के बीना स्थित सर्वोदय चौराहा पर आयोजित पोलियो बूथ को व्यापक जनसहयोग मिला। परमार्थ सेवा संगठन बीना, नगर रत्न अलंकार समिति बीना और शहीद-ए-आजम सरदार भगत सिंह एवं आजाद क्रांति युवा मंडल बीना ने संयुक्त रूप से इस बूथ को गोद लेकर बच्चों को पोलियो की दवा पिलाई। इस दौरान कुल 193 बच्चों को पोलियो की खुराक दी गई।

कार्यक्रम का शुभारंभ वरिष्ठ समाजसेवी और पूर्व सरपंच अध्यक्ष अनिल ओझा ने फीता काटकर किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि पाँच वर्ष तक के सभी नौनिहाल बच्चों को पोलियो की दवा अवश्य पिलानी चाहिए, ताकि देश को पोलियो मुक्त बनाए रखने का संकल्प और मजबूत हो सके। कार्यक्रम संयोजक उमेश शर्मा ने बताया कि उनकी संस्था प्रतिवर्ष पल्स पोलियो अभियान में सहयोग करती है। कार्यवाहक अध्यक्ष सुजीत क्लॉडियस ने इस राष्ट्रीय अभियान की सफलता के लिए सभी के सहयोग को महत्वपूर्ण बताया और उन अभिभावकों से आगे आने का आग्रह किया जिन्होंने अभी तक अपने बच्चों को पोलियो की दवा नहीं पिलाई है। अभियान दिवस के प्रभारी रविशंकर अवस्थी और उदल सिंह यादव रहे। पूर्व विधायक महेश राय भी बूथ पर पहुँचे और बच्चों को पोलियो की दवा पिलाई। स्वास्थ्य विभाग और शासकीय चिकित्सालय की ओर से दो शिफ्ट में स्वयंसेवकों की ड्यूटी लगाई गई थी।

इस कार्यक्रम में ममता चौरसिया, इरफान खान, डालचंद पटेल, प्रमोद राय, डॉ. एल.एन. दुबे, मनोहर लाल दीक्षित, डॉ. प्रेम श्रीवास्तव, आशुतोष तिवारी, बी.डी. पाराशर, रमेश नामदेव, राजेंद्र गोस्वामी, संतोष पटेल, पार्वती कुर्मी, रोशनी कुशवाहा, कृष्णकांत लखेरा, राजेन्द्र सिंह राजपूत, पूजा परिहार, पूजा रजक, काजल रजक, भारती उपाध्याय, जीविका योगी, तनिष्का नामदेव और समृद्धि राय सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
    user_Mp news 24live
    Mp news 24live
    पत्रकार बीना, सागर, मध्य प्रदेश•
    23 hrs ago
  • सीएसपी सागर श्री ललित कश्यप जी ने नागरिकों को साइबर अपराधों से बचाव, सतर्कता बरतने और सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाने के लिए एक महत्वपूर्ण संदेश दिया है। उन्होंने सभी से आह्वान किया है कि वे स्वयं जागरूक बनें और दूसरों को भी जागरूक करें। सागर पुलिस के अनुसार, साइबर सुरक्षा ही डिजिटल युग में सच्ची सुरक्षा है।
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    सीएसपी सागर श्री ललित कश्यप जी ने नागरिकों को साइबर अपराधों से बचाव, सतर्कता बरतने और सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाने के लिए एक महत्वपूर्ण संदेश दिया है। उन्होंने सभी से आह्वान किया है कि वे स्वयं जागरूक बनें और दूसरों को भी जागरूक करें। सागर पुलिस के अनुसार, साइबर सुरक्षा ही डिजिटल युग में सच्ची सुरक्षा है।
    user_SUNEEL SINGH
    SUNEEL SINGH
    Journalist राहतगढ़, सागर, मध्य प्रदेश•
    21 hrs ago
  • पूरे देश में 19 मार्च को एक साथ शुरू हुआ जल गंगा संवर्धन अभियान, जिसे मध्य प्रदेश में सीमित अवधि के बजाय 30 जून तक बढ़ाया गया था, आज संपन्न हो गया। इस अभियान का जिला स्तरीय समापन कार्यक्रम विदिशा जिला मुख्यालय के अटल उद्यान में आयोजित किया गया। इस अवसर पर प्रदेश के परिवहन एवं स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उनके साथ स्थानीय जनप्रतिनिधि और अधिकारी भी कार्यक्रम में मौजूद थे। समापन समारोह के दौरान, जल गंगा संवर्धन के कार्यों में सहयोग देने वाले विभिन्न संस्थानों, अधिकारियों, कर्मचारियों और व्यक्तियों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के बाद, अटल उद्यान में सभी उपस्थित लोगों ने सामूहिक रूप से वृक्षारोपण किया और लगाए गए पौधों के संरक्षण का संकल्प लिया।
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    पूरे देश में 19 मार्च को एक साथ शुरू हुआ जल गंगा संवर्धन अभियान, जिसे मध्य प्रदेश में सीमित अवधि के बजाय 30 जून तक बढ़ाया गया था, आज संपन्न हो गया। इस अभियान का जिला स्तरीय समापन कार्यक्रम विदिशा जिला मुख्यालय के अटल उद्यान में आयोजित किया गया।

इस अवसर पर प्रदेश के परिवहन एवं स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उनके साथ स्थानीय जनप्रतिनिधि और अधिकारी भी कार्यक्रम में मौजूद थे। समापन समारोह के दौरान, जल गंगा संवर्धन के कार्यों में सहयोग देने वाले विभिन्न संस्थानों, अधिकारियों, कर्मचारियों और व्यक्तियों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के बाद, अटल उद्यान में सभी उपस्थित लोगों ने सामूहिक रूप से वृक्षारोपण किया और लगाए गए पौधों के संरक्षण का संकल्प लिया।
    user_रिपोर्टर rupesh yadav
    रिपोर्टर rupesh yadav
    सिरोंज, विदिशा, मध्य प्रदेश•
    2 hrs ago
  • विदिशा जिले की सिरोंज यातायात पुलिस ने पुलिस अधीक्षक श्री रोहित काशवानी के निर्देशानुसार 'मिशन सुरक्षित बचपन, सुरक्षित सड़क' के तहत अवैध स्कूल वाहनों के खिलाफ एक विशेष सुरक्षा जांच और जागरूकता अभियान चलाया। इस अभियान का उद्देश्य स्कूली बच्चों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करना था। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. प्रशांत चौबे और एसडीओपी सिरोंज श्रीमती सोनू डाबर के मार्गदर्शन में तथा यातायात प्रभारी सूबेदार रितेश वाघेला के नेतृत्व में यह अभियान ईशान इंटरनेशनल स्कूल और संस्कार ग्रीन वैली स्कूल में आयोजित किया गया। अभियान के दौरान स्कूल बस, वैन, ऑटो और अन्य स्कूली वाहनों की गहन जांच की गई, जिसमें फिटनेस, परमिट, बीमा, ड्राइविंग लाइसेंस और निर्धारित सुरक्षा मानकों के साथ-साथ सीसीटीवी कैमरा, फर्स्ट एड किट और अग्निशमन यंत्र जैसे सुरक्षा उपकरणों का निरीक्षण भी शामिल था। जांच में यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले 08 वाहनों के खिलाफ मोटरयान अधिनियम के तहत चालानी कार्रवाई की गई और उनसे कुल ₹9,000 का शमन शुल्क वसूल किया गया। संबंधित वाहन चालकों को भविष्य में नियमों का कड़ाई से पालन करने की सख्त हिदायत दी गई। विद्यार्थियों को भी सड़क सुरक्षा नियमों, हेलमेट और सीट बेल्ट के महत्व, यातायात संकेतों के पालन तथा सुरक्षित तरीके से सड़क पार करने के संबंध में जागरूक किया गया, उन्हें यह संदेश अपने परिवार और समाज में फैलाने के लिए भी प्रेरित किया गया। यातायात प्रभारी सूबेदार रितेश वाघेला ने अभिभावकों से भावुक अपील करते हुए कहा कि कुछ रुपये बचाने के लिए बच्चों की सुरक्षा से समझौता न करें और उन्हें ऐसे वाहनों में स्कूल भेजने से बचें जिनमें क्षमता से अधिक बच्चे बैठाए जाते हों या जिनके आवश्यक दस्तावेज अधूरे हों, क्योंकि सुरक्षित वाहन का चयन प्रत्येक अभिभावक की जिम्मेदारी है। वाहन चालकों को विशेष निर्देश दिए गए, जिनमें वर्षा ऋतु के लिए वाहनों में मजबूती जाली और वर्षा से बचाव की पुख्ता व्यवस्था करने को कहा गया। साथ ही, उन्हें स्पष्ट चेतावनी दी गई कि वाहन चलाते समय या बच्चों के सामने किसी भी प्रकार के नशीले पदार्थों (गुटखा, तंबाकू, बीड़ी, सिगरेट, शराब आदि) का सेवन पूर्णतः वर्जित है। उनसे यातायात नियमों का पालन करते हुए निर्धारित गति सीमा में ही वाहन चलाने और बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का आग्रह किया गया। यातायात प्रभारी ने शासन द्वारा संचालित सड़क सुरक्षा योजनाओं जैसे राह-वीर योजना (दुर्घटना घायलों की सहायता करने वाले नागरिकों को कानूनी संरक्षण व सम्मान), कैशलेस उपचार योजना (दुर्घटना के बाद 'गोल्डन ऑवर' में पात्र घायलों को तत्काल उपचार), और हिट एंड रन प्रतिकर योजना (अज्ञात वाहन से दुर्घटना पर पात्र पीड़ितों को आर्थिक सहायता) की भी जानकारी दी। उन्होंने जोर देकर कहा कि पुलिस का उद्देश्य केवल चालानी कार्रवाई करना नहीं है, बल्कि प्रत्येक बच्चे को सुरक्षित विद्यालय पहुंचाना और सुरक्षित घर वापस लाना है, और बच्चों की सुरक्षा के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
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    विदिशा जिले की सिरोंज यातायात पुलिस ने पुलिस अधीक्षक श्री रोहित काशवानी के निर्देशानुसार 'मिशन सुरक्षित बचपन, सुरक्षित सड़क' के तहत अवैध स्कूल वाहनों के खिलाफ एक विशेष सुरक्षा जांच और जागरूकता अभियान चलाया। इस अभियान का उद्देश्य स्कूली बच्चों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करना था। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. प्रशांत चौबे और एसडीओपी सिरोंज श्रीमती सोनू डाबर के मार्गदर्शन में तथा यातायात प्रभारी सूबेदार रितेश वाघेला के नेतृत्व में यह अभियान ईशान इंटरनेशनल स्कूल और संस्कार ग्रीन वैली स्कूल में आयोजित किया गया।

अभियान के दौरान स्कूल बस, वैन, ऑटो और अन्य स्कूली वाहनों की गहन जांच की गई, जिसमें फिटनेस, परमिट, बीमा, ड्राइविंग लाइसेंस और निर्धारित सुरक्षा मानकों के साथ-साथ सीसीटीवी कैमरा, फर्स्ट एड किट और अग्निशमन यंत्र जैसे सुरक्षा उपकरणों का निरीक्षण भी शामिल था। जांच में यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले 08 वाहनों के खिलाफ मोटरयान अधिनियम के तहत चालानी कार्रवाई की गई और उनसे कुल ₹9,000 का शमन शुल्क वसूल किया गया। संबंधित वाहन चालकों को भविष्य में नियमों का कड़ाई से पालन करने की सख्त हिदायत दी गई। विद्यार्थियों को भी सड़क सुरक्षा नियमों, हेलमेट और सीट बेल्ट के महत्व, यातायात संकेतों के पालन तथा सुरक्षित तरीके से सड़क पार करने के संबंध में जागरूक किया गया, उन्हें यह संदेश अपने परिवार और समाज में फैलाने के लिए भी प्रेरित किया गया।

यातायात प्रभारी सूबेदार रितेश वाघेला ने अभिभावकों से भावुक अपील करते हुए कहा कि कुछ रुपये बचाने के लिए बच्चों की सुरक्षा से समझौता न करें और उन्हें ऐसे वाहनों में स्कूल भेजने से बचें जिनमें क्षमता से अधिक बच्चे बैठाए जाते हों या जिनके आवश्यक दस्तावेज अधूरे हों, क्योंकि सुरक्षित वाहन का चयन प्रत्येक अभिभावक की जिम्मेदारी है। वाहन चालकों को विशेष निर्देश दिए गए, जिनमें वर्षा ऋतु के लिए वाहनों में मजबूती जाली और वर्षा से बचाव की पुख्ता व्यवस्था करने को कहा गया। साथ ही, उन्हें स्पष्ट चेतावनी दी गई कि वाहन चलाते समय या बच्चों के सामने किसी भी प्रकार के नशीले पदार्थों (गुटखा, तंबाकू, बीड़ी, सिगरेट, शराब आदि) का सेवन पूर्णतः वर्जित है। उनसे यातायात नियमों का पालन करते हुए निर्धारित गति सीमा में ही वाहन चलाने और बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का आग्रह किया गया।

यातायात प्रभारी ने शासन द्वारा संचालित सड़क सुरक्षा योजनाओं जैसे राह-वीर योजना (दुर्घटना घायलों की सहायता करने वाले नागरिकों को कानूनी संरक्षण व सम्मान), कैशलेस उपचार योजना (दुर्घटना के बाद 'गोल्डन ऑवर' में पात्र घायलों को तत्काल उपचार), और हिट एंड रन प्रतिकर योजना (अज्ञात वाहन से दुर्घटना पर पात्र पीड़ितों को आर्थिक सहायता) की भी जानकारी दी। उन्होंने जोर देकर कहा कि पुलिस का उद्देश्य केवल चालानी कार्रवाई करना नहीं है, बल्कि प्रत्येक बच्चे को सुरक्षित विद्यालय पहुंचाना और सुरक्षित घर वापस लाना है, और बच्चों की सुरक्षा के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
    user_IBN NEWS
    IBN NEWS
    सिरोंज, विदिशा, मध्य प्रदेश•
    7 hrs ago
  • सागर जिले के बीना स्थित बीपीसीएल रिफाइनरी क्षेत्र के ग्राम मुड़री में मंगलवार को प्रशासन ने अतिक्रमण के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई की। प्रशासनिक अमले ने एक स्थान पर अवैध कब्जा सफलतापूर्वक हटाकर जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया। राजस्व विभाग, पुलिस और प्रशासन की एक संयुक्त टीम ने मंगलवार को ग्राम मुड़री पहुंचकर एक अवैध कब्जे को बुल्डोजर की मदद से हटाया। हालांकि, गांव में दूसरे स्थान पर जब प्रशासनिक टीम अतिक्रमण हटाने पहुंची, तो उन्हें ग्रामीणों के जोरदार विरोध का सामना करना पड़ा। विरोध इतना बढ़ गया कि कुछ लोग बुल्डोजर के सामने लेट गए और कार्रवाई रोकने की मांग करने लगे। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए, किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए प्रशासन ने अपनी कार्रवाई बीच में ही रोक दी और टीम को खाली हाथ लौटना पड़ा। मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद थे। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है और कहा है कि मामले में आगे आवश्यक कानूनी प्रक्रिया के तहत कार्रवाई की जाएगी। अब सबकी नजर प्रशासन के अगले कदम पर टिकी है।
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    सागर जिले के बीना स्थित बीपीसीएल रिफाइनरी क्षेत्र के ग्राम मुड़री में मंगलवार को प्रशासन ने अतिक्रमण के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई की। प्रशासनिक अमले ने एक स्थान पर अवैध कब्जा सफलतापूर्वक हटाकर जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया।

राजस्व विभाग, पुलिस और प्रशासन की एक संयुक्त टीम ने मंगलवार को ग्राम मुड़री पहुंचकर एक अवैध कब्जे को बुल्डोजर की मदद से हटाया। हालांकि, गांव में दूसरे स्थान पर जब प्रशासनिक टीम अतिक्रमण हटाने पहुंची, तो उन्हें ग्रामीणों के जोरदार विरोध का सामना करना पड़ा। विरोध इतना बढ़ गया कि कुछ लोग बुल्डोजर के सामने लेट गए और कार्रवाई रोकने की मांग करने लगे।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए, किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए प्रशासन ने अपनी कार्रवाई बीच में ही रोक दी और टीम को खाली हाथ लौटना पड़ा। मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद थे। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है और कहा है कि मामले में आगे आवश्यक कानूनी प्रक्रिया के तहत कार्रवाई की जाएगी। अब सबकी नजर प्रशासन के अगले कदम पर टिकी है।
    user_Priyanka Rajput
    Priyanka Rajput
    बीना, सागर, मध्य प्रदेश•
    3 hrs ago
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